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उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ मेला और उज्जैन के दर्शनीय स्थल Ujjain Simhastha Kumbh Mela Guide

Ujjain Simhastha Kumbh Mela Guideसिंहस्थ कुम्भ मेला 28 अप्रैल से Ujjain में शुरू होने वाला है जो यहा हर 12 सालो में आयोजित किया जाता है | Ujjain के इस मेले को सिंहस्थ कुम्भ मेला इसलिए कहते है क्योंकि इस कुम्भ मेले में बृहस्पति राशि से कुम्भ राशि में प्रवेश करता है | कुम्भ मेला भारत में चार जगहों पर हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है क्योंकि इन चार जगहों हरिद्वार ,प्रयाग , नासिक और उज्जैन पर समुद्र मंथन के दौरान घड़े ले जाते हुए अमृत की बुँदे गिरी थी | यह कुम्भ मेला मध्य प्रदेश की शिप्रा नदी के किनारे आयोजित किया जाता है जिसमे लाखो श्रुधालू आते है | आइये आपको सिंहस्थ कुम्भ के बारे में बताने से पहले Ujjain का इतिहास और मन्दिरों के बारे में बताते है |

History of Ujjain

इस शहर के बारे में सबसे पहला उल्लेख महात्मा बुद्ध के समय में हुआ था जब ये अवन्ती की राजधानी उज्जैयनी के नाम से जाना जाता था | इसके बाद अशोक के शाषन काल में उज्जैन शहर का जिक्र हुआ था और ये मौर्य साम्राज्य का एक अभिन्न अंग था | मौर्यों के बाद शुंग और सातवाहन साम्राज्यों ने भी उज्जैन पर राज्य किया |गुप्त सामाज्य में इस शहर का सांसे ज्यादा नाम हुआ जब उज्जैन पर पराक्रमी और  न्य्याप्रिय राजा विक्रमादित्य ने राज किया था | विक्रमादित्य के दरबार में उनके नवरत्नों को कौन नही जानता है जिनके नाम कालिदास , शंकु, धन्वन्तरी , बेतालभट, वरुची, वराहमिहिर , शप्द्क , घटकर्पर और अमर सिंह थे | इन नवरत्नों के चर्चे ना केवल उज्जैन बल्कि पुरे भारत में हुआ करते थे |
7वी सदी में Ujjain गणित और खगोल विज्ञान अनुसंधान का केंद्र हुआ करता था जहा महान गणितज्ञ ब्रह्मंगुप्त ने काम किया था | ब्रह्मगुप्त की पुस्तक ब्रह्मपुत्रसिद्धांत ने शून्य , नेगेटिव नंबर और पोजीशनल नम्बर को पुरे विश्व में फैलाया | सन 1235 में उज्जैन पर इल्तुतमिश ने आक्रमण कर दिया और दिल्ली सल्तनत की स्थापना की | दिल्ली सल्तनत के शाशको ने उज्जैन के कई मन्दिरों को ध्वस्त करवा दिय था | मुगल बादशाह अकबर के राज में उज्जैन मालवा की राजधानी बनी थी |  18वी सदी में उज्जैन पर सिंधिया ने राज किया जो भारत के स्वंतंत्र होंने तक रहा | भारत के स्वंतंत्र होने पर सिंधिया शाशको ने उज्जैन को भारतीय संघ में शामिल कर लिया और Ujjain मध्य प्रदेश का एक हिस्सा बन गया |

Temples of Ujjain

उज्जैन में मुख्य मन्दिर निम्न है
Shri Mahakaleshwar Temple
Harsiddhi
Gadkalika
Kal Bhairav
Chintaman Ganesh
ISKCON
Siddhavat
Mangalnath
Gopal mandir
Bade Ganesh

Dates for 2016 kumbh

Ujjain में सिंहस्थ मेला वर्ष 2016 में 22 अप्रैल से 21 मई तक आयोजित किया जाएगा | 22 अप्रैल 2016 को शाही स्नान के साथ पूर्णिमा के दिन कुम्भ मेला शुरू हो जाएगा | इस साल देश भर से 1 करोड़ से भी ज्यादा श्रुधलुओ के उज्जैन पहुचने की आशंका है | Ujjain ने 2010 में अर्ध कुम्भ मेला आयोजित किया गया था जिसमे भी काफी श्रुधालू एकत्रित हुए थे | आत्मा की शांति और अमृत पाने के लिए उज्जैन के इस पावन कुम्भ मेले में आना ना भूले | आइये आपको कुछ महत्वपूर्ण तारीखे बताते है |

DateDayOcassion
22 April 2016शुक्रवार (पूर्णिमा )शाही स्नान
03 May 2016मंगलवारकुम्भ स्नान
06 May 2016शुक्रवारकुम्भ स्नान
09 May 2016सोमवारकुम्भ स्नान
11 May 2016बुधवारकुम्भ स्नान
15 May 2016रविवारकुम्भ स्नान
17 May 2016मंगलवारकुम्भ स्नान
19 May 2016गुरुवारकुम्भ स्नान
20 May 2016शुक्रवारकुम्भ स्नान
21 May 2016शनिवार (पूर्णिमा )शाही स्नान

How to Reach Ujjain

हवाई मार्ग द्वारा उज्जैन पहुचने के लिए सबसे करीबी एअरपोर्ट इंदौर का “देवी अहिल्याबाई होल्कर एअरपोर्ट” है | यहा से उज्जैन की दूरी 55 किमी है | यह एअरपोर्ट देश के सभी बड़े शहरों दिल्ली , मुंबई ,भोपाल ,पुणे , हैदराबाद , नागपुर , रायपुर और अहमदाबाद से सीधा जुड़ा हुआ है | इंदोर एअरपोर्ट से उज्जैन पहुचने के लिए टैक्सी सुविधा भी उपलब्ध है | मध्य प्रदेश का दूसरा हवाई हड्डा राजा भोज एअरपोर्ट है जो उज्जैन से 172 किमी की दूरी पर है | यहा पर दिल्ली और मुंबई से प्रतिदिन विमान आते जाते रहते है |
Ujjain में सबसे ज्यादा श्रुधालू रेल द्वारा ही आते है इसलिए सिंहस्थ कुम्भ मेले में सबसे सस्ता और सुविधाजनक माध्यम रेल मार्ग है | उज्जैन पश्चिमी रेलवे जोन का एक बड़ा जंक्शन है जहा पर दिल्ली , मुंबई , कलकत्ता , चेन्नई , जम्मू ,जोधपुर , जयपुर , उदयपुर , वाराणसी , गोरखपुर ,रतलाम ,राजकोट , अहमदाबाद , बडौदा, पुणे , ग्वालियर , पटना , बिलासपुर , कोचीन हैदराबाद, बंगलोरे और देहरादून जुड़े हुए है | सिंहस्थ महाकुम्भ में रेल सेवाओ में भी बढ़ोतरी की जायेगी और छोटे छोटे स्टेशन पर भी रेल रुकेगी | इस मेले में सरकार द्वारा यात्रियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा | आप  www.irctc.co.in की वेबसाइट से भी रेल टिकिट बुक करा सकते है |
Ujjain अच्छी तरह से सडक मार्ग द्वारा देश से जुड़ा हुआ है | इन्दोर , ग्वालियर , अहमदाबाद और भोपाल से नियमित बस सेवाए उपलब्ध है | अब आप नई शुर हुए सेवाओ जैसे रेडबस या ट्रावेल्स द्वारा बस टिकिट पहले ही बुक रा लेवे ताकि कुम्भ निकट आने पर परेशानी ना होवे
| अगर आप कुम्भ के साथ साथ उज्जैन भी घूमना चाहते है तो आपके लिए टैक्सी सेवा उत्तम रहेगी | आज कई ऑनलाइन टैक्सी सेविसस जैसे ओलाकैब या मेरुकैब की टैक्सी सेवाओ का फायदा उठा सकते है |

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