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Showing posts from September, 2019

पिथौरागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pithoragarh Tour Guide in Hindi

पिथौरागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pithoragarh Tour Guide in Hindi भारत के उत्तरी सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ (Pithoragarh) समुद्रतल से 1650 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | इसे “सौर घाटी” के नाम से भी जाना जाता है | लगभग 10 किमी के दायरे में फ़ैली पिथौरागढ़ घाटी (Pithoragarh) में मनोरम प्राकृतिक छटाओ की भरमार है | कैलाश मानसरोवर झील का रास्ता यही से होकर गुजरता है | चन्द्रवंशीय राजाओं का इस पुरे इलाके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है | कत्युरी राजवंश की समाप्ति के साथ ही उनका इलाका छोटे छोटे टुकडो में बंट गया | इनमे एक क्षेत्र पिथौरागढ़ (Pithoragarh) भी था | यहाँ से चन्द्र और राइका शासक काफी शक्ति सम्पन्न थे | सत्ता संघर्ष के बाद उन्होंने उत्तरी क्षेत्र के सभी पहाड़ी जिलो पर अपना दबदबा कायम कर लिया | यहाँ तक कि उनके प्रभाव क्षेत्र में नेपाल ,तिब्बत और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से भी शामिल हो गये | यह क्षेत्र मध्यकाल में बेहद महत्वपूर्ण था | यहाँ आज भी प्राचीन इमारतो के खंडहर बीते हुए कल के वैभव के मौन साक्षी है | पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के दर्शनीय स्थल चंडाक – पिथौरागढ़ (Pithoragar...

माँडू के प्रमुख पर्यटन स्थल | Mandu Tour Guide in Hindi

माँडू के प्रमुख पर्यटन स्थल | Mandu Tour Guide in Hindi यद्यपि माँडू (Mandu) की यात्रा अन्य पर्यटन स्थलों की भांति सुविधाजनक एवं सहज नही है लेकिन माँडू की खूबसूरती और बाज बहादुर एवं रूपमती की प्रेमगाथाओ का रोमांच सफर की जटिलता को दूर कर देता है | आमतौर पर माँडू (Mandu) पहुचने वाले अधिकाँश पर्यटकों को इंदौर होकर जाना पड़ता है | इंदौर से थार और थार से माँडू तक की बस यात्रा काफी कठिन है लेकिन माँडू बस स्टैंड पर उतरते ही सफर की कठिनाई पयर्टको के मन से गायब हो जाती है | उस समय ऐसी अनुभूति होती है जो पर्यटकों को उत्साह से भर देती है | माँडू (Mandu) एतेहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है | यहाँ कदम-कदम पे एतेहासिक दर्शनीय स्थलों की भरमार है | जब सैलानियों को इन एतेहासिक धरोहर से जुडी कहानियों का पता चलता है तो वे प्रेम की महत्ता को समझकर भावविभोर हो उठते है | 45 किमी के दायरे में फ़ैली माँडू की शानदार पहाड़िया , हरे-भरे मैदान तथा ताड़ के बड़े बड़े पेड़ पर्यटकों को रोमांचित एवं मंत्रमुग्ध कर देते है | माँडू की खूबसूरती को देखक पर्यटक भ्रमित हो उठते है कि वे माँडू को कहा से देखना शुरू करे | इसी भ्रम स...

बीजापुर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bijapur Tour Guide in Hindi

बीजापुर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bijapur Tour Guide in Hindi बीजापुर (Bijapur) का नाम आते ही इतिहास के पन्ने आँखों के सामने पलटने लगते है चूँकि यह एक एतेहासिक शहर है अत: पर्यटन की दृष्टि से यहाँ देखने को बहुत कुछ है | किले है बाग़-बगीचे है महल है झरने है और आसपास पहाड़ी पर्यटन स्थल है | चालुक्य वंश के शासनकाल में इस जिले का नामकरण बीजापुर (Bijapur) हुआ | इससे पहले इसे विजयापुर के नाम से जानते थे अर्थात विजय का शहर | यही से इस शहर का नाम बीजापुर पड़ा | 13वी सदी में दिल्ली के सुल्तान अलाउदीन खिलजी ने बीजापुर पर कब्जा किया | यही से मुस्लिम प्रभाव में आया लेकिन बीदर के बहमनी शासको 1348 ई. में बीजापुर अपने अधीन कर लिया | 1481 ई. में बहमनी के सुल्तान मुहम्मद खां तृतीय ने युसूफ आदिल खां को बीजापुर का गर्वनर नियुक्त किया | 1489 ई. में आदिल खा ने अपने आप को स्वतंत्र घोषित किया और आदिलशाही वंश की स्थापना की | कर्नाटक का बीजापुर (Bijapur) जिला कलाप्रेमियो के लिए आकर्षण का केंद्र है | आदिलशाही वंश के दौरान बीजापुर की भवन स्थापत्य कला उन्नति के चरम पर थी | बीजापुर (Bijapur) में उत्कृष्ट स्थापत्य शैली म...

जलमहल , पिछोला झील में बीच बना खुबसुरत महल | Taj Lake Palace Guide in Hindi

जलमहल , पिछोला झील में बीच बना खुबसुरत महल | Taj Lake Palace Guide in Hindi लेक पैलेस (Lake Palace Udaipur) [पूर्व में जग निवास Jag Niwas ] एक लक्ज़री होटल है जिसमे सफ़ेद संगमरमर की दीवारों से बने 83 कमरे और सुइट है | लेक पैलेस (Lake Palace Udaipur) पिछोला झील में एक टापू पर बना और 4 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है | इस होटल में मेहमानों को लाने ले जाने के लिए स्पीड बोट का इस्तमाल किया जाता है | इसे भारत और विश्ब के सबसे रोमांटिक होटल में गिना जाता है | लेक पैलेस (Lake Palace Udaipur) का निर्माण 1743 ईसवी से 1746 ईस्वी के बीच उदयपुर के 62वे महाराणा जगत सिंह द्वितीय के नेतृत्व में किया गया  | इसे इसके संस्थापक जगत सिंह के नाम पर पहले जग निवास कहते थे | यह महल  को यहा के निवासियों द्वारा हिन्दू देवता सूर्यदेव की पूजा करने के कारण पूर्व दिशा में बनाया गया | इस वंश के शाषको ने आगे इसे समर रिसोर्ट के लिए उपयोग लेना शुरू कर दिया | इसके उपर के कमरे घुमावदार बने हुए है जो 21 फीट के व्यास में बने हुए है | इसका फर्श काले और सफेद संगमरमर से और दीवारे आभुषण जडित रन बिरंगे पत्थरों से बनी हुयी है | 1857 क...

औरंगाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल | Aurangabad Tour Guide in Hindi

औरंगाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल | Aurangabad Tour Guide in Hindi महाराष्ट्र के प्रसिद्ध एतेहासिक नगर औरंगाबाद (Aurangabad) की स्थापना 1610 ई. में गुलाम रह चुके एक हबशी मलिक अम्बर ने “खिड़की” नाम से की थी | उसके बाद 1626 ई. में मलिक अम्बर के पुत्र फतेह्खान ने इसका नाम बदलकर फतेहपुर रख दिया | मुगलकाल में शाहजहाँ के पुत्र औरंगजेब को जब दक्षिण का सूबेदार नियुक्त किया गया तो 1653 ई. में उसने शहर को दक्षिण की राजधानी घोषित करते हुए औरंगाबाद (Aurangabad) नाम दिया | चारो ओर पहाडियों से घिरा हुआ आज औरंगाबाद (Aurangabad) एक खुबसुरत शहर है | यहाँ की औद्योगिक प्रगति को देखते हुए अब इसे महानगर की श्रेणी में रखा जा रहा है | “52 दरवाजो वाले शहर” के नाम से मशहूर इस शहर का अपना पुराना आकर्षण और सौन्दर्य आज भी बरकारर है | यहाँ की चौड़ी चौड़ी साफ़-सुथरी सड़को , फव्वारों से सुज्ज्जित चौराहे और अनेक दर्शनीय स्थल सैलानियों को आकर्षित करते है | यहाँ की एतिहासिक धरोहरों पर पाषाणकाल से चले आये राजवंशो की कलात्मक अभिरुचि की छाप साफ़ दिखाई देती है | औरंगाबाद (Aurangabad) के प्रमुख दर्शनीय स्थल और...

बैंगलोर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bangalore Tour Guide in Hindi

बैंगलोर के प्रमुख पर्यटन स्थल | Bangalore Tour Guide in Hindi प्राचीन परम्परा , प्राकृतिक सौन्दर्य और आधुनिकता का अनोखा संगम बैंगलोर (Bangalore) , कर्नाटक की राजधानी एवं पर्यटन की दृष्टि से हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है | देश का 5वा महानगर बैंगलोर (Bengaluru) अपने आकर्षक बागो के लिए मशहूर है | यहाँ की सड़को के दोनों ओर कतार में लगे हुए हरे-भरे पेड़ ,बड़ी-बड़ी भव्य इमारते और सजे-धजे बाजार पर्यटकों का मन अनायास ही मोह लेते है | भारत की Silicon Valley कहे जाने वाले बैंगलोर (Bengaluru) ने आज भी अपनी खूबसूरती को नही खोया है | यहाँ के प्राचीन किले और मन्दिर आज भी इस शहर की वैभवशाली स्थापत्य कला की निशानी के तौर पर सुरक्षित है | बैंगलोर (Bangalore) की स्थापना का श्रेय विजयनगर के एक सेनापति कैमगोंडा को जाता है | कैमगोंडा पहला व्यक्ति था जिसने 1537 में इस शहर की नींव डाली और शहर के चारो ओर निगरानी मीनार (Tower) बनाकर इस शहर की सीमा तय कर दी जबकि आज का बैंगलोर (Bangalore) उससे कही ज्यादा विस्तार पा चूका है | परम्परा के अनुरूप विख्यात इस शहर के आस-पास और भी अनेक दर्शनीय स्थल है जो इस प्रकार है | बंगल...

पियानो के आविष्कार की रोचक कहानी | Piano Invention History in Hindi

पियानो के आविष्कार की रोचक कहानी | Piano Invention History in Hindi Piano एक कमाल का Music Instrument है जिसे उंगलियों की मदद से एक साथ Soft और Hard Music बजाया जाता है | इसके अविष्कार का श्रेय Italy के Bartolomeo Cristofori को दिया जाता है लेकिन आजीवन उन्हें इसका श्रेय नही मिला | क्रिस्टोफरी (Bartolomeo Cristofori ) के जीवन के सबसे बड़े अविष्कारों में पियानो एक है जो एक ऐसा वाद्ययंत्र है जिसे हथौड़ा पद्दति का इस्तेमाल करते हुए संगीत मी मधुर एवं तेज ध्वनियाँ पैदा की जा सकती थी | इस वाद्ययन्त्र का शुरू में नाम हापिसकार्ड रखा था जो बाद में बदलकर पियानो हो गया था | पियानो के अविष्कारक बार्टोलोमियो (Bartolomeo Cristofori ) का जन्म 04 मई 1655 को इटली में हुआ था | क्रिस्टोफरे ने 1709 में पियानो का आविष्कार किया था | वर्ष 1711 तक उन्होंने चार पियानो बना लिए थे | आइये अब आपको पियानो के अविष्कार से जुडी रोचक कहानी बताते है | पियानो (Piano) के अविष्कार की रोचक कहानी क्रिस्टोफरी (Bartolomeo Cristofori) एक अंसतुष्ट संगीतकार थे | वे संगीत पर अपनी हाथो का नियन्त्रण चाहते थे तो उन्होंने म्यूजिक Generat...

अल्मोड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थल | Almora Tour Guide in Hindi

अल्मोड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थल | Almora Tour Guide in Hindi हिमालय पर्वत श्रुंखला पर घोड़े की विशाल नाल के आकार में बसा अल्मोड़ा (Almora) शहर के एतेहासिक नगर है जिसका प्रमाण यहाँ पर बने विभिन्न नये और पुराने मन्दिरों में देखने को मिलता है | अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य और खुशगवार मौसम यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए लाजवाब है | अल्मोड़ा का इतिहास | Almora History in Hindi 8वी सदी से लेकर 16वी सदी तक यहाँ चन्द्रवंशीय राजाओ का शासन था | 1790 में अल्मोड़ा (Almora) गोरखों के अधिकार क्षेत्र में रहा जिन्होंने लगभग 25 सालो तक राज किया | 1815 में यह अंग्रेजो के अधिकार में आ गया | नगर के पूर्वी भाग में गोरखों द्वारा बनाया गया किला और चन्द्र राजाओं द्वारा बनवाये गये किले , महल एवं मन्दिर उस समय के वास्तुशिल्प की झलक आज भी दर्शाते है | यह नगर आज भी अपने प्राचीन स्वरूप को संजोये हुए है | अल्मोड़ा (Almora) का स्थानीय बाजार और गलियाँ , गोलाई लिए हुए लकड़ी की खिडकियों वाली इमारते पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है | यहाँ के कारीगर ताम्बे की चीजे बनाने में आज भी अपने पारम्परिक तरीको का इस्तेमाल करते है |...

पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pachmarhi Tour Guide in Hindi

पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल | Pachmarhi Tour Guide in Hindi सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच स्थित पचमढ़ी ( Pachmarhi ) मध्यप्रदेश का कश्मीर कहलाता है | चारो ओर हरियाली , ऊँची-ऊँची चट्टाने , गहरी खाइया , पानी के झरने बरसस ही पचमढ़ी ( Pachmarhi ) आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेते है | अंग्रेज शासको ने गर्मी से बचने के लिए इस पहाड़ी स्थल को विकसित किया था | पर्यटकों की बढती भीड़ को देखते हुए लगता है कि शांत माहौल की तलाश और कुछ समय यहाँ गुजारने की उनकी इच्छा पचमढ़ी में पुरी होती है | जब से फिल्मो की शूटिंग यहाँ होने लगी है तब से इस कस्बे में चहल-पहल ओर बढी है | साल का आखिरी दिन पचमढ़ी ( Pachmarhi ) में गुजारने लोग यहाँ खूब आते है | जो सर्दी में भी रोमांच ढूंढते नये साल का सूरज यहाँ उगते देखकर ही वापस जाते है | पचमढ़ी ( Pachmarhi ) के पर्यटन स्थल जटाशंकर – पचमढ़ी बस स्टैंड से 15 किमी दूर जटाशंकर मूलतः एक गुफा है जिसके भीतर सीढियों से गुजरकर जाना पड़ता है | बीचोबीच सीढ़ियाँ इतनी सँकरी है कि झुककर लगभग घसीटते हुए चलना पड़ता है | 4 हिस्सों में बंटी इस गुफा में निरंतर बहती जलधारा इस गुफा की विशेषता है जिसका ...

बडौदरा के प्रमुख दर्शनीय स्थल | Vadodara Tour Guide in Hindi

बडौदरा के प्रमुख दर्शनीय स्थल | Vadodara Tour Guide in Hindi बडौदरा (Vadodara) एक प्राचीन एतेहासिक दर्शनीय स्थल है | पहले इसे बडौदा के नाम से जाना जाता था को कभी गायकवाड रियासत की राजधानी था | बताया जाता है कि इस शहर की स्थापना पहली शताब्दी में हुयी थी | खुबसुरत भव्य इमारतो और बागो वाला बडौदरा (Vadodara) अपनी सुन्दरता के लिए सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है | बडौदरा (Vadodara) के दर्शनीय स्थल प्रताप विलास महल – यह भवन राजपरिवार के निवास के रूप में बनाया गया था जो कि स्थापत्य कला का खुबसुरत उदाहरण है | महल में प्राचीन हथियारों ,संगमरमर ,कांस्य , टेराकोटा की मूर्तियों का अनोखा संग्रह देखने लायक है | वर्तमान में यह भवन भारतीय रेलवे स्टाफ कॉलेज के रूप में है | नजर बाग़ महल – गायकवाड राजाओ की पुरानी कलात्मक शैली में बने इस महल का उपयोग तक राज-परिवार द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता था | इसे अब राज-परिवार के उत्तराधिकारी अपने आवास के तौर पर उपयोग करते है | लक्ष्मी विलास महल – यह महल प्राचीन शिल्पकला की अनोखी मिसाल है | सफेद संगमरमर ,शीशे ,लकड़ी एवं कलात्मक...

सिटी पैलेस - 400 वर्षो से मेंवाड़ राजवंश का गढ़ | City Palace Udaipur Guide in Hindi

सिटी पैलेस – 400 वर्षो से मेंवाड़ राजवंश का गढ़ | City Palace Udaipur Guide in Hindi सिटी पैलेस (City Palace Udaipur) पिछोला झील के किनारे में स्थित एक दर्शनीय स्थान है | इस महल का निर्माण महाराणा उदय सिंह Maharana Udai Singh II ने 1559 ईस्वी से शुर करवाया था जिसे बाद के महाराणाओ ने इसमें ओर महल जोडकर इस जगह को को एक अनोखा महल बनाया | सिटी पैलेस (City Palace Udaipur) में प्रवेश के लिए प्रथम द्वार “हाथी पोल” है | उसके बाद “बड़ी पोल” से होते हुए “त्रिपोलिया गेट” तक पहुचते है जिसका निर्माण 1725 ईस्वी में हुआ था | पहले एक रीती रिवाज के अनुसार द्वार में प्रवेश करने से पूर्व महाराणा को उनके बराबर के सोने चांदी से तोला जाता था जो आम जनता में बाट दिया जाता था | सूरज गोखड़ा वो जगह है जहा से महाराणा मुश्किल समय में आम जनता की फरियाद सुनते थे | मोर चौक का नाम इसके नीले पच्चीकारी की वजह से दिया गया | सिटी पैलेस (City Palace Udaipur) के मुख्य भाग को संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया जिसमे विशाल और अलग अलग प्रकार की कलाकृतिया सजी हुयी है मुख्य द्वार से नीचे की तरफ शस्त्रागार संग्रहालय है जिसमे सुरक...

कोडैकनाल के प्रमुख पर्यटन स्थल | Kodaikanal Tour Guide in Hindi

कोडैकनाल के प्रमुख पर्यटन स्थल | Kodaikanal Tour Guide in Hindi पलानी की पहाडियों में बसा , समुद्रतल से 2133 मीटर की ऊँचाई पर स्थित कोडैकनाल (Kodaikanal) शांत और प्रदूषण रहित पहाड़ी पर्यटन स्थल है | सघन वनों वाली खुबसुरत पहाडियों , रूमानी झरने , जादू सा जगाती झील और खुशनुमा वातावरण देख यहाँ आने वाले पर्यटक मन्त्रमुग्ध हुए बिना नही रह सकते | यहाँ पर कीरंजी नामक अनूठी किस्म का पौधा पाया जाता है जो 12 वर्ष में एक बार खिलता है तथा उस समय कोडैकनाल (Kodaikanal) की सारी पहाडिया जामुनी रंग से सज जाती है | इसे भी पढ़े –  केरल राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य  कोडैकनाल (Kodaikanal) के दर्शनीय स्थल झील – यह कृत्रिम झील 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फ़ैली है | सितारे के आकार में बनी हरी-भरी घाटियो से घिरी यह झील पर्यटकों के लिए यहाँ का प्रमुख आकर्षण है | इस झील में नौका विहार करते पयर्टक खुद को किसी स्वप्नलोक में पहुचा हुआ पाते है | इसके पूर्वी भाग में ब्रायंट पार्क स्थित है जहां पर गुलाब की दुर्लभ प्रजातियाँ देखने को मिलती है | इस उद्यान में शीशे का एक ख़ास घर बनाया गया है जिसमे गुलाब के फूलो का स...

तिरुवंतपुरम के पर्यटन स्थल | Thiruvananthapuram Tour Guide in Hindi

तिरुवंतपुरम के पर्यटन स्थल | Thiruvananthapuram Tour Guide in Hindi केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) पहाडियों पर स्थित है | इस शहर को रिहायशी कॉलोनियो को देखकर रोम के किसी शहर में होने का आभास होता है | रमणीय घाटियाँ , नारियल के पेड़ो की कतारे और हरे-भरे मैदानों को अपने आगोश में समेटने को आतुर अरब सागर इस प्रदेश को अद्भुत रूमानी सौन्दर्य प्रदान करता है | कन्याकुमारी और रामेश्वरम जाने वाले पर्यटकों के लिए यह एक पडाव की तरह है | तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) के पर्यटन स्थल पद्मनाभ स्वामी मन्दिर – सात मंजिला यह मन्दिर इस शहर की पहचान तो है कि इसके अलावा यह ना केवल केरल का बल्कि पुरे भारत का सबसे अमीर मन्दिर है जहां दर्शनार्थी सबसे ज्यादा भेंट चढाते है | इस मन्दिर के स्तम्भों तथा पत्थर पर की गयी सुंदर नक्काशी और मनमोहक भित्तिचित्र देखने योग्य है | यह केरल और द्राविड वास्तुकला के मेल का अद्भुत नमूना है | शंकुमुघ्म बीच – यहाँ पर्यटक अधिकतर सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य देखने के लिए आना पसंद करते है | 3 बड़े हॉल एक लम्बे गलियारे से जुड़े है | इस भवन का इतिहास और वास...

Ahmedabad Tour Guide in Hindi | अहमदाबाद के पर्यटक स्थल

Ahmedabad Tour Guide in Hindi साबरमती के किनारे सन 1411 में सुल्तान अहमदशाह द्वारा बसाया गया अहमदाबाद (Ahmedabad) एक एतिहासिक एवं आधुनिक शहर है | यहाँ एतिहासिक एवं पुरातत्व महत्व की इमारतो , महलो , मकबरों के साथ हिन्दू-मुस्लिमो की साझा सांस्कृतिक विरासत का बेजोड़ सामंजस्य देखा जा सकता है | वर्तमान में अहमदाबाद (Ahmedabad) देश के बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है | कपड़ा मिलो की वजह से इसे “पूर्व का मेनचेस्टर” भी कहते है | यदि आप गुजरात के इस शहर में घुमने के लिए जा रहे है तो प्रदूषण और शोर के वातावरण का सामना करने के लिए तैयार रहे | स्वतंत्रता आन्दोलन के अगुआ रहे महात्मा गांधी के “गांधी आश्रम” और नमक कानून की वजह से भी अहमदाबाद (Ahmedabad) पर्यटकों को आकर्षित करता है | आइये आपको अहमदाबाद (Ahmedabad) के उन पर्यटक स्थलों के बारे में विस्तार से बताते है जिसकी वजह से अहमदाबाद प्रसिद्ध है | अहमदाबाद (Ahmedabad) के पर्यटन स्थल झूलती मीनारे – सिद्दि बशीर की झूलती मीनारे मुस्लिम स्थापत्य शिल्पकला के अद्भुत उदाहरण है | दूर से दिखने वाली मीनारों की विशेषता यह है कि एक प...

कोच्चि (कोचीन) के प्रमुख पर्यटन स्थल | Kochi (Cochin) Tour Guide in Hindi

Kochi (Cochin) Tour Guide in Hindi कोच्चि शहर (Kochi) को आज भी लोग कोचीन के नाम से अधिक जानते है जो केरल की व्यापारिक राजधानी है और विश्व के कुछ गिने-चुने सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक बंदरगाहो में से एक है | यहाँ से कई जहाज विदेशी बन्दरगाहो तक काली मिर्च , समुद्री भोजन , रबड़ , नारियल और जुट आदि पहुचाने के लिए यात्रा करते है | कोच्चि (Kochi) बेहद प्राचीन बंदरगाह है | यहाँ के राजा-महाराजा पुराने समय से ही व्यापारिक वस्तुओ के साथ साथ विदेशी व्यापारियों से संस्कृति एवं विचारो का भी आदान-प्रदान करते रहे है | Read: केरल राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य  अरब ,चीन ,डच , अंग्रेज और पुर्तगाली आदि सभी को कोचीन (Kochi) ने अपनी ओर आकर्षित किया था इसलिए इस शहर पर इन सभी संस्कृतियों की मिली-जुली छाप देखने को मिलती है | विशेष प्रकार से लगाये गये मछली पकड़ने के चीनी जाल , यहूदियों के उपासनागृह , डचो द्वारा बनाये गये महल , पुर्तगाली वास्तुकला और अंग्रेजी प्रभाव सभी को केरल की कला एवं संस्कृति ने बेहद कुशलता से खुद को समाहित कर एक सूत्र में पिरोया है | अरब महासागर के किनारे बसी इस नगरी को “अरब सागर की रानी...

पटना के प्रमुख पर्यटन स्थल | Patna Tour Guide in Hindi

Patna Tour Guide in Hindi पटना (Patna) शहर आज जहां पर स्तिथ है वहां कभी सुप्रसिद्ध एतेहासिक शहर पाटलीपुत्र था जिसने भारत के विश्वविख्यात साम्राज्य का उत्थान एवं पतन देखा था | ईसा पूर्व छठी शताब्दी से ईस्वी छठी शताब्दी तक इसकी गौरव गाथाये चारो दिशा में फ़ैली रही | मगध साम्राज्य के द्वितीय प्रतापी राजा अजातशत्रु ने गंगा और सोन नदी के संगम पर एक छोटा सा पाटलीग्राम बनवाया | यही किला बाद में मौर्यों के काल में सुप्रसिद्ध मुख्यालय बना जहां से चन्द्रगुप्त मौर्य एवं उनके वंशज अशोक महान ने शासन किया | आइये अब आपको पटना (Patna) के दर्शनीय स्थलों के बारे में बताते है | Read –  बिहार राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य पटना (Patna) के दर्शनीय स्थल गोलघर – मधुमक्खी के छते की तरह का आकार लिए हुए यह विशाल गोलघर दूर से ही पटना भ्रमण करने वालो को दिख जाता है | यहाँ लिखे दो अभिलेखों के अनुसार 1770 में आये भयानक अकाल के बाद राजकीय अन्न भंडार (गोदाम) की जरूरत महसूस की गयी थी | इसी का परिणाम था कि गोलघर 1786 में बनकर तैयार हुआ जिसे Captain John Garsitan ने बनवाया था | इस गोलघर की ऊँचाई 29 मीटर है और च...

दूरदर्शन के 60 वर्षो का रोचक इतिहास | Doordarshan History in Hindi

Doordarshan History in Hindi आज आपके घर में सैकड़ो टीवी चैनल्स उपलब्ध होंगे लेकिन एक समय था जब देश में सिर्फ एक चैनल हुआ करता था “दूरदर्शन” | आपको पता होना चाहिए कि 1959 में 15 सितम्बर के दिन ही अपने देश में टेलिविज़न प्रसारण की शुरुवात हुयी थी | बीते 15 सितम्बर को भारतीय लोक सेवा प्रसारण के 60 वर्ष पुरे हो गये है | शायद आपको पता हो कि इसकी शुरुवात एक अस्थायी स्टूडियो से हुयी थी तब इसके प्रसारण के लिए UNESCO ने 20 हजार डॉलर और 180 Phillips के टीवी सेट दिया थे | आइये अब आपको दूरदर्शन के रोचक इतिहास के बारे में विस्तार से बताते है | 01 देश में टीवी का इतिहास अपने देश में टेलिविज़न का इतिहास भी दूरदर्शन से ही शुरू होता है | दूरदर्शन को भारत सरकार द्वारा नामित प्रसार भारती के अंतर्गत चलाया जाता है | जब दूरदर्शन की शुरुवात हुयी थी उस समय का प्रसारण हफ्ते में सिर्फ तीन दिन आधा-आधा घंटे होता था | शुरू में इसका नाम टेलिविज़न इंडिया दिया गया था | बाद में वर्ष 1975 में इसका हिंदी नामकरण दूरदर्शन नाम से किया गया | शुरुवात में इसके दायरे में दिल्ली के आसपास के सिर्फ 40 किमी तक के इलाके थे |...

भक्ति आन्दोलन के प्रमुख सन्त और उनकी धारणाये | Bhakti Movement Saints Biography in Hindi

हिन्दू धर्म के अंतर्गत उत्पन्न भक्ति आन्दोलन मध्य युग के धार्मिक जीवन की एक महान विशेषता थी | भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तकों ने जाति प्रथा का विरोध किया , मूर्ति पूजा को आवश्यक नही बताया और एकेश्वरवाद का समर्थन किया | भक्ति आन्दोलन का विकास 7वी और 12वी शताब्दियों के बीच दक्षिण भारत में हुआ | शैव नयनारो और वैष्णव अलवारो ने मुक्ति के लिए ईश्वर की वैयक्तिक भक्ति पर जोर दिया | इस आन्दोलन का प्रमुख प्रचारक शंकराचार्य माने जाते है | यह हिन्दुओ का सुधारवादी आन्दोलन था | आइये भक्ति आन्दोलन के प्रमुख संतो के बारे में आपको विस्तार से बताते है | शंकराचार्य शंकराचार्य का जन्म पुरना नदी के किनारे कालदी (मालाबार ,केरल) नामक स्थान पर 788 ई. में हुआ था | उन्हें प्रच्छन बौद्ध भी कहा गया है क्योंकि उन पर बौद्ध धर्म के शून्यवाद का प्रभाव था | उन्होंने ज्ञान मार्ग के अंतर्गत निर्गुण ब्रह्म की उपासना पर बल दिया और अद्वैतवाद दर्शन (जो दो न हो) प्रतिपादित किया था | शंकराचार्य ने बद्रीनाथ में ज्योति पीठ , द्वारिका में शारदा पीठ , पुरी में गोवर्द्धन पीठ एवं मैसूर में श्रुन्गेरी पीठ की स्थापना की थी | रामानुजाचार्...

चंपारण सत्याग्रह का इतिहास | Champaran Satyagraha History in Hindi

Champaran Satyagraha History in Hindi किसान संघर्ष एवं आंदोलनों को राष्ट्रीय आन्दोलन के साथ जोड़ने का श्रेय मुख्य रूप से महात्मा गांधी को जाता है | उनके नेतृत्व में ही भारतीय जनमानस अखिल भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की ओर अग्रसर हुआ | गांधीजी के नेतृत्व में दो प्रांरभिक सफल किसानो आंदोलनों ने गांधीजी को राष्ट्रीय मंच के केंद्र में ला दिया | भारत में गांधीजी के नेतृत्व में किया गया प्रथम किसान सत्याग्रह चम्पारण सत्याग्रह था | आइये इस सत्याग्रह के घटनाक्रम के बारे में आपको विस्तार से बताते है | चम्पारण (बिहार) के किसानो से अंग्रेज बागान ,मालिको ने एक करार कर रखा था जिसके अंतर्गत किसानो को अपने कृषिजन्य क्षेत्र के 3/20 वे भाग पर नील की खेती करनी होती थी | ईस पद्धति को तिनकठिया पद्धति के नाम से जाना जाता है | 19वी सदी के अंतिम दिनों में रासायनिक रंगो की खोज और उसके प्रचलन से नील के बाजार में गिरावट आने लगी , जिससे नील बागान मालिक चंपारण क्षेत्र के अपने नील कारखानों को बंद करने लगे | करार या समझौता जो किसानो को किया गया था से मुक्त करने के लिए अंग्रेज बागान मालिको ने भारी लगान की मांग की परिणामस...

ब्रिटिश भारत के गर्वनर जनरल एवं वायसराय की सूची | List of Governors General of India in Hindi

List of Governors General of India in Hindi ईस्ट इंडिया कम्पनी ने सबसे पहले भारत पर राज करने के लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त किये थे जिन्हें गर्वनर जनरल कहा जाता था | उनका मुख्य कार्य प्रशासन और देश के प्रमुख फैसले लेना था | वर्तमान में राष्ट्रपति के पास जो शक्तियाँ है वो गर्वनर जनरल के पास थी उसी प्रकार उस दौर में राजा के पास जो शक्तियाँ थी वो प्रधानमंत्री के पास है | आइये आपको भारत के गर्वनर जनरल और उनके कार्यो के बारे में विस्तार से बताते है | रोबर्ट क्लाइव (1757-1785) रोबर्ट क्लाइव भारत का पहला गर्वनर जनरल था | अवध के नवाब शुजादुओल्ला एवं शाह आलम के साथ 1765 में इलाहाबाद की संधि हुयी | बक्सर कस युद्ध इसी के शासनकाल में लड़ा गया | वारेन हेस्टिंग्स (1773-1785) भारत का प्रथम गर्वनर जनरल भारत में न्यायिक सेवा का जन्मदाता प्रथम गर्वनर जनरल जिस पर इंग्लैंड लौटने का महाभियोग चलाया गया | 1784 में विलियम जॉन के साथ मिलकर एशियाटिक सोसायटी की स्थापना | लार्ड कार्नावालिस (1786-1793) भारत में सिविल सेवा का जनक इसने बंगाल एवं बिहार में स्थायी बन्दोबस्त लागू किया | मृत्यु उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में ...

भारत की प्रमुख नदियाँ और उनका अपवाह तन्त्र | List of Rivers of India in Hindi

List of Rivers of India in Hindi भारत की नदियाँ भारतवासियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है | भारत की नदियों से पीने का पानी, सस्ता परिवहन , बिजली सहित सम्पूर्ण देश के कई लोगो का रोजगार चलता है | यही कारण है कि देश के सभी बड़े मुख्य शहर नदियों के किनारे बसे हुए है | हिन्दू धर्म में नदियों की पूजा की जाती है और उनके पवित्र पानी को घरो में रखा जाता है | आइये अब आपको भारत की प्रमुख नदियों के बारे में विस्तार से बताते है | हिमालय का अपवाह सिन्धु तन्त्र सिन्धु एवं उसकी सहायक नदियाँ है झेलम, चिनाब , रावी ,व्यास ,सतलज , जास्कर , गोमल ,द्रास , श्योक , शिगार , कुर्रम , काबुल और गिलगित | सिन्धु तिब्बत के मानसरोवर झील के निकट चेम्यांगडुंग ग्लेशियर से निकलती है सिन्धु कराची के पूर्व अरब सागर में गिरती है | सिन्धु में बांयी तरफ से मिलने वाली सहयोगी नदियाँ – श्लोक , काबुल , शिगार और गिलगिट | झेलम – यह पीरपंजाल पर्वत में स्थित शेषनाग झील से निकलकर वुलर झील में मिलती है | झेलम और रावी पाकिस्तान में चिनाब नदी में मिल जाती है | चिनाब- यह सिन्धु की सहायक नदी है जो हिमाचल में चन्द्रभाग...