Jonas Edward Salk Biography in Hindi
विश्वभर में समय समय पर ऐसी ऐसी खतरनाक बीमारियों ने जन्म लिया . जिनके आरम्भिक दौर ने मानवजाति को हिलाकर रख दिया , मगर वैज्ञनिको ने अपनी सूझ बुझ और अविष्कारों से उन बीमारियों के ना केवल कारण खोजे बल्कि उनका उपचार भी खोज निकाला | ऐसा ही एक भयानक रोग है -पोलियो | पोलियो विषाणुजनित रोग है जिसमे रोगी को पैरो में एक प्रकार का पक्षाघात हो जाता है और इसका रोगी उठने और चलने में असमर्थ हो जाता है |
वास्तव में ये एक बालरोग है | बचपन में ही जिन बच्चो को पोलियो हो जाता है ,वह चलने फिरने में असक्षम हो जाता है | इस बीमारी का उपचार खोजने वाले वैज्ञनिक से का नाम एडवर्ड जोन्स साल्क था | यद्यपि आज विश्व के तमाम देशो में पोलियो से हमेशा के लिए मुक्ति पाने हेतु पोलियो निवारण अभियान चलाए जा रहे है | इन अभियानों में वर्ष में दो बार पोलियो ड्रॉप्स पांच वर्ष की आयु तक के बच्चो को पिलाई जाती है | भारत में पोलियो निवारण अभियान की बदौलत पोलियो मुक्त देश बनने में सफल हुआ है | आइये हम आपको पोलियो का टीका बनाकर पोलियो से मुक्तकराने वाले वैज्ञानिक जोन्स साल्क Jonas Edward Salk की जीवनी से रूबरू करवाते है |
Jonas Edward Salk एडवर्ड जोन्स साल्क का जन्म अमेरिका में सन 1914 ईस्वी में हुआ था | आरम्भ में उनकी रूचि जीव विज्ञान में थी | उन्होंने अपनी शिक्षा Biology में ही पूर्ण की थी | शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात एडवर्ड जोन्स साल्क की नियुक्ति पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के स्कूल ओफ मेडिसिन में बायोलॉजी के प्रोफेसर के रूप में हुयी | वो वहा पर अनेक प्रकार के विषाणु एवं जीवाणुओं पर अनुसन्धान करते रहते थे |स्न 1950 ईस्वी में अमेरिका में पोलियो नामक रोग की महामारी ने आक्रमण कर दिया | यह रोग बच्चो को अपना शिकार बनाता था | इसके दो वर्ष बाद ही यही महामारी बेल्जियम ,जर्मनी और डेनमार्क में फ़ैल गयी | विश्वभर के वैज्ञानिक इस बीमारी का इलाज खोजने में जुट गये लेकिन कोई सुखद परिणाम नही आया |
अमेरिकी वैज्ञानिक Jonas Edward Salk एडवर्ड जोन्स साल्क भी इस विषाणुजनित रोग का उपचार खोजने में लगे थे | उन्होंने उचे पैमाने पर अनुसन्धान किया और सन 1954 में उन्होंने एक वैक्सीन का अविष्कार किया जिसको लगाने के बाद पोलियो का प्रभाव नही होता था | उन्होंने यह टीका बन्दर से बनाया था | उन्होंने इस समस्या से समाधान खोज निकाला था | देखते ही देखते विश्व में इस टीके का उपयोग कर पोलियो नामक रोग पर नियन्त्रण पाया जाने लगा | सन 1955 में अमेरिका के ही दुसरे वैज्ञानिक ब्रस साबेन ने भी पोलियो नियन्त्रण हेतु एक टीके का अविष्कार किया | उनके द्वारा इजाद उपचार साल्क के टीके से अधिक प्रभाव शाली था|
आधुनिक युग के विश्वभर में पोलियो पर विजय पाने के लिए पोलियो अभियान चलाया गया जिसमे पोलियो पर लगभग विजय पप्राप्त कर ली गयी है , अब पोलियो के उपचार का स्वरुप बदल गया है | पहले इस रोग पर काबू पाने के लिए टीके लगाये जाते थे लेकिन अब मुह से पिलाई जाने वाली दवाइयों का उपयोग किया जाता है | मानवता को कल्याणकारी खोज देने वाले Jonas Edward Salk एडवर्ड जोन्स साल्क का निधन 23 जून 1995 में हो गया था |
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