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Showing posts from February, 2016

धीरूभाई अम्बानी की प्रेरणादायक जीवनी | Dhirubhai Ambani Biography in Hindi

धीरूभाई अम्बानी की जीवनी | Dhirubhai Ambani Biography in Hindi धीरुभाई अम्बानी (Dhirubhai Ambani) भारत में एक ऐसा नाम है जिसको सब लोग प्रेरणा के रूप में लेते है | एक साधारण परिवार में जन्म लेने वाले इस असाधारण व्यक्ति ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसको देखकर दुनिया हैरान थी | एक पेट्रोल पम्प पर काम करने वाला देश की सबसे बड़ी पेट्रोल कम्पनी का मालिक बन गया | आइये आपको उसी व्यापार के जादूगर ( Dhirubhai Ambani )धीरूभाई अम्बानी के प्रेरणादायक जीवनी से रूबरू करवाते है जिससे आपको भी कुछ प्रेरणा मिल सके | धीरुभाई अंबानी का प्रारम्भिक जीवन धीरुभाई अम्बानी (Dhirubhai Ambani ) का जन्म 28 दिसम्बर 1932 को गुजरात के जूनागढ़ जिले के चोरवाड गाँव में हुआ था | धीरूभाई अम्बानी का वास्तविक नाम धीरजलाल हीराचंद अम्बानी था जो बाद में धीरूभाई अम्बानी के नाम से प्रसिद्ध हुए थे | धीरूभाई अम्बानी के पिता का नाम हीराचंद गोरधन भाई अम्बानी था जो पेशे से अध्यापक थे | धीरुभाई अम्बानी की माता का नाम जमनाबेन था जो एक गृहणी थी | धीरूबाई के पिताजी भले ही अध्यापक थे लेकिन उनकी आमदनी इतनी नही थी कि वो परिवार को समृद्ध बना सके | इसी...

किरण बेदी की जीवनी Kiran Bedi Biography in Hindi

Kiran Bedi Biography in Hindi किरण बेदी की जीवनी Kiran Bedi Biography in Hindi Kiran Bedi किरण बेदी का नाम भारत के इतिहास में प्रथम महिला IPS ऑफिसर के रूप में लिया जता है जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक कार्यो में अपना जीवन लगाया | किरण बेदी भारत के लिए एक ऐसा नाम है जो भारत की करोड़ो महिलाओ के लिए प्रेरणा बनी कि पुलिस में उच्च पदों के लिए महिलाये भी पुरुषो के बराबर है | उनको प्रेरणास्वरुप मानकर कई भारतीय महिलाओं ने अपने जीवन में उच्च पदों को हासिल किया है | आइये आपको उसी प्रेरणादायी दबंग महिला किरण बेदी Kiran Bedi की जीवनी से रूबरू करवाते है | Early life and education Kiran Bedi किरण बेदी का जन्म 9 जून 1949 को पंजाब एक अमृतसर जिले में एक पंजाबी परिवार में हुआ था | उनके पिता का नाम प्रकाश लाल पेशावरिया और माँ का नाम प्रेम लता है | किरण बेदी की तीन बहने शशि ,रीतू और अनु है तथा किरण बेदी अपने परिवार की दुसरी सन्तान है | उनके पूर्वज कई वर्षो पहले पेशावर से अमृतसर व्यापार करने के लिए आये थे तब से वो यही बस गये | किरण बेदी स्वयं ज्यादा धर्मिक नही है लेकिन उनका पालन पोषण हिन्दू और स...

राजीव दीक्षित की जीवनी Rajiv Dixit Biography in Hindi

Rajiv Dixit Biography in Hindi राजीव दीक्षित की जीवनी Rajiv Dixit Biography in Hindi Rajiv Dixit राजीवं दीक्षित भारत के एक ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने अपने व्याख्यानों से पुरे देश में स्वदेशी आन्दोलन की अलख जगाई | इस स्वदेशी आन्दोलन में उन्होंने भारत के इतिहास से लेकर विदेशी कंपनियों के लुट के बारे में बताया था कि किस तरह विदेशी कंपनियों के भारत गरीबी की ओर बढ़ता जा रहा है | Rajiv Dixit राजीब दीक्षित को खुलकर बोलना पसंद था और वो किसी नेता से नही डरते थे | वो सदैव भारत के नेताओ की असलियत को देश की जनता तक पहुचाते रहे है | राजनितिक प्रश्नों के अलावा उन्होंने घरेलू आरोग्य प्द्द्दतियो और स्वदेशी चिकित्सा का भी प्रसार किया जिससे देश के लाखो लोग लाभन्वित हुए है | आइये आपको उसी स्वदेशी आन्दोलन के प्रणेता राजीव दीक्षित की जीवनी से रूबरू करवाते है | Early life of Rajiv Dixit Rajiv Dixit राजीव दीक्षित का जन्म 30 नवम्बर 1967 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के नाह गाँव में हुआ था | उनके पिता का नाम राधेश्याम दीक्षित और माता का नाम मिथिलेश कुमारी दीक्षित था | राजीव दीक्षित के दादाजी भारत के स्...

योग गुरु स्वामी रामदेव की सम्पूर्ण जीवनी Baba Ramdev Biography in Hindi

Baba Ramdev Biography in Hindi बाबा रामदेव या स्वामी रामदेव (Baba Ramdev ), इस नाम को ना केवल भारत में ही नही बल्कि विश्व में सभी लोग अच्छी तरह जानते है | बाबा रामदेव वो व्यक्ति है जिन्होंने योग को पुरे विश्व में फैलाया है | योग के साथ साथ उन्होंने पातंजली नामक एक संस्थान भी खोला जहा पर उन्होंने स्वदेशी उत्पादों का निर्माण शुरू किया जो आज हर प्रकार के उत्पाद बनाती है | Baba Ramdev बाबा रामदेव ने योग के साथ राजीव जी दीक्षित के साथ मिलकर स्वदेशी का भी प्रसार किया | राजीव जी दीक्षित की मृत्यु के बाद स्वदेशी आन्दोलन की जिम्मेदारी केवल उन्ही के कन्धो पर आ गयी जिसे वो बखूबी निभा रहे है |Baba Ramdev बाबा रामदेव इनके अलावा भारत के राजनीतीक मुद्दों पर पर भी बात करते है जिनके कारण कई नेताओ के निशाने में आ गये थे | आइये आज आपको उसी योग गुरु बाबा रामदेव की जीवनी से रूबरू करवाते है | Early life of Baba Ramdev Baba Ramdev बाबा रामदेव का जन्म 12 दिसम्बर 1965 को हरियाणा जिले के महेन्द्रगढ़ जिले में नारनौल नामक गाँव में हुआ था | उनके पिता का नाम राम यादव और गुलाबो यादव था जो दोनों ही अशिक्षित थे लेकिन उ...

रतन टाटा की जीवनी Ratan Tata Biography in Hindi

Ratan Tata Biography in Hindi रतन टाटा की जीवनी Ratan Tata Biography in Hindi Ratan Tata रतन टाटा का नाम वर्तमान में भारत के सबसे बड़े व्यापारियों और निवेशको में आता है जो वर्तमान में टाटा ग्रुप के चेयरमैन है | ये जमेशद जी टाटा के वंशज है जिन्होंने टाटा कम्पनी की शुरुवात की थी | आइये आपको उसी सफल व्यापारी और निवेशक रतन टाटा की जीवनी से रूबरू करवाते है | Early life of Ratan Tata Ratan Tata  रतन टाटा का जन्म 28 दिसम्बर 1937 को मुंबई में हुआ था | ये टाटा ग्रुप के संस्थापक जमेशद जी टाटा के प्रपौत्र है | 1940 के दशक में मध्य में रतन टाटा के माता पिता नवल टाटा और सोनो दोनों अलग हो गये थे | उस समय रतन टाटा केवल 10 वर्ष के थे और उनके छोटे भाई जिमी केवल 7 वर्ष के थे | अब इन दोनों भाई की जिम्मेदारी उनकी दादी नवजबाई टाटा पर आ गयी थी और उन्ही ने इन दोनों का पालन पोषण किया था | बाद में Ratan Tata  रतन टाटा के पिताजी ने दूसरा विवाह कर लिया था जिसके उनके एक सौतेले भाई नवल टाटा का जन्म हुआ था | रतन टाटा ने अपनी प्रारभिक पढाई मुंबई के कैंपियन स्कूल में की थी और सेकेंडरी शिक्षा जॉन केनन स्कूल से ली थी | ...

चार्ली चैपलिन की जीवनी और फिल्मे Charlie Chaplin Biography in Hindi

Charlie Chaplin Biography in Hindi चार्ली चैपलिन की जीवनी और फिल्मे Charlie Chaplin Biography in Hindi Charlie Chaplin चार्ली चैपलिन एक ऐसे अभिनेता और फ़िल्मकार थे जिन्होंने बिना एक शब्द बोले पुरी दुनिया को हंसाया था | जब फ़िल्मी दुनिया के सबसे प्रथम हास्य कलाकारों की बात की जाती है तो चार्ली चैपलिन का नाम सबसे पहले आता है | ब्लैक एंड वाइट दुनिया में उन्होंने अपने अभिनय से हास्य के रंग बिखेरे थे | Charlie Chaplinचार्ली चैपलिन ने अपने जीवन में 75 वर्ष से भी ज्यादा समय कार्य किया था | आज भी उनके अभिनय को पुरे विश्व में कॉपी किया जता है | आइये आपको उसी मूक हास्य कलाकार की जीवनी का परिचय करवाते है | Early years of Charlie Chaplin Charlie Chaplin चार्ली चैपलिन का जन्म 16 अप्रैल 1889 को लन्दन में हुआ था | चार्ली चैपलिन  का पूरा नाम स्पेंसर चैपलिन था | चार्ली चैपलिन के पिता का नाम चार्ल्स चैपलिन और माता का नाम हाना था | जब चार्ली चैपलिन के पिता ने हाना से तब विवाह किया था जब वो पहले से एक बच्चे की माँ थी | चार्ली के पिता एक कंसर्ट हाल में गायक के रूप में काम करते थे और उनके साथ हाना भी गाना गात...

Stephen Hawking Biography in Hindi | स्टीफन हाकिंग की जीवनी

Stephen Hawking Biography in Hindi | स्टीफन हाकिंग की जीवनी Stephen Hawking स्टीफन हाकिंग एक ऐसा नाम है जिन्होंने शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद अपने आत्मविश्वास के बल पर विश्व का सबसे अनूठा वैज्ञानिक बनाया है जो विश्व में ना केवल अदभुत लोगो बल्कि सामान्य लोगो की प्रेरणा बने है | शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद जीने की चाह ने उन्हें एक महान व्यक्ति के रूप में दुनिया के सामने ला दिया जिसका कोई मुकाबला नही है | ईश्वर ने उनको बुद्धि प्रदान की है कि वो विश्व के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति जाने जाते है | आइये आपको उसी महान और अदभुद वैज्ञानिक और व्यक्तित्व स्टीफन हाकिंग की जीवनी से रूबरू करवाते है | स्टीफन हाकिंग का प्रारंभिक जीवन Early Life of Stephen Hawking Stephen Hawking स्टीफन हाकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड  में हुआ था | जब स्टीफन हाकिंग का जन्म हुआ तो वो बिलकुल स्वास्थ्य और सामान्य थे | उनके पिता का नाम फ्रेंक और माता का नाम इसोबेल था जो दोनों ही ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़े थे | जब स्टीफन हाकिंग का जन्म हुआ तब द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था | स्टीफन हाकिंग के माता-पि...

अब्राहम लिंकन की जीवनी | Abraham Lincoln Biography in Hindi

अब्राहम लिंकन की जीवनी | Abraham Lincoln Biography in Hindi अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln), अमेरिका के सौलह्वे और सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति थे | अमेरिका में जितना दुसरे राष्ट्रपतियों का जिक्र नही किया जाता है उतना तो केवल अब्राहम लिंकन का किया जाता है | अब्राहम लिंकन ने देश की एकता के लिए जान दे दी थे जिनकी हत्या कर दी गयी थी | आज हम आपको उसी महान राष्ट्रपति की सम्पूर्ण जीवनी से रूबरू करवाते है |  Abraham Lincoln in Hindi अब्राहम लिंकन का प्रारम्भिक जीवन | Early Life of Abraham Lincoln in Hindi अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln) का जन्म 12 फरवरी 1809 को केंटुकी के हार्डिन काउंटी में एक लकड़ी के बने घर में हुआ था | उनके पिता का नाम थोमस लिंकन और माता का नाम नैंसी लिंकन था | उनके वंशज इंग्लैंड से आये थे जो बाद में न्यू जर्सी , पेनिसिलवानिया और विर्जिनिया में आकर बस गये थे |Abraham Lincoln लिंकन के दादाजी का नाम बहे कैप्टेन अब्राहम लिंकन था जो 1780 में विर्जिनिया से केंटुकी आकर बस गये थे | कैप्टेन लिंकन की 1786 में एक भारतीय शिकारी गिरोह ने हत्या कर दी थी | अब कैप्टेन लिंकन के पुत्र थोमस ने ...

Genghis Khan Biography in Hindi | चंगेज खां की जीवनी और क्रूरता का इतिहास

Genghis Khan Biography in Hindi Genghis Khan Biography in Hindi | चंगेज खां की जीवनी और क्रूरता का इतिहास Genghis Khan चंगेज खां का नाम सुनते ही ही दिल में सिहरन उठती है कि जिसका नाम इतना खरतनाक था वो स्वयं कितना खतरनाक हुआ होगा | चंगेज खा ने 20 साल की उम्र से जंग लड़ना शुरू कर दिया था और अपनी क्रूरता की बदौलत उसने महान मंगोल साम्राज्य का फैलाव किया जो उस समय ब्रिटिश साम्राज्य के बाद दूसरा सबसे बड़ा साम्राज्य था | ये साम्राज्य उसने अपनी सेना के दम पर बनाया था जो उसकी मृत्यु तक रहा था | आइये आपको उसी क्रूर चंगेज खां की सम्पूर्ण जीवनी Genghis Khan Biography in Hindi से अवगत करवाते है | चंगेज खा का प्रारम्भिक जीवन Early Life of Genghis Khan Genghis Khan चंगेज खा का जन्म 1162 ईस्वी में उत्तर मध्य मंगोलिया में हुआ था | चंगेज खा का बचपन का नाम तेमुजिन था जो नाम उसके पिता ने रखा था | Genghis Khan चंगेज खा के वंशज उत्तरी चीन से 1100 ईस्वी की शुरुवात में आये थे जिनमे खाबुल खान प्रमुख थे | खाबुल खां ने मंगोलों को एकत्रित कर चीन के जिन साम्राज्य से मिलकर विद्रोह किया था | तेजुमिन का जन्म भी गर्म खू...

उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ मेला और उज्जैन के दर्शनीय स्थल Ujjain Simhastha Kumbh Mela Guide

सिंहस्थ कुम्भ मेला 28 अप्रैल से Ujjain में शुरू होने वाला है जो यहा हर 12 सालो में आयोजित किया जाता है | Ujjain के इस मेले को सिंहस्थ कुम्भ मेला इसलिए कहते है क्योंकि इस कुम्भ मेले में बृहस्पति राशि से कुम्भ राशि में प्रवेश करता है | कुम्भ मेला भारत में चार जगहों पर हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है क्योंकि इन चार जगहों हरिद्वार ,प्रयाग , नासिक और उज्जैन पर समुद्र मंथन के दौरान घड़े ले जाते हुए अमृत की बुँदे गिरी थी | यह कुम्भ मेला मध्य प्रदेश की शिप्रा नदी के किनारे आयोजित किया जाता है जिसमे लाखो श्रुधालू आते है | आइये आपको सिंहस्थ कुम्भ के बारे में बताने से पहले Ujjain का इतिहास और मन्दिरों के बारे में बताते है | History of Ujjain इस शहर के बारे में सबसे पहला उल्लेख महात्मा बुद्ध के समय में हुआ था जब ये अवन्ती की राजधानी उज्जैयनी के नाम से जाना जाता था | इसके बाद अशोक के शाषन काल में उज्जैन शहर का जिक्र हुआ था और ये मौर्य साम्राज्य का एक अभिन्न अंग था | मौर्यों के बाद शुंग और सातवाहन साम्राज्यों ने भी उज्जैन पर राज्य किया |गुप्त सामाज्य में इस शहर का सांसे ज्यादा नाम हुआ जब उज्जैन प...

राजा महेंद्र प्रताप सिंह , जिनसे आप जीना सीख सकते है Inspirational Story of Raja Mahendra Pratap

राजा महेंद्र प्रताप सिंह , जिनसे आप जीना सीख सकते है Inspirational Story of Raja Mahendra Pratap मित्रो आजकल लोगो के जीवन में इतनी समस्याए आती है कि लोग जीने की आस छोड़ देते है | फिर भी भारत में कुछ ऐसे लोग है जिनसे आप जीना सीख सकते है | जिन्होंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाकर देश में अपना नाम किया और लोगो में जीने की अलख जगाई | आइये आज आपको उन्ही भारतीयों में से एक साहसी आदमी की कहानी बताते है जिनसे आप जीने की कला सीख सकते है | हमारी पहली कहानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह की है जिन्होंने बिना हाथ पैरो के जीना सीखा | राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म हुआ था वो शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ्य थे लेकिन जब वो पांच वर्ष हुए तो तब उनके साथ एक ऐसी घटना हुयी जिससे उनके हाथ पैरो ने काम करना बंद कर दिया | राजा महेंद्र प्रताप सिंह की एक गलती ने उनको बचपन में ही विकलांग  कर दिया था | राजा महेंद्र प्रताप सिंह के दोस्तों ने उनसे शर्त लगाई कि वो खुले बिजली के तार से लोहे की छड को नही पकड़ सकता है | प्रताप ने बिना सोचे समझे साहस दिखाया और उस लोहे की छड को पकड़ लिया जिससे खुले बिजली के तार जुड़े हुए थे | अब राज...

दूकान पर भगवान Inspirational Story in Hindi

Inspirational Story in Hindi एक बार की बात है कश्मीर की सीमा के इलाके में कडाके की सर्दी पड़ रही थी | पारा शून्य से भी नीचे जा चूका था फिर भी सभी जवान एक गाँव में से गुजर रहे थे | उन जवानो के साथ उनका कमांडर भी था और रात काफी होक चुकी थी | सभी जवान काफी थक चुके थे और ठंड से काँप रहे थे | गाँव की सारी दुकाने बंद हो चुकी थी | थोड़ी देर बाद उन्हें एक दुकान दिखाई दी जिस पर लिखा था “चाय की दूकान ” लेकिन वो दूकान बंद पड़ी थी | जवान मन ही मन सोच रहे थे कि ऐसी ठंड में अगर ये दूकान खुली होती तो चाय पीकर थोडा आगे बढ़ते रहते | कमांडर को जवानो के चेहरे से पता चल गया कि ये सभी चाय पीना चाहते है इसलिए उन सभी जवानो को उसी दुकान के बाहर रुकने का आदेश दिया और थोड़ी देर बाद चलने को कहा | तभे सभी जवान चाय की दूकान के बाहर बैठकर चाय चाय की रट लगा रहे थे | तभी कमांडर ने कहा “दूकान तो बंद है आप लोगो को चाय कैसे पिलाऊ ” | तभी एक जवान ने कहा “साबजी ताला तोड़ देते है , वैसे भी हम ही तो इन लोगो की रक्षा करते है , अगर हम इनकी एक कप चाय पी लेंगे तो इनका क्या बिगड़ जाएगा , वैसे भी हमे कौनसे द...