Shaktimaan characters and Episodes
Shaktimaan शक्तिमान , टीवी पर प्रसारित होने वाला , एक काल्पनिक सुपरहीरो का नाम है | इस टीवी सीरियल को मुकेश खन्ना द्वारा निर्मित और दिनकर जानी द्वारा निर्देशित किया गया | Shaktimaan के 27 September 1997 से 27 March 2005 तक कुल 400 एपिसोड दूरदर्शन पर प्रसारित किये गये | यह सीरियल हर रविवार को दोपहर 12 बजे प्रसारित होता था | अंत के एपिसोड में इसका प्रसारण सुबह 9:30 बजे कर दिया गया | इसको अंग्रेजी में पोगो चैनल , उड़िया में तरंग चैनल और तमिल में छुट्टी टीवी पर प्रसारित किया गया | बाद में स्टार उत्सव पर फिर से प्रसारित किया जाता था
मुकेश खन्ना में निभाया दोहरा किरदार
Shaktimaan सीरियल में मुकेश खन्ना मुख्य नायक के रूप में शक्तिमान का किरदार निभाते थे और दुसरे रूप में “आज की आवाज” समाचार पत्र के फोटोग्राफर पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री का किरदार निभाते थे |Shaktimaan शक्तिमान को इस सीरियल में एक ऐसे इन्सान के रूप में दिखाया जाता है जो गहन योग और नियन्त्रण से पांचो इन्द्रियों पर काबू पाकर अलौकिक शक्तिया पाता है | Shaktimaan शक्तिमान की प्रेमिका और रिपोर्टर गीता विश्वास का किरदार पहले कितु गिडवानी और बाद में वैष्णवी महंत निभाती है | मुख्य शत्रु तमराज किल्विष का किरदार सुरेन्द्र पाल अदा करते है |
अलौकिक शक्तियों से तैयार होता है एक योद्धा
इस सीरियल की कहानी कलियुग से शुरू होती है जो पिछले 6000 सालो से बढ़ते हुए लालच और घृणा ने मानवता को खत्म कर दिया था | इसको खत्म करने के लिए सूर्यवंशी इन सारी बुराइयों के खिलाफ एक योद्धा तैयार करते है | उसे अलौकिक और रहस्यमयी शक्तिया दी जाती है | जब पांचो तत्व पृथ्वी , अग्नी , जल,वायु और प्रकाश उसके शरीर में प्रवेश करते है तो वो एक सुपरह्यूमन बन जाता है | उसके वीरता पूर्ण कामो के लिए रिपोर्टर गीता विशवास उसे शक्तिमान नाम देती है |
बुराई को खत्म करने के लिए पृथ्वी पर प्रवेश
Shaktimaan शक्तिमान बनने के बाद उसका लक्ष्य किल्विष को मारना होता है लेकिन महागुरु उसे बताते है की बुराई खत्म होने पर ही किल्विष खत्म हो सकता है | | उसके सात चक्र उर्जा चक्र , सर्जनात्मक चक्र , नक्षत्रीयचक्र , हृदय चक्र , कंपन चक्र और मानसिक चक्र उसे शक्तिया प्रदान करते है जिसमे सबका अपना महत्व होता है | अब Shaktimaan शक्तिमान को दुनिया से बुराई को खत्म करने के लिए धरती पर दूसरा रूप लेना पड़ता है | तमराज किल्विष से बचने के लिए वो गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री बन जाता है
आइये अब आपको Shaktimaan शक्तिमान के पात्रो से परिचित करवाते है
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