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Showing posts from December, 2015

Shimla History in Hindi | शिमला का रोचक इतिहास

History and Places to Visit in Shimla Shimla में बादलो से भरे पहाड़ , मनमोहक हरियाली और सुंदर झीले आपका स्वागत करेगी | भारत में शिमला हिमाचल प्रदेश की सबसे खुबसुरत जगह और सबसे ज्यादा घुमा जाने वाला पर्यटन स्थल है | इसे अपनी सुंदर पहाडियों के कारण पहाडियों की रानी भी कहते है | 18वी सदी में शिमला शहर का अधिकतर हिस्सा घने जंगलो से भरा हुआ था | उस शिमला में एकमात्र सभ्यता जाखू मंदिर और बिखरे हुए घर थे | इस जगह का नाम शिमला देवी काली की अवतार हिन्दू देवी “श्यामला देवी” के नाम पर रखा गया | Shimla History in Hindi | शिमला का रोचक इतिहास 1806 में वर्तमान Shimla का अधिकतर हिस्सा नेपाल के भीमसेन थापा ने अपने कब्जे में ले लिया था | 1814–16 में हुए एंग्लो- नेपाली युद्ध में सुगौली संधि के मुताबिक इस प्रदेश पर ब्रिटिश East India Company का कब्जा हो गया |Gerard brothers ने 1817 में इस जगह के बारे में अपनी डायरी में जिक्र किया जिसमे उसके सर्वेक्षण के अनुसार Shimla एक छोटा गाँव था जिसमे एक फ़कीर राहगीरों को पानी पिलाता था | 1819 में Lieutenant Ross , जो कि इस जगह का सहायक राजनितिक प्रतिनिधि...

चन्द्रगुप्त मौर्य की जीवनी एवं इतिहास | Chandragupta Maurya History in Hindi

चन्द्रगुप्त मौर्य का इतिहास | Chandragupta Maurya History in Hindi चन्द्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya ), मौर्य साम्राज्य के संस्थापक और अखंड भारत निर्माण करने वाले प्रथम सम्राट थे | उन्होंने 324 ई. पूर्व तक राज किया और बाद में बिन्दुसार ने मौर्य साम्राज्य की कमान संभाली थी | चन्द्रगुप्त मौर्य भारत के इतिहास में एक निर्णायक सम्राट था | उसने नन्द वंश के बढ़ते अत्याचारों को देखते हुए चाणक्य के साथ मिलकर नन्द वंश का नाश किया | उसने यूनानी साम्राज्य के सिकन्दर महान के पूर्वी क्षत्रपों को हराया और बाद में सिकन्दर के उत्तराधिकारी सेल्यूकस को हराया | यूनानी राजनयिक मेगास्थिनिज ने मौर्य इतिहास की काफी जानकारी दी| आइये अब आपको चन्द्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) के जीवन के बारे में विस्तार से बताते है चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रारम्भिक जीवन Early Life of Chandragupta Maurya 326 इसा पूर्व में जब सिकन्दर ने भारत पर आक्रमण किया था तब चन्द्रगुप्त किशोरावस्था में थे | सिकंदर ने Khyber Pass को पार कर राजा पुरु को हरा दिया था जबकि उसकी सेना बहुत बड़ी थी | उस समय राजा पुरु की सेना में 30 हाथी थे जिन्...

New Year Quotes in Hindi नववर्ष के बधाई सन्देश

New Year Quotes in Hindi New Year Quotes in Hindi – 1 गुल को गुलशान मुबारक हो, चाँद को चांदनी मुबारक हो , शायर को शायरी मुबारक को , आपको हमारी तरफ से नया साल मुबारक हो New Year Quotes in Hindi – 2 इस नये साल में , जो तू चाहे वो तेरा हो हर दिन खुबसुरत हो और राते रोशन हो कामयाबी चुमते रहे तेरे कदम हमेशा यार नया साल मुबारक हो तुझे मेरे यार New Year Quotes in Hindi -3 सब के दिलो में हो सबके लिए प्यार आने वाला हर दिन लाये खुशियों का त्यौहार इस उम्मीद के साथ आओ भूले सारे गम नये साल को हम सब करे वेलकम New Year Quotes in Hindi -4 भूल जाओ बीते हुए कल को , दिल में बसा लो आने वाले कल को मुस्कुराओं चाहे जो भी हो पल खुशिया लेकर आएगा आने वाला पल नये साल की ढेरो शुभकामनाये हजारो दुआओं , बेशुमार वफाओ अनगिनत मोहब्बतों,बेपनाह चाहतो और खुशियों के खजाने के साथ आपको नया साल मुबारक हो नया सवेरा एक नई किरण के साथ नया दिन एक प्यारी मुस्कान के साथ आपको नया साल मुबारक हो मेरी ढेर सारी दुआओं के साथ पुराना साल सबसे हो रहा है दूर क्या करे यही है कुदरत का दस्तूर बीती बात सोचकर उदास न हो तुम नये साल के जश...

Tenali Raman Stories in Hindi तेनाली राम की जीवनी और कहानिया

Tenali Raman Stories in Hindi तेनाली राम Tenali Raman 1509-1529 में विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में एक 1509-1529 था | अकबर के नवरत्नों की तरह तेनालीराम Tenali Raman भी राजा कृष्णदेव राय के दरबार के अष्टदिग्गज में से एक था | वो जन्म से शैव था लेकिन बाद में उसने वैष्णव धर्म अपना लिया और अपना नाम  रामकृष्ण कर दिया | शैव और वैष्णव उस समय में हिन्दू धर्म के दो विपरीत विपरीत संप्रदाय थे  | तेनाली राम Tenali Raman का जन्म 16 वी सदी के आरम्भ में तेलगु ब्राह्मण परिवार में हुआ था | ऐसा माना जाता है कि उनका जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के एक तेनाली नामक एक नगर में हुआ था | तेनाली के पिताजी गरलाप्रति रमय्या तेनाली नगर के रामालिंगेश्वर स्वामी मन्दिर में पुजारी थे | उसके पिता की मौत के बाद तेनाली राम को उसके चाचा ने पाला था | उसके जाति के धार्मिक रीती रिवाजो के कारण उन्हें शिक्षा नही दी गयी | Tenali Raman तेनाली राम “भगवत मेला” नाम के एक प्रसिद्ध मंडली के साथ विजयनगर पहुचे | उसके प्रदर्शन से प्रसन्न होकर कृष्णदेवराय ने उसे अपने दरबार में हास्य कवि के रूप में रख लिय...

Chanakya Biography in Hindi | आचार्य चाणक्य की जीवनी

Chanakya Biography in Hindi | आचार्य चाणक्य की जीवनी चाणक्य (Chanakya) का जन्म एक ब्रामण परिवार में हुआ था | उनके जन्मस्थान के बारे में अभी भी विवाद है और उनके जन्म को लेकर कई सिद्धांत प्रचलित है | बोद्ध ग्रन्थ महावमसा के अनुसार उनके जन्मस्थान तक्षशिला है , जैन शास्त्रों जैसे अद्बिध्न चिंतामणि में उनका नाम द्रमिला बताया गया है जो दक्षिण भारत से आये है | जैन लेखक हेमचन्द्र के परिस्शिष्टपर्वंम में चाणक्य का जन्म गोल्ला क्षेत्र का बताया है और उनके पिता का नाम चाणीन और माता का नाम चन्नेश्वरी बताया गया है | कुछ तथ्य चाणक्य (Chanakya) को उत्तरी भारत का बताते है जी भगवान विष्णु के भक्त थे | जैन शास्त्रो में चाणक्य बुजुर्गावस्था में चन्द्रगुप्त मौर्य की तरह जैन धर्म अपना लेते है | चाणक्य का प्रारम्भिक जीवन | Early Life of  Chanakya in Hindi इतिहास के महान कूटनीतिक एव राजीनीतिज्ञ चाणक्य (Chanakya) का जन्म ईसा पूर्व तीसरी या चौथी शताब्दी माना जाता है | उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और चन्द्रगुप्त को सम्राट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | उनके पिता का नाम चणक था जिसके कारण उनको चाणक्...

शक्तिमान , जो 90 के दशक के हर बच्चे की जुबान पर था नाम | Shaktimaan characters and Episodes

Shaktimaan characters and Episodes Shaktimaan शक्तिमान , टीवी पर प्रसारित होने वाला , एक काल्पनिक सुपरहीरो का नाम है | इस टीवी सीरियल को मुकेश खन्ना द्वारा निर्मित और दिनकर जानी द्वारा निर्देशित किया गया | Shaktimaan के 27 September 1997 से 27 March 2005 तक कुल 400 एपिसोड दूरदर्शन पर प्रसारित किये गये | यह सीरियल हर रविवार को दोपहर 12 बजे प्रसारित होता था | अंत के एपिसोड में इसका प्रसारण सुबह 9:30 बजे कर दिया गया | इसको अंग्रेजी में पोगो चैनल , उड़िया में तरंग चैनल और तमिल में छुट्टी टीवी पर प्रसारित किया गया | बाद में स्टार उत्सव पर फिर से प्रसारित किया जाता था मुकेश खन्ना में निभाया दोहरा किरदार Shaktimaan सीरियल में मुकेश खन्ना मुख्य नायक के रूप में शक्तिमान का किरदार निभाते थे और दुसरे रूप में “आज की आवाज” समाचार पत्र के फोटोग्राफर पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री का किरदार निभाते थे |Shaktimaan शक्तिमान को इस सीरियल में एक ऐसे इन्सान के रूप में दिखाया जाता है जो गहन योग और नियन्त्रण से पांचो इन्द्रियों पर काबू पाकर अलौकिक शक्तिया पाता है | Shaktimaan शक्तिम...

Moral Stories in Hindi for Children शिक्षाप्रद कहानिया

Moral Stories in Hindi for Children मित्रो जैसा कि आप जानते है हमारे बचपन की पाठयपुस्तको में कई शिक्षाप्रद कहानिया Moral Stories in Hindi for Children हुआ करती थी जिसे हम बड़े चाव से पढ़ा करते थे | ये कहानियाबहुत छोटी होती थी लेकिन फिर भी उसमे कोई ना कोई सीख मिलती थी | आज हम उनमे से चुनिन्दा शिक्षाप्रद कहानिया Moral Stories in Hindi for Children को आपके सामने पेश कर रहे है सारस और भेड़िया The Wolf and The Crane -Moral Stories in Hindi  एक बार एक भेड़िया एक मेमने को मारकर खाने लगता है | अचानक एक हड्डी का टुकड़ा उसके गले में अटक जाता है | वो मदद के लिए जोर से चिल्लाने लगता है | तभी वहा से सारस गुजरता है और भेड़िया उसको मदद करने के लिए बोलता है और कहता है कि अगर वो उसकी मदद करेगा तो वो उसे इनाम देगा | लालची सारस उसकी बात मान लेता है और हड्डी का टुकड़ा अपनी लम्बी चोंच से बाहर निकाल देता है | भेडिये का दर्द तुरंत दूर हो जाता है | अब सारस उसे इनाम के लिए कहता है | भेड़िया सारस को देखकर हंसता है और बोलता है “मैंने बिना  तुम्हारे सर को काटे तुम्हे इनाम दे दिया है अब “यहा से भाग जाओ वरना तुम...

Akbar Birbal Stories in Hindi अकबर बीरबल की कहानिया

Akbar Birbal Stories in Hindi अकबर बीरबल की कहानिया Akbar Birbal Stories in Hindi भारत में सभी उम्र के लोगो के प्रसिद्ध और प्रचलित है | अकबर मुगल साम्राज्य का का शाषक था जिसने 1560 से  1605 तक भारत पर राज किया | अकबर खुद अनपढ़ था लेकिन कई पढ़े लिखे लोगो को उसने दरबार में रख रखा था | उन सभी लोगो में नौ लोग बहुत प्रसिद्ध थे जिनको उसके दरबार के नवरत्न कहा जाता था |अकबर के उन्ही नवरत्नों में बीरबल एक था जो अपनी बुद्धिमता के लिए काफी मशहूर था |बीरबल एक ब्राह्मण का बेटा था और अपनी चतुरता के कारण उसे कम आयु में ही बादशाह के दरबार में जगह मिल गयी थी | आइये अकबर बीरबल के किस्सों को पढने से पहले बीरबल के जीवन के बारे में आपको संक्षिप्त जानकारी देते है Early life of Birbal Birbal बीरबल का जन्म 1528 में वर्तमान उत्तर प्रदेश के कल्पी नामक गाँव में हुआ था | एक मान्यता के अनुसार उनका जन्म कानपुर जिले के यमुना नदी के किनारे त्रिविक्र्मपुर अर्थात तिक्वानपुर में हुआ था | Birbal बीरबल के पिता का नाम गंगादास और माँ का नाम अनाभा देवी था | बीरबल अपने माता पिता की तीसरी सन्तान थे | Birbal बीरबल का परिवार एक हि...

प्रेरणादायक कहानिया Inspirational Stories in Hindi

Inspirational Stories in Hindi पिता के साथ भोजन Meal With Father Inspirational Stories in Hindi एक बार एक पुत्र अपने पिता को भोजनालय में खाने के लिए ले गया | उसके पिता बहुत ही वृद्ध और कमजोर थे और खाना खाते उनकी कमीज और पेंट पर भोजन गिर गया था | उस भोजनालय में बैठे दुसरे लोग उसको देखकर घृणा करने लगे जबकि उसका पुत्र शांत रहा | जब उन्होंने खाना खा लिया तब उसने बिना शर्मिंदा हुए अपने पिता को लेकर वाशरूम गया और अपने पिता के चेहरे , कमीज और पेंट से दागो को साफ़ किया | उसने अपने पिता के बालो में कंघी की और चश्मा सही लगाया | जब वो बाहर आये तब पूरा भोजनालय उनको देखकर बिलकुल शांत हो गया | उन लोगो के ये समझ में नही आया कि कैसे सभी लोगो के सामने खुद को शर्मिंदा किया | पुत्र ने खाने का बिल भरा और पिता को लेकर जाने लगा | तभी एक बुजुर्ग आदमी पुत्र के पास आया और पूछा “तुम शायद कुछ भूल रहे हो ” | पुत्र ने उत्तर दिया  “नही , मैं कुछ नही भुला, आप बताये  ” | उस बुजुर्ग आदमी ने जवाब दिया “तुम यहा बैठे हर पुत्र के लिए एक शिक्षा और हर पिता के लिए एक आशा छोडकर जा रहे हो  ” |...

पंचतंत्र की कहानिया Panchtantra Stories in Hindi for Kids

Panchtantra Stories पंचतंत्र कविताओ और कहानियों के रूप में पशु दंतकथाओ का एक प्राचीन संग्रह है | इसका रचना वास्तविक रूप से संस्कृत भाषा में 3 सदी में विष्णु शर्मा द्वारा की गयी थी | यह मुख जबानी कथाओ पर आधारित है जिसमें पशु दंतकथाओ को हम आसानी से समझ सकते है | विष्णु शर्मा द्वारा रचित Panchtantra Stories पंचतंत्र पांच भागो में विभाजित होती है | इनकी पांच किताबे मित्रभेद ,मित्रलाभ , ककोलुकियम, लभधपरसनम और अपरीक्षितकारनम है | इन्ही पांच किताबो Panchtantra Stories की पांच मुख्य कहानियों के आधार पर अन्य कहानिया लिखी गयी | पंचतंत्र की इन कहानियों को हमने अपने बचपन में पाठयपुस्तको में अवश्य पढ़ा होगा |आज इन्ही Panchtantra Stories कहानियों में से कुछ चुनिन्दा कहानिया Panchtantra Stories आपके सामने लेकर आये है | बन्दर और लकड़ी का लट्ठा The Monkey and the Wedge-Panchtantra Stories in Hindi एक बार के व्यापारी था जिसने उसके बगीचे में मन्दिर बनाने के लिए कई सुथार रख रखे थे | सुथार प्रतिदिन सुबह काम के लिए आते और दिन में मध्यांतर का भोजन करते और शाम को काम खत्म करके घर आ जाते थे |एक दिन बंदरो का समूह...

National Symbols of India भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों का इतिहास

National Symbols of India  भारत की स्वंत्रतता पर कई स्थानों से भारत के राष्ट्रीय चिन्हों National Symbols  को एकत्रित किया गया | आज हम आपको भारत के राष्ट्रीय चिन्हों के इतिहास से रूबरू करवाते है भारत का राष्ट्रगान National Anthem of India भारत के राष्ट्रगान को रविन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाली  भाषा में रचित किया जिसे बाद में हिंदी में अनुवाद किया गया | राष्ट्रगान के हिन्दी संस्करण को 24 जनवरी 1950 में सविधान सभा में पारित किया गया | पहली राष्ट्रगान 27 जनवरी 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता सत्र में गाया गया | इस पुरे गाने में पांच पद है और पहले छंद में पूरा राष्ट्रगान आता है | राष्ट्रगान को पूरा गाने में लगभग 52 सेकंड लगते है | इसके गीत को रविन्द्रनाथ टैगोर ने स्वयं अंग्रेजी में अनुवाद किया | जन गण मन अधिनायक जय हे ,भारत भाग्यविधाता पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा ,द्राविड़ उत्कल बंगा विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा ,उच्छल जलधि तरंगा तव शुभ नामे जागे ,तव शुभ आशीष मांगे ,गाहे तव जयगाथा जन गण मंगलदायक जय हे ,भारत भाग्यविधाता जय हे, जय हे, जय हे ,जय जय जय जय हे! भारत के राष्ट्र ध्वज की तरह राष्...

Unknown Facts of Mahabharat in Hindi महाभारत के कुछ अनसुने तथ्य

Unknown Facts of Mahabharat in Hindi जैसा कि आप जानते है कि Mahabharat महाभारत हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और प्राचीन ग्रन्थ है और इस ग्रन्थ ने हिन्दू धर्म की नींव रखने में काफी योगदान दिया | Mahabharat महाभारत को मानव इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है जो आज से 4 लाख वर्ष पूर्व घटित हुयी थी | मित्रो Mahabharat महाभारत के तथ्यों के बारे में पढने  से पहले मै आपको मेरा पसंदीदा महाभारत टीवी सीरियल का प्रसिद्ध श्रीर्षक गीत बताना चाहता हु | अथ श्री महाभारत कथा , कथा है पुरुषार्थ की , स्वार्थ की , परमार्थ की सारथी जिसके  बने श्री कृष्ण भारत स्वाश की शब्द दिग्गोषित हुआ , जब सत्य सार्थक सर्वाथा यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिभवत भारत अभ्युथानम अधर्मस्य तद्न्मानाम सृज्नायन्म पारित्रादाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम धर्मसंस्थापनाअर्थाय संभावनी युगे युगे भारत की है कहानी ,सदियों से है पुरानी ये ज्ञान की है ये गंगा , ऋषियों की अमरवाणी यह विश्व भारती है, वीरो की आरती है चयनित नई पुराणी ,भारत की ये कहानी महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत अब हम आपको महाभारत से जु...

Prithviraj Chauhan History in Hindi पृथ्वीराज चौहान की जीवनी और इतिहास

Prithviraj Chauhan History in Hindi Prithviraj Chauhan History in Hindi पृथ्वीराज चौहान की जीवनी और इतिहास Prithviraj Chauhan  पृथ्वीराज  चौहान एक राजपूत राजा थे जिन्होंने 12वी सदी में उत्तरी भारते के दिल्ली और अजमेर साम्राज्यों पर शाशन किया था | पृथ्वीराज चौहान दिल्ली के सिंहासन पर राज करने वाले अंतिम स्वत्रंत हिन्दू शाषक थे | राय पिथोरा के नाम से मशहूर इस राजपूत राजा ने चौहान वंश में जन्म लिया था |पृथ्वीराज चौहान का जन्म 1149 में अजमेर में हुआ था | उनके पिता का नाम सोमेश्वर चौहान और माता का नाम कर्पूरी देवी था | Early Life of Prithviraj Chauhan पृथ्वीराज चौहान का प्रारम्भिक जीवन Prithviraj Chauhan पृथ्वीराज चौहान बचपन से ही बहुत बहादुर और युद्ध कला में निपुण थे | उन्होंने बचपन से ही शब्द भेदी बाण कला का अभ्यास किया था जिसमे आवाज के आधार पर वो सटीक निशाना लगाते थे | 1179 में युद्ध में उनके पिता की मौत के बाद चौहान को उत्तराधिकारी घोषित किया गया | उन्होंने दो राजधानियों दिल्ली और अजमेर पर शाषन किया जो उनको उनके नानाजी अक्रपाल और तोमरा वंश के अंगपाल तृतीय ने सौंपी थी | राजा होते हुए उन्...

महाराणा प्रताप की जीवनी और इतिहास | Maharana Pratap History in Hindi

Maharana Pratap History in Hindi | महाराणा प्रताप की जीवनी और इतिहास महाराणा प्रताप (Maharana Pratap ) मेवाड़ के शाषक और एक वीर योद्धा थे जिन्होंने कभी अकबर की अधीनता स्वीकार नही की | उनके जन्म दिवस “महाराणा प्रताप जयंती ” हो हर वर्ष जयेष्ट शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है | महाराणा प्रताप उदयपुर के संस्थापक उदय सिंह II और महारानी जयवंता बाई के जयेष्ट पुत्र थे | उनका जन्म सिसोदिया कुल में हुआ था | महाराणा प्रताप जीवनपर्यन्त मुगलों से लड़ते रहे और कभी हार नही मानी |युवाओं और राजपूतो के लिए महाराणा प्रताप अपनी वीरता और कुशलता के लिए प्रेरणादायक योद्धा है | आइये आज हम उनकी सम्पूर्ण जीवन की कहानी आपको बताते है | महाराणा प्रताप का प्रारंभिक जीवन Early Life of Maharana Pratap महाराणा प्रताप (Maharana Pratap ) का जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुम्भलगढ़ में हुआ था | उनके पिता का नाम महाराणा उदय सिंह द्वितीय और माता का नाम रानी जीवंत कँवर [जयवंता बाई ] था | महाराणा उदय सिंह द्वितीय मेवाड़ के शाषक थे और उनकी राजधानी चित्तोड़ थी | महाराणा प्रताप Maharana Pratap उनके पच्चीस भाइयो में सब...