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Ahmedabad Tour Guide in Hindi | अहमदाबाद के पर्यटक स्थल

Ahmedabad Tour Guide in Hindi
Ahmedabad Tour Guide in Hindi

साबरमती के किनारे सन 1411 में सुल्तान अहमदशाह द्वारा बसाया गया अहमदाबाद (Ahmedabad) एक एतिहासिक एवं आधुनिक शहर है | यहाँ एतिहासिक एवं पुरातत्व महत्व की इमारतो , महलो , मकबरों के साथ हिन्दू-मुस्लिमो की साझा सांस्कृतिक विरासत का बेजोड़ सामंजस्य देखा जा सकता है | वर्तमान में अहमदाबाद (Ahmedabad) देश के बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है | कपड़ा मिलो की वजह से इसे “पूर्व का मेनचेस्टर” भी कहते है |
यदि आप गुजरात के इस शहर में घुमने के लिए जा रहे है तो प्रदूषण और शोर के वातावरण का सामना करने के लिए तैयार रहे | स्वतंत्रता आन्दोलन के अगुआ रहे महात्मा गांधी के “गांधी आश्रम” और नमक कानून की वजह से भी अहमदाबाद (Ahmedabad) पर्यटकों को आकर्षित करता है | आइये आपको अहमदाबाद (Ahmedabad) के उन पर्यटक स्थलों के बारे में विस्तार से बताते है जिसकी वजह से अहमदाबाद प्रसिद्ध है |

अहमदाबाद (Ahmedabad) के पर्यटन स्थल

झूलती मीनारे – सिद्दि बशीर की झूलती मीनारे मुस्लिम स्थापत्य शिल्पकला के अद्भुत उदाहरण है | दूर से दिखने वाली मीनारों की विशेषता यह है कि एक पर दबाव पड़ने पर दुसरी अपने आप हिलने लगती है | मल्लिक शाह रंगशा ने इसका निर्माण 1450 में करवाया था | मीनारों का देश-विदेश में कोई सानी नही है |
जामा मस्जिद – इसे 1423 ई. में अहमदशाह ने बनवाया था | शहर के मध्य में स्थित इस मस्जिद में 260 स्तम्भ एवं 15 गुम्बद है | देश की सबसे सुंदर मस्जिदों में इसकी गिनती की जाती है | मस्जिद की दीवारों पर हिन्दू स्थापत्य कला के सुंदर नमूने देखने को मिलते है | यह मस्जिद पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित है |
भद्र किला – सन 1411 में अहमदशाह द्वारा बनवाए इस किले की स्थापत्य कला दर्शनीय है | यह किला वास्तुकला का खूबसूरत नमूना है | इसके सामने 3 दरवाजा के नाम से सुंदर द्वार है जिसका इस्तेमाल सुल्तान महल में होने वाले कार्यक्रमों को देखने के लिए करता था | मराठो ने इस किले को जीतकर इसमें भद्रकाली का मन्दिर बनवाया और किले का यह नाम दिया |
कांकरिया झील – गोल आकार की इस खूबसूरत झील को सुल्तान कुतुबुद्दीन ने 1451 ई. में बनवाया था | झील के बीच में एक महल और बगीचा है जिसे नगीनाबाडी कहते है | अब यह एक खुबसुरत पिकनिक स्थल है | झील के आसपास बने बाल वाटिका , चिड़ियाघर ,मछलीघर आदि भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करते है |
रानी रूपमती मस्जिद – सुलतान की हिन्दू पत्नी रूपमती की स्मृति में निर्मित यह मस्जिद स्थापत्य कला की दृष्टि से देखने लायक है | 3 गुम्बद , 12 स्तम्भों पर टिके है | मस्जिद के मध्य भाग में खड़े होने पर भरपूर प्रकाश दिखाई देता है जबकि वहां पर सूर्य की किरने सीधी नही पहुचती |
गांधी आश्रम – शहर से 7 किमी दूर साबरमती नदी के किनारे स्तिथ यह आश्रम 1915 में महात्मा गांधी ने स्थापित किया था | यह स्थान कई सालो तक स्वतंत्रता आन्दोलन का केंद्र रहा है | गांधीजी ने 1930 में दांडी यात्रा यही से शुरू की थी | यहाँ गांधी स्मृति , हृदय कुञ्ज अस्पताल और ध्वनि प्रकाश कार्यक्रम देखने योग्य है |
जैन मन्दिर – 1850 में सफेद संगमरमर से निर्मित यह एक खुबसूरत कलात्मक जैन मन्दिर है जिसे अहमदाबाद के एक धनी व्यवसायी ने बनवाया था | मन्दिर के प्रांगण में चारो तरफ 52 छोटे छोटे अन्य मन्दिर भी बने हुए है | मन्दिर की भीतरी कलात्मकता देखने लायक है |
नल सरोवर – यह स्थल पक्षी प्रेमी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है | शहर से करीब 71 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित इस पक्षी अभयारण्य में पर्यटक 300 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को देख सकते है | इस झील में 360 छोटे छोटे टापू है | यहाँ सर्दियों में ढेरो प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है | इनके अलावा अहमदाबाद (Ahmedabad) और आसपास के दर्शनीय स्थलों में शरखेज रोजा , तरन दरवाजा , रानी सीपी मस्जिद , शाहआलम रोजा , शाहीबाग़ महल , टेक्सटाइल म्यूजियम आदि भी देखने लायक है |

अहमदाबाद पहुचने के मार्ग

  • वायु मार्ग – अहमदाबाद (Ahmedabad) देश के सभी बड़े शहरों जैसे दिल्ली , मुम्बई , कोलकाता , चेन्नई , बैंगलोर आदि से हवाई मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है | अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होने की वजह से अहमदाबाद के लिए विदेशो से भी वायु सेवाए उपलब्ध है |
  • रेल मार्ग – अहमदाबाद दिल्ली , मुम्बई , जयपुर , जोधपुर , चेन्नई , बैंगलोर , जम्मू-कश्मीर आदि पर्यटन स्थलों के साथ सीधा जुड़ा हुआ है |
  • सड़क मार्ग – अहमदाबाद (Ahmedabad) बस मार्ग द्वारा गुजरात के अनेक शहरों से जुड़ा हुआ है | इसके आलावा राजस्थान , मध्यप्रदेश , मुम्बई और दिल्ली से भी बस मार्ग से जुड़ा हुआ है |

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