
धर्मशाला (Dharamshala) हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी का प्रमुख पर्यटन स्थल है | धर्मशाला (Dharamshala) में एक ओर जहा धौलाधार पर्वत श्रुंखला है वही दुसरी ओर उपजाऊ घाटी एवं शिवालिक पर्वतमाला है | अंग्रेजो ने धर्मशाला को एक छोटे पर्यटन स्थल के रूप में बसाया था | दलाईलामा द्वारा यहाँ अपना स्थायी निवास निर्मित करने और तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय यहाँ स्थापित होने के कारण यह पर्यटन स्थल विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभर कर सामने आया है | धर्मशाला (Dharamshala) शहर को दो भागो में बांटा जा सकता है | एक निचला धर्मशाला जहां कोतवाली बाजार स्थित है | दूसरा उपरी धर्मशाळा जिसे मेक्लोड़गंज के नाम से जाना जाता है जो 1982 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है |
धर्मशाला के दर्शनीय स्थल | Popular Tourist Places in Dharamshala
मैक्लोड़गंज | Mcleodgang

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र यह स्थान अब धर्मशाला का मुख्य बाजार होने के साथ-साथ सबसे अधिक चहल पहल वाला इलाका है क्योंकि शांतिदूत दलाईलामा अपने अनेक अनुयायीयो के साथ निवास करते है |यह स्थान तिब्बती बस्तियों के कारण छोटा ल्हासा के नाम से भी जाना जाता है | यहाँ छोटी छोटी दुकाने है जहां तिब्बती हस्तकला की वस्तुए बेची जाती है | इस बाजार में कई रेस्तरां भी है जहां परम्परागत तिब्बती व्यंजन खाने को मिलते है |
मैक्लोड़गंज में एक वृहद प्रार्थना चक्र है | यहाँ स्थित मठ में एक बौद्ध प्रतिमा भी दर्शनीय है | मैक्लोड़गंज में तिब्बत के धर्मगुरु दलाईलामा का निवास तथा निर्वासित सरकार का मुख्यालय भी है | ट्रेकिंग में रूचि रखने वालो के लिए यहाँ गाइड भी उपलब्ध है |
सेंट जॉन चर्च | St.John Church

धर्मशाळा में मैक्लोड़गंज मार्ग के बीच स्थित यह चर्च एक निर्जन एवं घने जंगल में निर्मित किया गया है | चर्च पत्थरों से निर्मित है तथा इसे लार्ड एल्गिन की याद में निर्मित किया गया है |
त्रियुंड-2975 मीटर की उंचाई पर स्थित यह स्थान एक आकर्षक पिकनिक स्थल है | आप यहाँ आकाश छुते धुँलाधार पर्वत का दीदार कर सकते है | यह स्थान धौलाधार पर्वतारोहण का आधार भी है | यह धर्मशाला से 10 किमी दूर है |
कुशल पत्थरी – कोतवाली बाजार से 3 किमी की दूरी पर स्थित यह देवी मन्दिर स्थानीय पत्थर से निर्मित है |
डल झील | Dal Lake

धर्मशाला से 11 किमी दूर स्थित यह झील एक सुंदर पिकनिक स्थल है | फर के पेड़ो से घिरी यह झील प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है | प्रतिवर्ष सितम्बर माह में यहाँ एक मेले का आयोजन भी किया जाता है |
धर्मकोट – 2100 मीटर की उंचाई पर स्तिथ यह जगह धर्मशाला से 11 किमी दूर स्थित है | यहाँ से धौलाधार पर्वत माला का दृश्य देखते ही बनता है |
भग्सूनाथ – डल झील के समीप इस जल प्रपात तक आप पैदल भी पहुच सकते है यहाँ भग्सूनाथ का मन्दिर भी है | धर्मशाला से यह स्थान 11 किमी की दूरी पर है |
मछरियाल एवं तत्वानी – धर्मशाळा से 25 किमी दूर स्थित मछरियाल अपने झरने तथा तत्वानी अपने गर्म पानी के चश्मे के लिए प्रसिद्ध है |
करेरी – 1983 मीटर की उंचाई पर स्थित यह एक लुभावना पिकनिक स्थल है | यहाँ से 13 किमी दूरी पर स्थित 3250 मीटर उंचाई पर स्थित करेरी झील तथा इसके आसपास फ़ैली मखमली चरागाहे एक अनूठा प्राकृतिक एहसास प्रदान करती है | यह स्थान धर्मशाळा से 22 किमी दूर है |
चामुंडा देवी मन्दिर – हिन्दुओ के प्रमुख धर्मस्थल अपने देवी मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है | धर्मशाळा से 15 किमी दूर इस जगह आप प्रकृति का आनन्द उठा सकते है |
कैसे जाये | How to Reach Dharmshala
समीपवर्ती नैरोगेज रेलवे स्टेशन कांगड़ा है जो धर्मशाला से 18 किमी की दूरी पर है | समीपवर्ती रेलवे जंक्शन पठानकोट है जो धर्मशाला से 90 किमी दूर है | पठानकोट देश के प्रमुख रेलमार्गों से जुड़ा है | धर्मशाळा भारत के प्रमुख सडक मार्गो से जुड़ा है | यहाँ के लिए चंडीगढ़ ,दिल्ली ,शिमला , मनाली ,पठानकोट से सीधी बस सेवाए उपलब्ध है |
कब जाए | Best Time to Visit
अप्रैल से जून एवं सितम्बर से अक्टूबर के बीच जाना उत्तम रहता है | स्मरण रहे , चेरापूंजी के बाद भारत में सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र धर्मशाला ही है इसलिए गर्मियों में अपने साथ हल्के उनी , सर्दियों में भारी उनी कपड़ो के अलावा छाता अवश्य ले जाए |
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