गुलजारी लाल नंदा की जीवनी | Gulzarilal Nanda Biography in Hindi आज के जमाने में जब सत्ता हथियाने के चक्कर में प्रत्येक राजनेता हर प्रकार की हेराफेरी , चालाकी और जोड़-तोड़ करने में एडी-चोटी का जोर लगाये रहता है तब क्या यह विश्वास किया जा सकता है कि गुलजारी लाल नंदा (Gulzarilal Nanda) ने दो बार प्रधानमंत्री की कुर्सी प्राप्त करके दोनों बार “जस की तस धर दिनी चदरिया” | पहली बार जब जवाहरलाल नेहरु के देहांत के पश्चात स्थायी प्रबंध होने तक प्रधानमंत्री का पद सम्भाला था | दो-दो बार प्रधानमंत्री का पद सम्भालना और दोनों बार अपनी इच्छा से त्याग देने का सौभाग्य भारत के इतिहास में अभी तक किसी को नही मिला | इससे पता चलता है कि उन्हें सत्ता प्राप्ति के प्रति लेशमात्र भी मोह नी था और वे गांधीजी के सच्चे अनुयायी थे | इस आधुनिक भरत का जन्म 4 जुलाई 1897 को अपने ननिहाल में हुआ था | उनके नाना दीवान देवीदयाल पुरी काफी सम्पन्न और धार्मिक प्रवृति के सरल व्यक्ति थे | उनके निवास पर प्राय: प्रतिदिन ही कोई-न कोई साधू संतो का आना जाना लगा रहता था | जब दीवानजी के घर में उनके नाती का जन्म हुआ था तब संयोगवश ...