
चंडीगढ़ (Chandigarh) उत्तर भारत का ही नही अपितु देश का अपनी तरह का एक आधुनिक नगर है | चंडीगढ़ (Chandigarh) पंजाब और हरियाणा दोनों की संयुक्त राजधानी के साथ साथ संघीय क्षेत्र भी है | चौड़ी सड़के ,हरे भरे पेड़ो की भरमार , प्रदूषण मुक्त वातावरण तथा स्वच्छता यहाँ की विशेषता है | शिवालिक के पहाडियों की तलहटी में तथा हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार पर स्थित इस नये तथा योजनाबद्ध तरीके से बसे नगर का निर्माण सुप्रसिद्ध वास्तुकार ला कारबुजिये ने किया था |
यहाँ के भवन आधुनिक वास्तुशिल्प का एक सुंदर तथा जीवंत उदाहरण है जिन्हें देखने विश्व के कोने कोने से हजारो पर्यटक आते है | अपनी अद्भुद सुन्दरता के लिए इस शहर को City Beautiful के नाम से भी जाना जाता है | 7.5 लाख की आबादी वाले तथा लगभग 114 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह शहर पंजाब और हरियाणा राज्य की सीमाओं से जुड़ा है | लगभग 25 किमी पर हिमाचल प्रदेश प्रारम्भ हो जाता है |
चंडीगढ़ (Chandigarh) के इक विशेषता यह भी है कि यहाँ बहुत कम समय में तथा बहुत कम दूरी पर स्थित अनेक विश्वस्तरीय दर्शनीय स्थलों को देखा जा सकता है | शिक्षण संस्थानों के लिए भी यह शहर जाना जाता है | यहाँ पर देश का महत्वपूर्ण पंजाब विश्वविद्यालय , पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज , गर्वनमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर , गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल के साथ साथ विश्व विख्यात पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च भी है | दरअसल चंडीगढ़ (Chandigarh) भारत की तस्वीर है |
Read- पंजाब से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
चंडीगढ़ (Chandigarh) के प्रमुख दर्शनीय स्थल
कैपिटल काम्प्लेक्स (Capital Complex) – वैसे तो ला कारबुजिये के नाम से ही चंडीगढ़ शहर देखने योग्य है परन्तु सेक्टर 1 स्थित सचिवालय पंजाब तथा हरियाणा राज्यों की विधानसभा ,उच्च न्यायालय , खुले हाथ का निशान आदि वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है |
रॉक गार्डन (Rock Garden) – चंडीगढ़ (Chandigarh) का विश्व विख्यात रॉक गार्डन अपने आप में कला की एक अद्वितीय कृति है | पद्मश्री नेकचंद द्वारा रचित इस रॉक गर्दन में बेकार तथा टूटी-फूटी वस्तुओ से अनूठी कृतियों का निर्माण किया है जो कि कल्पना लोक से कम नही है | प्रत्येक चंडीगढ़ आने वाले के लिए रॉक गार्डन आवश्यक पर्यटक स्थल बन चूका है |
सुखना झील – शिवालिक की तलहटी में अप्राकृतिक रूप से बनाई गयी यह झील सुन्दरता का एक खूबसूरत नजारा प्रस्तुत करती है | वाटर स्पोर्ट्स , नौका विहार तथा दुसरी जल क्रीडाओ के लिए यह उत्तम स्थल है |
लेयर वेली (Layer Valley)– शारीरिक फिटनेस के लिए प्राकृतिक वातावरण में घुमने के लिए लेयर वेली खुबसुरत स्थान है |
बोगेनबेलिया पार्क – सुनहरे ,नीले ,सफेद रंगो के बोगेनबलिया फूलो का लगभग 20 एकड़ भूखंड में फैला एक अनूठा बाग़ है |
रोज गार्डन (Rose Garden) -लगभग 30 एकड़ भूभाग में बनाया गया तथा 1600 से भी अधिक किस्मो के गुलाब के फूलो वाला यह एशिया का सबसे बड़ा गुलाबो का बाग़ है | बाग़ के बीचो-बीच लगभग 70 फुट का फव्वारा इसकी शोभा ओर बढ़ा देता है | बसंत के मौसम में रंग-बिरंगे गुलाबो के साथ रोज गार्डन की तरफ हर कोई आकर्षित होता है |
टेरेस गार्डन (Terrace Garden)– 10 एकड़ क्षेत्र में फैले इस गार्डन में रंग-बिरंगे मौसमी फूलो की भरमार है | वनस्पति शास्त्र के छात्रो के लिए यह एक अनमोल खजाने से कम नही है | टोपिहारी पार्क – जीव जन्तुओ के आकार के अलग अलग पौधे तथा झाड़ियो से निर्मित कृतिया बच्चो के प्रमुख आकर्षण का केंद्र है |
म्यूजियम काम्प्लेक्स – प्राचीन मूर्तियों के साथ साथ ला कारबुजिये द्वारा डिजाईन किया गया भवन ही अपने आप में दर्शनीय है | यह सोमवार को बंद रहता है |
राजकीय संग्रहालय तथ आर्ट गैलरी – इस संग्रहालय में चित्रकला स्कल्पचर का अनूठा संग्रह है जिनमे एतेहासिक तथा समयकालीन दोनों तरह की मूर्ति क्लाए है | यह सोमवार को बंद रहता है |
सिटी म्यूजियम (City Museum)– यहा पर चंडीगढ़ (Chandigarh) के विकास-विस्तार से संबधित ,रेखाचित्र , पेंटिंग्स , फोटोग्राफस आदि की आर्चीतेक्ट प्रदर्शनी क्ग्ती हिया | यह भी सोमवार को बंद रहता है |
कला सागर – टूटी-फूटी पाइपो , नलों , पानी की टंकियो ,बाल्व तथा अन्य बेकार सेनेटरी सामन से निर्मित अद्भुत कलाकृतियों का अनूठा संग्रह कला सागर है | देश विदेश से सैकड़ो पर्यटक प्रतिदिन यहाँ आते है | इसका निर्माण विजयपाल गोयल द्वारा किया गया है | इन सबके अतिरिक्त पंजाब विश्वविद्यालय परिसर के खुले हरे भरे लॉन , खुबसुरत भवन , बोटेनिकल गार्डन भी दर्शनीय स्थल है |
निकटवर्ती दर्शनीय स्थल
पिंजौर गार्डन – चंडीगढ़ (Chandigarh) से 22 किमी दूर शिवालिक की पहाडियों में बसा पिंजौर देश-विदेश के पर्यटकों का पसंदीदा Resort है | पिंजौर के शाही शानोशौकत सैलानीयो को अपने आकर्षण से खींचकर यहाँ ले आती है |
यादवेन्द्र गार्डन – पिंजौर को सही मायनों में शाही बनाने के श्रेय मुगल शैली में बने इस बाग़ को कहते है | इसे 17वी शताब्दी में नवाब फिदई खान ने बनवाया था | प्रसिद्ध चार बाग़ शैली से बने इस बाग़ के बीचो-बीच एक तालाब है | आस-पास हरे पेड़-पौधे | कृत्रिम फव्वारों से सुसज्जित यह बाग़ रात के समय जब रोशनी से नहा उठता है तो इसका अविस्मरणीय सौन्दर्य देख पर्यटक मुग्ध हो उठते है | इसी बाग़ में बने शीश महल , रंग महल और जलमहल भी पर्यटकों के पसंदीदा दर्शनीय स्थल है |
जलमहल – चारो तरफ फव्वारे से घिरे इस कैफे में हर समय पर्यटकों की भीड़ रहती है | पिंजौर की अन्य विशेषताए यहाँ बना चिड़ियाघर है जो बच्चो का प्रमुख आकर्षण केंद्र है | यूँ तो तो रात को यहाँ ठहरने की आवश्यकता नही पडती है लेकिन यदि रुकना भी पड़े तो भी ठहरने की पर्याप्त सुविधा है | चंडीगढ़ से पिंजौर तक आने-जाने के लिए हर समय नियमित बस एवं टैक्सी सेवा सहज उपलब्ध है |
कैसे जाए | How To Reach
- वायु मार्ग – चंडीगढ़ (Chandigarh) का हवाई अड्डा City Center से 11 किमी दूर है | यहाँ से देश के कई प्रमुख नगरो से सीधी वायु सेवाए है | Private Airlines भी यहाँ के लिए उपलब्ध है |
- रेलमार्ग – रेलमार्ग द्वारा चंडीगढ़ (Chandigarh) के लिए दिल्ली से हावड़ा , दिल्ली कालका मेल सुविधाजनक गाड़िया है | चंडीगढ़ (Chandigarh) का रेलवे स्टेशन ,सिटी सेंटर सेंटर 17 से केवल 8 किमी दूर है |
- सड़क मार्ग – चंडीगढ़ (Chandigarh) देश के विभिन्न भागो के साथ कई सड़क मार्गो से जुड़ा है | कई राज्य परिवहन की बसे आस-पास के राज्यों से चंडीगढ़ आती है | राष्ट्रीय हाइवे 21 एवं 22 चंडीगढ़ के लिए प्रमुख मार्ग है | चंडीगढ़ ,पंजाब , हिमाचल , दिल्ली , उत्तर प्रदेश तथ राजस्थान के पर्यटन तथ धार्मिक स्थलों से सड़क मार्ग से जुड़ा है |
कब जांए | Best Time to Visit Chandigarh
वैसे तो चंडीगढ़ (Chandigarh) कभी भी आया-जाया जा सकता है फिर भी मार्च से मई और सितम्बर से नवम्बर का मौसम यहाँ के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल रहता है | पर्यटक यहाँ आकर जलक्रीडा का भरपूर आनन्द ले सकते है |
Comments
Post a Comment