बहुत समय पहले की बात है | एक गाँव में दो भाई रहते थे | एक का नाम था धनपाल और दुसरे का नाम था सरजू | एक बार सरजू नौकरी की खोज में निकला | घूमते घूमते वह एक शहर में जा पहुचा | वहां उसकी भेंट एक सेठ से हुयी | सेठ को नौकर की आवश्यकता थी | सेठ ने कहा “नौकरी पर तो रख लूँगा , पर मेरी एक शर्त है” “कैसी शर्त , हुजुर !” सरजू ने पूछा | “यदि नौकरी छोडकर भागे तो कान कटवाने पड़ेंगे और साल भर का वेतन भी देना होगा ” सरजू ने उसकी शर्त स्वीकार कर ली | सेठ बहुत चालाक था | वह जान-बुझकर नौकरों से इतना काम लेता था कि वे नौकरी छोड़ देते और साथ में रूपये भी देते | बेचारा सरजू भी उसके जाल में फ़ंस गया | कुछ ही दिन में सेठ ने सरजू की नाक में डीएम कर दिया | सरजू ने सोचा “कान कटते तो कटे , पर जान तो बच जायेगी “| सेठ ने उससे नकद रुपया लिया | कान काटे और नौकरी से छुट्टी दे दी | सरजू लौटकर गाँव पहूचा | उसकी यह हालत देखकर धनपाल बहुत दुखी हुआ | सरजू ने रोते-रोते अपनी आपबीती सुनाई | धनपाल ने कहा “भैय्या ! मै आपके अपमान का बदला लूँगा | साथ ही सेठ को ऐसा सबक सिखाऊंगा कि आ...