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Showing posts from April, 2018

धर्मशाला के प्रमुख पर्यटन स्थल | Dharamshala Tour Guide in Hindi

Dharamshala Tour Guide in Hindi धर्मशाला (Dharamshala) हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी का प्रमुख पर्यटन स्थल है | धर्मशाला (Dharamshala) में एक ओर जहा धौलाधार पर्वत श्रुंखला है वही दुसरी ओर उपजाऊ घाटी एवं शिवालिक पर्वतमाला है | अंग्रेजो ने धर्मशाला को एक छोटे पर्यटन स्थल के रूप में बसाया था | दलाईलामा द्वारा यहाँ अपना स्थायी निवास निर्मित करने और तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय यहाँ स्थापित होने के कारण यह पर्यटन स्थल विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभर कर सामने आया है | धर्मशाला (Dharamshala) शहर को दो भागो में बांटा जा सकता है | एक निचला धर्मशाला जहां कोतवाली बाजार स्थित है | दूसरा उपरी धर्मशाळा जिसे मेक्लोड़गंज के नाम से जाना जाता है जो 1982 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | धर्मशाला के दर्शनीय स्थल | Popular Tourist Places in Dharamshala मैक्लोड़गंज | Mcleodgang मैक्लोड़गंज | Mcleodgang Dharamshala पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र यह स्थान अब धर्मशाला का मुख्य बाजार होने के साथ-साथ सबसे अधिक चहल पहल वाला इलाका है क्योंकि शांतिदूत दलाईलामा अपने अनेक अनुयायीयो के साथ निवास करते है |यह स्थान तिब्बती ब...

Haryana Tour Guide in Hindi | हरियाणा के प्रमुख पर्यटन स्थल

Haryana Tour Guide in Hindi हरियाणा (Haryana) भारत की एक पवित्र भूमि है जहां प्रसिद्ध हिन्दू ग्रन्थ महाभारत की रचना महर्षि वेदव्यास ने की थी इसी कारण इसका धार्मिक महत्व जादा है | इसके अलावा हरियाणा (Haryana )को Green Land of India भी कहा जाता है | आइये अब आपको हरियाणा (Haryana) के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से बताते है | कुरुक्षेत्र | Kurukshetra Tour Guide in Hindi इस पवित्र स्थान में महर्षि मनु ने मनुस्मृति की रचना की थी तथा ऋषियों एवं बुद्धिजीवियों ने ऋग्वेद एवं सामवेद जैसे धार्मिक ग्रंथो में संबध स्थापित किया | कौरवो एवं पांड्वो के पूर्व राजा कुरु ने यहाँ रहने वाले लोगो के लिए महान बलिदान दिया था | इसी स्थान पर महाभारत का युद्ध हुआ एवं अर्जुन द्वारा बाण से प्रगट की गयी बाणगंगा एवं वर्तमान की भुगत सरस्वती भी इसी क्षेत्र में बहती है | तकरीबन 48 कोस में फैले हुए क्षेत्र को कुरुक्षेत्र कहा जाता है | यहाँ महाभारत कालीन 360 तीर्थ स्थलों के दर्शन किय जा सकते है | इनमे प्रमुख दर्शनीय स्थल हो पेहोवा , कलयात , थानेश्वर , ज्योतिसर एवं कुरुक्षेत्र आदि | कुरुक्षेत्र के प्रमुख दर्श...

लेह के प्रमुख पर्यटन स्थल | Leh Tour Guide in Hindi

Leh Tour Guide in Hindi लद्दाख सम्भाग का प्रमुख शहर लेह (Leh) है | यह अपने बौद्ध मन्दिरों और मठो के लिए प्रसिद्ध है | इन मठो को गोम्पा कहते है | यहाँ का हर नागरिक किसी न किसी मठ या गोम्पा का सदस्य है | लेह (Leh) सिन्धु नदी द्वारा बनाये गये पठार के शिखर पर समुद्र तल से 3368 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | 14वी शताब्दी में रव्री-त्सुग्ल्दे द्वारा स्थापित लेह (Leh) शुरू में स्ले या ग्ले कहा जाता था | 19वी शताब्दी में मोरोवियन मिशनरी के नाम पर इसका नाम लेह रखा गया | यह लद्दाख क्षेत्र का प्रमुख नगर है | इसकी स्थापना से ही यह मान्यता प्रचलित थी कि राजगद्दी का भावी उत्तराधिकारी लेह में जन्म लेगा | फलस्वरूप लद्दाख के राजाओ ने इस नगर में अनेक महलो, बौद्ध मठो और धार्मिक भवनों का निर्माण अपने वर्षो के शासनकाल के दौरान करवाया | लेह (Leh) में इस्लाम का आगमन यारकंद और कश्मीर के व्यापारियों द्वारा हुआ | लेह (Leh) की संस्कृति गोम्पाओ में मनाये जाने वाले उत्सवो में नृत्य नाटको का आयोजन किया जाता है जिसमे लामा चमकदार रंगीन पोशाक में सजे हुए भयानक मुखौटे पहनकर स्वांग रचते है तथा धर्म के विभिन्न पक्षों का प्र...

श्रीनगर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Srinagar Tour Guide in Hindi

श्रीनगर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Srinagar Tour Guide in Hindi कश्मीर का सबसे बड़ा शहर श्रीनगर (Srinagar) है जो जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी है | अनेक जातियाँ , संस्कृतियों एवं भाषाओं का संगम बना यह शहर  खुबसुरत पर्यटन स्थल है | कश्मीर , जिसे मुगल बादशाओ ने धरती का स्वर्ग कहा था आज आतंकवाद के कारण यहाँ पर्यटकों की सुख-सुविधाओं के साधन अपनी आभा खो चुके है लेकिन उन स्थलों की आभा अभी भी बरकरार है जो पर्यटकों को आकर्षित करते रहे है | इस शहर की खासियत झरने तथा मुगल बादशाओ द्वारा बनाये गये उद्यान है जो चौथी और पांचवी सदी की खुबसुरत मिसाल है | नगीन और डल जैसी विश्व प्रसिद्ध झीले श्रीनगर की जान कही जाती है | श्रीनगर (Srinagar) झेलम नदी के दोनों किनारों पर फैला हुआ है | अपने लुभावने मौसम के कारण श्रीनगर (Srinagar) पर्यटकों को वर्ष भर आकर्षित करता है | यह समुद्र तल से 1730 मीटर की उंचाई पर स्थित है | श्रीनगर (Srinagar) के प्रमुख पर्यटन स्थल डल झील – विश्व प्रसिद्ध डल झील शहर के पूर्व में श्रीधरा पर्वत के चरणों में स्थित है | वर्तमान में डल झील का क्षेत्रफल 12 वर्ग किमी रह गया है जबकि ...

कोलकाता के प्रमुख दर्शनीय स्थल | Kolkata Tour Guide in Hindi

Kolkata Tour Guide in Hindi हुगली नदी के तट पर स्थित पश्चिम बंगाल के राजधानी कोलकाता (Kolkata) भारत का एक प्रमुख महानगर है | विश्व में जितने महानगर है उनमे इसकी भी महानगर के रूप में गणना की जाती है | सबसे अधिक आबादी वाले इस नगर को पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है | 300 वर्ष पहले ईस्ट इंडिया कम्पनी की ओर से एक अंग्रेज व्यापारी ने सुबर्नी चौधरी से सिर्फ 1200 रूपये में इस शहर को खरीद लिया था | उस व्यापारी का नाम चारनाक था | चारनाक मुगलों के भय हुगली स्थित कारखाने को सुतानारी गाँव में ले गये | धीरे धीरे इस गाँव का विस्तार कालिकाता गाँव तक हो गया | सन 1698 में कम्पनी की ओर से औरंगजेब के पुत्र से निकवर्ती गोविन्दपुर नामक गाँव भी चारनाक ने खरीद लिया | इस प्रकार कालिकाता , गोविन्दपुर और सुतानारी – इन तीन गाँवों को मिलाकर जो नगर बसा , वही आज का महानगर कोलकाता है | प्रथम ब्रिटिश गर्वनर वारेन हेस्टिंग्स ने कोलकाता (Kolkata) को भारत की राजधानी बनाया | सन 1885 से 1912 तक यह भारत की राजधानी था | कोलकाता (Kolkata) के नामकरण के विषय में कई तरह की बाते कही जाती है | कहा जाता है कि किसी साह...

Kullu Tour Guide in Hindi | कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थल

Kullu Tour Guide in Hindi प्राकृतिक सुन्दरता से भरपूर , सेब के बागो और अपने ढंग के निराले दशहरा उत्सव के लिए मशहूर हिमाचल प्रदेश का कुल्लू (Kullu) , जिसे देवताओं की घाटी कहा जाता है समुद्रतल से 1219 मीटर की ऊँचाई पर , व्यास नदी के दोनों ओर 80 किमी में विस्तृत भारत का अत्यंत मनोरम पर्यटन स्थल है | रामायण और महाभारत में भी कुल्लू का उल्लेख है | उस युग में इसे कुलूत कहा जाता था | यहाँ का मौसम हमेशा खुशगवार रहता है | कुल्लू (Kullu) के दो भाग है एक ओर ढालपुर और दुसरी ओर सुल्तानपुर | ढालपुर के विशाल मैदान में दशहरे के अवसर पर कुल्लू दशहरा देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है | इस स्थान को देवताओं का मिलन स्थल कहा जाता है | सुल्तानपुर रघुनाथ मन्दिर के लिए विख्यात है | रघुनाथ जी की सवारी जब ढालपुर के मैदान में पहुचती है तभी दशहरा उत्सव मनाया जाता है | यह दशहरा विजयादशमी से शुरू होकर एक सप्ताह तक मनाया जाता है | कुल्लू (Kullu) की हरी-भरी , छोटी छोटी वादियों में घुमने का आनन्द ही कुछ ओर है | हरे भरे चारागाह एवं कलकल करते झरने केवल आँखों को ही सुख नही देते , मन-प्राणों को भी ताजगी और आनन्द दे भर दे...

Galileo Galilei Biography in Hindi | गैलिलियो गैलिली की जीवनी

Galileo Galilei Biography in Hindi जब कोपरनिकस की मृत्यु हुयी उस समय इटली के पीसा नगर में एक युवक गैलिलियो गेलीली (Galileo Galilei) थे जो बाद में केवल गैलिलियो के नाम से प्रसिद्ध हुआ | उसके भाग्य में वृद्ध मनुष्य की बातो को पूरा करना लिखा था जिन्हें कोपरनिकस अपने जीवनकाल में पूरा न कर सका था | गैलिलियो उससे अधिक बहुमुखी प्रतिभा वाला था | वह इतना सर्वतोमुखी प्रतिभा का व्यक्ति था कि अपनी युवावस्था में उसे कुछ दिनों तक सोचना पड़ा कि वह क्या करे | वह निपुण गायक था और वीणा तथा ऑर्गन बजाने में अपने पिता से , जिसका व्यवसाय ही गाना था ,बढ़ कर था | वह उत्कृष्ट चित्रकार था और अच्छी कविता लिख सकता था किन्तु गणित के प्रेम ने उसको विज्ञान की ओर झुकाया | विश्वविद्यालय में उसके उच्चपदस्थ अध्यापक डरते थे क्योंकि वह ऐसे प्रश्न पूछता था जिनका उत्तर वे न दे सकते थे | वे उसे यह कहकर चुप न कर सकते थे कि “यह अरस्तु में है ” | गैलिलियो (Galileo Galilei) कहता था “हो सकता है किन्तु आप इसका क्या कारण बताते है ” | यह बड़ी घबराहट की बात किसी और विद्यार्थी ने ऐसे पहले कभी नही किया था | युवक गैल...

Kovalam Tour Guide in Hindi | कोवलम के प्रमुख पर्यटन स्थल

Kovalam Tour Guide in Hindi भारत में जितने समुद्र तट है उनमे सर्वाधिक सुंदर , सुखद और मनोरम है केरल का कोवलम (Kovalam) | 14वी शताब्दी में केरल में कोवलम नाम के अत्यंत लोकप्रिय कवि थे | उन्ही के नाम पर इस समुद्र तट का  नाम कोवलम (Kovalam) रखा गया है | केरल की राजधानी त्रिवेन्द्रम (अब तिरुवनंतपुरम) के दक्षिण में 10 किमी की दूरी पर स्थित यह समुद्रतट देशी विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है | कोवलम बस अड्डे पर उतरने के बाद बांये हाथ पर एक लम्बी ढलान है | यही से कोवलम (Kovalam) बीच का मुख्य दर्शनीय स्थल आरम्भ हो जाता है | इस समुद्र तट पर विहार तथा यहाँ उठती-गिरती लहरों का नृत्य देखने और निर्मल स्वच्छ जल में स्नान का आनन्द लेने के लिए नवम्बर से फरवरी का समय उपयुक्त माना जाता है | इस समुद्र तट की सबसे बड़ी विशेषता , जो अन्य समुद्रो में नही पायी जाती , यह है कि समुद्र के अंदर प्रवेश करने पर लगभग 100 मीटर तक काफी कम गड्ढे मिलते है | पूरा ,दीघा आदि समुद्र तटो के जल में इतना अधिक लवण है कि स्नान के बाद आदमी तरोताजा अनुभव नही करता | उसके लिए पुन: स्वच्छ जल में स्नान करना आवश्यक हो जाता...