Skip to main content

Counseling में अपना करियर कैसे बनाये ? Career Counseling Jobs Guide in Hindi

Career Counseling Jobs Guide in Hindi
Career Counseling Jobs Guide in Hindi

वर्तमान में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र का दायरा अत्यधिक व्यापक हो चूका है | विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हजारो कोर्सज कराए जा रहे है | आज रोजगारो के हजारो अवसर विद्यमान है इसके साथ ही रोजगार के नये नये अवसरों का सृजन भी हो रहा है | ऐसे में एक ओर जहां स्वयं के लिए किसी कोर्स का चयन करना कठिन है वही दुसरी ओर सर्वाधिक उपयुक्त करियर चुनना भी बहुत मुश्किल है | इस कार्य के लिए किसी योग्य सलाहकार या परामर्शदाता की जरूरत होती है | यही कारण है कि आज स्कूल-कॉलेज काउंसलस एवं करियर काउन्स्लेर (Counseling) का कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गया है |
स्कूल एवं कॉलेज counselors विषय चुनने , पढाई से संबधित मनोवैज्ञानिक समस्याओं को हल करने में छात्र-छात्राओं की मदद करते है उनकी शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को दूर करने में सहायता करते है | करियर counselors मौजूदा करियर विकल्पों में से व्यक्ति की रूचि ,क्षमता और योग्यता के अनुरूप उसके लिए सर्वाधिक उपर्युक्त विकल्प का चयन करने में उसकी सहायता करते है |
Counseling का एक विशेष क्षेत्र भी है Rehabilitation counseling  | Rehabilitation counselors शारीरिक रूप से अक्षम और मानसिक रूप से टूटे हुए लोगो को काउंसलिंग प्रदान करते है | ये अक्षम लोगो को आजीविका चलाने एवं सामजिक व्यवहार निभाने योग्य बनाते है जबकि मानसिक रूप से टूटे हुए लोगो की कुंठा और निराशा दूर कर उनमे जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करते है |

विशेष कौशल

counselor का कार्य व्यक्ति के मनोविज्ञान को समझकर उसके समक्ष अपनी बात को तर्क के साथ प्रभावशाली ढंग से रखने का होता है | एक अच्छे counselor में धैर्य , संवेदनशीलता , तर्क-वितर्क करने की कुशलता ,मूल्यांकन क्षमता , काउन्सलिंग के लिए आने वाले लोगो की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनने की योग्यता , उनकी बात समझने और तथ्यों का शीघ्रता से विश्लेषण करने की क्षमता होने चाहिए | वह व्यक्ति विशेष की आवश्यकता या समस्या के अनुरूप सटीक समाधान प्रस्तुत कर सके |
उसका प्रस्तुतिकरण व्यक्ति को दिए गये परामर्श के अनुसार कार्य करने के लिए अथवा निर्णय लेने के लिए विवश करने वाला हो | वह मौखिक एवं लिखित अभिव्यक्ति की दक्षता रखता हो | उसमे धैर्यशीलता ,नम्रता एवं सहयोग की भावना होना बहुत ही जरुरी है क्योंकि काउन्सलिंग के लिए आने वाला व्यक्ति या तो किसी शारीरिक -मानसिक समस्या से ग्रस्त होता है अथवा उसकी पढाई या करियर से जुडी कोई समस्या होती है और वह अपनी समस्या को लेकर काफी उलझन में या परेशान होता है | वह बार बार अपनी समस्या को दोहराता है बार एक जैसे सवाल सामने रख देता है |
ऐसे में काउंसलर को बड़े ही धैर्य के साथ नम्रतापूर्वक म,सहयोग एवं आत्मीयता की भावना के साथ पेश आना चाहिए | कोर्सेज या करियर चुनने में परामर्शदाता के रूप में कार्य करने वाल counselors को विविध विषयों के पाठ्यक्रमो और देश-विदेश के उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थानों की जानकारी होनी चाहिए | कौन-कौनसे नये कोर्स प्रारम्भ हुए है उनमे प्रवेश के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए , प्रवेश परीक्षा किस प्रकार की होगी | फीस संरचना क्या है इत्यादि बातो से काउंसलर को अपडेट रहना चाहिए | शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में क्या नवीन परिवर्तन हो रहे है रोजगार के उभरते क्षेत्र कौन कौनसे है उनमे क्या नवीन सम्भावनाये है आदि की जानकारी भी उसे होनी चाहिए |

कोर्स एवं योग्यता

प्रोफेशनल काउंसलर बनने के लिए कोई विशेष व्यावसायिक पाठ्यक्रम नही है | कुछ संस्थान मार्गदर्शन और परामर्श में डिप्लोमा कोर्स संचालित करते है | कोर्स करने के लिए किसी भी विषय में स्नाकोत्तर की उपाधि होना आवश्यक है | जिन उम्मीदवारों के पास मनोविज्ञान में उपाधि होती है या जिन्हें मनोविज्ञान के क्षेत्र में कुछ कार्यानुभव होता है उन्हें प्रवेश में वरीयता दी जाती है |

अवसर

आजकल स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों में काउंसलर रखे जाते है | सामाजिक व्यवहार ,स्वास्थ्य , शिक्षा आदि के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयंसेवी संघठनो , नशा मुक्ति केद्रो , नारी निकेतनो और सुधार गृहों में काउंसलर के रूप में कार्य किया जा सकता है | करियर काउंसलर के रूप में रोजगार के अवसर ही अवसर है | सुचना केन्द्रों , भर्ती एजेंसीज के साथ भी कार्य किया जा सकता है | स्वतंत्र रूप से अपना करियर काउंसलर सेण्टर भी चलाया जा सकता है |

वेतन

करियर काउंसलर को शुरुवात में लगभग 20-25 हजार रूपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त होता है | वेतन , योग्यता , अनुभव और रोजगार एजेंसी या भर्ती एजेंसी पर भी निर्भर करता है | अच्छे रोजगार सुचना केन्द्रों और स्थापित भर्ती एजेंसीज में योग्य काउंसलर को आकर्षक वेतन पैकेज प्राप्त होता है

Comments

Popular posts from this blog

Pythagoras Biography in Hindi | पायथोगोरस की जीवनी

Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म  ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi आदिमानव लगभग 20,000 साल पहले पहिये दार गाडियों का उपयोग किया करते थे लेकिन विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ज्ञात होता है कि पहिये का प्रचलन 3500 से 4000 ईस्वी पूर्व सीरिया और सुमेरियसा में ही सबसे पहले हुआ था | 3000 ईसा पूर्व तक मेसापोटामिया में पहिये का ख़ासा प्रचलन शूर हो चूका था और सिन्धु घाटी में यह लगभग 2500 वर्ष ईसा पूर्व पहुचा | पहिये का आविष्कार संसार में कब और कहा ,किस प्रकार हुआ या किसने किया , इस संबध में निश्चित रूप से कुछ नही कहा जा सकता | पहिये का लाभ उठाकर पैदल चलने की इस क्रिया यानि साइकिल का अविष्कार भले ही लगभग पौने दो सौ वर्ष पूर्व हुआ हो लेकिन पहिये का अविष्कार निश्चित रूप से हजारो वर्ष पूर्व हुआ हो इसके सर्वत्र प्रमाण मौजूद है | पौराणिक सभ्यताओं से लेकर हजारो वर्ष पुराणी पूरा-सामग्री में भी रथो या बैलगाडियों के होने के प्रमाण उपलब्ध है | फिर भी ऐसा समझा जाता है कि पहिये का अविष्कार “मेसापोटामिया” में यानि आधुनिक ईराक के एक हिस्से में कभी हजारो वर्ष पूर्व हुआ था | कहा जाता है कि किसी पेड़ के गोल...

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi प्रधानमंत्री (Prime Minister) , विधायिका और कार्यपालिका दोनों का वास्तविक प्रधान होता है तथा मंत्रियों एवं राष्ट्रपति के बीच संवाद के लिए सेतु का कार्य करता है | राष्ट्रपति की शक्तियाँ औपचारिक ही है | व्यवहार में उसकी शक्तियों का उपयोग PM ही करता है | राष्ट्रपति , लोकसभा में बहुमत दल के नेता को ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त करता है परन्तु यदि किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिला हो तो सबसे बड़े दल को , यदि वह भी न हो तो चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठ्बन्धन वाली पार्टी के नेता को PM नियुक्त करता है | साथ ही निर्धारित समयावधि में लोकसभा में मंत्रीमंडल को विश्वास मत प्राप्त करने को राष्ट्रपति को कह सकता है | आइये पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रीयो की सूची पर एक नजर डालते है | भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | Prime Minister of India List in Hindi क्र. प्रधानमंत्री का नाम जन्म-मृत्यु वर्ष कार्यकाल दल 1 जवाहरलाल नेहरु 1889–1964 1947-1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 2 गुलजारीलाल नंदा 1898–1998 1964 (13 दिन) भारत...