
ईस्ट इंडिया कम्पनी ने सबसे पहले भारत पर राज करने के लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त किये थे जिन्हें गर्वनर जनरल कहा जाता था | उनका मुख्य कार्य प्रशासन और देश के प्रमुख फैसले लेना था | वर्तमान में राष्ट्रपति के पास जो शक्तियाँ है वो गर्वनर जनरल के पास थी उसी प्रकार उस दौर में राजा के पास जो शक्तियाँ थी वो प्रधानमंत्री के पास है | आइये आपको भारत के गर्वनर जनरल और उनके कार्यो के बारे में विस्तार से बताते है |
रोबर्ट क्लाइव (1757-1785)
- रोबर्ट क्लाइव भारत का पहला गर्वनर जनरल था |
- अवध के नवाब शुजादुओल्ला एवं शाह आलम के साथ 1765 में इलाहाबाद की संधि हुयी |
- बक्सर कस युद्ध इसी के शासनकाल में लड़ा गया |
वारेन हेस्टिंग्स (1773-1785)
- भारत का प्रथम गर्वनर जनरल
- भारत में न्यायिक सेवा का जन्मदाता
- प्रथम गर्वनर जनरल जिस पर इंग्लैंड लौटने का महाभियोग चलाया गया |
- 1784 में विलियम जॉन के साथ मिलकर एशियाटिक सोसायटी की स्थापना |
लार्ड कार्नावालिस (1786-1793)
- भारत में सिविल सेवा का जनक
- इसने बंगाल एवं बिहार में स्थायी बन्दोबस्त लागू किया |
- मृत्यु उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में
सर जॉन शोर (1793-1798)
- इसके समय में 1795 में निजामो एवं मराठो के बीच खेमा की लड़ाई हुयी |
लार्ड वेलेजली (1798-1805)
- भारतीय राज्यों को अंग्रेजी परिधि में लाने के लिए सहायक संधि प्रणाली का उपयोग किया |
- 1800 में कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की |
- 1802 में पेशवा बाजीराव द्वितीय के साथ बेसिन की संधि की |
सर जोर्ज बार्लो (1805-1807)
- होल्कर के साथ सहायक संधि (राजपुरघाट की संधि) की |
लार्ड मिन्टो प्रथम (1807-1813)
- 1809 में महाराजा रंजीत सिंह के साथ अमृतसर की संधि की
लार्ड हेस्टिंग (1813-1823)
- अंग्रेज नेपाल युद्ध तथा संगोली की संधि
- मद्रास में टामस मुनरो द्वारा रैयतवाडी की व्यवस्था लागू की गयी
लार्ड एमहर्स्ट (1823-1828)
- प्रथम आंग्ला-बर्मा युद्ध
लार्ड विलियम बैंटिक (1828-1835)
- सती प्रथा का अंत
- कर्नल स्लीमेन की सहायता से ठगी के अंत
- रंजीत सिंह के साथ निरंतर मित्रता की संधि
चार्ल मेंटहाफ (1835-1836)
- भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता
लार्ड आकलैंड (1836-1842)
- प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध एवं ग्यालियर के साथ युद्ध
लार्ड एलेनबरो (1842-1844)
- 1843 में दास प्रथा का अंत
- इसका कार्यकाल कुशल अकर्मण्यता का नितिकाल कहलाता है
लार्ड हार्डिंग (1848-1848)
- प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध तथा लाहौर की संधि
- ओडिशा में खोंड़ो के बीच प्रचलित नरबली प्रथा को समाप्त किया
लार्ड डलहौजी (1848-1856)
- Doctrine of Lapse की निति से सतारा , जैतपुर एवं सम्भलपुर , उदयपुर , झांसी , नागपुर तथा कुशासन के आरोप में अवध को कम्पनी में मिलाया |
- रेलवे माइनुट 1853 में बम्बई से थाणे तक रेल का परिचालन
- 1854 में डाक टिकट का प्रचलन ,
- पहली बार सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं लोक शिक्षा विभाग की स्थापना |
लार्ड कैनिंग (1856-1852)
- कम्पनी का अंतिम गर्वनर जनरल
- भारत का प्रथम वायसराय
- 1857 क्रांति के समय गर्वनर जनरल
- यूरोपीय सेना द्वारा श्वेत विद्रोह
- भारतीय विधि संहिता एवं दंड संहिता का निर्माण
लार्ड अल्गिन (1862-1863)
- पश्चिमी उत्तर सीमा प्रान्त में कबाईलियो के दमन में अम्ब्रेला अभियान चलाया |
- विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहन
सर जॉन लोरेन्स (1864-1869)
- 1865 में कलकत्ता , बम्बई एवं मद्रास उच्च न्यायलयो की स्थापना
लार्ड मेयो (1869-1872)
- काठियावाड़ में राजकोट कॉलेज एवं अजमेर में मेयो कॉलेज की स्थापना |
- भारतीय सांख्यिकी सर्वेक्षण एवं कृषि-वाणिज्य विभाग की स्थापना
- 1871 में भारत की प्रथम जनगणना
लार्ड नार्थब्रूक (1872-1876)
- पंजाब में कुका विद्रोह
- ब्रह्मा मैरिज एक्ट , 1872 में पारित कर बाल विवाह पर प्रतिबन्ध
लार्ड लिटन (1876-1880)
- रिचर्ड स्ट्रेची की अध्यक्षता में प्रथम अकाल आयोग की नियुक्ति
- महारानी विक्क्टोरिया को केसर-ए-हिन्द उपाधि प्रदान करने के लिए दिल्ली दरबार का आयोजन
- वर्नाकुलर प्रेस एक्ट 1878 के तहत भारतीय भाषा के समाचार प्रत्रो पर प्रतिबन्ध
- आर्म्स एक्ट पारित
- सिविल सेवा की उम्र घटाकर 21 से 19 कर दिया
लार्ड रिपन (1880-1884)
- फ्लोरेंस नाइटेंगल ने इन्हें भारत का उद्धारक कहा |
- इन्हें स्थानीय स्वशासन का जनक भी कहा गया |
- प्रथम वास्तविक जनगणना 1881 में हुयी |
- इल्बर्ट बिल विवाद के कारण कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व त्यागपत्र देना पड़ा |
लार्ड डफरिन (1884-1888)
- 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
लार्ड लांसडाउन (1888-1894)
- भारत और अफगानिस्तान के बीच सीमा निर्धारण हेतु डूरंड आयोग की स्थापना ()
लार्ड अल्गिन द्वितीय (1894-1899)
- अकाल की जांच के लिए लायल आयोग का गठन
लार्ड कर्जन (1899-1905)
- फ्रेजर की अध्यक्षता में पुलिस आयोग
- स्कोउट मान्क्रीफ की अध्यक्षता में सिंचाई आयोग की स्थापना
- मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में अकाल आयोग का गठन
- 1903 में पुलिस विभाग में CID की स्थापना
- पूसा (बिहार) में कृषि अनुसन्धान केंद्र की स्थापना
- 1905 में रेलवे बोर्ड की स्थापना
- 1905 में विक्टोरिया मेमोरियल की स्थापना
लार्ड मिन्टो द्वितीय (1905-1910)
- मुस्लिम लीग की स्थापना
- स्वदेशी आन्दोलन
- मार्ले-मिन्टो सुधार अधिनियम
लार्ड होर्डिंग द्वितीय (1910-1916)
- 12 दिसम्बर 1911 को राजधानी कलकत्ता से दिल्ली हस्तांतरित करने की घोषणा
- 28 जुलाई 1914 को प्रथम विश्व युद्ध की शुरुवात
- 1916 में वाराणसी में मदनमोहन मालवीय द्वारा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय एवं हिन्दू महासभा की स्थापना
- 1913 में रविन्दनाथ टैगोर को साहित्य में नोबल पुरुस्कार
लार्ड चेम्सफोर्ड (1916-1921)
- पूना में डी.के.कर्वे द्वारा महिला विश्वविद्यालय की स्थापना
- 1919 में संवैधानिक सुधार अधिनियम द्वारा प्रान्तों में द्वैध शासन लागू
लार्ड रीडिंग (1921-1926)
- प्रिंस ऑफ़ वेल्स का भारत आगमन
- केरल में मोपला का विद्रोह
- एम.एन.रॉय द्वारा भारतीय साम्यवादी दल का गठन
- 1922 में कलकत्ता में विश्व भारती विश्वविद्यालय का गठन
- द्वैध शासन के मूल्यांकन के लिए मुडीमैंन कमेटी का गठन
लार्ड इरविन (1926-1931)
- 1929 में शारदा एक्ट पारित
- 1927 में साइमन कमीशन की नियुक्ति
- गांधी इरविन समझौता
लार्ड विलिंगटन (1931-1936)
- द्वीतीय एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन
- Indian Military Academy की देहरादून में स्थापना
- भारत सरकार अधिनियम 1935 द्वारा प्रान्तों का द्वैध शासन समाप्त एवं केंद्र में शुरू
लार्ड लीनथिनगो (1936-1944)
- 1 दिसम्बर 1939 को द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुवात
- विंस्टन चर्चिल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने
- 14 जुलाई को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ
लार्ड वेवल (1944-1947)
- राजगोपालाचारी ने सी.आर. फार्मूला प्रस्तुत किया
- 22 मार्च 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया
- मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को सीधी कार्यवाही दिवस का आयोजन किया
- सच्चीदानंद सिन्हा की अध्यक्षता में संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुयी |
लार्ड माउंटबेटन (1947-1948)
- 03 जून 1947 को भारत विभाजन की माउंटबेटन योजना की घोषणा की गयी |
- स्वतंत्र भारत के पहले गर्वनर
सी.राजगोपालचारी (1948-1950)
- भारत के अंतिम तथा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गर्वनर जनरल
- 26 जनवरी 1950 को संविधान सभा लागु होने के साथ ही भारत में गर्वनर जनरल का पद समाप्त हो गया |
- राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति निर्वाचित हुए |
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