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Showing posts from June, 2018

P. T. Usha Biography in Hindi | उड़नपरी पी.टी.उषा की जीवनी

P. T. Usha Biography in Hindi पी.टी.उषा (P. T. Usha) भारत में ट्रैक क्वीन , एशिया की स्प्रिंट , उड़नपरी , गोल्डनगर्ल आदि नामो से जानी जाती है | पी.टी.उषा केरल में प्योली नामक गाँव में 20 मई 1964 में जन्मी थी | कई सम्मान एवं उपाधियाँ इनके नाम है | सियोल में हुए 10वे एशियाई खेलो में उन्होंने जो सफलता प्राप्त के है या फिर प्रतिष्टा के जिस शिखर पर पहुची है उस पर प्रत्येक भारतवासी गर्व महसूस कर सकते है | एक साथ चार स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीतना अपने आप में गौरवपूर्ण उपलब्धी मानी जा सकती है | इस बात को नकारा नही जा सकता है कि सियोल में सारी सफलता पी.टी.उषा (P. T. Usha) तक ही सिमीत रही | 200 मी , 400मी , 400 मी.पगबाधा  और 1600 , 4500 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली यह खिलाड़ी 100 मीटर में केवल रजत पदक ही प्राप्त कर सकी तथा एशिया की सबसे तेज धावक का गौरव प्राप्त नही कर सकी | यह गौरव मिला फिलिपिनी सुन्दरी लीडिया दिवेगो को | यह कहना गलत नही होगा कि बड़े कार्यो के लिए किसी प्रकार की उम्र एवं सीमा निर्धारित नही की गयी है | पी.टी.उषा अभ्यास के लिए पोलपट्टम के समुद्री किनारों पे मीलो दौड़ा करती थी ...

प्रेरक प्रसंग - अनूठा धैर्य

संत सुकरात के घर सवेरे से शाम तक सत्संग के लिए आने वालो का ताँता लगने लगा | सुकरात की पत्नी कर्कश स्वभाव की थी | वह सोचती थी कि निठल्ले लोग बेकार ही उसके घर अड्डा जमाए रखते है | वह समय समय पर उनके साथ रुखा व्यवहार करती | इस बात से सुकरात को दुःख होता | एक दिन सुकरात लोगो के साथ बतिया रहे थे कि पत्नी ने उनके उपर छत से गंदा पानी उलीच दिया | इतना ही नही वह उन्हें निठल्ला कहकर गालीया भी देने लगी | सत्संगीयो को यह उनका अपमान लगा | सुकरात को भी यह व्यवहार बुरा लगा परन्तु उन्होंने बहुत धैर्य के साथ उपस्थित लोगो से कहा “आप सभी ने सुना होगा कि जो गरजता है वह बरसता नही | आज तो मेरी पत्नी ने गरजना-बरसना साथ साथ कर उपरोक्त कहावत को ही झुठला दिया है ” सुकरात के विनोद भरे ये शब्द सुनते ही तमाम लोगो का क्रोध शांत हो गया | वे पुन: सत्संग में लिप्त हो गये | सुकरात का धैर्य देखकर उनकी पत्नी चकित रह गयी | उसी दिन से उसने अपना स्वभाव बदल दिया और आने वाले लोगो का सत्कार करने लगी |

Counseling में अपना करियर कैसे बनाये ? Career Counseling Jobs Guide in Hindi

Career Counseling Jobs Guide in Hindi वर्तमान में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र का दायरा अत्यधिक व्यापक हो चूका है | विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हजारो कोर्सज कराए जा रहे है | आज रोजगारो के हजारो अवसर विद्यमान है इसके साथ ही रोजगार के नये नये अवसरों का सृजन भी हो रहा है | ऐसे में एक ओर जहां स्वयं के लिए किसी कोर्स का चयन करना कठिन है वही दुसरी ओर सर्वाधिक उपयुक्त करियर चुनना भी बहुत मुश्किल है | इस कार्य के लिए किसी योग्य सलाहकार या परामर्शदाता की जरूरत होती है | यही कारण है कि आज स्कूल-कॉलेज काउंसलस एवं करियर काउन्स्लेर (Counseling) का कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गया है | स्कूल एवं कॉलेज counselors विषय चुनने , पढाई से संबधित मनोवैज्ञानिक समस्याओं को हल करने में छात्र-छात्राओं की मदद करते है उनकी शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को दूर करने में सहायता करते है | करियर counselors मौजूदा करियर विकल्पों में से व्यक्ति की रूचि ,क्षमता और योग्यता के अनुरूप उसके लिए सर्वाधिक उपर्युक्त विकल्प का चयन करने में उसकी सहायता करते है | Counseling का एक विशेष क्षेत्र भी है Rehabilitation couns...

Dadabhai Naoroji Biography in Hindi | दादाभाई नौरोजी की जीवनी

Dadabhai Naoroji Biography in Hindi भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन से जुड़े प्रारम्भिक नेताओं में दादाभाई नौरोजी (Dadabhai Naoroji) का नाम अग्रणी है इसी कारण इन्हें श्रुद्धा से भारत के वयोवृद्ध नेता के नाम से स्मरण किया जाता है | दादाभाई नौरोजी (Dadabhai Naoroji) का जन्म सन 1825 में हुआ था | विश्वविद्यालयो की स्थापना के पूर्व के दिनों में एलिफिंसटन इंस्टिट्यूट में इन्होने शिक्षा पायी जहां के ये मेधावी छात्र थे | उसी संस्थान में अध्यापक के रूप में जीवन आरम्भ कर आगे चलकर वही वे गणित के प्रोफेसर हुए , जो उन दिनों भारतीयों के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में सर्वोच्च पद था | साथ में उन्होंने समाजसुधार कार्यो में अग्रगामी और कई धार्मिक तथा साहित्य संघठनो के यथा स्टूडेंट्स लिटरेरी एंड साइंटिफिक सोसायटी के प्रतिष्टाता के रूप में अपना विशेष स्थान बनाया | उसकी दो शाखाए थी एक मराठी ज्ञानप्रसारक मंडली और दुसरी गुजराती ज्ञानप्रसारक मंडली | रहनुमाई सभा की भी स्थापना इन्होने ही की थी | रास्त गफ्तार नामक अपने समय के समाज सुधारको के प्रमुख पत्र का सम्पादन और संचालन भी इन्होने किया | पारसियों के इतिहास में अपनी दानश...

अच्छा बायोडाटा कैसे नौकरी दिलाता हैं | Resume for Job Success in Hindi

Resume for Job Success in Hindi क्या आपने कभी महसूस किया है कि अच्छा बायोडाटा लिखना आपके लिए टैक्स भरने के सामान है? और आप इससे बचने के लिए उपाय ढूंढते है या फिर हम दुसरो के रिज्यूमे की प्रतिलिपि (कॉपी) करने लगते हैं? समझिये आपकी इस रिज्यूमे लिखने की दुविधा का हल हमारे पास है| कठोर मानसिकता को बदलें और आसानी से अपना बायोडाटा बनाने का आनंद ले| आप क्या है और कौन हैं इसके बारे में सच बताएं। अपने प्रतिभा, उपलब्धियों और मूल के बारे में सूची बनाएं आजकल क्योकि रिज्यूमे आपका आइना बन गया है | याद रखे नियोक्ता के पास हज़ारो रिज्यूमे आते है और उन में से नियोक्ता (भर्तीकर्ता) की नज़रो में आना एक मुश्किल कार्य है, पर अच्छे आकर्षित रिज्यूमे के जरिए आप भर्तीकर्ता की नज़रो में आ सकते है| अद्वितीय और ताजा biodata आपको अच्छी नौकरी दिला सकता है | अपना resume लिखना आपके लिए एक कहानी लिखने के सामान है| आप अपनी कहानी कहें और ये बतायें – आप कौन हैं, आप क्या करते हैं, आपकी hobbies क्या है और आप की educational qualification क्या है, यह सब सहीं बताये | हमेशा ध्यान रखे और बस वही लिखें जो आपके बारे में सच हैं, ...

वाराणसी की प्रमुख पर्यटन स्थल | Varanasi Tour Guide in Hindi

Varanasi Tour Guide in Hindi धार्मिक विशिष्टताओ के साथ ही सांस्कृतिक जीवंतता के कारण भारतीय पर्यटक एवं विदेशी पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के केंद्र के रूप में विख्यात वाराणसी (Varanasi) गंगा के अर्द्धचन्द्राकार तट पर बसा यह नगर विश्व के एतेहासिक स्थानों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है | वाराणसी (Varanasi) का वास्तविक एवं पौराणिक नाम काशी है जिसका अर्थ है तेज | ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में इसे बनारस नाम दिया गया | स्वतंत्रता के पश्चात करुणा एवं असी नदियों के बीच बसे इस नगर का नाम इन दोनों नदियों के नाम पर वाराणसी रख दिया गया | Read –  उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य “गलियों और मन्दिरों का शहर” के नाम से जाना जाने वाला यह नगर अनेक रुढियो , मान्यताओं , विश्वासों , अंधविश्वासों , आस्तिको ,नास्तिको , जोगी ,फकीरों ,दानियो-भिखारियों , पंडे-पुजारियों का यह अनूठा शहर ज़िंदादिली से भरा अलमस्त शहर है | इस धरती ने जहा कबीरदास , महारानी लक्ष्मीबाई , मुंशी प्रेमचन्द जैसी विभूतियों को जन्म दिया वही रविदास , तुलसीदास , भगवान बुद्ध जैसे महापुरुषों ने इसे अपनी साधनास्थली बनाया | हिन्दू समाज के धर्...

Chandigarh Tour Guide in Hindi | चंडीगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल

Chandigarh Tour Guide in Hindi चंडीगढ़ (Chandigarh) उत्तर भारत का ही नही अपितु देश का अपनी तरह का एक आधुनिक नगर है | चंडीगढ़ (Chandigarh) पंजाब और हरियाणा दोनों की संयुक्त राजधानी के साथ साथ संघीय क्षेत्र भी है | चौड़ी सड़के ,हरे भरे पेड़ो की भरमार , प्रदूषण मुक्त वातावरण तथा स्वच्छता यहाँ की विशेषता है | शिवालिक के पहाडियों की तलहटी में तथा हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार पर स्थित इस नये तथा योजनाबद्ध तरीके से बसे नगर का निर्माण सुप्रसिद्ध वास्तुकार ला कारबुजिये ने किया था | यहाँ के भवन आधुनिक वास्तुशिल्प का एक सुंदर तथा जीवंत उदाहरण है जिन्हें देखने विश्व के कोने कोने से हजारो पर्यटक आते है | अपनी अद्भुद सुन्दरता के लिए इस शहर को City Beautiful के नाम से भी जाना जाता है | 7.5 लाख की आबादी वाले तथा लगभग 114 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह शहर पंजाब और हरियाणा राज्य की सीमाओं से जुड़ा है | लगभग 25 किमी पर हिमाचल प्रदेश प्रारम्भ हो जाता है | चंडीगढ़ (Chandigarh) के इक विशेषता यह भी है कि यहाँ बहुत कम समय में तथा बहुत कम दूरी पर स्थित अनेक विश्वस्तरीय दर्शनीय स्थलों को देखा जा सकता है | शिक्षण स...

Lahaul Spiti Tour Guide in Hindi | लाहौल स्पीती के प्रमुख पर्यटन स्थल

Lahaul Spiti Tour Guide in Hindi आजादी के बाद जब हिमाचल का गठन हुआ तो लाहौल-स्पीती (Lahaul Spiti) एक जिले एक रूप में सामने आया | भौगोलिक दृष्टि से लाहौल और स्पिति बिल्कुल अलग है | स्पीती ठंडा रेगिस्तान है जहां बारिश नाममात्र को होती है और लाहौल घाटी विशाल चट्टानी पर्वतों के मध्य बसी है | लाहौल-स्पीती (Lahaul Spiti) का मुख्यालय केलांग है | यहा पर आने वाले पयर्टको का मानना है कि यह क्षेत्र बहुत ही रहस्यात्मक क्षेत्र है | यहाँ अनेक आश्चर्यचकित करने वाली चीजे है जो पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है | अंग्रेजो की घुमक्कड़ लेखिका पेनापोले चेटवुड ने तो इसे “रहने के योग्य” ऐसा संसार बताया है जिसमे भरपूर आनन्द के साथ घुमा फिरा जा सकता है लेकिन बसा नही जा सकता | वास्तव में यह यायावरो का संसार है | रोहतांग दर्रे की 3980 मीटर उंचाई के पर की उस दुनिया को देखने के लिए सैलानी शिमला से हिन्दुस्तान तिब्बत मार्ग से भी आते है | वास्तव में लाहुल के लिए मनाली और स्पीती के लिए शिमला से मुख्य रास्ते जाते है | लाहुल स्पीती जिले का मुख्यालय केलांग मनाली के रस्ते के निकट पड़ता है जबकि सह मुख्यालय ...

Kinnaur Tour Guide in Hindi | किन्नौर के प्रमुख पर्यटन स्थल

Kinnaur Tour Guide in Hindi एक जमाना था जब किन्नौर (Kinnaur) और लाहौल-स्पीती जैसे जनजातीय क्षेत्र आम सैलानी की पहुच से दूर थे | केवल साधू-महात्मा और साहसी व्यापारी लोग ही अपनी जिन्दगी जोखिम में डालकर यहाँ आया जाया करते थे लेकिन 20वी शताब्दी में पर्यटन जिस गति से बढ़ा उसने इन स्थानों को विश्व के मानचित्र पर ला दिया | अब साधारण पर्यटक भी आसानी से इन पर्यटन स्थलों पर भ्रमण कर सकता है | हालांकि ये दोनों जनजातीय जिले भारी हिमपात की वजह से तकरीबन वर्ष म 6 से 8 महीने तक देश के दुसरे भागो से कटे रहते है लेकिन शेष महीनों में यहाँ खूब पर्यटन होता है | किन्नौर (Kinnaur) हिमाचल प्रदेश का एक जनजातीय जिला है जिसका क्षेत्रफल 6401 वर्ग किमी और जनसंख्या तकरीबन 65 हजार है | किन्नौर का इतिहास बहुत प्राचीन है | सतलज नदी सम्पूर्ण किन्नौर से बहती हुयी  मैदानों में पहुचती है | इस जिले की यात्रा इस नदी के किनारे चल कर की जा सकती है | किन्नौर से भारत का संवेदनशील मार्ग गुजरता है जिसे भारत-तिब्बत मार्ग के नाम से जाना जाता है | जब यह मार्ग नही था तब किन्नौर के मैदानों तक तथा यहाँ से शिपकी दर्रा होते हुए चीन तक पै...