Skip to main content

Akbar Birbal Story in Hindi - दुष्ट हज्जाम की दुर्दशा The Wicked Barber’s Plight

दुष्ट हज्जाम की दुर्दशा
The Wicked Barber’s Plight -Akbar Birbal Story in Hindi

The-Wicked-Barber’s-Plightजैसा कि हम सब जानते है कि बीरबल ना केवल अकबर का प्रिय मंत्री बल्कि उसकी बुद्धिमता का भी कायल था | उसके पास दूर दूर से लोग सलाह लेने आते थे | कुछ मंत्रियो का समूह उसकी लोकप्रियता से बहुत इर्ष्या करता था | वो बाहर से तो उसकी प्रशंशा करते थे लेकिन अंदर ही अंदर उसको मारने की योजना बना रहे थे |एक दिन वो दरबारी राजा के नाइ के पास योजना लेकर पहुचे | वो नाइ अकबर के बहुत करीबी था और उसको दरबारियों ने बीरबल को हमेशा के लिए खत्म कर देने की बात कही |इसके बदले उन्होंने उस नाइ को भारी मात्रा में धन देने का वादा किया | वो दुष्ट नाइ राजी हो गया |
अगली बार उस हज्जाम को जब राजा की हजामत बनाने का अवसर आता है तो वो बादशाह से उनके पिता के बारे में बात करना शुरू करता है जिसकी भी हजामत वो ही बनाता था | अब वो राजा के रेशमी और चिकने बालो की तारीफ़ करने लगा | इसके बाद वो राजा को उसकी समृधि के बारे में ब्यान करता है और कहता है कि “क्या वो उसके पूर्वजो की कुशलता के लिए कुछ भी कर सकते है ” | राजा उसके इस मूर्खतापूर्ण प्रश्न को सुनकर हज्जाम से कहता है कि जो लोग मर चुके है उसके लिए वो कैसे कुछ कर सकता है |
हज्जाम बताता है कि वो एक ऐसे जादूगर को जानता है जो ऐसा कर सकता है | वो जादूगर किसी भी इन्सान को जन्नत में उसके पिता की कुशलता की बात करने के लिए भेज सकता है लेकिन उस इंसान काचयन बहुत सावधानीपूर्वक करना पड़ता है | वो इतना चतुर होना चाहिए कि वो जादूगर के निर्देशों का पालन कर उसी समय सही फैसले ले सके | वो बुद्धिमान , चतुर और उत्तरदायित्व होना चाहिए | हज्जाम ने इस काम के लिए उनके सबसे बुद्धिमान मंत्री बीरबल को भेजने के बारे में सलाह दी
राजा यह सुनकर अपने मृत पिता के बारे में सुनने के लिए उत्तेजित हो गया और उसने हज्जाम को सारी तैयारिया करने के लिए कहा | राजा ने नाइ से पूछा कि इस काम के लिए उसे क्या करना होगा | नाई ने समझाया कि वो बीरबल को जुलुस के साथ कब्रिस्तान तक लेकर जायेंगे और उसको जलती हुयी चिता पर बिठा देंगे  | जादूगर कुछ मन्त्र पढ़ेगा और बीरबल धुआ बनकर जन्नत में चला जाएगा |  जादूगर के मन्त्र बीरबल को आग से रक्षा करेंगे |
राजा ने प्रसन्न होकर ये सारी योजना बीरबल को बताई | बीरबल ने कहा कि ये तो बहुत कमाल की योजना और वो उस योजना के पीछे किसका दिमाग है  ,जानना चाहते था | जब बीरबल को इस योजना के पीछे हज्जाम के बारे में पता चला तो वो जन्नत जाने के लिए तैयार हो गया | बीरबल ने अकबर को इस यात्रा पर जाने के बदले काफी धन देने  और एक महीन तक अपने परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति माँगी ताकी जब वो जन्नत जाए तब उसके परिवार को तकलीफ ना हो | राजा उसकी दोनों शर्तो पर राजी हो गया |
इस एक महीने के दौरान उसने कुछ भरोसेमंद लोगो को कब्रिस्तान से उसके घर तक एक सुरंग बनाने को कहा | अब वो दिन आ गया जिस दिन ये प्रक्रिया होनी थी और चिता के जलते ही बीरबल उस सुरंग में घुसकर उस सुरंग का दरवाजा बंद कर दिया | वो कई महीनों तक अपने घर में छिपकर गायब रहा और इस दौरान उसके बाल और दाढी काफी बढ़ गयी थी | उधर उसके दुश्मन बीरबल के खत्म हो जाने का जश्न मना रहे थे |
कई महीनों बाद एक दिन बीरबल अकबर के पिता की खबर लेकर महल में पंहुचा | बीरबल को देखकर राजा बहुर प्रसन्न हुआ और उस पर सवालों की बौछार कर दी | बीरबल ने बताया कि उसके पिता की रूह सही सलामत है और उन्हें एक चीज को छोडकर आराम की सभी सुविधाए है |  तब राजा यह जानना चाहता था कि उनके पिता को किस चीज की कमी है और उसने सोचा कि अब वो जन्नत में लोगो को भेजकर उनकी कमी पुरी कर सकता है |
बीरबल ने उत्तर दिया की जन्नत में कोई हज्जाम नही है और इस कारण उसकी भी दाढी बढ़ गयी है | उसने अकबर को कहा कि उनके पिता ने एक अच्छे हज्जाम को जन्नत में भेजने की बात कही | राजा ने अपने शाही हज्जाम को अपने पिता की सेवा करने के लिए भेजने का विचार किया | बादशाह ने उस हज्जाम और जादूगर दोनों को बुलाकर फिर से स्वर्ग में जाने की तैयारी करने को कहा | अब वो हज्जाम अपनी सफाई में कुछ नही बोल सका और खुद ही अपने जाल में फंस गया | फिर से वही चिता जलाई गयी और उस हज्जाम को उस पर बिठाया गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी | इस घटना के बाद कोई भी बीरबल से पंगा लेने को तैयार नही हुआ |
शिक्षा : जो दुसरो के लिए कुंवा खोदता है वो खुद ही उसमे गिर जाता है 

Comments

Popular posts from this blog

Pythagoras Biography in Hindi | पायथोगोरस की जीवनी

Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म  ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi आदिमानव लगभग 20,000 साल पहले पहिये दार गाडियों का उपयोग किया करते थे लेकिन विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ज्ञात होता है कि पहिये का प्रचलन 3500 से 4000 ईस्वी पूर्व सीरिया और सुमेरियसा में ही सबसे पहले हुआ था | 3000 ईसा पूर्व तक मेसापोटामिया में पहिये का ख़ासा प्रचलन शूर हो चूका था और सिन्धु घाटी में यह लगभग 2500 वर्ष ईसा पूर्व पहुचा | पहिये का आविष्कार संसार में कब और कहा ,किस प्रकार हुआ या किसने किया , इस संबध में निश्चित रूप से कुछ नही कहा जा सकता | पहिये का लाभ उठाकर पैदल चलने की इस क्रिया यानि साइकिल का अविष्कार भले ही लगभग पौने दो सौ वर्ष पूर्व हुआ हो लेकिन पहिये का अविष्कार निश्चित रूप से हजारो वर्ष पूर्व हुआ हो इसके सर्वत्र प्रमाण मौजूद है | पौराणिक सभ्यताओं से लेकर हजारो वर्ष पुराणी पूरा-सामग्री में भी रथो या बैलगाडियों के होने के प्रमाण उपलब्ध है | फिर भी ऐसा समझा जाता है कि पहिये का अविष्कार “मेसापोटामिया” में यानि आधुनिक ईराक के एक हिस्से में कभी हजारो वर्ष पूर्व हुआ था | कहा जाता है कि किसी पेड़ के गोल...

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi प्रधानमंत्री (Prime Minister) , विधायिका और कार्यपालिका दोनों का वास्तविक प्रधान होता है तथा मंत्रियों एवं राष्ट्रपति के बीच संवाद के लिए सेतु का कार्य करता है | राष्ट्रपति की शक्तियाँ औपचारिक ही है | व्यवहार में उसकी शक्तियों का उपयोग PM ही करता है | राष्ट्रपति , लोकसभा में बहुमत दल के नेता को ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त करता है परन्तु यदि किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिला हो तो सबसे बड़े दल को , यदि वह भी न हो तो चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठ्बन्धन वाली पार्टी के नेता को PM नियुक्त करता है | साथ ही निर्धारित समयावधि में लोकसभा में मंत्रीमंडल को विश्वास मत प्राप्त करने को राष्ट्रपति को कह सकता है | आइये पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रीयो की सूची पर एक नजर डालते है | भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | Prime Minister of India List in Hindi क्र. प्रधानमंत्री का नाम जन्म-मृत्यु वर्ष कार्यकाल दल 1 जवाहरलाल नेहरु 1889–1964 1947-1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 2 गुलजारीलाल नंदा 1898–1998 1964 (13 दिन) भारत...