Migraine Symptoms and Treatments in Hindi
दर्द हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है | हर कोई कभी ना कभी कही ना कही तो किसी दर्द से अवश्य झुझता है यथा पेट दर्द ,कमर दर्द , दांत दर्द ,पैर दर्द ,गर्दन दर्द तो ऐसे आम दर्द है जिनकी शिकायत रोजाना सुनने को मिल सकती है | ऐसे ही आमतौर पर उभरने वाला दुखदायी रोग है Migraine , जो कि मानव के मष्तिष्क पर सीधा प्रहार करता है |
आश्चर्य की बात यह है कि मस्तिष्क के किसी भाग को काटने या जला देने से भी हमे कोई दर्द की अनुभूति नही होती है जबकि अनुभूतियो का केंद्र मस्तिष्क ही है | वैज्ञानिक अनुसन्धान से ज्ञात हुआ है कि सरदर्द कस स्त्रोत मस्तिष्क को ढकने वाली तीन झिल्लियो मस्तिष्क को रक्त पहुचने वाली धमनियों एवं स्नायु है इनमे खिचाव या उत्तेजना होने से मस्तिष्क के दर्द अनुभव करने वाले भाग में संकेत जाते है और हम तीव्र सरदर्द का अनुभव करते है |
माईग्रेन क्या है ? What is Migraine in Hindi
हम अक्सर ही सिरदर्द से परेशान हो जाते है वैसे तो सिरदर्द को भी सामान्य समझा जाता है लेकिन हर केस में अक्सर होने वाला दर्द आम नही होता है | वास्तव में बहुत से बड़ी बीमारियों के आगाज का अंदाज सिरदर्द से होता है | ऐसी ही एक बीमारी है Migraine , जिस आम बोलचाल की भाषा में अधकपारी भी कहा जाता है |
अधपकारी या माइग्रेन एक जटिल विकार है जिसमे बार बार मध्यम से गम्भीर सिरदर्द होता है | इसके साथ स्वैच्छिक तंत्रिका तन्त्र से संबधित लक्षण भी होते है | हेमीक्रेनिया शब्द ग्रीक भाषा से लिया गया है | हेमी का अर्थ आधा और क्रेनियस निसस से मिलकर बना है | आमतौर पर सिरदर्द एक हिस्से को प्रभावित करता है और इसकी प्रवृति धुकधुकी जैसी होती है |
बार बार लम्बे समय तक होने वाले सिरदर्द का एक आमसस्वरूप माइग्रेन है इसके मुख्य लक्षण है आधे सिर में तेज फुद्फुदाता हुआ दर्द और जी घबराना एवं उल्टी आना | अक्सर इसमें व्यक्ति को घंटे भर पहले कुछ आभास हो जाता है और आँखों के सामने रंगीन किरने दिखाई देने लगती है | माइग्रेन को पहचानने के लिए निम्न तीन बाते आवश्यक है
- यह परिवार के प्राय: कई लोगो को हो सकता है |
- यह सिरदर्द हर बार लगभग 2-72 घंटे में स्वत: ही समाप्त हो जाता है |
- जिस तरफ दर्द हो रहा है उपर की गर्दन में “केरोटिंड ” धमनी दबाने से आराम मिलता है |
माइग्रेन क्यों होता है Causes of Migraine in Hindi
आयुर्वेदिक ग्रंथो के अनुसार सुखा भोजन करने से . भोजन पर भोजन करने से , बहुत चलने से , मलमूत्र का वेग रोकने , अतिसहवास एवं ज्यादा कसरत करने , पानी कम पीने से , कष्टदायक बस यात्रा , कच्ची नींद में जागने से , माहवारी की गडबडी आदि से यह रोग उत्त्पन्न हो जाता है | इसके पीछे मुख्य कारक घटक शोक चिंता ,भय , क्रोध तनाव आदि होते है जो इस रोग को भयानक बना कर रोगी की स्तिथि कष्टदायक बनाते है |
रोगी की स्तिथि की जानकारी से सफल चिकित्सा की जा सकती है | शारीरिक मेहनत एवं मजदूरी करने वाले लोगो में यह रोग कम होता है | पठन पाठन का अधिक काम करने वालो और बुद्धिजीवी को भी यह रोग हो सकता है | यह रोग आमतौर पर औरतो में अधिक पाया जाता है | माइग्रेन के बहुत से प्रकार है किन्तु दो मुख्य है |
01 क्लासिकल : माइग्रेन में धुंधला दिखने , कानो में आवाज आने के साथ सिरदर्द के पहले चेतावनी युक्त लक्षणों को दर्शाता है | रोगी गति और ध्वनि से उत्तेजित हो जाता है | वमन या उल्टी के बाद सिरदर्द में आराम मिलता है |
02 नॉन-क्लासिकल : समय समय पर केवल सिरदर्द होता है किन्तु किसी ओर तरह के लक्षण नही मिलते है | इसमें भी 10-15 महीने सिर के आधे भाग में दर्द उठता है और स्वयं शांत हो जाता है | इसमे एकाएक टूटने के समान दर्द ,सुई के चुभाने के समान वेदना ,चक्कर आना एवं शूल होता है |
माइग्रेन के कारण
Migraine के वास्तविक कारणों में अक्सर देखा गया है कि माइग्रेन एक पीढ़ी से दुसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता है | मनोवैज्ञानिक समस्याए और गहरा अवसाद या न्यूरोटिक डिसऑर्डर जैसे पक्षाघात और मिर्गी के खतरे को बढ़ा देते है | कई खाने पीने की चीजे माइग्रेन के लिए ट्रिगर का काम करती है | बीयर ,रेडवाइन ,चॉकलेट और कैफीन की लत Migraine का शिकार बना सकती है |वातावरण जैसे तापमान में अचानक बढ़ोतरी भी इसे बढ़ा सकती है |
माइग्रेन से बचाव Prevention from Migraine in Hindi
- मानसिक तनाव ना होने दे |
- तेज मसालेदार एवं तले भुने भोजन से परहेज करे |
- हल्का एवं सुपाच्य भोजन करे |
- फलाहार में सेब ,आम ,अंगूर , खीरा , ककडी , गाजर , हरी पत्तेदार सब्जी खाए |
- भोजन चबाकर खाए |
- भोजन के बाद कम से कम 15 मिनट टहले और फिर सोये |
- छींक ,मूत्र ,मल ,निद्रा आदि वेगो को ना रोके |
- दिन में सोना और रात्रि में अधिक देर तक जागना वर्जित है |
माइग्रेन के उपचार Treatment of Migraine in Hindi
दिमाग शरीर के पुरे प्रक्रिया तन्त्र को नियंत्रित करता है |स्मरण शक्ति हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है | छोटे छोटे कामो से लेकर बड़े बड़े कामो तक स्मरण शक्ति की जरूरत होती है | एलोपैथिक चिकित्सा पद्दति में इस रोग में केवल महसूस नही होने देने का उपाय है पर यह रोग जड़ से नष्ट नही हो पाता है | सर्वप्रथम पहले रोगी से इस रोग का विषेयक यथा कब हुआ , कैसे हुआ , क्या महसूस होता है , शिकायत कब कब होती है आदि पूर्व जानकारी प्राप्त करनी चाहिए |
जिस कारण से Migraine उत्त्पन्न हो उसे दूर करना जरुरी है | माइग्रेन का उपचार माइग्रेन प्रबन्धन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है |इसमें प्रिवेंटिव ड्रग्स , माइग्रेन सर्जरी , पोषक तत्वों का सेवन ,जीवन शैली और इसके ट्रिगर के बचाव शामिल है | पंचकर्म के अंतर्गत भावी क्रिया “शिरोधार ” एक स्पा थेरेपी है जो माइग्रेन को नियंत्रित रखने में मदद करती है | दवाओं के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए दवा धीरे धीरे बढानी चाहिए | खाली पेट कुजल ,जलनेति आदि करे | रोगी को मानसिक तनाव ,क्रोध ,इर्ष्या आदि से बचना चाहिए |
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