एक बार अकबर अपने बेटो के साथ नदी किनारे आये और उनके साथ बीरबल भी थे | दोनों बेटो ने कपड़े उतार दिए और नदी में नहाने के लिए उतर गये | बीरबल को उन्होंने कपड़ो की रखवाली करने के लिए कहा |
बीरबल नदी किनारे बैठकर उन दोनों के आने का इंतजार करने लगे | थोड़ी देर बाद अकबर बादशाह वहा आये और उन्होंने भी अपने कपड़े उतारकर नदी में छलांग लगा दी | बीरबल ने उनकी कपड़े भी अपने कन्धो पर रख लिए |
नदी में नहाकर आने के बाद ,बीरबल को इस अवस्था में खड़ा देखा तो अकबर को शरारत सूझी | उन्होंने बीरबल से कहा “बीरबल ,तुम्हे देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे धोबी का गधा कपड़े लादकर घाट पर खड़ा हो “|
बीरबल ने झट से जवाब दिया “हुजुर ! धोबी के गधे पर तो केवल एक ही गधे का बोझ होता है लेकिन मुझ पर तो तीन तीन गधो का बोझ है “
Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...
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