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Showing posts from December, 2023

तात्या टोपे की जीवन परिचय

भारत की स्वतन्त्रता के प्रथम युद्ध में जिन देशभक्तों ने अपनी आहुति प्रदान की थी उनमे तात्या टोपे (Tatya Tope) का अन्यतम स्थान है | उनकी शूरता और उनके त्याग की कहानी बड़ी प्रेरणादायक है | वे देश की सेवा के लिए ही धरती की गोद में आये थे और देश की सेवा करते हुए फाँसी के तख्ते पर चढ़ गये | उन्होंने अपने हाथो से फाँसी का फंदा अपने गले में डालते हुए कहा था “मै पुराने वस्त्र छोडकर नये वस्त्र धारण करने जा रहा हु | मै अम्र हु | मैंने जो कुछ किया है अपने देश और मातृभूमि के लिए किया है” | तात्या टोपे (Tatya Tope) के शौर्य और चातुर्य की प्रशंसा स्वयं अंग्रेजो तक ने की है | तात्या टोपे का जन्म 1814 ई. में नासिक के पास जाबालि में एक ब्राह्मण वंश में हुआ था | उनके पिता का नाम पांडूरंगराव और माता का नाम रुक्मणबाई था | उनके पिता पूना में बाजीराव पेशवा के दरबार में रहते थे | बाजीराव जब पुन छोडकर बिठुर चले गये तो वे भी अपने कुटुंब को लेकर बिठुर में जाकर बस गये थे और बाजीराव की सेवा में रत रहते थे | तात्या टोपे (Tatya Tope) की बाल्यावस्था बिठुर में ही व्यतीत हुयी | वे बाजीराव के दत्तक पुत्रो के साथ खेलते-कू...