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Showing posts from March, 2017

विदेशो में अप्रैल फूल मनाने के अनोखे ढंग | April Fool Day Celebration outside India in Hindi

April Fool Celebration outside India in Hindi अप्रैल फूल (April Fool) के अवसर पर विश्व के कई हिस्सों में लोगो को बेवकूफ बनाने के अलग अलग अंदाज है | इनके बारे  में जानना काफी रोचक है | रोम – अप्रैल फूल डे (April Fool Day) के अलावा इसी दिन प्राचीन रोम में हिलेरिया त्यौहार मनाया जाता है जिससे अप्रैल फूल डे का उत्साह दुगुना हो जाता है हिलेरिया त्यौहार को रोमन लाफिंग डे भी कहा जाता है यह त्यौहार 25 मार्च से 01 अप्रैल तक धूम-धाम से मनाया जाता है इस दिन रोम के लोग खूब हंसी-मजाक कर एक दुसरे को उल्लू बनाते है | स्कॉटलैंड – इस देश में अप्रैल फूल डे (April Fool Day) मनाने का तरीका थोडा अलग है यहा दो दिनों यानि 48 घंटे तक अप्रैल फूल मनाया जाता है और और मुर्ख बने व्यक्ति को “अप्रैल ग्रौक” कहा जाता है त्यौहार के दुसरे दिन को टेली डे के रूप में मनाते है इस दिन झूठी अफवाए और सूचनाये खूब प्रसारित की जाती है | स्कॉटलैंड में मुर्ख दिवस को Hunting the Fool के नाम से जाना जाता है इस दिन मुर्गा चुराना यहा की विशेष परम्परा है इसमें मुर्गे का मालिक भी बुरा नही मानता | जापान- जापान मे...

Battle of Haldighati Facts in Hindi | हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े रोचक तथ्य

हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) ना केवल राजस्थान के इतिहास बल्कि हिंदुस्तान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण युद्ध था जिसमे मेवाड़ की आन बचाने के लिए महाराणा प्रताप जबकि राजपूतो को पराजित करने के लिए अकबर की सेना आमने सामने हुयी थी | आइये आपको इस युद्ध से जुड़े रोचक तथ्य बताते है | हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) इसलिए हुआ था क्योकि महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया था जबकि उस समय तक राजस्थान के सभी राजाओं ने अकबर के आगे समर्पण कर दिया था | महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) का गौरव और ख्याति इसलिए भी अधिक है क्योंकि आधे से ज्यादा हिंदुस्तान पर शासन करने वाल मुगलों से उन्होंने केवल अपनी मातृभूमि को बचाने के लिए संघर्ष किया जबकि उनके पास बल कम था | हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) कई दिनों तक नही बल्कि एक ही दिन में खत्म हो गया था वो भी केवल चार घंटे में , जब 21 जून 1576 को महाराणा प्रताप और अकबर की सेना आमने सामने हुयी थी | महाराणा प्रताप की सेना में मुख्य सेनापति ग्वालियर के राम सिंह तंवर , कृष्णदास चुण्डावत , रामदास राठोड झाला , पुरोह...

सभी को शुभफलदायक नव विक्रमी संवत २०७४ | Vikram Samvat 2074

सभी को शुभफलदायक नव विक्रमी संवत २०७४ | Vikram Samvat 2074 हर साल चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही विक्रमी संवत शुरु होता है तथा इस बार नये विक्रमी संवत 2074 का शुभारम्भ चैत्र मॉस की तिथि 15 अर्थात 28 मार्च मंगलवार हो होगा | विक्रमी संवत 2073 के चैत्र मॉस की अमावस की समाप्ति प्रात: 8 बजकर 27 मिनट पर होगी तथा उसी समय से नया संवत उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र एवं ब्रह्म योग कालीन मेष राशि में प्रवेश हो रहा है | नये संवत का नाम “साधारण” है | भारतीय धर्मानुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि का एतेहासिक महत्व है और यह अत्यंत पवित्र भी है | शास्त्रानुसार इसी तिथि से ब्रह्मा जी ने सृष्टि के निर्माण का कार्य शुरू किया था और युगों में प्रथम सतयुग का प्रारम्भ भी इसी तिथि को माना जाता है | सम्राट चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने शको पर अपनी विजय को चिरस्थायी बनाते हुए विक्रमी संवत का प्रारम्भ किया था तथा इसी दिन से वास्तविक नवरात्र भी आरम्भ होते है | मंगलवार को शुरू होने के कारण इस नये संवत का राजा “मंगल” और मंत्री “गुरु” होंगे , जिस कारण यह वर्ष सभी को न्याय ...

Facts about Sikkim in Hindi | सिक्किम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Facts about Sikkim in Hindi | सिक्किम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सिक्किम का इतिहास | History of Sikkim in Hindi सिक्किम (Sikkim) के प्रारम्भिक इतिहास के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है | माना जाता है कि 17वी शताब्दी में फ्न्तासोंग , नामग्याल राजवंश के पहले राजा थे | इसी राजवंश ने 1975 में भारतीय संघ में सिक्किम के विलय तक इस क्षेत्र पर शासन किया | संविधान के 38वे संशोधन के अनुसार 26 अप्रैल 1975 को सिक्किम भारत का 22वा राज्य बना | सिक्किम पूर्वी हिमालय में स्थित एक छोटा सा पहाडी राज्य है | इसके उत्तर में तिब्बत ,पश्चिम में नेपाल ,पूर्व में भूटान और दक्षिण में पश्चिमी बंगाल है | Sikkim राज्य घने वनों से घिरा है | यहा साल और सेमल के वृक्षों की सघनता है | Sikkim में पर्वत 700 मीटर से भी अधिक ऊँचे है | यहा स्थित कंचनजंघा (8579 मीटर) विश्व की तीसरी ऊँची चोटी है | सिक्किम में करीब 125 सेमी वर्षा होती है | सिक्किम में तीस्ता नदी तथा उसकी सहायक नदिया बहती है | सिक्किम में आर्किड नस्ल के सैंकड़ो किस्मे मिलती है | Sikkim की अर्थव्यवस्था मूलरूप से कृषि पर आधारित है | मक्का ,चावल ,गेंहू ,बड़ी इलायची ...

महाराजा छत्रसाल बुंदेला ,कुशल सेनापति और असाधारण योद्धा | Maharaja Chhatrasal History in Hindi

बुंदेला वीर महाराजा छत्रसाल (Maharaja Chhatrasal) में बुंदेलखंड की शौर्य ,निर्भीकता और संघर्ष की परम्परा मूर्तिमान थी | उनका स्थान इतिहास में उन भारतीय वीरो के मध्य है जिन्होंने शिवाजी और राणा प्रताप भांति मुगल साम्राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए जीवन भर संघर्ष किया और वह बुंदेलखंड के एक बड़े भूभाग को शक्तिशाली मुगल सम्राट के पंजो से मुक्त करा सके | महाराज छत्रसाल का आरम्भिक जीवन छत्रसाल (Maharaja Chhatrasal) का जन्म शुक्रवार ज्येष्ठ सुदी 3 , संवत् 1706 (सन 1649) में झांसी के निकट ककर-कचनय ग्राम में हुआ था | वह ख्याति प्राप्त बुंदेला वीर ,चम्पतराय के पुत्र थे जिन्होंने 17वी सदी में तीसरे दशक में ओरछा को मुगल साम्राज्य के बंधन से स्वतंत्र कराने के लिए विद्रोह का झंडा ऊँचा किया था परन्तु वीर चम्पतराय को अपने ही स्वजनों ओरछा ,दतिया और चंदेरी के राजाओ के विरुद्ध तलवार उठानी पड़ी थी | ये राजा मुगलों के इशारे पर चम्पतराय के विद्रोह को दबाने के लगातार प्रयत्न कर रहे थे | 30 वर्ष के निरंतर संघर्ष के उपरांत सहरा के धधेरो ने सन 1661 में चम्पतराय का वध करवा दिया और चम्पतराय का सिर काटकर औरंगजेब के पास ...

बॉलीवुड फिल्मो में होली के गीतों से जुड़े रोचक किस्से | Bollywood Movies Holi Songs Facts in Hindi

बॉलीवुड फिल्मो में होली के गीतों से जुड़े रोचक किस्से | Bollywood Movies Holi Songs Facts in Hindi त्यौहार हमारी संस्कृति की पहचान है | ये हमे आपस में जोड़ते है लेकिन अपवाद छोड़ दे तो ये जानकर बड़ी हैरानी होती है कि त्योहारों को केन्द्रित करके फिल्मे नही बनी है | हां उन्हें गीत-संगीत में यद-कदा स्थान जरुर मिला है और इसमें भी सबसे ज्यादा होली का बोलबाला रहा | इसकी वजह है होली हे एक ऐसा त्यौहार है जिसमे राग , रंग ,मस्ती ,शरारत ,खुलापन ,हुडदंग और धमाल जैसी बाते एक साथ दिखती है | खुशियों का इजहार करने का तरीका भी है | एकता और अखंडता के संदेश भी | वर्ग-जाति और धर्म के भेदभाव से उपर उठकर सभी सम्मिलित दीखते है | जो बात कहानी कह पा रही होती है उसे Holi Songs के जरिये कह दिया जात है | हालांकि होली फिल्माना धन और समय के दृष्टिगत बहुत महंगा रहा है फिर भी बाज फिल्मकारों ने हिम्मत जुटाई है और ऐसी स्थितिया उत्पन्न की है | इसी बहाने अभिनेत्री को भी जमकर नहलाया-धुलाया भी है | आइये आज हम आपको फिल्मो की होली (Holi Songs) से जुड़े कुछ रोचक तथ्य और किस्से बताते है | रंगो के इफ़ेक्ट बिना होली [su_youtube url=...

सोनी टीवी पर प्रसारित पुराने और नये सीरियल से जुड़े 30 रोचक तथ्य | Sony Entertainment Television Serials Facts in Hindi

सोनी टीवी (Sony Entertainment Television) भारत के पांच प्रमुख हिंदी एंटरटेनमेंट चैनल्स में से है जो पिछले 21 सालो से आपका मनोरंजन कर रहा है | हाल ही में सोनी (Sony Entertainment Television) ने अपनी 21वी सालगिरह पर अपना Logo भी बदला है | सोनी टीवी ने पिछले एक वर्ष में फिर से TRP में उछाल प्राप्त की है जिसका मुख्य कारण कपिल शर्मा शो , पेशवा बाजीराव ,सुपर डांसर जैसे शो है जिन्होंने दर्शको को बांधे रखा है | आइये आज हम आपको सोनी टीवी (Sony Entertainment Television) के उन नये पुराने सीरियल से जुड़े रोचक तथ्य बतायेंगे जो शायद आप भूल गये होंगे | सोनी टीवी (Sony Entertainment Television) की शुरुवात 8 अक्टूबर 1995 को हुयी थी | उस वक्त सरकारी चैनल के रूप में दूरदर्शन और प्राइवेट चैनल में स्टार प्लस और जी टीवी ही मौजूद थे जिन्होंने भीप्राइवेट एंटरटेनमेंट चैनल के रूप में कदम रखा था | सोनी टीवी (Sony Entertainment Television) पर प्रसारित होने वाला हॉरर सीरियल आहट (Aahat) उस दौर में जी हॉरर शो के बाद सबसे डरावना शो था जिसकी वजह से सोनी टीवी की ओर दर्शक खींचे थे | 1995 से शुरू हुए इस हॉरर शो ने अब तक 6...

James Watt Biography in Hindi | भाप इंजन के आविष्कारक जेम्स वाट की जीवनी

James Watt Biography in Hindi जेम्स वाट (James Watt) एक ऐसे आविष्कार थे जो वैज्ञानिक तथा अभियांत्रिकी क्षेत्र में समन्वित क्षमता के धनी थे | जेम्स वाट ने जो वाष्प इंजन सम्बधी खोज की ,उससे संसार को उर्जा और ऊष्मा की क्षमता का परिचय हुआ | औधोगिक क्रान्ति लाने में वाट की यह खोज महान और उपयोगी साबित हुयी | आइये अब आपको जेम्स वाट (James Watt) की संघर्ष भरी जीवनी से रुबुरु करवाते है | जेम्स वाट (James Watt) का जन्म स्कॉटलैंड के ग्रीनांक नामक स्थान पर 19 जनवरी 1736 को हुआ था | उनके पिता एक सफल जलपोत ,भवन निर्माता होने के साथ साथ नगर के प्रतिष्टित व्यक्ति थे | वाट ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही स्कूल में की | वे अपने 8 भाई-बहनों में छठे थे | कुछ समय बाद ग्रामर स्कूल में दाखिल होने के बाद उन्होंने लेटिन तथा यूनानी भाषा के साथ गणित का भी अध्ययन किया | जब वे 17 वर्ष के थे तब से पिता के साथ साथ वर्कशॉप में जाकर मशीनरी सम्बन्धी कार्यो में दिलचस्पी लेने लगे थे | मशीन सम्बन्धी समस्त छोटे बड़े उपकरणों तथा जलपोतो के अवयवो में रूचि लेने लगे | सर्दी की एक रात बालक जेम्स ने अंगीठी पर चढ़े पतीले को देख...

प्राचीन भारतीय चिकित्सा के जनक चरक की जीवनी और चरक सहिंता का महत्व | Charaka Biography in Hindi and Charaka Samhita

Charaka Biography in Hindi and Charaka Samhita यह तो सत्य है कि सृष्टि में ज्यो ही मनुष्य का जन्म हुआ , त्यों ही मनुष्य के साथ रोगों ने भी जन्म लिया | प्राचीन मनुष्य अपने रोगों ,घावो का उपचार प्राकृतिक वनस्पतियों ,जड़ी-बूटियों से किया करता था | कभी कभी तो अंधविश्वासी होने के कारण वह जादू टोने के द्वारा भी मुक्ति का उपाय ढूंढा करता था | भारतीय आयुर्वेद शास्त्र में ब्रह्मा को आयुर्वेद का ज्ञाता माना गया है | उन्होंने यह ज्ञान अश्विनीकुमारो को दिया | इंद्र ने जो भी ज्ञान प्राप्त किया , वह कई ऋषि-मुनियों को दिया | ऋषि मुनियों ने अपने शिष्यों को दिया | इस तरह आयुर्वेद ज्ञान पद्दति हस्तांतरित होते हुए ढाई हजार वर्ष पहले कई वेत्ताओ तक पहुची | प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्दति का जो विकास हुआ , उसके जनक आचार्य चरक जी माने जाते है | वैसे चरक को कनिष्क के समकालीन माना गया है | ईसा की पहली शताब्दी में ही उन्होंने भारतीय आयुर्वेद शास्त्र अर्थात चरक सहिंता की रचना की | चरक संहिता का महत्व | Importance of Charaka Samhita in Hindi आचार्य चरक (Charaka) के जीवन के बारे में इतिहास में उल्लेख नही है लेकिन उन...