
त्यौहार हमारी संस्कृति की पहचान है | ये हमे आपस में जोड़ते है लेकिन अपवाद छोड़ दे तो ये जानकर बड़ी हैरानी होती है कि त्योहारों को केन्द्रित करके फिल्मे नही बनी है | हां उन्हें गीत-संगीत में यद-कदा स्थान जरुर मिला है और इसमें भी सबसे ज्यादा होली का बोलबाला रहा | इसकी वजह है होली हे एक ऐसा त्यौहार है जिसमे राग , रंग ,मस्ती ,शरारत ,खुलापन ,हुडदंग और धमाल जैसी बाते एक साथ दिखती है | खुशियों का इजहार करने का तरीका भी है | एकता और अखंडता के संदेश भी | वर्ग-जाति और धर्म के भेदभाव से उपर उठकर सभी सम्मिलित दीखते है | जो बात कहानी कह पा रही होती है उसे Holi Songs के जरिये कह दिया जात है | हालांकि होली फिल्माना धन और समय के दृष्टिगत बहुत महंगा रहा है फिर भी बाज फिल्मकारों ने हिम्मत जुटाई है और ऐसी स्थितिया उत्पन्न की है | इसी बहाने अभिनेत्री को भी जमकर नहलाया-धुलाया भी है | आइये आज हम आपको फिल्मो की होली (Holi Songs) से जुड़े कुछ रोचक तथ्य और किस्से बताते है |
रंगो के इफ़ेक्ट बिना होली
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=qVbJwUWtTE0″] ब्लैक एंड वाइट के दौर में होली कम खेली जाती थी | रंगो के इफ़ेक्ट का पता नही चलता था | उस दौर की फिल्म “गोदान” का अंजान द्वारा रचित यह गाना बहुत लोकप्रिय था “ऐसी होली खेली कन्हाई जमुना तट पर धूम मचाई , बाजत ढोलक झांझ मंझीरा गावत सब आज मिल के कबीरा ” | शकील के मन में होली की बहुत सुंदर तस्वीर थी ” आज मन रंग लो जी अज तन रंग लो खेलो उमंग प्यार ले लो (कोहिनूर)” | फिल्मो में जब जब रंग आया तो शकील भी तन मन से रंगीन हुए “होली आई रे कन्हाई होली आई रे रंग छलके सुना दे जरा बांसुरी (मदर इंडिया)” | फिल्म आन में शकील के बहाने विरह के साथ साथ प्यार की अमीरी गरीबे का भेदभाव मिटाते है “खेलो रंग हमारे संग आज दिन रंगीला आया ” |
संध्या के नृत्य पर होली का गीत
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=mnZ_s0WLtiI”]होली हो या पिया संग चुहलबाजी न हो तो होली का मजा बेमजा है | नवरंग भरत व्यास की बानगी देखिये ” आ रे जा रे हट नटखट …मुझे समझो न तुम भोली भाली रे ” | इसी तरह बेदी की फागुन में मजरुह लिखते है “पीया संग खेलो होरी ,फागुन आयो रे चुनरिया भिगो ले गोरी फागुन आयो रे , कहे सजनी पुकार ,बरस बाद तोहे द्वार , आज तो मारे गेंदे की कली , होली के बहाने मिलो एक बार ” | यह गाना दुखांत साबित हुआ था | वहीदा ने साड़ी पर रंग डालने पर धर्मेन्द को खूब खरी खोटी सुनाई थी | यह फिल्म का टर्निंग पॉइंट था |
शोले की होली
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=S31R6Zr6les”]फिल्म शोले की होली भला कौन भूल सकता है “होली के दिन दिल मिल जाते है रंगो से रंग मिल जाते है ” इसी में आगे हेमा मनुहार करती है “यही तेरी मर्जी तो अच्छा तू खुश हो ले पास आ के , न छुना मुझे चाहे दूर से भिगो ले धर्मेन्द्र भी कम नही है “हीरे की कनी है तू मिटटी से बनी है तू , छूने से जो टूट जायेगी (आनन्द बक्शी)” तभी डाकुओ ने हमला कर दिया | इतने उम्दा Holi Songs का लुत्फ़ जाता रहा |
राजेश खन्ना ने भी खूब खेली होली
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=hCLW9VOLpuc”]याद आ रहा है सत्तर के दशक में भट बंधुओ के फिल्म होली आयी रे होली आई होली आई के खत्म होते ही नायिका बह गयी थी | फिल्म कटी पतंग में विधवा नायिका आशा पारेख को राजेश खन्ना ने होली खेलने पर मजबूर किया “आज न छोड़ेंगे बस हमजोली खेलेंगे हम होली “| राजेश खन्ना का जिक्र होता है तो हो नही सकता कि याद न आये “जय जय शिवशंकर काँटा लगे न कंकर (आपकी कसम) | फिल्म एम् आखिर क्यों की की स्मिता पाटिल को कुढन होती है जब पति राकेश रोशन की सहेली टीना मुनीम के साथ रंग खेलने की आड़ में रासलीला मनाते देखती है “सात रंगो में खेल रही है दिल वालो की टोली”
होली और अमिताभा बच्चन एक दुसरे के पर्याय
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=Jf92MOkrbEw”]होली और अमिताभ बच्चन तो एक दुसरे के पर्याय है | अस्सी के दशक के बाद जंवा हुयी पीढ़ी का सबसे पसंदीदा होलियाना “रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे ” | बेमौसम भी बच्चे से लेकर जवान तक खुद को रंगो से सरोबार समझते थिरक उठते है | फिल्म सिलिसला का गाना है यह | रीयल लाइफ को एक समझौते के अंतर्गत रील लाइफ में लाया गया था | अमिताभरेखा की रीयल लव स्टोरी का फाइनल दफन | अमिताभ की होली फिल्म “बागबान में भी सुपरहिट रही “होली खेले रघुबीरा अवध में ” |
अलग अंदाज में होली
[su_youtube url=”https://www.youtube.com/watch?v=0WtRNGubWGA”]सदी बदली , मिजाज बदला और फिल्मो में होली के रंग भी बदला | देखिया नमूना ”
- रंगो में है प्यार की बोली जा रे जा डोंट टच माई चोली (वक्त)” |
- मिला न कोई ऐसा मेरे सपनों जैसा छान के मोहल्ला सारा देख लिया (एक्शन रिप्ले)
- बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी तो बोले रे जमाना खराबी हो गयी (ये जवानी है दीवानी)
ओल्ड इस गोल्ड
सफर लम्बा है कुछ यादगार फिल्मे ओर भी है जिनके गानों में होली खेली गयी है | जब तक त्यौहार है और फिल्मे है होली आती रहेंगी | स्वरूप बदलता रहेगा | लेकिन रंग वही रहेंगे | रंग का अपना नशा और नशे में अपना | दोनों का मिलन का चलन बहुत बढ़ गया है | नये और पुराने में होड़ चलती रहगी लेकिन ओल्ड इस गोल्ड | जब जब होली आयगी इनकी मधुर धुनों से पैर जरुर थिरकेंगे |
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