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Showing posts from June, 2019

Mallikarjuna Temple History in Hindi | मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मन्दिर का इतिहास

Mallikarjuna Temple History in Hindi मल्लिकार्जुन (Mallikarjuna) द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है | यह ज्योतिर्लिंग श्रीशैल पर है | वहां 51 शक्तिपीठो में से एक शक्तिपीठ भी है | सती की देह का ग्रीवा भाग ज्हा गिरा वहा भ्रमरामभा देवी का मन्दिर है | वीर-शैवमत के पंचाचार्यो में एक जगद्गुरु श्रीपति पंडिताराध्य की उत्पति मल्लिकार्जुन लिंग से ही मानी जाती है | मल्लिकार्जुन (Mallikarjuna) मन्दिर की धार्मिक पृष्टभूमि पहले विवाह किसका हो , इस बात को लेकर कार्तिकेय और गणेश जी में आपस में विवाद हो गया | गणेशजी ने पृथ्वी प्रदक्षिणा का प्रसंग आने पर माता-पिता की प्रदक्षिणा कर ली अतएव उनका विवाह पहले हो गया | इससे कार्तिकेय रुष्ट होकर कैलाश छोडकर श्रीशैल पर आ गये | पुत्र के वियोग से माता-पार्वती को बड़ा दुःख हुआ | वे स्कन्द से मिलने चली | भगवान शंकर भी उनके साथ श्रीशैल पधारे , किन्तु कार्तिकेय माता-पिता से मिलना नही चाहते थे | वे उमा-महेश्वर के पहुचते ही श्रीशैल से तीन योजन दूर कुमार पर्वत पर जा विराजे | वह स्थान कुमार-स्वामी कहा जाता है | भगवान शंकर तथा पार्वतीजी श्रीशैल पर स्थित हुए | यहाँ शिवजी का...

Somnath Temple History in Hindi | सोमनाथ मन्दिर का इतिहास

Somnath Temple History in Hindi | सोमनाथ मन्दिर का इतिहास प्रभासपाटन , जहां सोमनाथ मन्दिर अवस्थित है भारत में प्राचीन तीर्थ स्थानों में से एक है | इस पवित्र तीर्थ स्थल का उल्लेख ऋग्वेद ,स्कन्दपुराण और महाभारत में भी आया है | देश के अन्य ग्यारह पवित्र शिव मन्दिरों में से सोमनाथ ही ऐसा मन्दिर है जहां परम पावन ज्योतिर्लिंग स्थापित है | यह मन्दिर तथा तीर्थस्थान अनेक शताब्दियों से भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना हुआ है | सोमनाथ की धार्मिक पृष्टभूमि कहा जाता है कि सोमनाथ मन्दिर , जगतोउत्पति जितना ही प्राचीन है | पुराणों के अनुसार दक्ष-प्रजापति की 27 कन्याये थी और सभी का विवाह चन्द्र के साथ हुआ था | रोहिणी सभी बहनों में सुंदर थी और चन्द्र की उसके प्रति विशेष आसक्ति थी | यह जानकर शेष बहनों को बड़ी ईर्ष्या हुयी और उन्होंने इसकी शिकायत अपने पिता से की | उनके पिता ने चन्द्र को समझाया किन्तु चन्द्र ने उनकी एक न सूनी | इस पर क्रुद्ध होकर दक्षप्रजापति ने चन्द्र को राजयक्ष्मा से पीड़ित होने का श्राप दे दिया फलस्वरूप चन्द्र की शक्ति दिन-प्रतिदिन क्षीण होती गयी | यह देखकर सब देवताओं ने मिलकर चन्द्र...