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Showing posts from July, 2016

शिव परिवार - परिवार की सच्ची परिभाषा Shiv Parivar Mahima in Hindi

Shiv Parivar Mahima in Hindi शिव परिवार के मुखिया महादेव शंकर की अद्भुद महिमा है | भारतवर्ष में उनकी पूजा उत्तर से दक्षिण तक अनेक रूपों में होती है | महाशिवरात्रि में इनकी आराधना घर घर होती है | महिलाये सौभाग्य और समृधि के लिए शिव पार्वती की पूजा चौथ को भी करती है | तीज एवं गणगौर पर्व इन्ही को समर्पित है | राजस्थान में इसर-गणगौर के रूप में शिव पार्वती की युगल सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा होती है | सदियों से शिव परिवार भारतीय संस्कृति और परिवार प्रथा का प्रेरणा स्त्रोत रहा है | इस परिवार के सभी सदस्य देवताओ की तरह पूजे जाते है | ऐसा बहुत कम परिवारों के साथ होता है | शिव परिवार के मुखिया स्वयं शिव नही है देवी पार्वती है | उनके दोनों पुत्र कार्तिकेय और गणेश विश्व भर में पूजे जाते है | इनके अतिरिक्त इस परिवार में इन सब के वाहन भी शामिल है | महादेव का वाहन नन्दी वृषभ तो उनके साथ हर मन्दिर में रहता है | गौरी का वाहन सिंह आवश्यकता पड़ने पर उपस्थित रहता है | कार्तिकेय कुमार का वाहन मयूर और गणेश का वाहन मूषक (चूहा ) सुविदित है | गौरी जिस प्रकार सौभाग्य और समृधि की देवी है उसी प्रकार अन्नपूर्...

वी.शान्ताराम , जिनके फिल्मो ने दिए थे सामाजिक संदेश V. Shantaram Biography in Hindi

V. Shantaram Biography in Hindi वी.शान्ताराम , जिनके फिल्मो ने दिए थे सामाजिक संदेश V. Shantaram Biography in Hindi महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 18 नवम्बर 1901 को एक जैन परिवार में जन्मे राजाराम वाकुंदरे शांताराम Shantaram ने बाबुराम पेंटर की महाराष्ट्र फिल्म कम्पनी में छोटे मोटे काम से शुरुवात की थी | उन्होंने नाम मात्र की शिक्षा पायी थी | उन्होंने 12 साल की उम्र में रेलवे वर्कशॉप में अप्रेंटिस के रूप में काम किया था | कुछ समय बाद वह एक नाटक मंडली में शामिल हो गये | Shantaram शांताराम ने फिल्मो की बारिकिया बाबुराव पेंटर से सीखी | बाबुराव ने उन्हें “सवकारी पाश (1925 )” में किसान की भूमिका दी थी | कुछ ही वर्षो में उन्होंने फिल्म निर्माण की तमाम बारिकिया सीख ली और निर्देशन की कमान सम्भाल ली | बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म “नेताजी पालकर ” थी | इसके बाद उन्होंने वी.जी.दामले , के.आई.धाईबर , एम्.फतेहलाल और एस.बी.कुलकर्णी के साथ मिलकर “प्रभात फिल्म ” कम्पनी का गठन किया | अपने गुरु बाबुराव की ही तरह उन्होंने शुरुवात में पौराणिक तथा एतेहासिक विषयों पर फिल्मे बन...

गुरुभक्त उपमन्यु की कहानी Upmanyu Story in Hindi

Upmanyu Story in Hindi गुरुभक्त उपमन्यु की कहानी Upmanyu Story in Hindi महर्षि आयोदधौम्य के एक परम शिष्य का नाम था उपमन्यु | गुरूजी ने उस गाये चराने का कार्य सौंप रखा था | वह दिन भर जंगलो में गाये चराता और रात्रि को आश्रम में लौट आता | एक दिन गुरु जी ने उसे खूब हृष्ट पृष्ठ देख कर पूछा “बेटा उपमन्यु ! हम तुझे खाने को तो देते नही है ,तू इतना हृष्ट पृष्ठ कैसे है ?” उपमन्यु ने कहा “भगवन ! मै भिक्षा मांगकर अपने शरीर का निर्वाह करता हु ” गुरूजी नी कहा “बेटा ! बिना गुरु को अर्पण किए भिक्षा को पा लेना पाप है अत: जो भी भिक्षा मिले , उसे पहले मुझे अर्पण किया करो | मै दू ,तब तुझे खाना चाहिए |” “बहुत अच्छा ” कहकर शिष्य ने गुरूजी की आज्ञा मान ले और वह प्रतिदिन भिक्षा लाकर गुरूजी को अर्पण करने लगा | गुरु जी उसकी परीक्षा ले रहे थे , उसे कसौटी पर कस रहे थे ,अग्नि में तपाकर कुंदन बना रहे थे | उपमन्यु जो भी भिक्षा लाता वह उसे पुरी की पुरी रख लेते ,उसको खाने के लिए कुछ भी ना देते थे | कुछ दिनों बाद गुरूजी ने देखा कि उपमन्यु तो पहले की भांति हृष्ट पृष्ठ है | ...

Major Dhyan Chand Biography in Hindi | Hockey के पहले और आखिरी लीजेंड थे मेजर ध्यानचंद

Hockey के पहले और आखिरी लीजेंड थे मेजर ध्यानचंद Major Dhyan Chand Biography in Hindi पहले ही मैच में 6 गोल , ओलम्पिक खेलो में 35 गोल और अंतर्राष्ट्रीय मैचो में 400 गोलों का कीर्तिमान | यदि उनके द्वारा किये गये सारे गोलों को शामिल कर लिया जाए तो 1000 से भी अधिक गोलों का आंकड़ा मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहलाने के लिए काफी है | मेजर ध्यानचंद Major Dhyan Chand सही मायनों में हॉकी के पहले और आखिरी लीजेंड है | उन्हें हॉकी में वही स्थान हासिल है जो क्रिकेट में डॉन ब्रैडमैन को  ,फुटबाल में पेले को और एथेलेटिक्स में जे.सी.ओवस को प्राप्त है | हॉकी की बाल ध्यानचंद Major Dhyan Chand की हॉकी से क्यों चिपकी रहती थी यह देखने के लिए एक बार तो उनकी स्टिक को तोड़ कर देखा गया था कि कही उसमे चुम्बक तो नही है | ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अपने पहले विदेशी दौरे में भारतीय टीम पांच मैचो की श्रुंखला में अपराजित रही थी | कुल 60 गोलों में Major Dhyan Chand ध्यानचंद ने अकेले ही 35 से अधिक गोल मारे थे |एम्स्टर्डम ओलम्पिक से पूर्व भारत में 11 मैचो में 63 गोल किये थे जिनमे 32 गोल ध्यानचंद के खाते में थे | उस व...

Johnny Walker Biography in Hindi | जानी वाकर , जो बिना शराब पीये ,शराबी के एक्टिंग में थे माहिर

Johnny Walker Biography in Hindi Johnny Walker Biography in Hindi | जानी वाकर , जो बिना शराब पीये ,शराबी के एक्टिंग में थे माहिर Johnny Walker जानी वाकर अपने समय में फिल्मो में सफलता की गारंटी माने जाते थे | वह लगभग 35 वर्षो तक हास्य अभिनेता के रूप में सक्रिय रहे | इस दौरान उन्होंने लगभग 300 फिल्मो में अभिनय किया , जिनमे अनेक फिल्मो के वह नायक भी थे | मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में 11 नवम्बर 1923 को जन्मे जानी वाकर का असली नाम बदरुद्दीन काजी थे लेकिन उन्हें फ़िल्मी नाम जानी वाकर Johnny Walker गुरुदत्त ने दिया था | Johnny Walker जानी वाकर इंदौर में छठी जमात तक उर्दू की तालीम हासिल कर 1942 में अपने पिता जमालुदीन काजी के साथ मुम्बई आ गये और जीवनयापन के लिए उन्होंने आर्मी कैंटीन में नौकरी कर ली | उनकी ख्वाहिश थी कि वह फिल्मो में अभिनय करे और फिल्म स्टूडियो के बारे में जानकारी हासिल करे इसलिए उन्होंने बस कंडक्टर की नौकरी कर ली | बचपन से ही जानी वाकर Johnny Walker को हास्य अभिनय का शौक था | प्राय: वह लोगो की नकल उतार कर सबको हँसाया करते थे | उन्होंने अपना फ़िल्मी सफर जूनियर कलाकार के रूप में आर...

Dev Anand Biography in Hindi | देव आनन्द साहब की जीवनी

Dev Anand Biography in Hindi Dev Anand Biography in Hindi | देव आनन्द साहब की जीवनी Bollywood के सदाबहार हीरो Dev Anand  देव आनन्द का जन्म 26 सितम्बर 1923 को अविभाजित पंजाब के गुरदासपुर जिले (अब पाकिस्तान में ) के एक मध्मयवर्गीय परिवार में हुआ था | तब उनका नाम धर्मदेव (देवदत्त) पिशौरीमल आनन्द था | उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की शिक्षा 1942 में लाहौर के मशहूर सरकारी कॉलेज से पुरी की | इसके बाद उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते थे लेकिन पिता के पास इतने पैसे नही थे | Dev Anand देव को पहली नौकरी Military Censor office में एक लिपिक के तौर पर मिली , जहा उन्हें सैनिको द्वारा लिखी चिट्ठियों को उनके परिवार के लोगो को पढकर सुनाना पड़ता था |  लगभग एक वर्ष तक Military Censor में नौकरी करने के बाद और परिवार की कमजोर आर्थिक स्तिथि को देखते हुए वह 30 रूपये जेब में लेकर पिता के मुम्बई जाकर काम न करने की सलाह के विपरीत वह अपने भाई चेतन आनन्द के साथ 1943 में मुम्बई पहुच गये | चेतन आनन्द के साथ देव भी भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा से जुड़ गये | Dev Anand देव और उनके छोटे भाई विजय को फिल्मो में लाने का श्र...

हर बार ब्रज में जन्म लेने के इच्छुक थे भक्त कवि रसखान Raskhan Story in Hindi

Raskhan Story in Hindi Raskhan रसखान अर्थात रस की खान उसमें कवि हृदय भगवतभक्त और कृष्णमार्गी व्यक्तित्व का नाम था जिसने यशोदानन्दन श्रीकृष्ण की भक्ति में अपना समस्त जीवन व्यतीत कर दिया था | भक्त शिरोमणि रसखान का कनम विक्रमी संवत 1635 (सन 1578) में हुआ था | इनका परिवार भी भगवतभक्त था | पठान कुल में जन्मे रसखान को माता पिता के स्नेह के साथ साथ सुख ऐश्वर्य भी मिले | घर में कोई अभाव नही था | चूँकि परिवार भर में भगवत भक्ति के संस्कार थे ,इस कारण रसखान को भी बचपन में धार्मिक जिज्ञासा विरासत में मिली थी | बृज के ठाकुर नटवरनागर नन्द किशोर भगवान कृष्ण पर इनकी अगाध श्रुदा थी | एक बार कही भगवतकथा का आयोजन हो रहा था |व्यास गद्दी पर बैठे कथा वाचक बड़ी ही सुबोध और सरल भाषा में महिमामय भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओ का सुंदर वर्णन कर रहे थे | उनके समीप ही बृजराज श्याम सुंदर का मनोहारी चित्र रखा था | Raskhan रसखान भी उस समय कथा श्रवण करने पहुचे | ज्यो ही उनकी दृष्टि व्यास गद्दी के समीप रखे कृष्ण कन्हैया के चित्र पर पड़ी | वह जैसे स्तभित रह गये | उनके नेत्र भगवान के रूप में माधुर्य को निहारते गये जैसे चुम्बक ल...

कारगिल विजय दिवस विशेष -कारगिल युद्ध भारत की गौरवशाली जीत की कहानी Kargil War Story in Hindi

Kargil War Story in Hindi Kargil कारगिल जम्मू कश्मीर में स्तिथ एक जिला मुख्यालय है जो सुरु और शिंगो नदियों के संगम पर तथा जोजिला दर्रे के उत्तर पश्चिम में स्तिथ है | श्रीनगर से लेह तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1ए यहा से होकर गुजरता है | कारगिल में 121 (स्वतंत्र ) Infantry Brigade का मुख्यालय है | Kargil कारगिल सेक्टर नियन्त्रण रेखा पर पश्चिम में काओबल गली से लेकर पूर्व में छोरबाट ला तक 168 किमी लम्बे क्षेत्र में फैला हुआ है | पुरी नियन्त्रण रेखा 4-5 हजार मीटर उंचाई और सामान्यतया जल विभाजक पर स्थित है | Brigade की एक Infantry Battalion को द्रास में तथा दो बटालियनो और एक सीमा सुरक्षा बल की बटालियन को कारगिल में तैनात किया गया था | एक अन्य Infantry  Battalion को बटालिक क्षेत्र में सिन्धु के दोनों ओर तैनात किया गया था | लेह से स्कर्दू के लिए बने पुराने मार्ग पर स्तिथ छोरबट ला की रक्षा की जिम्मेदारी लद्दाख स्काउट्स को दी गयी थी | कुल 168 किमी लम्बे क्षेत्र में से लगभग 80 किमी में कोई तैनाती नही की गयी थी | इस 80 किमी क्षेत्र में गर्मियों के दिनों में तो नियमित रूप से गश्त लगाई जाती थी लेकिन...

सावन सोमवार का महत्व और पूजन का तरीका | Shravan Somwar Vrat Katha in Hindi

Shravan Somwar Vrat Katha in Hindi सावन सोमवार का महत्व और पूजन का तरीका | Shravan Somwar Vrat Katha in Hindi श्रावण का सम्पूर्ण मास मनुष्यों में ही नही अपितु पशु पक्षियों में भी एक नव चेतना का संचार करता है जब प्रकृति अपने पुरे यौवन पर होती है और रिमझिम फुहारे साधारण व्यक्ति को भी कवि हृदय बना देती है | सावन में मौसम का परिवर्तन होने लगता है | प्रकृति हरियाली और फूलो से धरती का श्रुंगार देती है परन्तु धार्मिक परिदृश्य से सावन मास भगवान शिव को ही समर्पित रहता है | मान्यता है कि शिव आराधना से इस मास में विशेष फल प्राप्त होता है | इस महीने में हमारे 8 ज्योतिर्लिंगों की विशेष पूजा  ,अर्चना और अनुष्ठान की बड़ी प्राचीन एवं पौराणिक परम्परा रही है | रुद्राभिषेक के साथ साथ महामृत्युंजय का पाठ तथा काल सर्प दोष निवारण की विशेष पूजा का महत्वपूर्ण समय रहता है | यह वह मास है जब कहा जाता है जो मांगोगे वही मिलेगा | भोलेनाथ सबका भला करते है | श्रावण महीने में हर सोमवार Shravan Somwar को शिवजी का व्रत या उपवास रखा जाता है | श्रावण मास में पुरे माह भी व्रत रखा जाता है | इस महीने में प्रत्येक दिन स्कन्ध प...

Pharmacy में अपना करियर कैसे बनाये Pharmacy Course Details in Hindi

Pharmacy Course Details in Hindi Pharmacy में अपना करियर कैसे बनाये Pharmacy Course Details in Hindi मित्रो पिछले कुछ दिनों में  मुझे Pharmacy के बारे में विस्तार से बताने के लिए कई छात्रों ने कहा था और उनके हर कमेंट का जवाब एक जैसा देना मेरे लिए सम्भव नही था इसलिए आज मै आपको Pharmacy के बारे में विस्तार से बताऊंगा ताकि किसी भी छात्र को Career की राह में किसी तरह की आपति ना हो | Pharmacy में मुख्यतः दो प्रकार के कोर्स होते है B Pharma और D Pharma | आइये आपको पहले B Pharma के बारे में पहले विस्तार से बताते है | Bachelor of Pharmacy Bachelor of Pharmacy जिसको संक्षिप्त में B.Pharma भी कहते है | B.Pharma चार साल का undergraduate course है | ये कोर्स पूरा करने के बाद आपको  ‘Bachelor of Pharmacy’ की डिग्री प्राप्त होगी | इस डिग्री के मिलने के बाद आप भारत में Pharmacist की practice भी कर सकते है या फिर विदेश भी जा सकते है |  Science stream की छात्र चाहे वो Mathematics से हो या फिर Biology से 12 वी कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद  B.Pharma के लिए Eligible होते है | वैसे सामन्यत: Biology वाले छात्र...

माइग्रेन का दर्द कैसे कम करे Migraine Symptoms and Treatments in Hindi

Migraine Symptoms and Treatments in Hindi दर्द हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है | हर कोई कभी ना कभी कही ना कही तो किसी दर्द से अवश्य झुझता है यथा पेट दर्द  ,कमर दर्द , दांत दर्द ,पैर दर्द ,गर्दन दर्द तो ऐसे आम दर्द है जिनकी शिकायत रोजाना सुनने को मिल सकती है | ऐसे ही आमतौर पर उभरने वाला दुखदायी रोग है Migraine , जो कि मानव के मष्तिष्क पर सीधा प्रहार करता है | आश्चर्य की बात यह है कि मस्तिष्क के किसी भाग को काटने या जला देने से भी हमे कोई दर्द की अनुभूति नही होती है जबकि अनुभूतियो का केंद्र मस्तिष्क ही है | वैज्ञानिक अनुसन्धान से ज्ञात हुआ है कि सरदर्द कस स्त्रोत मस्तिष्क को ढकने वाली तीन झिल्लियो मस्तिष्क को रक्त पहुचने वाली धमनियों एवं स्नायु है इनमे खिचाव या उत्तेजना होने से मस्तिष्क के दर्द अनुभव करने वाले भाग में संकेत जाते है और हम तीव्र सरदर्द का अनुभव करते है | माईग्रेन क्या है ? What is Migraine in Hindi हम अक्सर ही सिरदर्द से परेशान हो जाते है वैसे तो सिरदर्द को भी सामान्य समझा जाता है लेकिन हर केस में अक्सर होने वाला दर्द आम नही होता है | वास्तव में बहुत से बड़ी बीमारियों के आगा...

सुपरस्टार रजनीकांत की जीवनी | Rajinikanth Biography in Hindi

Rajinikanth Biography in Hindi | सुपरस्टार रजनीकांत की जीवनी भारत में रहने वाला शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो सुपरस्टार रजनीकांत (Rajinikanth) को नही जानता हो | साउथ का भगवान माने जाने वाले रजनीकांत ने एक समय में बस कंडक्टर का काम भी किया था | उनके संघर्ष की कहानी को भारत के लोग आज भी अपनी प्रेरणा का स्त्रोत मानते है | रजनीकांत (Rajinikanth) ने ना केवल साउथ की फिल्मो में धमाल मचाया है बल्कि 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड  में भी अपनी अमिट छाप छोडी है | उस दौर में जब साउथ सिनेमा शीर्ष पर नही था तब उन्होंने साउथ में एक से बढकर एक फिल्मे देकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री को उच्च स्तर पे लेकर गये जिसके लिए साउथ फिल्म इंडस्ट्री आज भी उनकी ऋणी है | आज हम आपको उसी सुपरस्टार रजनीकांत (Rajinikanth) के बचपन से लेकर अब तक संघर्षपूर्ण जीवन का सफर आपको बताएँगे | रजनीकांत (Rajinikanth) जन्म एवं शिक्षा रजनीकांत (Rajinikanth) का जन्म 12 दिसम्बर 1950 को कर्नाटक राज्य के बंगलौर जिले में एक मराठी परिवार में हुआ था | रजनीकांत के पिता का नाम रामोजी राव गायकवाड था जो पेशे से एक पुलिस कांस्टेबल थे और उनकी माँ का नाम रामाब...

चांदी का सिक्का Mulla Nasruddin Story in Hindi

मुल्ला नसीरुद्दीन की बुद्धि और प्रतिभा की लोग बहुत तारीफ़ करते थे | कुछ लोग उनको मुर्ख गधा भी कहते थे | उनके बुद्धिचातुर्य के बारे में एक एक कथा बहुत प्रचलित है जो दोस्तों हम आपको आज सुनाते है | एक समय में मुल्ला नसीरुद्दीन इतने गरीब हो गये कि उनको घर घर भटक के भीख माँगना पड़ता था | मुल्ला का बड़ी मुश्किल से पेट भरता था | मुल्ला हमेशा अपने नगर के बाजार में भीख मांगने जाते थे | इस बात से उनके विरोधियो के चेहरे पर अजीब सी मुस्कान  आ गयी थी | वो लोग बहुत खुश थे और मुल्ला को जलाने के लिए वो हर दिन कोई ना कोई षडयंत्र रचते रहते थे | वो मुल्ला के सामने खड़े होकर अपने दोनों हाथो में सिक्का रखते थे जिसमे एक सोने का और दूसरा चांदी का सिक्का रहता था | वो मुल्ला को दोनों में से कोई एक सिक्का लेने के लिए कहते थे | मुल्ला जी हमेशा चांदी का सिक्का पसंद करते थे | उनकी इस मुर्खता से उनके विरोधी इतने खुश हो जाते थे कि वो मुल्ला के सामने ही नाचने लगते थे लेकिन कभी मुल्ला इस बात का बुरा नही मानते थे | एक दिन उस नगर में एक सज्जन भ्रमण के लिए आये | उन्होंने यह नजारा अपनी आँखों से देखा तो उनको मुल्ला पर बड़ा तरस ...

पत्थर काटने वाला A Stone Cutter Inspirational Story in Hindi

एक बार की बात है एक छोटे गाँव में पत्थर काटने वाला रहता था | वह पूरा दिन काम करता रहता था और सख्त पत्थरों को तोड़ता था और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक़ उन पत्थरों को आकार देता रहता था | यह काम करते हुए उसके हाथ बहुत खराब और खुरदुरे हो गये थे | उसके कपड़े गंदे होते थे | एक दिन वह अपने काम के लिए एक बड़े पत्थर को तोड़ने के लिए निकला | वह बहुत मुश्किल काम था और सूरज भी बहुत चमक रहा था | कई घंटे पत्थर काटने पर वह थक गया और पेड़ के नीच बैठ गया और जल्द ही उसे नींद आ गयी | कुछ देर बाद उसे कुछ लोगो के आने की आवाज सुनाई दी | आगे चलकर उसने देखा कि लोगो का जुलुस निकल रहा था | उस जुलुस में कई मंत्री और लोग थे | जुलुस के बीच में एक पालकी ,जिस लोगो ने उठाया हुआ था ,उसमे राजा बैठा हुआ था | पत्थर काटने वाले ने सोचा “राजा होना कितनी अच्छी बात है  | मै कितना खुश होता अगर मै एक गरीब पत्थर काटने वाले की जगह एक राजा होता ?” जैसे ही पत्थ काटने वाले ने ये वाक्य कहा ,एक अजीब बात हुयी | पत्थर काटने वाले ने खुद को सिल्क के कपड़े और चमकते हुए गहनों में बदला हुआ देखा | उसके हाथ मुलायम थे और एक आराम दायक पालकी...

गुरु पूर्णिमा पर निबन्ध | Guru Purnima Essay in Hindi

गुरु पूर्णिमा विशेष – भगवान से बड़ा गुरु का है दर्जा Guru Purnima Essay in Hindi युग कोई भी रहा हो , गुरु का सम्मान हमेशा बना रहा है | संत कबीरदास भी गुरु को गोविन्द से महान बताकर उसकी महिमा बता चुके है | हर युग में गुरु सदैव पूजनीय रहे है और रहेंगे | सदियों पुरानी गुरु पूजन की परम्परा आज भी जीवित है | गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के दिन गुरु पूजा का विशेष महत्व है | शिष्यों में गुरु के प्रति आदर भाव कोई कमी नही आयी है | धनुर्धर अर्जुन के गुरु द्रोणाचार्य से लेकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत अचरेकर जैसो ने गुरु की साख को कायम रखा है | आज भी किसी परीक्षा में विद्यार्थी के प्रथम आने पर वह सबसे पहले श्रेय अपने गुरु को ही देता है | वो गुरु ही होता है जो अपने शिष्य की योग्यता को पहचान कर उसको दक्ष करता है | गुरु ही जीवन का सही मार्ग बताता है और भटको हुओ को सही मार्ग पर लाता है | गुरु के बिना किसी के भी महान बनने की कल्पना नही की जा सकती है | हर गुरु की यही इच्छा होती है कि उसका शिष्य सबसे बेहतर निकले और नाम एवं यश कमाए पर गुरु कभी नाम एवं यश की कामना नही कर अपने शिष्य क...

CTET शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी CTET Exam Tips in Hindi

CTET शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी CTET Exam Tips in Hindiशिक्षा की सबसे अहम कड़ी शिक्षक है है जो प्राथमिक स्तर से व्यक्ति के विकास में अहम भूमिका निभाते है इसलिए शिक्षक का ओहदा हमेशा कुछ ऊँचा रहा है समय के साथ बहुत कुछ बदला लेकिन शिक्षक के प्रति सम्मान का भाव आज भी मौजूद है इसलिए शिक्षक के तौर पर करियर बनाने की तमन्ना रखने वाले कम नही हुए | अगर आप भी शिक्षक के तौर पर करियर बनाना चाहते है तो Central Teacher Eligibility Test (CTET) आपके लिए आगे बढने की एक राह बना सकता है | Central Board of Secondary Education (CBSE) की ओर से आयोजित Central Teacher Eligibility Test (CTET) शिक्षक के तौर पर करियर बनाने के लिहाज से ख़ास अहमियत रखता है | यदि आप शिक्षक बनना चाहते है तो बिना देरी किये CTET के लिए आवेदन करे | CBSE की ओर से आयोजित होने वाली CTET 2016 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है आपके पास सितम्बर 2016 में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए 18 जुलाई 2016 तक आवेदन का मौका है | आइये आज हम आपको CTET की आवेदन प्रक्रिया ,पाठ्यक्रम और तैयारी के बारे में विस्तार से बताते है | क्या है CTET | What is CT...

बरसात के मौसम में मच्छर से होने वाली बीमारियों से कैसे बचे Machhar se Hone Wali Beemariyo se Kaise Bache

बरसात का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का कहर भी शुरू हो जाता है | मलेरिया  ,डेंगू और चिकनगुनिया इस मौसम में होने वाले ऐसे रोग है जो मच्छरों के काटने से फैलते है | बरसात के मौसम में पनपने वाले मच्छर आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते है | इतना ही नही , ऐसे में अपने स्वास्थ्य के प्रति आपकी थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है पर थोड़ी सी सावधानी बरतने से आप इनसे बच सकते है | आइये आज हम आपको बरसात के मौसम में पनपने वाले मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने के तरीके और इलाज के तरीक आपको बताते है | Read :  बरसात के मौसम में अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखे मलेरिया Information of Malaria in Hindi मलेरिया मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है | सर्दी लगकर तेज बुखार आना  ,फिर गर्मी लगना , पसीने के साथ बुखार का उतरना , उल्टी  ,सिर दर्द और खून की कमी इसके विशिष्ट लक्षण है | कभी कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दुबारा दिखाई देते है | यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक व्यक्ति को किस परजीवी की वजह से मलेरिया हुआ है और वह कब से बीमार है | मलेरिया के लक्षण Symptoms of Malaria in Hi...

3 ऐसे सफल ब्लॉगर , जिन्होंने साबित कर दिया कि इंडियन ट्राफिक पाकर भी लाखो कमा सकते है Top 3 Most Earning Hinglish Blogger in India

Top 3 Most Earning Hinglish Blogger in India मित्रो वैसे मुझे तो शुरू से ही शुद्ध हिंदी में लिखने का शौक है लेकिन पिछले एक साल में मैंने हिंदी और Hinglish Bloggers की बाढ़ सी देखी है | हम अक्सर कई अंग्रेजी ब्लॉग से प्रेरित रहते है जिन्होंने काफी पैसा कमाने के साथ नाम भी कमाया है लेकिन अब वो समय आ गया है कि जब भारत में अंग्रेजी ब्लॉग्गिंग का मुकाबला करने के लिए हिंदी और Hinglish Blog आ चुके है जो अंग्रेजी ब्लॉग की तरह लाखो कमाकर देश के युवाओं को ब्लॉग्गिंग की ओर आकर्षित कर रहे है | वैसे मैंने इससे पहले शुद्ध हिंदी में हिंदी के लोकप्रिय ब्लॉग की सूची आपके समक्ष पेश की थी जिसके बारे में आप नीचे दिए गये लिंक से जानकारी पता कर सकते है | Read :  भारत के सबसे ज्यादा लोकप्रिय हिंदी ब्लोग्स आज तक मैंने हिंदी ब्लॉग्गिंग में सबसे सफल ब्लॉग के रूप में अच्छीखबर.कॉम को ही देखा है लेकिन पिछले 1 साल में हिंग्लिश ब्लॉग्गिंग ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है जिससे कई युवा उन हिंग्लिश ब्लॉग से प्रेरित हो रहे है | आज मैं आपको उन तीन Hinglish Blogger के बारे में बताना चाहता हु जिन्होंने युवाओं को Blogging की...