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Showing posts from December, 2017

मनोरम पर्वतीय स्थल ऊटी के पर्यटन स्थल | Ooty Tour Guide in Hindi

मनोरम पर्वतीय स्थल ऊटी के पर्यटन स्थल | Ooty Tour Guide in Hindi समुद्र तल से 7500 फीट की उंचाई पर स्थित ऊटी (Ooty) भारत का एक सुंदर पर्वतीय स्थल है | पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र ऊटी (Ooty) तमिलनाडू में नीलगिरी की पहाडियों में स्थित है | पर्वतीय प्राकृतिक सुन्दरता के कारण इसे पहाड़ो की रानी कहा जाता है | ऊटी के निकट ही दो ओर छोटे पर्वतीय स्थल है कुन्नूर और कोटागिरी | ऊटी के निकटतम रेलवे स्टेशन मेट्टूयलायम से ऊटी तक पर्वतीय रेल यात्रा बहुत ही आनन्ददायक है | चाय बागानों और पर्वतीय हरियाली का नजारा लेते हुए 4 घंटे का सफर बहुत ही सुखद प्रतीत होता है | आकर्षक और खुबसुरत प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण नीलगिरी की पर्वतीय सुन्दरता पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर लेती है | ऊटी या ऊटकुंड 36 वर्ग किमी में फैला है | यहाँ चारो ओर नेत्र सुखद हरियाली ही हरियाली नजर आती है | यहाँ झरने और झीले है चाय और कॉफ़ी के बागान है | इस पहाडी का नाम नीलगिरी इसलिए पड़ा , क्योंकि अमेरिका के ग्रेट स्मोकीज पहाड़ो पर रहने वाले कुहरे की तरह यहाँ भी नीला कुहरा छाया रहता है | इस पहाडी जिले में कई आदिवासी जनजातियाँ रहती ह...

मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल | Manali Tour Guide in Hindi

बर्फीली सुन्दरता की रानी मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल | Manali Tour Guide in Hindi हिमाचल प्रदेश में कुल्लू घाटी के पूर्वी छोर पर 2050 मीटर की ऊँचाई पर स्तिथ मनाली (Manali) को “बर्फीली सुन्दरता की रानी” कहा जाए तो अनुचित न होगा | चीड़ और देवदार वृक्षों से घिरी मनाली सर्पीले रास्ते , आसमान छूती बर्फ से ढंकी पर्वतों की चोटियों और पहाड़ो के बीच से निकलते झरने सैलानियों का बरबस मन मोह लेते है |आउटडोर शूटिंग के लिए इससे सुंदर स्थल कही नही है | यहाँ फिल्मो की शूटिंग होती ही रहती है | बर्फीले खेल भी होते रहते है | स्किंग , पैराग्लाइडिंग और पर्वतारोहण के शौक़ीन युवको के लिए मनाली (Manali) सर्वोत्तम स्थान है | यहाँ कई ट्रेकिंग मार्गो का आधार भी है | Sking और हेली स्कीइंग के लिए सोलंग की ढलाने दुनिया की सर्वोत्तम प्राकृतिक ढलानों में गिनी जाती है | मनाली (Manali) में अनेक दर्शनीय स्थल है उनके बारे में आपको विस्तार से बताते है | मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल | Manali Tour Guide in Hindi हिडिम्बा मन्दिर मुख्य बस अड्डे से 1 किमी की चढाई के बाद डूंगरी देवी वन क्षेत्र में पगोडा शैली से निर्मित इ...

पांडिचेरी के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pondicherry Tour Guide in Hindi

पांडिचेरी के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pondicherry Tour Guide in Hindi समुद्र की गिरती-उठती तरंगे , मनोरम सागर तट , मनोहर प्राकृतिक सुन्दरता के साथ ही साथ भारत और फ़्रांसिसी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाली वाली प्राचीन और आधुनिक शैली की एतेहासिक इमारते देश विदेश के पर्यटकों को पांडिचेरी (Pondicherry) आने का निमन्त्रण देती है | चेन्नई से 162 किमी दूर दक्षिण पूर्व कोरोमंडल तट पर स्थित पांडिचेरी भारत का केंद्रशासित प्रदेश है | पुराने जमाने में इसे पोडे , पुंडचीरा तथा वेद्पुरी कहा जाता था | पल्लव और चोल सम्राटो ने अलग अलग समय में इस पर शासन किया था | सोलहवी शताब्दी के आरम्भ में गिंगी के नायक के शासनकाल में इसे पुलिचेरी उया पुच्छेरी के नाम से जाना जाता था | यह कभी रोमनो का मुख्य व्यापारिक केंद्र था | यहाँ 200 वर्ष पूर्व रोमन संस्कृति के अवशेष भी पाए गये है | कहा जाता है कि यहाँ भी अगस्त्य ऋषि का आश्रम था | पांडिचेरी (Pondicherry) का जो आधुनिक रूप है उसके निर्माण में फ्रांसीसी शासन का प्रमुख योगदान है | फ्रेकाल नामक  फ़्रांसिसी वास्तुविद ने आधुनिक पांडिचेरी के स्वरूप को विकसित किया था | सन 1673 ...

Kailash Satyarthi Biography in Hindi | कैलाश सत्यार्थी की जीवनी

Kailash Satyarthi Biography in Hindi | कैलाश सत्यार्थी की जीवनी कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi) का जन्म 11 जनवरी 1954 को मध्यप्रदेश के विदिशा में हुआ था | उनका पुश्तैनी घर विदिशा के काजीगली नन्दर किला में है | कैलाश सत्यार्थी बचपन से ही दुसरो के प्रति बेहद सहयोगी रहे है | जब वे केवल 11 साल के थे तब उन्होंने महसूस किया कि बहुत से बच्चे किताब न होने के कारण पढाई से वंचित रह जाते है इसलिए उन्होंने एक ठेला लिया और निकल पड़े कबाड़ी की तरह पुरानी किताबे इकट्ठा करने “फटी पुरानी किताबे दे दो किताबे” गलियों में आवाज लगा रहे थे तभी उनके किसी जानकार ने पुकार लिया “अरे भाई कैलाश तुम्हारे इतने बुरे दिन आ गये कि कबाड़ी का काम करने लगे” | कैलाश ने कहा “नही ऐसी कोई बात नही दिन तो मेरे बहुत अच्छे है ” | जानकार ने कहा “तो फिर कबाड़ी वाला काम क्यों कर रहे हो ?” |  कैलाश ने बताया कि ये कबाड़ी से पुरानी किताबे इकट्ठा करके गरीब बच्चों को बाँट देगा | कैलाश सत्यार्थी बचपन से ही संतोष और आत्मिक शान्ति से पेट भरने में विश्वास करते थे | कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satya...

भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा का रोचक इतिहास | Alam Ara History in Hindi

भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा का रोचक इतिहास | Alam Ara History in Hindi बोलती फिल्मो के प्रचलित होने से पहले कई दशको तक मूक फिल्मो का दौर रहा था | मूक फिल्मो के लिए अग्रेजी शब्द Movie का प्रयोग होता था जबकि बोलती फिल्मो को Talkie कहा जाने लगा | वह 14 मार्च 1931 का दिन था जब बम्बई के Majestic Cinema में भारत की पहली सवाक फिल्म आलम आरा का प्रदर्शन होने जा रहा था और असंख्य दर्शक उक्त फिल्मालय की ओर दौड़े जा रहे थे | अजीब दृश्य था | दादा साहब फाल्के ने यदि देश में फिल्म निर्माण आरम्भ किया तो पारसी सेठ आर्देशिर ईरानी ने उसे जुबान दी | आलम आराको देखने के लिए जबर्दस्त जन सैलाब उमड़ा था | यहाँ तक कि दर्शको को काबू में रखने के लिए लाठियाँ भांजनी पड़ी थी | आज “आलम आरा” (Alam Ara) का कोई दर्शक शायद ही धराधाम पर जीवित बचा हो | इस पहली बोलती फिल्म की भाषा को न तो शुद्ध हिंदी कहा जा सकता है और न शुद्ध उर्दू | यह मिली-जुली हिन्दुस्तानी थी जिसे पारसी शैली के नाटक लेखक नारायण प्रसाद बेताब ने दूध में घुली मिश्री की डली बताया था | मूक फिल्मो के दर्शक अब तो अपनी दृश्यशक्ति का उपयोग करके कथानक ...

Pollution का Solution है बायो डिग्रेडबल प्लास्टिक | Biodegradable Plastic Facts in Hindi

Pollution का Solution है बायो डिग्रेडबल प्लास्टिक | Biodegradable Plastic Facts in Hindi Plastic आज हमारा रोजाना की जिन्दगी में इस तरह शामिल हो चूका है कि इसके बिना हमारा काम नही चल सकता है | सब्जियाँ उठाने से लेकर हाई टेक गैजेट्स में इसका इस्तेमाल किया जाता है | सोचीय अगर आपको एक दिन बिना प्लास्टिक के गुजारना पड़े तो ? हर काम को करने से पहले आपको सोचना पड़ेगा कि कही आप उसमे प्लास्टिक की मदद तो नही ले रहे हो ? यही वजह है कि पर्यावरण पर इसके पड़ने वाले दुष्प्रभावो को जानते हुए भी इसका इस्तेमाल पुरी तरह बंद कर पाना सम्भव नही है | क्या है बायो प्लास्टिक Plastic के पर्यावरण पर बढ़ते दुष्प्रभावो के चलते पुरी दुनिया में इसके विकल्पों की तलाश होने लगी है | उसी तलाश का परिणाम आज बायो प्लास्टिक के रूप में सामने आया है | बायो प्लास्टिक प्राकृतिक रूप से आसानी से नष्ट हो जाने वाले प्लास्टिक है जिन्हें पाली लैक्टिक एसिड पॉलीमर से तैयार किया जाता है ये बिल्कुल पॉलिथीन के ही जैसे होते है | इनका निर्माण सब्जियों में मौजूद वसा ,तेल  ,कॉर्न और मटर में मौजूद स्टार्च से भी किया जा सकता है इसके आलावा सूक्ष्म श...