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चार्ली चैपलिन की जीवनी और फिल्मे Charlie Chaplin Biography in Hindi

Charlie Chaplin Biography in Hindi

चार्ली चैपलिन की जीवनी और फिल्मे Charlie Chaplin Biography in Hindi
चार्ली चैपलिन की जीवनी और फिल्मे Charlie Chaplin Biography in Hindi

Charlie Chaplin चार्ली चैपलिन एक ऐसे अभिनेता और फ़िल्मकार थे जिन्होंने बिना एक शब्द बोले पुरी दुनिया को हंसाया था | जब फ़िल्मी दुनिया के सबसे प्रथम हास्य कलाकारों की बात की जाती है तो चार्ली चैपलिन का नाम सबसे पहले आता है | ब्लैक एंड वाइट दुनिया में उन्होंने अपने अभिनय से हास्य के रंग बिखेरे थे | Charlie Chaplinचार्ली चैपलिन ने अपने जीवन में 75 वर्ष से भी ज्यादा समय कार्य किया था | आज भी उनके अभिनय को पुरे विश्व में कॉपी किया जता है | आइये आपको उसी मूक हास्य कलाकार की जीवनी का परिचय करवाते है |

Early years of Charlie Chaplin

Charlie Chaplin चार्ली चैपलिन का जन्म 16 अप्रैल 1889 को लन्दन में हुआ था | चार्ली चैपलिन  का पूरा नाम स्पेंसर चैपलिन था | चार्ली चैपलिन के पिता का नाम चार्ल्स चैपलिन और माता का नाम हाना था | जब चार्ली चैपलिन के पिता ने हाना से तब विवाह किया था जब वो पहले से एक बच्चे की माँ थी | चार्ली के पिता एक कंसर्ट हाल में गायक के रूप में काम करते थे और उनके साथ हाना भी गाना गाती थी | अब इन कॉन्सर्ट से उनको इतना पैसा नही मिलता था कि वो ऐशो आराम की जिन्दगी बिता सके | इन स्टेज कार्यक्रमों से बस उनको दो वक़्त की रोटी मिल जाती थी | उस समय रेडियो और टीवी का प्रचलन शुरू नही होने से स्टेज कॉन्सर्ट प्रोग्राम की लोकप्रियता थी |
अब इन कॉन्सर्ट के दौरान दर्शको को शराब पिलाना आम बात थी जिसकी वजह से चार्ली चैपलिन Charlie Chaplin  के पिता को भी शराब की लत लग गयी थी | शराब के नशे में वो अब अपने पारिवारिक जीवन से दूर होते जा रहे थे जिसकी वजह से चार्ली चैपलिन  की माँ ने भी नये दोस्त बनाना शुरू कर दिया था | हाना ने ड्राईडन नामक पुरुष से दोस्ती बना ली और जिससे हाना को एक बेटे जोर्ज का जन्म हुआ था | अब लियो ड्राईडन ने हाना के परिवार की मदद करना शुरू कर दिया | अब चार्ल्स के साथ हाना के सम्बध खत्म हो चुके थे उस समय चार्ली केवल तीन वर्ष का था | एक दिन लियो ड्राईडन घर आकर उसके बच्चे जोर्ज कू ले गया और हाना से भी रिश्ता तोड़ दिया |
अब हाना का जीवन बर्बाद हो गया और उसकी मदद करने वाला कोई नही था | अब हाना ने मन की शांति के लिए धर्म का सहारा लेते हुए चर्ज में काम करना शुरू कर दिया लेकिन उससे इतनी आमदनी नही होती थी | अब आमदनी के चक्कर में फिर से उसने कॉन्सर्ट करने का विचार किया लेकिन उस समय तक उसकी आवाज बैठ चुकी थी | अब कांसेर्ट करने के दौरान जनता के हाना के गाने का विरोध किया तो मेनेजर ने नन्हे चार्ली को हाथ पकडकर रंगमंच पर लेकर आ गया | Charlie Chaplin चार्ली उस समय केवल पांच वर्ष का था और जब उसको लोगो ने देखा तो लोग जोर जोर से हंसने लगे | अब अपने माता पिता को उन्होंने गाते हुए देखा था इसलिए उन्होंने भी गाना शुरू कर दिया |
Charlie Chaplin चार्ली का गाना सबको पसंद आया और लोग पैसे उछालने लगे | अब जनता ने चार्ली से दुसरे गाने की फरमाइश की तो चार्ली ने कहा “पहले मुझे मंच पर पड़े सिक्के उठाने दो उसके बाद गाने सुनाऊंगा ” | उसके ये बात सुनते ही जनता जोर जोर से हसने लगी | अब चार्ली ने फिर गाना शुरू किया और जनता उसके गानों पर झुमने लगी थी | चार्ली के लिए मनोरजन के क्षेत्र में ये पहली शुरुवात थी | इसके बाद हाना को गाने का मौका नही मिला था इसलिए उसकी दरिद्रता ओर बढ़ गयी थी जिसके कारण उसने घर के सामन बेचना शुरू कर दिया |अब उसके पास इतने पैसे भी नही थे कि वो अपने बच्चो को अच्छा खाना और कपड़े दिला सके |
Charlie Chaplin चार्ली का बड़ा भाई सिडनी अख़बार बेचने लगा था ताकि कुछ पैसे कमा सके | एक दिन सिडनी को रेजगारी से भरा एक बटुआ मिला था जिसमे साथ गिन्निया थी जिसकी वजह से उन्होंने एक दिन खुशिया मनाकर बिताया था | अब धीरे धीरे हाना की हालत कमजोर होती जा रही थी जिसकी वजह से उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था | सिडनी यतीमखाने में चला गया था वहा से उसको उसके पिता चार्ल्स को सौंप दिया गया | चार्ली को भी उसके रिश्तेदारों के यहाँ भेज दिया ताकि स्कूल में भर्ती हो जाए | हाना के ठीक होने पर वापस सारे लडके घर आ गये लेकिन फिर से सिरदर्द की बीमारी के वजह से हाना को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था |
Charlie Chaplin चार्ली के पिता की आर्थिक स्थिथि अच्छी थी लेकिन वो बच्चो को खर्चे के लिए पैसे नही देते थे | अब पिता और माता के पालन पोषण ना कर पाने के कारण अधिकारियो ने दोनों भाइयो को एक लॉ स्कूल में दाखिला दिलवा दिया था | उस समय चार्ली 7 साल का और सिडनी 11 साल का था |सिडनी अपने छोटे भाई के लिए पिता समान था जो उसके दुःख में हमेशा उसके साथ रहता था | एक बार चार्ली के सिर में खारिश होने की वजह से उनको सिर मुंडवाना पड़ा था जिससे दुसरे बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे और उसे हीन मानते थे | ऐसी ही कई प्रतिकूल परिस्तिथियो में भी उन्होंने हार नही मानी थी |
अब 18 महीने तक स्कूल में पढने के बाद वो दोनों फिर अपनी माँ के पास आ गये लेकिन फिर गरीबी के कारण उनको उससे स्कूल में आना पड़ा था | अब स्कूल में रहते हुए उन दोनों भाइयो को एकदिन खबर मिली की उनकी माँ पागल हो गयी है इसलिए उन दोनों को अपने पिता के पास भेज दिया गया | अब चार्ल्स के घर में चार्ली के पिता शराब के नशे में धुत्त रहते थे जिसकी वजह से दो साल बाद चार्ल्स की मौत हो गयी | उधर Charlie Chaplin चार्ली की माँ फिर स्वास्थ्य हो गयी तो चार्ली वापस अपने भाई के साथ अपनी माँ के साथ रहने लग गया | इसके बाद कुछ वर्षो तक उसकी माँ सही रही लेकिन उसके बाद फिर उन्हें पागलपन का दौरा पड़ा जो 1928 में उनके जीवन के अंत तक रहा था |

Charlie as a Young performer

अब पिता की मौत और माँ की बीमारी के कारण चार्ली बिल्कुल अनाथ हो गया था और उसे अब अपना जीवन चलाने के लिए कुछ काम करने की जरूरत थी | चार्ली चैपलिन ने वैसे तो अपनी माँ से स्टेज पर कार्यक्रम सीखा था जिसके कारण उनको “लंकाशायर लैंड्स ” नामक एक बाल नृत्य मंडली में ले लिया गया | इस मंडली के मालिक का नाम जेक्सन था जो बहुत दयालु व्यक्ति थे | अब चार्ली 1899 और 1900 में जेक्सन की मंडली के साथ संगीत कायक्रम में जा रहे थे | चार्ली चैपलिन ने काफी मेहनत की लेकिन वो अपने नृत्य से जनता को आकर्षित नही कर पाए थे क्योंकि उन्हें शुरुवात से कॉमेडी एक्ट करना पसंद था |
अब अभिनय जगत में उन्होंने पहले कदम रखे थे लेकिन दो वर्ष बाद ही उस मंडली में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया | अब फिर चार्ली के सामने रोजगार की समस्या आ गयी तो वो फूलो के गुलदस्ते बनाकर शराबखानों के बाहर बेचने लगे लेकिन माँ के कहने पर उन्होंने ये काम भी छोड़ दिया क्योंकि वो नही चाहती थी कि उसको भी शराबखाने के पास घूमकर शराब की लत लग जाए | इसके बाद उन्होंने कई जगहों पर नौकर का काम किया जिससे कुछ पैसे मिल जाते थे | जब चार्ली की माँ पागल हुयी थी तब सिडनी पैसे कमाने के लिए बाहर गया हुआ था | इसलिए चार्ली के उपर सारी जिम्मेदारी आ गयी थी कि वो खुद का पेट खुद पाले |
अब चार्ली 14 वर्ष का हो गया था और उसे एक दिन उनको सेंटसबेरी के नाटक a Romance of Cockayne नाटक में काम करने का प्रस्ताव आया | 1903 में नाटक का प्रदर्शन हुआ लेकिन ये ज्यादा सफल नही रहा था और 2 सप्ताह  में ये बंद हो गया था लेकिन इस नाटक में चार्ली के अभिनय को बहुत सराहा गया जिसकी वजह से उसे इस नाटक में स्थाई रूप से शेरलॉक होम्स नाटक में  बिली का किरदार निभाने का मौका मिला था | उसके अभिनय को इतनी प्रशंशा मिली थी कि उसे असली होल्म्स  के साथ अभिनय का मौका मिला था | लगभग ढाई साल तक उसने इस नाटक में काम किया था उसके बाद उसने ये नाटक छोड़ दिया था |
तो मित्रो ये तो चार्ली चैपलिन के बचपन की कहानी थी हम आपको जल्द अगले अंशो में उनके हास्य कलाकार बनने की कहानी आपको बताएँगे तब तक आप इस पोस्ट पर अपने विचार और सुझाव प्रकट करना ना भूले |

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