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दूरदर्शन के 60 वर्षो का रोचक इतिहास | Doordarshan History in Hindi

Doordarshan History in Hindi
Doordarshan History in Hindi

आज आपके घर में सैकड़ो टीवी चैनल्स उपलब्ध होंगे लेकिन एक समय था जब देश में सिर्फ एक चैनल हुआ करता था “दूरदर्शन” | आपको पता होना चाहिए कि 1959 में 15 सितम्बर के दिन ही अपने देश में टेलिविज़न प्रसारण की शुरुवात हुयी थी | बीते 15 सितम्बर को भारतीय लोक सेवा प्रसारण के 60 वर्ष पुरे हो गये है | शायद आपको पता हो कि इसकी शुरुवात एक अस्थायी स्टूडियो से हुयी थी तब इसके प्रसारण के लिए UNESCO ने 20 हजार डॉलर और 180 Phillips के टीवी सेट दिया थे | आइये अब आपको दूरदर्शन के रोचक इतिहास के बारे में विस्तार से बताते है |

01 देश में टीवी का इतिहास

अपने देश में टेलिविज़न का इतिहास भी दूरदर्शन से ही शुरू होता है | दूरदर्शन को भारत सरकार द्वारा नामित प्रसार भारती के अंतर्गत चलाया जाता है | जब दूरदर्शन की शुरुवात हुयी थी उस समय का प्रसारण हफ्ते में सिर्फ तीन दिन आधा-आधा घंटे होता था | शुरू में इसका नाम टेलिविज़न इंडिया दिया गया था | बाद में वर्ष 1975 में इसका हिंदी नामकरण दूरदर्शन नाम से किया गया | शुरुवात में इसके दायरे में दिल्ली के आसपास के सिर्फ 40 किमी तक के इलाके थे | उस समय शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों का प्रसारण होता था |

02 वर्ष 1965 से रोजाना प्रसारण

दूरदर्शन का 1965 में Daily Broadcast शुरू हुआ | पांच मिनट का News Bulletin भी इसी वर्ष से शुरू हुआ | प्रतिमा पुरे देशे की पहली News Reader बनी | पांच मिनट के News के Telecast से लेकर दूरदर्शन कुछ ही समय में लोगो के मनोरंजन का साधन बन गया | 70,80 और 90 के दशक में बड़े हुए लोगो के लिए टीवी सेट आने की खुशी का अंदाजा वर्तमान पीढ़ी नही लगा सकती है | कृषि दर्शन की शुरुवात 196७ में हुयी थी ययह भारत का सबसे लम्बा टीवी प्रोग्राम है |

03 आल इंडिया रेडियो ने की मदद

दूरदर्शन के प्रसारण के लिए All India Radio ने floor Space और News Content मुहैया करवाया था | 10 वर्षो के अंदर 180 टीवी सेट्स की संख्या बढकर 1250 हो गयी और वर्ष 1977 तक ययह संख्या करीब 2.5 लाख तक पहुच गयी | 01 अप्रैल 1976 को टीवी सर्विसेज को रेडियो से अलग किया गया | इससे पहले यह All India Radio का ही हिस्सा था | खुद इंदिरा गांधी ने टेलीविजन पर आकर All India Radio से इसके अलग होने की घोषणा के थी | इसके बाद आल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के कार्यालय का प्रबन्धन दिल्ली में अलग अलग महानिदेशको द्वारा किया जाने लगा |

04 देश का पहला Private चैनल था Zee TV

वर्ष 1990 में आये उदारीकरण और दूरदर्शन के बढ़ते हुए कदम को देखते हुए Private चैनलों ने भी अपनी दस्तक दी | बहुत से लोगो ने एक नया व्यापार शुरू करने के लिए इसे अच्छा वक्त समझा | 02 अक्टूबर 1992 में पहली बार प्राइवेट चैनल ZEE TV का प्रसारण हुआ | Zee चैनल नये कार्यक्रमों के साथ दर्शको के सामने आया | वहा से फिक्शनल Daily Soap की शुरुवात हुयी |

05 आज भी दूरदर्शन का सबसे बड़ा नेटवर्क

दूरदर्शन के अंतर्राष्ट्रीय चैनल DD India का अभी 146 देशो में प्रसारण होता है | दूरदर्शन के कई अलग-अलग चैनल्स है जिसमे एक अंतर्राष्ट्रीय और 6 राष्ट्रीय चैनल है इसके आलावा 17 से ज्यादा रीजनल सॅटॅलाइट चैनल है | 10 से ज्यादा राज्य नेटवर्क चैनल है इनमे से स्पोर्ट्स चैनल (DD sports) , DD भारती , DD उर्दू और DD किसान आदि प्रमुख है |

06. 1982 में आये रंगीन टेलीविजन

वर्ष 1982 में दूरदर्शन नेशनल ब्रॉडकास्टर के तौर पर सामने आया और देश के हर हिस्से में पहुचा गया | 15 अगस्त 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के भाषण के समय इसका रंगीन प्रसारण किया गया | वर्ष 1975 तक यह सिर्फ 7 शहरों तक सिमित था लेकिन रंगीन टेलीविजन आने के बाद लोगो का रुझान इस ओर ज्यादा बढ़ा | इसके बाद एशियाई खेलो के प्रसारण ने इस दिशा में क्रांति ला दी | वर्ष 1986 में शुरू हुए “रामायण” और इसके बाद शुरू हुए “महाभारत” के प्रसारण के दौरान इसके लोकप्रियता का आलम ऐसा था कि हर रविवार को सुबह देशभर की सडको पर सन्नाटा पसर जाता था |

07. देबाशीष भट्टाचार्य ने बनाया LOGO

दूरदर्शन की आँख यानि LOGO को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाईन के पूर्व छात्र देबाशीष भट्टाचार्य ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर तैयार किया था | जब दूरदर्शन ने आल इंडिया रेडियो से अलग होने का फैसला किया तो उस वक्त उनको अपना अलग LOGO भी चाहिए था | इसकी जिम्मेदारी NID के छात्रों को दी गयी थी | NID के आठ छात्रों और उनके 6 फैकल्टी मेंबर्स ने कई डिजाईन तैयार किये | इनमे से देबाशीष के द्वारा तैयार लोगो को चुना गया | LOGO का चुनाव तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था |

08. सेटेलाइट से प्रसारण की शुरुवात

वर्ष 2004 में 16 दिसम्बर को दूरदर्शन के Direct to Home सेवा की शुरुवात की गयी जो आज भी बरकारर है | यह दूरदर्शन के Terrestrial transmission के साथ साथ सीधे सीधे सेटेलाइट प्रसारण की शुरुवात थी | इसी बीच देश में सैकड़ो प्राइवेट टेलीविजन चैनल ने दस्तक दे दी थी | इसके बाद भी दूरदर्शन अपनी लोकप्रियता बनाए रखने के लिए प्रयोग करता रहा | वर्ष 2014 में दूरदर्शन की पिंक एवं पर्पल थीम फिर से लांच की गयी साथ ही पंचलाइन “देश का अपना चैनल” जारी किया गया |

09. धीरे धीरे बढी चैनलों की संखया

26 जनवरी को दूरदर्शन अपना दूसरा चैनल लेकर आया जिसका नाम था Metro चैनल | इसके बाद पहला चैनल DD-1 एवं दूसरा DD-2 के नाम से लोकप्रिय हो गया | हालांकि मेट्रो चैनल शहरों को केन्द्रित कर लांच किया गया था | फिर 14 नवम्बर 1995 को DD ने अपने अंतर्राष्ट्रीय चैनल DD India की शुरुवात की | खेल चैनल की मांग को देखते हुए दूरदर्शन ने 18 मार्च 1999 को चैनल DD sport की शुरुवात की | सांस्कृतिक चैनल DD Bharti की शुरुवात 26 जनवरी 2002 में हुयी | वर्ष 2003 में 24 घंटे समाचार चैनल DD News का प्रसारण भी किया जाने लगा |
 

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