Kiran Bedi Biography in Hindi

Kiran Bedi किरण बेदी का नाम भारत के इतिहास में प्रथम महिला IPS ऑफिसर के रूप में लिया जता है जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक कार्यो में अपना जीवन लगाया | किरण बेदी भारत के लिए एक ऐसा नाम है जो भारत की करोड़ो महिलाओ के लिए प्रेरणा बनी कि पुलिस में उच्च पदों के लिए महिलाये भी पुरुषो के बराबर है | उनको प्रेरणास्वरुप मानकर कई भारतीय महिलाओं ने अपने जीवन में उच्च पदों को हासिल किया है | आइये आपको उसी प्रेरणादायी दबंग महिला किरण बेदी Kiran Bedi की जीवनी से रूबरू करवाते है |
Early life and education
Kiran Bedi किरण बेदी का जन्म 9 जून 1949 को पंजाब एक अमृतसर जिले में एक पंजाबी परिवार में हुआ था | उनके पिता का नाम प्रकाश लाल पेशावरिया और माँ का नाम प्रेम लता है | किरण बेदी की तीन बहने शशि ,रीतू और अनु है तथा किरण बेदी अपने परिवार की दुसरी सन्तान है | उनके पूर्वज कई वर्षो पहले पेशावर से अमृतसर व्यापार करने के लिए आये थे तब से वो यही बस गये | किरण बेदी स्वयं ज्यादा धर्मिक नही है लेकिन उनका पालन पोषण हिन्दू और सिख दोनों धर्मो के साथ हुआ था | किरण बेदी के पिता उनके दादाजी मुनि लाल का पुश्तैनी टेक्सटाइल का धंधा सम्भालते थे |
Kiran Bedi किरण बेदी के दादाजी पुरानी मानसिकता वाले व्यक्ति थे जो उनकी पोतियों को ईसाई स्कूल में पढाने के विरोध में थे फिर भी किरण बेदी के पिता की जिद की वजह से किरण बेदी और उनकी सारी बहनों को इसाई स्कूल में दाखिला दिलाया | वो स्कूल उनके घर से 16 किमी की दूरी पर था लेकिन इसके बावजूद अच्छी शिक्षा के लिए उनके पिता ने ये कदम उठाया था | अब बेदी ने 1954 में अमृतसर के कान्वेंट स्कूल में पढना शुरू कर दिया | उस स्कूल में वो पढाई के दौरान अन्य गतिविधियों जैसे National Cadet Corps (NCC) में भाग लेती थी | उस समय उस स्कूल में विज्ञान की शिक्षा नही दी जाती थी इसके बजाय “household” नामक विषय पढ़ाया जाता था जिसमे लडकियों को अच्छी गृहिणी बनने की शिक्षा दी जाती थी जो बेदी को बिलकुल पसंद नही थी |
इसी कारण Kiran Bedi किरण बेदी ने 9वी कक्षा में कैम्ब्रिज कॉलेज में दाखिला ले लिया जो विज्ञान में शिक्षा देने एक प्राइवेट इंस्टिट्यूट था | यहा से उन्होंने 10वी की परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया था | जब किरण बेदी के सभी सहपाठी 9 वी की परीक्षा दे रहे थे तब किरण बेदी ने 10वी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी | इसके बाद किरण बेदी ने 1968 में अमृतसर के सरकारी कॉलेज में अंग्रेजी विषय में BA पास की और उसी साल उन्हें NCC Cadet Officer Award से भी नवाजा गया था |
1970 में किरण बेदी ने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीती विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की | 1970 से लेकर 1972 तक किरण बेदी ने अमृतसर के महिला खालसा कॉलेज में पढ़ाया जहा वो राजनीती विज्ञान पढ़ाती थी | इसके बाद 1988 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली और 1993 में उन्होंने IIT दिल्ली के सामजिक ज्ञान विभाग से Ph.D. करी जिसके बाद से उन्हें डा.किरण बेदी कहा जाने लगा |
Tennis career
अपने पिता से प्रेरित होकर उन्होंने 9 वर्ष की उम्र से ही टेनिस खेलना शुरू कर दियत हा | टेनिस प्लेयर होने की वजह से ही उन्होंने अपने बाल छोटे रखने शुरू कर दिए थे | 1964 में उन्होंने अमृतसर से बाहर अपने पहले टूर्नामेंट “नेशनल जूनियर लॉन टेनिस चैंपियनशिप ” में भाग लिया था जो दिल्ली में आयोजित हुआ था | शुरुवाती मैचो में तो उनकी हार हुयी थी लेकिन दो साल बाद 1966 में उन्होंने ट्राफी जीती थी | अब राष्ट्रीय चैंपियन होने की वजह से वो Wimbledon junior championship में हिस्सा लेने के लिए योग्य हो गयी थी लेकिन भारतीय प्रशाशन ने उनका नामंकन नही किया था |
इसके बाद किरण बेदी ने 1967 में , 1972 में एशियन लॉन टेनिस, 1974 में आल इंडिया हाई कोर्ट टेनिस , 1976-77 में नेशनल वीमुंस लॉन टेनिस , 1977-78 में आल इंडिया विमेंस लॉन टेनिस टाइटल फॉर डेल्ही जैसे टेनिस चैंपियनशिप में भाग लिया था जिसमे उनमे से अधिक्त्र्मे उन्होंने जीत प्राप्त की थी | 1965 से 1978 तक पुरे देश में उन्होंने इतने मैच खेले थे कि उनके पास 100 से भी ज्यादा पुरुस्कार है | भारत-श्रीलंका के बीच मुकाबले में पहली बार उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस मैच जीता था | वो 30 साल की उम्र तक टेनिस खेलती रही थी लेकिन बाद में आईपीएस की तरफ उन्होंने ध्यान देना शुरू कर दिया था |
Indian Police Service career
अब Kiran Bedi किरण बेदी में कई सीनियर सिविल सर्वेंट से प्रभावित होकर पब्लिक सर्विस करियर में जाने का फैसला किया था | 16 जुलाई 1972 को किरण बेदी ने मसूरी के “नेशनल अकादमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन” से अपनी पुलिस प्रशिक्षण शुरू किया था | उनके बैच में वो अकेली महिला था जो बाद में भारत की पहली महिला IPS officer बनी | इसके बाद उनको 6 महीने का फाउंडेशन कोर्स किया जिसमे उनको प्रशिक्ष्ण माउंट आबू में दिया गया था | इसके बाद ट्रेनिंग के लिए उनको पंजाब पुलिस भेजा गया था |
किरण बेदी की पहली पोस्टिंग 1975 में दिल्ली के चाणक्यपुरी सबडिवीज़न में हुयी थी | इसी साल वो गणतंत्र दिवस की परेड में पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी थी | इसी साल सितम्बर 1975 में उनकी पहली बेटी सुकृति का जन्म हुआ था | चाणक्यपुरी उस समय समृद्ध क्षेत्र था क्योंकि देश के सारे बड़े सरकारी भवन उसके नजदीक थे इसलिए अपराध भी ज्यादा नही होता था | 1978 में अकाली दल और निरंकारी दल के बीच तनाव हो गया था जिसको रोकने के लिए किरण बेदी ने अपनी टुकड़ी भेजी थे |
उस समय विद्रोही इटे फेंक रहे थे तो Kiran Bedi किरण बेदी खुद डंडे के साथ उनको भगाने निकल पड़ी थी क्योंकि उस समय अश्रु गैस की टुकड़ी उनकी सहायता के लिए नही आयी थी | इसी तनाव में एक विद्रोही नंगी तलवार लेकर दौड़ रहा था तो किरण बेदी ने उसको भी पकडकर उसकी धुनाई की थी | इस तरह किरण बेदी उस विद्रोह का दमन करने में सफल रही थी जिसकी वजह से उनको 1980 में President’s Police Medal for Gallantry से नवाजा गया था |इसके बाद उन्होंने गोवा दिल्ली और मिजोरम में भी काम किया था | इसके बाद उन्होंने दिल्ली की तिहाड़ जेल मी भी काम किया था |
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