History and Places to Visit in Shimla
Shimla में बादलो से भरे पहाड़ , मनमोहक हरियाली और सुंदर झीले आपका स्वागत करेगी | भारत में शिमला हिमाचल प्रदेश की सबसे खुबसुरत जगह और सबसे ज्यादा घुमा जाने वाला पर्यटन स्थल है | इसे अपनी सुंदर पहाडियों के कारण पहाडियों की रानी भी कहते है | 18वी सदी में शिमला शहर का अधिकतर हिस्सा घने जंगलो से भरा हुआ था | उस शिमला में एकमात्र सभ्यता जाखू मंदिर और बिखरे हुए घर थे | इस जगह का नाम शिमला देवी काली की अवतार हिन्दू देवी “श्यामला देवी” के नाम पर रखा गया |
1806 में वर्तमान Shimla का अधिकतर हिस्सा नेपाल के भीमसेन थापा ने अपने कब्जे में ले लिया था | 1814–16 में हुए एंग्लो- नेपाली युद्ध में सुगौली संधि के मुताबिक इस प्रदेश पर ब्रिटिश East India Company का कब्जा हो गया |Gerard brothers ने 1817 में इस जगह के बारे में अपनी डायरी में जिक्र किया जिसमे उसके सर्वेक्षण के अनुसार Shimla एक छोटा गाँव था जिसमे एक फ़कीर राहगीरों को पानी पिलाता था | 1819 में Lieutenant Ross , जो कि इस जगह का सहायक राजनितिक प्रतिनिधि था , ने शिमला में अपनी लकड़ी की कुटिया बनाई| इसके तीन साल बाद Charles Pratt Kennedy ने शिमला में पहला पक्का घर बनाया |
इंग्लैंड जैसे मौसम के लिए अभ्यस्त ब्रिटिश ऑफिसर्स के लिए तीव्र गर्मी के समय अनुकूल जगह थी | 1826 से अधिकतर ब्रिटिश अधिकारी गर्मियों में यहाँ पर छुट्टिया बिताने आने लगे |1827 में बंगाल के गर्वनर जनरल Lord Amherst शिमला घुमने आये और उन्होंने यहा रहकर Kennedy House का निर्माण करवाया | इसके एक साल बाद ब्रिटिश सेना के प्रधान सेनापति Lord Combermere भी इसी घर में रहे | उनके निवास के दौरान उन्होंने जाखू के निकट Three-mile road और A Bridge का निर्माण करवाया |1830 में बिटिश सरकार ने Keonthal और Patiala के शाषक से दुसरे प्रान्तों के बदले शिमला Shimla पर अपना कब्जा कर लिया | समझौता बढ़ते बढ़ते यहा पर 1881 में 30 घरो से 1141 घर बन गये |
1832 में Shimla में Governor-General William Bentinck और महाराजा रणजीत सिंह के बीच पहली राजनितिक बैठक हुयी थी | इसके बाद लगातार कई बिटिश गर्वनर जनरल और सेनापति इस जगह पर घुमने आने लगे और उन्होंने संबंध बढ़ाने के लिए यहा की औरतो से विवाह भी किये | शिमला Shimla उत्सवो और आयोजनों के लिए एक हिल स्टेशन बन गया | धीरे धीरे यहा पर उच्च वर्ग के लोगो के लिए आवासीय विद्यालय बनने लगे | 1830 में ये नाटकशाळा और कला का मुख्य केंद्र बन गया | जैसे जैसे जनसंख्या बढती गयी , बंगलो की संख्या भी बढती गयी और बड़े बाजार बनने लगे | भारतीय व्यापारी यहा पर यूरोपीय लोगो की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहा व्यापार करने लगे |
1844 में यहा पर Christ Church बना जिसके बाद कई रोड चौड़े किये गये | 1851-52 में 560 फीट की सुरंग बनाकर हिंदुस्तान-तिब्बत रोड का निर्माण किया गया और इस सुरंग को ढाली सुरंग कहते है जो Major Briggs द्वारा 1850 में शुरू की और 1852 में खत्म हुयी |1857 की क्रांति में यूरोपीयन लोगो को इस शहर में परेशानी हुयी लेकिन शिमला अधिकतर विद्रोहियों से दूर रहा | 1863 में भारत के वायसराय John Lawrence ने ब्रिटिश राज की ग्रीष्मकालीन राजधानी Shimla बनाने का फैसला लिया हालंकि इसमें काफी अडचने आयी |
Lord Lytton ने 1876 में इस शहर को विकसित करने की योजना बनाई, वो पहले खुद किराये के घर में रहे और फिर Viceregal Lodge बनाने की योजना बनाई और बाद में Observatory Hill निर्मित किया | एक बार यहा पर भीषण आग लगी जिसमे The Ridge में रहने वाले कई भारतीय नीचे के बाजारों की तरफ पलायन कर गये | Upper Bazaar अब Town Hall के निर्माण के लिए खाली हो गया था जिसमे पुस्तकालय, पुलिस ऑफिस, नगरपालिका प्रशासन , सैन्य स्वयंसेवकों और नाटकशाला जैसी कई सुविधाए थी |
गर्मियों के मौसम में Shimla भारत के सेनापति का मुख्यालय था |1876 में भारत की भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी वर्तमान पाकिस्तान के मुरी से शिमला कर दी गयी | धीरे धीरे ब्रिटिश लोगो का परिवार यहा रहने लगा और शिमला सोसाइटी का निर्माण किया | शिमला अपने आदर्श मौसम के कारण ब्रिटिश लोगो का गढ़ हो गया | 1905 में 500 फीट की Lower Bazaar tunnel का निर्माण किया गया और उसका नाम खच्चर सुरंग दिया गया |
1906 में कालका-शिमला रेल लाइन का निर्माण हुआ जिससे शिमला का सम्पर्क अन्य जगहों से सुलभ हो गया | उस समय में कालका से शिमला रेल लाइन में 806 पुलों और 103 सुरंगो का निर्माण किया गया जो इंजीनियरिंग अक बेजोड़ नमूना था और इसे “British Jewel of the Orient” कहा जाने लगा | 2008 में इसको UNESCO World Heritage Site मे शामिल किया गया | भारत के विभाजन से पहले यहा पर मुस्लिम लोगो की बहुतायत थी |भारत के स्वतंत्र होने के बाद 15 अप्रैल 1948 को 28 रियासतों को मिलाकर हिमाचल प्रदेश का घठन हुआ जिसे 25 जनवरी 1971 को राज्य का दर्जा मिला
Comments
Post a Comment