
पटना (Patna) शहर आज जहां पर स्तिथ है वहां कभी सुप्रसिद्ध एतेहासिक शहर पाटलीपुत्र था जिसने भारत के विश्वविख्यात साम्राज्य का उत्थान एवं पतन देखा था | ईसा पूर्व छठी शताब्दी से ईस्वी छठी शताब्दी तक इसकी गौरव गाथाये चारो दिशा में फ़ैली रही | मगध साम्राज्य के द्वितीय प्रतापी राजा अजातशत्रु ने गंगा और सोन नदी के संगम पर एक छोटा सा पाटलीग्राम बनवाया | यही किला बाद में मौर्यों के काल में सुप्रसिद्ध मुख्यालय बना जहां से चन्द्रगुप्त मौर्य एवं उनके वंशज अशोक महान ने शासन किया | आइये अब आपको पटना (Patna) के दर्शनीय स्थलों के बारे में बताते है |
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पटना (Patna) के दर्शनीय स्थल
गोलघर – मधुमक्खी के छते की तरह का आकार लिए हुए यह विशाल गोलघर दूर से ही पटना भ्रमण करने वालो को दिख जाता है | यहाँ लिखे दो अभिलेखों के अनुसार 1770 में आये भयानक अकाल के बाद राजकीय अन्न भंडार (गोदाम) की जरूरत महसूस की गयी थी | इसी का परिणाम था कि गोलघर 1786 में बनकर तैयार हुआ जिसे Captain John Garsitan ने बनवाया था | इस गोलघर की ऊँचाई 29 मीटर है और चारो तरह सीढ़िया बनी हुयी है जिससे गोलघर के उपरी शीर्ष पर पहुचा जा सकता है | गोलघर के उपर से गंगा और पटना (Patna) शहर को देखने का आनन्द ही कुछ ओर है |
शहीद स्मारक – पुराने सचिवालय के कम्पाउंड के सामने की ओर उन सात बहादुर युवाओं की आदमकद मुर्तिया विभिन्न मुद्राओं में है जो सन 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के एतेहासिक संघर्ष में अंग्रेजो की गोलियों को सीने पर झेलते हुए शहीद हो गये थे |
खुदाबक्श पुस्तकालय – इस राष्ट्रीय पुस्तकालय में अरबी , फारसी , उर्दू , संस्कृत , तुकी , पश्तो आदि भाषाओ की अमूल्य पांडूलिपियों को संग्रहित किया गया है |
पटना (Patna) के एतेहासिक पर्यटन स्थल
- कुम्हरार – मौर्य दौर का एतेहासिक स्थल
- दीदारगंज यक्षी – मौर्य कला का अद्भुत नमूना
- अगम कुआं – प्राचीन इतिहास के पुरातात्विक अवशेषों में से यह स्थान सबसे महत्वपूर्ण है | यह गुलजार बाग़ रेलव स्टेशन के बिल्कुल समीप है | इसके आलावा हरमिंदर मन्दिर , जलान संग्रहालय , कुम्हरार , पत्थर की मस्जिद , चिड़ियाघर , महात्मा गांधी सेतु , पादरी के हवेली आदि यहाँ अन्य दर्शनीय स्थल है |
- चौसागढ़ – यही पर शेरशाह ने हुमायूँ को हराया था
- बुलंदीबाग़
पटना (Patna) में स्थित धार्मिक स्थल
- महावीर मन्दिर – हनुमान जी का पवित्र मन्दिर
- पाटन देवी – भारत के 51 शक्तिपीठो में से एक
- काली मन्दिर
- बिडला मन्दिर
- तख्त हरमिंदर साहिब – सिख धर्म के पांच तख्तो में से एक
- गुरुद्वारा पहिला बारा – गुरुनानक देव पटना दौरे पर यही ठहरे थे |
- गुरुद्वारा गोविन्द घाट – यही बालक गुरु गोविन्द क्रीडा करते थे
- गुरुद्वारा गुरु का बाग़ – गुरु गोविन्द सिंह जी के जन्म स्थल से 2 मील दूर |
- गुरुद्वारा बाल लीला – मैनी संगत के नाम से प्रसिद्ध
- गुरुद्वारा हांडी साहिब – गुरु तेगबहादुर की स्मृति में निर्मित
- पत्थर की मस्जिद – गंगा नदी के किनारे स्तिथ जहांगीर के पुत्र परवेज शाह द्वारा निर्मित |
- शेरशाह सुरी मस्जिद – शेरशाह सुरी द्वारा निर्मित अफगान कला का नमूना
- बिहार शरीफ
- पादरी की हवेली – बिहार का सबसे पुराना चर्च
- कमलदाह जैन मन्दिर – पटना का सबसे प्राचीन जैन मन्दिर
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