Genghis Khan Biography in Hindi

Genghis Khan चंगेज खां का नाम सुनते ही ही दिल में सिहरन उठती है कि जिसका नाम इतना खरतनाक था वो स्वयं कितना खतरनाक हुआ होगा | चंगेज खा ने 20 साल की उम्र से जंग लड़ना शुरू कर दिया था और अपनी क्रूरता की बदौलत उसने महान मंगोल साम्राज्य का फैलाव किया जो उस समय ब्रिटिश साम्राज्य के बाद दूसरा सबसे बड़ा साम्राज्य था | ये साम्राज्य उसने अपनी सेना के दम पर बनाया था जो उसकी मृत्यु तक रहा था | आइये आपको उसी क्रूर चंगेज खां की सम्पूर्ण जीवनी Genghis Khan Biography in Hindi से अवगत करवाते है |
चंगेज खा का प्रारम्भिक जीवन Early Life of Genghis Khan
Genghis Khan चंगेज खा का जन्म 1162 ईस्वी में उत्तर मध्य मंगोलिया में हुआ था | चंगेज खा का बचपन का नाम तेमुजिन था जो नाम उसके पिता ने रखा था | Genghis Khan चंगेज खा के वंशज उत्तरी चीन से 1100 ईस्वी की शुरुवात में आये थे जिनमे खाबुल खान प्रमुख थे | खाबुल खां ने मंगोलों को एकत्रित कर चीन के जिन साम्राज्य से मिलकर विद्रोह किया था | तेजुमिन का जन्म भी गर्म खून के साथ हुआ था जिसमें उसका भाग्य भी उसको एक शाषक बनाने वाला था | चंगेज खा की माँ हेलुन ने अशांत मंगोल आदिवासी समाज के हकीकत के बारे में बताया था | चंगेज खा के पिता अपने कबीले के सरदार थे |
जब तेमुजिन 9 वर्ष का था तब उसके पिता उसको अपनी होने वाली दुल्हन के परिवार के यहाँ ले गया | वापस लौटते समय चंगेज खा के पिता को प्रतिद्वंद्वी टटार जनजाति विद्रोहियों ने खाने में जहर मिलाकर मार दिया | अपने पिता की मौत के बाद तेमुजिन अपने पिता के स्थान पर कबीले का प्रमुख बन गया | हालांकि कबीले के लोगो ने उस युवा लडके को मुखिया मानने से मना कर दिया | अब उसके परिवार में उसके जवान भाई और सौतले भाईयो ने उसे कबीले से बाहर निकाल दिया और उसे शरणार्थी का दर्जा दे दिया | अपने परिवार के ज्यादा दबाब में अनी पर तेमुजिन ने अपने सौतले भाई बेख्तेर को मार दिया और परिवार का मुखिया बन गया |
16 वर्ष की उम्र में तेमुजिन ने बोर्टे नामक महिला से विवाह किया ताकि कोंकिरत और उसके कबीले के बीच दोस्ती बढ़े | कुछ दिनों बाद तेमुजिन की पत्नी को विद्रोही मेर्किट कबीले ने अगुआ कर लिया और उसे अपने कबील के सरदार की पत्नी बनाने के लिए सौंप दिया | तेमुजिन ने जल्द ही अपनी पत्नी को छुडवा लिया और इस घटना के बाद तेमुजिन की पत्नी ने पहले पुत्र जोची को जन्म दिया | तेमुजिन की पत्नी के अगुआ किये जाने के कारण तेमुजिन को अपने पुत्र के जन्म पर शक हुआ था लेकिन तेमुजिन ने उसे अपना लिया था |तेमुजिन की पत्नी बोर्टे ने चार पुत्रो को जन्म दिया था जबकि उसकी अन्य रानियों से कई पुत्र थे |
चंगेज खा का विश्व विजेता का सपना The ‘Universal Ruler’
जब तेमुजिन 20 साल का हुआ तो उसके पुराने विरोधी कबीलों ने उसको पकड़ लिया और कुछ समय के लिए उसे गुलाम बना लिया था लेकिन बाद में उसको कबीले के लोगो ने एकजुट होकर उसे छुड़ा लिया | अब तेमुजिन ने छुटने के बाद धीर धीर अपनी शक्ति बढ़ाना शुरू कर दिया और कुछ ही समय ने उसकी सेना में 20000 लोग हो गये थे | अब उसने दुसरे कबीलों पर हमला कर उन कबीलों को अपने अंदर मिलाता गया और अपने साम्राज्य में मंगोलों की शक्ति बढाई |
अब उसने अपनी विशाल सेना की बदौलत अपने पिता के हत्यारे टटार कबीले को तबाह कर दिया और उस कबील के हर पुरुष को मार दिया | अब तेमुजिन के मंगोलों ने मिलकर लगातार आक्रमणों से ताईची सेनाओ को हरा दिया | तेमुजिन की क्रूरता इतनी भयंकर थी की उसने ताईची कबीले के सरदार को जिन्दा तेल में तल दिया | 1206 ईस्वी में तेमुजिन ने शक्तिशाली नैमन कबीले को हराकर मध्य और पश्चिमी मोंगोलिया पर अपना शाशन बना लिया |
Genghis Khan चंगेज खा ने अपनी सेना में भारी जोश भर रखा था जिससे वो लगातार जीतते जा रहे थे | उसने नई तकनीको को सीखने के लिए सब जगह अपने जासूस फैला दिए थे जो उसको सूचना लाकर देते थे | अब मंगोल सेना बढकर 80000 हो गयी थी जिसने कई नई तकनीको को सीख लिया था | अब युद्ध में संदेश तकनीक को शुरू कर दिया था जिससे नगाडो की आवाज से सेना को आदेश मिलता था और झंडो से आगे के आदेश दिए जाते थे | हर सैनिक के पास तीर-कमान , ढाल और चाक़ू हुआ करता था | Genghis Khan चंगेज खा की सेना खाने और कपड़े ले जाने के लिए चमड़े के बड़े बड़े थैलों को ले जाती थी जिनमे पानी अंदर नही जाता था और खाना भी कई दिनों तक ताजा रहता था |
घुड़सवार सैनिको के पास तलवार , भाला , कवच , छोटी कुल्हाडी और दुश्मन को घोड़े से गिराने के लिए हुक हुआ करते हते | मंगोल के हमलो से भयंकर तबाही हुआ करती थी जिसमे भारी नरसंहार हुआ करता था | लगातार जंगो के जीतने के बाद दुसरे कबीले के सरदारों ने शान्ति के लिए तेमुजिन के आगे घुटने टेक दिए थे जिसके कारण तेमुजिन को Genghis Khan चंगेज खा नाम दिया गया जिसका अर्थ होता है “विश्व विजेता ” | अब चंगेज खा को मंगोलों का देवता माना जाने लगा जो पुरी दुनिया पर राज करने के लिए पैदा हुआ था |
मुख्य युद्ध अभियान Major Conquests
Genghis Khan चंगेज खा ने अपने दैवीय स्वरुप की ओर ध्यान ना देते हुए लगातार आक्रमण में लगा रहा था | चंगेज खा की आध्यात्मिक प्रेरणा की वजह से सैनिको में जोश आता था | अब सेना के बढने के साथ साथ खाने और अन्य साधनों में लगातार कमी आ रही थी | 1207 में उसकी सेना में क्सिक्सिया साम्राज्य पर हमला कर दिया और दो सालो के भीषण युद्ध के बाद उसे समर्पण करने पर मजबूर कर दिया | इसके बाद चंगेज खा की सेना ने जिन साम्राज्य को तबाह किया था | अब Genghis Khan चंगेज खा की सेना ने मुस्लिम देशो पर आक्रमण करने का विचार किया | इसके लिए शुरुवात में उसने ख्वारिज्म साम्राज्य पर कूटनीति का सहारा लेकर पहले व्यापार केना शुरू किया |
उस समय ख्वारिज्म साम्राज्य तुर्कीस्तान , फारस और अफगानिस्तान आता था | अब मंगोल के जासूसों के बारे में वहा के शाशक को पता चल गया तो वहा के शाषक ने उन पर हमला कर दिया | जब चंगेज खा को ये सुचना मिली तो उसने वहा के शाषक को अपने जासूसों को छोड़ने का दबाव डाला और अपना एक राजदूत भेजा | अब ख्वारिज्म साम्राज्य के शाषक शाह मुहम्मद ने ना केवल प्रस्ताव को अस्वीकार किया बल्कि उसके भेजे गये राजदत का सर कलंक कर वापस भेजा | इस काम से मध्य एशिया और पूर्वी यूरोप में शाशको के बीच क्रोध छा गया |
उधर कभी ना हारने वाला चंगेज खा 1219 में प्रतिशोध लेने के लिए खुद अपनी 2 लाख मंगोल सैनिको के सात ख्वारिज्म साम्राज्य पर आक्रमण करने के लिए निकला | अब मंगोल ने रस्ते में आने वाले हर शहर को नस्तेनाबूद कर दिया | अब ख्वारिज्म साम्राज्य ने मंगोल सेना से बचने के लिए जनता को ढाल बनाना शूरू कर दिया लेकिन मंगोल रुकने का नाम नही ले रहे थे | मार्ग में आने वाले हर मानव , पालतू पशु और मवेशियों को मारते जा रहे थे | आदमी ,औरतो और बच्चो की खोपड़ियो के ढेर लगते जा रहे थे | हर शहर को कुचलने के बाद चंगेज खा अंत में शाह मुहम्मद के यहा पहुच ही गया| उसने पहले शाह मुहम्मद और बाद में उसके बेटो को मार दिया और ख्वारिज्म साम्राज्य का अंत कर दिया |
अब Genghis Khan चंगेज खा ने ख्वारिज्म साम्राज्य का अंत कर चीन और यूरोप के व्यापार केन्द्रों को जोड़ दिया | अब उसके द्वारा जीत सभी प्रदेशो में चंगेज खा ने अपने नियम कानून लगाना शुरू कर दिया जिसमे रक्त लड़ाइयों, व्यभिचार, चोरी और झूठी गवाही मना थी | उसके नियमो में नदियों में नहाने की मनाही थी | उसने ऐसे कठोर कानून बनाये थे जिनका पालन कर पाना बडा कठिन था और पालन नही करने वाले को मृत्युदंड दिया जाता था | इसके बाद चंगेज खा फिर चीन की तरफ लौट गया और कई बचे हुए साम्राज्यों को हराया |
चंगेज खा की मौत Genghis Khan’s Death
Genghis Khanचंगेज खा की मौत 1227 में हुयी थी और आज तक उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता नही चल सका है | कुछ इतिहासकार मानते है चंगेज खा की मौत शिकार के दौरान घोड़े पर गिरने से हुयी थी जबकि अन्य साँस के रोगों को उसकी मौत का कारण बताते है | Genghis Khanचंगेज खा को अपने कबीले की प्रथा के अनुसार अपने जन्म स्थान के आस-पास दफनाया गया | मंगोलों ने चंगेज खा की मौत को गुप्त रखा था और उसको ऐसी जगह दफनाया था जहा उसकी कब्र को कोई नही ढूढ सके | मरने से पहले चंगेज खा ने अपना अधिकतर साम्राज्य अपने पुत्र ओगेदी के हाथो में सौंप दी थी और बाकी शेष को अपने अन्य पुत्रो में बाँट दिया था | इसके बाद पारिवारिक विद्रोह के कारण मंगोल साम्राज्य के अनेको टुकड़े हो गये और Genghis Khanचंगेज खा का मंगोल बिखर गया |
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