
बडौदरा (Vadodara) एक प्राचीन एतेहासिक दर्शनीय स्थल है | पहले इसे बडौदा के नाम से जाना जाता था को कभी गायकवाड रियासत की राजधानी था | बताया जाता है कि इस शहर की स्थापना पहली शताब्दी में हुयी थी | खुबसुरत भव्य इमारतो और बागो वाला बडौदरा (Vadodara) अपनी सुन्दरता के लिए सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है |
बडौदरा (Vadodara) के दर्शनीय स्थल
प्रताप विलास महल – यह भवन राजपरिवार के निवास के रूप में बनाया गया था जो कि स्थापत्य कला का खुबसुरत उदाहरण है | महल में प्राचीन हथियारों ,संगमरमर ,कांस्य , टेराकोटा की मूर्तियों का अनोखा संग्रह देखने लायक है | वर्तमान में यह भवन भारतीय रेलवे स्टाफ कॉलेज के रूप में है |
नजर बाग़ महल – गायकवाड राजाओ की पुरानी कलात्मक शैली में बने इस महल का उपयोग तक राज-परिवार द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता था | इसे अब राज-परिवार के उत्तराधिकारी अपने आवास के तौर पर उपयोग करते है |
लक्ष्मी विलास महल – यह महल प्राचीन शिल्पकला की अनोखी मिसाल है | सफेद संगमरमर ,शीशे ,लकड़ी एवं कलात्मक पत्थरों से निर्मित लक्ष्मीविलास महल पर्यटकों को खूब लुभावना लगता है | इस खुबसूरत महल को महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने अपने आवास के लिए बनवाया था |
सयाजी गार्डन – “कमाटी बाग़” के नाम से भी जाना जाने वाला यह खुबसुरत बाग़ 1879 में बनवाया गया था | यह सुंदर बाग़ एक आयुर्वेदिक बाग़ है | यहाँ चिड़ियाघर ,संग्रहालय , सरदार पटेल तारामंडल एवं खिलौना गाड़ी पर्यटकों को आकर्षित करती है | यह विश्वामित्री नदी के किनारे स्थित है |
महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय – इस संग्रहालय में प्राचीन पेंटिंग एवं कलाकृतियों का अद्भुत संग्रह है | यहाँ राफेल टीटीयान और मुरीलो के प्रसिद्ध तेलचित्रों के संग्रह के साथ रोमन , ग्रीस , चाइनीज कला का अद्भुत संग्रह है जिसे देखकर पर्यटक दांतों तले उँगली दबाने पर विवश हो जाते है |
बडौदरा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी – इसमें पुरातत्व ,इतिहास , भूगर्भशास्त्र एवं प्राचीन मानव शास्त्रों के संग्रह का बेजोड़ संगम है | यह आर्ट गैलरी 1884 में गायकवाड राजाओ द्वारा स्थापित की गयी थी | यहाँ महात्मा बुद्ध एवं जैन सम्प्रदाय की हस्तलिखित पांडूलिपियाँ भी संग्रहित है |
लाल बाग़ – रेलवे स्टेशन से करीब 10 किमी दूर स्थित लाल बाग़ बडौदरा के सुंदर बागो में से एक है | यह बाग़ प्रताप विलास के नजदीक होने से पिकनिक के शौक़ीन पर्यटकों के लिए भ्रमण का मजा दोगुना कर देता है |
इनके अलावा यहाँ सयाजी सरोवर , सूरसागर , कालाघोड़ा , मांडवी , हजारा मकबरा , गेंदी गेट , लहोरीपूरा दरवाजा भी दर्शनीय है | पावागुरु पहाड़ी स्थल भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है | यह 46 किमी दूर है | इसकी विशेषता है कि यह स्थल खुबसुरत प्राकृतिक दृश्यू से भरपूर है |
बडौदरा पहुचने के मार्ग
- वायु मार्ग – हवाई मार्ग से बडौदरा (Vadodara) मुम्बई , पुणे ,दमन एवं अहमदाबाद से जुड़ा हुआ है |
- रेल मार्ग – बडौदरा (Vadodara) शहर देश के सभी मुख्य शहरों दिल्ली , मुम्बई , अहमदाबाद ,बैंगलोर , पुणे आदि से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है |
- सड़क मार्ग – गुजरात के अनेक शहरों से राज्य परिवहन की तथा निजी बसे यहाँ के लिए उपलब्ध है |
Comments
Post a Comment