Mythological TV Shows on Indian Television
भारतीय टीवी में Mythological TV Shows पौराणिक धारावाहिको का प्रसारण 80 के दशक में शुरू हो गया था जब दूरदर्शन ने पहली बार रामायण और महाभारत का प्रसारण किया था | इसके बाद श्री कृष्णा ,ॐ नम: शिवाय और जय हनुमान जैसे प्रसिद्ध धारावाहिकों ने दूरदर्शन पर समा बाँध दिया | इसके बाद सिंहासन बत्तीसी और विक्रम बेताल जैसे नाटको का प्रसारण प्रारंभ हुआ | वर्तमान में सुर्यपुत्र कर्ण और देवो के देव महादेव जैसे सीरियल प्रसारित किये जाते है | आइये आपको भारतीय पर प्रसारित होने वाले कुछ प्रसिद्ध धरावाहिको Mythological TV Shows पर वर्ष के अनुक्रम में जानकारी देते है |
रामायण Ramayan Ramanand Sagar [1986]

रामायण भारतीय टीवी पर प्रसारित होने वाला पहला पौराणिक धारावाहिक Mythological TV Show था जो 1986 में रामानंद सागर द्वारा निर्देशित किया गया था | इस धारावाहिक को मुख्यतः वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रामचरितमानस के आधार पर निर्मित किया गया | जैसा कि आप सभी को पता कि भगवान राम , विष्णु भगवान के नवे अवतार थे और रामायण की पुरी कहानी भगवान राम के चरित्र पर आधारित है | इस धारावाहिक का पहला एपिसोड 25 जनवरी 1986 को दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया था जो हर रविवार को सिर्फ आधे घंटे के लिए प्रसारित होता था | इस धारावहिक में भगवान राम के जन्म से लेकर अयोध्या के राजा बनने तक कुल 78 एपिसोड प्रसारित किये गये | लगभग 2 सालो तक लगातार प्रसारण के बाद 31 जुलाई 1988 को रामानंद सागर की रामायण का अंतिम एपिसोड प्रसारित हुआ था |
इस टीवी सीरियल में अरुण गोविल ने भगवान राम का और दारा सिंह ने महाबली हनुमान का किरदार निभाया था जिसके बाद से पुरे देश की जनता उनको राम और हनुमान की तरह पूजने लगी थी | इस नाटक की लोकप्रियता इतनी थी लोग इस नाटक के पात्रो को जीवंत देखते थे | एक बार जब भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल और सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका जब जयपुर के बिडला मंदिर आये तो उन्हें देखने के लिए उस समय 40000 लोगो की जनता खडी थी जो केवल उनकी एक झलक के लिए तरस गयी थी | हर मंत्री उनके दर्शन पाकर मंत्रमुग्ध हो जाता था | व्यापारी अपने महत्वपूर्ण मीटिंग उस समय के लिए रद्द कर रामायण देखते थे |
इस नाटक को अमेरिका , यूरोप ,अफ्रीका और एशिया के कई देशो में भी प्रसारित किया गया जिससे रामायण का सन्देश पुरे संसार में फैला और हिन्दू धर्म के महत्ता पुरे विश्व में बढी |रामायण के निर्माण के लिए रामानंद सागर को ढेरो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इनाम दिए गये |रामायण का अपना एक वर्ल्ड रिकॉर्ड लिम्का बुक और वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है जो सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पौराणिक नाटक “Worlds Most viewed Mythological Serial” था | दूरदर्शन उस समय अपने प्रारभिक दौर में था और इस नाटक को देश की 90 प्रतिशत आबादी देखती थी | ऐसा बताया जाता है कि दूरदर्शन केवल इसी नाटक से एक सप्ताह के उस समय 40 लाख कमा लेता था जो दूरदर्शन की आय का मुख्य स्त्रोत था |इस नाटक को देखने वाले केवल हिन्दू नही बल्कि हर धर्म के लोग इस नाटक को बड़े चाव से देखते थे |
रामायण की लोकप्रियता और अपार सफलता को देखते हुए रामानंद ने उत्तर काण्ड को कुव कुश सीरियल में दिखाया जो रामायण खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हो गया था | इसमें भी कलाकार रामायण वाले ही थे और इसके भी 39 एपिसोड प्रसारित किये गये | देश की जनता ने इसे भी बहुत पसंद किया |
महाभारत BR Chopra’s Mahabharat [1988]
रामायण की अपार सफलता को देखते हुए प्रसिद्ध निर्माता बी.आर.चोपड़ा ने हिन्दू धर्म के दुसरे महाकाव्य महाभारत का चयन किया | इस हिन्दी श्रृंखला का पहला एपिसोड 2 अक्टूबर 1988 को दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया | इस नाटक के निर्माता तो बी.आर.चोपड़ा थे लेकिन निर्देशन का सारा कार्य उनके पुत्र रवि चोपड़ा ने किया था | इस नाटक की स्क्रिप्ट उर्दू कवि राही मासूम रजा ने लिखी थी जो वेदव्यास की वास्तविक कहानी पर आधारित थी | इस सीरियल के लिए पोशाको की व्यवस्था मगनलाल ड्रेसवाला ने की थी |
इस सीरियल का हर एपिसोड हर रविवार को 45 मिनट के लिए प्रसारित किया जाता था | इस नाटक की शुरवात भगवतगीता के “कर्मण्येव ” से प्रारभ होती थी | इस सीरियल का टाइटल सोंग और छंद बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक महेंद्र कपूर ने गाये थे | इस नाटक की शुरवात में एक चक्र चलता था जिस किरदार का नाम समय रखा गया था उसको आवाज हरीश भिमानी ने दी थी | आपको जैसा याद ही होगा “मै समय हु ” ऐसा कहकर शुरवात होती थी और उस एपिसोड की कहानी के साथ कुछ उपदेश भी उस किरदार द्वारा दिए जाते थे |
बीबीसी द्वारा इस शो का प्रसारण जब यूनाइटेड किंगडम में किया गया तो इस नाटक को 50 लाख लोगो ने देखा था | इस नाटक एक वास्तविक प्रसारण के बाद कई अन्य चैनलों पर इसका फिर प्रसारण किया गया था | इस नाटक को 1990 के दशक में तमिल ,तेलुगु और एनी भाषाओ में भी डब किया गया था | इस नाटक को बनाने में 9 करोड़ रूपये लागत लगी थी जो उस समय के लिए बहुत ज्यादा थी | आइये अब आपको महाभारत की महाभारत सुनाते है कि किस तरह किरदारों का चयन किया गया |
श्री कृष्ण Sri Krishna Ramanand Sagar [1993]
रामायण की अपार सफलता के बाद रामानंद सागर किसी नये पौराणिक धारावाहिक शुरू करना चाहते थे | अब बी.आर.चोपड़ा द्वारा महाभारत बनाने के बाद महाभारत वापस बनाने का तप प्रश्न ही नही उठता था इसलिए उन्होंने श्री कृष्ण सीरियल का निर्माण किया | इस सीरियल के द्वारा उन्होंने महाभारत को भी संक्षिप्त रूप में दिखाया जबकि मुख्य पात्र कुष्ण का था | अब उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन पर कई ग्रंथो से जानकारी ली और 1993 में दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर इसका प्रसारण शुरू किया जिसमे कुल 156 एपिसोड प्रसारित किये गये | 1996 में इसे दूरदर्शन पर प्रसारित करना शूरू कर दिया और बचे हुए अंशो के लिए अंत में 1999 में जी टीवी का प्रयोग किया जिसमे 52 एपिसोड प्रसारित किये गये |
श्री कृष्ण के निर्माण का कार्य रामानंद सागर ,सुभाष सागर और प्रेम सागर ने किया जबकि निर्देशन का कार्य रामानंद सागर ,आनन्द सागर और मोटी सागर ने किया | इस धारावाहिक के लिए युवा कृष्ण का किरदार स्वप्निल जोशी ने निभाया जबकि वयस्क कृष्ण का किरदार सर्वदमन बेनर्जी ने किया था | इस धारावाहिक के लिए संगीत रविन्द्र जैन ने दिया जिसका टाइटल सोंग “श्री कुष्ण गोविन्द हरे मुरारी ” ना केवल भारत बल्कि पुरे विश्व में प्रसिद्ध हुआ | 90 के दशक में ये सबसे ज्यादा कमाई करने वाले धारावाहिको में था जिसने लगभग 100 करोड़ रूपये कमाए थे | ये सीरियल भी रामायण महाभारत की तरह 90 के दशक में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पौराणिक धारवाहिक था |
जय हनुमान Jai Hanuman 1997
अब पौराणिक धारावाहिकों की सफलता को देखते हुए संजय खान ने हनुमान जी पर सीरियल बनाने का विचार बनाया और 1997 में हनुमान की जीवन पर पहला धारावाहिक “जय हनुमान” का निर्माण किया | ये धारावाहिक पहले डीडी मेट्रो पर प्रसारित होता था जिसे 2008 में सोनी पर फिर प्रसारित किया गया | इस धारावाहिक में 178 एपिसोड बनाये गये | इस धारावाहिक में हनुमान का किरदार राज प्रेमजी ने , श्रीराम का किरदार मुस्तफा खान , महर्षिवाल्मीकि का किरदार इरफ़ान खान ने और लक्ष्मण का किरदार मनीष खन्ना ने निभाया था | एक मुस्लिम होने के बावजूद उन्होंने इस धारावाहिक में हिन्दू धर्म का बहुत अच्छा प्रदर्शन किया जो वास्तव में तारीफ़ के काबिल था |
ॐ नम: शिवाय Om Namah Shivay 1997
अब धीरे धीरे निर्माताओ को ओर पौराणिक पात्रो पर धारावाहिक बनाने का विचार किया और ज़ुबी कोचर ने भगवान शिव के जीवन पर आधारित पौराणिक धारावाहिक “ॐ नम: शिवाय” का निर्माण किया | इस धारावाहिक का निर्देशन धीरज कुमार ने किया था |इस नाटक में पहली बार हिन्दू देवता शिवजी के साथ अन्य देवताओ का भी विस्तार से चित्रण किया | इस धारावाहिक में समर जय सिंह ने शिवजी का किरदार निभाया था | इस धारावाहिक का टाइटल सोंग और भगवान शिव के नटराज नृत्य को आज भी हम नही भूल सकते है |
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