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Showing posts from March, 2019

कवियत्री महादेवी वर्मा की जीवनी | Mahadevi Verma Biography in Hindi

Mahadevi Verma Biography in Hindi |कवियत्री महादेवी वर्मा की जीवनी छायावादी काव्यधारा की अश्रुमति कोमल कवियत्री एवं नीरभरी दुःख की बदली और गध्य साहित्य में समाज सुधार करने के लिए उत्कृष्ट विद्रोही स्वभाव की महादेवी (Mahadevi Verma) अपने काव्य और गध्य साहित्य के कारण हिंदी साहित्य में अनन्य स्थान रखती है | महादेवी वर्मा (Mahadevi Verma )का जन्म 26 मार्च 1907 को फरूखाबाद में हुआ था | इनके पिता गोविन्ददास डेली कॉलेज लखनऊ में प्राध्यापक थे | कुछ दिनों इंदौर में भी अध्यापन कार्य किया | महादेवी वर्मा (Mahadevi Verma) का नाम महादेवी उनके दादा ने रखा | यह नाम उन्हें गौरव भरा और उच्च कुल के अनुकूल शालीन लगा | अपने बहन-भाइयो में महादेवी सबसे बड़ी थी | महादेवी ने अपनी शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही प्राप्त की | M.A. की उपाधि संस्कृत विषय लेकर प्रथम श्रेणी में प्रथम रहकर प्राप्त की और उसके अनन्तर प्रयाग महिला विद्यापीठ की आचार्या पद पर नियुक्त हुयी | महिला विद्यापीठ से भी संबध रही परन्तु वे आचार्य नही थी तथापित विद्यापीठ का कार्य देखती थी | काव्यजगत में महादेवी वर्मा (Mahadevi Verma) ने संख्या...

रामधारी सिंह दिनकर की जीवनी | Ramdhari Singh Dinkar Biography in Hindi

Ramdhari Singh Dinkar Biography in Hindi | रामधारी सिंह दिनकर की जीवनी आधुनिक युग में हिंदी काव्य में पौरुष के प्रतीक और राष्ट्र की आत्मा का गौरव नायक जिस कवि को माना गया है उसी का नाम रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) है | वाणी में ओज , लेखनी में तेज और भाषा में अबाध प्रवाह का जो स्वामी था उसी का साकार रूप दिनकर कवि था | दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) का जन्म बिहार के सिमिरिया घाट स्थान पर सन 1908 में 3 सितम्बर को हुआ | मुंगेर जिले में यह छोटा सा ग्राम है | दिनकर के पिता का नाम रविसिंह था | गाँव की पाठशाला में पढने के पश्चात रामधारी सिंह (Ramdhari Singh Dinkar) मोकामा घाट के हाई स्कूल में पढने गये | वहां ही मैट्रिक परीक्षा पास की और पटना विश्वविद्यालय से BA की परीक्षा उत्तीर्ण करके हेडमास्टर बन गये | तत्पश्चात बिहार सरकार में सब-रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त हो गये | सन 1947 में बिहार सरकार के प्रचार विभाग के उपनिदेशक रहे | सन 1950 में लंगटसिंह कॉलेज में हिंदी विभागाध्यक्ष बने परन्तु सन 1962 में राज्यसभा में मनोनीत होने के कारण नई दिल्ली आ गये और देशभर में अपने कवि ,आलोचक और राज...

जयशंकर प्रसाद की जीवनी | Jaishankar Prasad Biography in Hindi

महाकवि जयशंकर प्रसाद की जीवनी | Jaishankar Prasad Biogrpahy in Hindi महाकवि जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad) हिंदी साहित्य में छायावादी काव्य के सर्वश्रेष्ट कवि के नाम से प्रसिद्ध है | भारत में बीते युग के जीवन पर एतेहासिक नाटक लिखने वालो में भी जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad) का नाम अग्रणी है | कथा-साहित्य , निबन्ध एवं आलोचना लिखने में भी प्रसाद किसी से पीछे न रहे | उपन्यासकार प्रसाद (Jaishankar Prasad) भी अपने ढंग के अकेले ही रचनाकार थे | उनकी उपन्यास लिखने की प्रतिभा मौलिक थी | ऐसे प्रतिभाशाली साहित्यकार का जन्म 30 जनवरी 1889 को वाराणसी में श्री देवीप्रसाद के घर हुआ | इनका वंश सुघ्नी साहू के नाम से प्रसिद्ध था | घर के परम्परागत धंधे में नसवार बेचना प्रसिद्ध था | जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad) की कृतियों में कानन कुसुम , प्रेम पथिक , आंसू , महाराणा का महत्व , लहर और कामयानी प्रसिद्ध है | नाटको में विशाख ,राजश्री , सज्जन , जन्मेजय का नागयज्ञ , अजातशत्रु , स्कंदगुप्त , चन्द्रगुप्त , ध्रुवस्वामिनी , कामना और एक घूंट विख्यात है | काव्यकला और आलोचना के संबध में एक ओर निबन्ध संग्रह ...