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स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल की जीवनी Lakshmi Mittal Biography in Hindi

Lakshmi Mittal Biography in Hindi

स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल की जीवनी Lakshmi Mittal Biography in Hindi
स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल की जीवनी Lakshmi Mittal Biography in Hindi

स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल  Lakshmi Mittalबहुराष्ट्रीय कम्पनी “मित्तल स्टील ” के प्रमुख है जो पुरे विश्व में स्टील की विशालतम उत्पादक है | संडे टाइम्स की “रिच लिस्ट” में उन्हें ब्रिटेन का सबसे धनी व्यक्ति माना गया था |  उद्मिता की यह सर्वाधिक आश्चर्यजनक कहानी ऐसेभारतीयों के प्रेरणा लेने और स्व-प्रोत्साहन के लिए है जो सकारात्मक दृष्टिकोण रखते है | 2007 में मित्तल को यूरोप का सबसे धनी हिन्दू और एशियन का ख़िताब मिला था | 2002 में ब्रिटेन का आठवा सबसे धनी व्यक्ति होने के बावजूद उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता नही ली | 2011 में फ़ोर्ब्स मैगज़ीन के अनुसार वो दुनिया के छठवे सबसे धनी व्यक्ति थे को मार्च 2015 में गिरकर 82 हो गया | आइये आपको उसी सफल व्यवसायी लक्ष्मी निवास मित्तल की जीवनी से रूबरू करवाते है |
Lakshmi Mittal लक्ष्मी निवास मित्तल का जन्म 15 जून 1950 को राजस्थान के सादुलपुर गाँव में हुआ था फिर बाद में उनका पूरा परिवार कलकता आ गया था | कलकत्ता में उन्होंने प्रतिष्टित St. Xavier’s College से प्रथम श्रेणी से B.Com की डिग्री प्राप्त की | उनके पिता मोहन लाल मित्तल ने एक छोटी सी स्टील कम्पनी Nippon Denro Ispat खोली थी और लक्ष्मी निवास मित्तल अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाते थे | अब पारिवारिक व्यवसाय में अपना करियर शुरू करते हुए उन्होंने अपने दोनों भाइयो के साथ मिलकर मित्तल स्टील कम्पनी बनाई |
1976 में केवल 26 वर्ष की उम्र में वो इंडोनेशिया चले गये और शीघ्र ही अपने पिता और भाइयो से अलग हो गये | इंडोनेशिया में उन्होंने अपनी पहली स्टील फैक्ट्री “इस्पात इंडो” शुरू की और यही से उनकी विजय गाथा शुरू होती है | उन्होंने घाटे में चल रही इस्पात मिलो को सस्ते में खरीदकर उन्हें लाभदायक सौदे में बदलने का मन्त्र अपनाया और शत प्रतिशत सफलता पायी | 1980 के दशक में अपनी आधिग्रहन की धुन में वो इस उद्योग के दिग्गजों में गिने जाने लगे |
मैक्सिको , कनाडा ,जर्मनी एवं आयरलैंड आदि देशो की कंपनिया आधीग्र्हान करने से उन्हें काफी लाभ हुआ | व्यवसाय दिन दुनी और आत चौगुना तरक्की करने लगा | 1994 में पारिवारिक व्यवसाय में विभाजन होने पर विदेशी व्यापार उनके हिस्से में आ गया | Lakshmi Mittal ने अपनी “इस्पात इंटरनेशनल ” को न्यूयार्क एवं एमस्तेर्दम के स्टॉक एक्सचेंज में दाखिला करवाया | सन 2004 में  इस्पात इंटरनेशनल एवं L.N.M. व्यवसाय में विलेय से “मित्तल स्टील” का जन्म हुआ | उन्होंने शिपिंग ,कोयला एवं तेल आदि अन्य व्यवसायों में भी प्रवेश किया |
Lakshmi Mittal लक्ष्मी निवास मित्तल विश्व की विशालतम कम्पनी “आर्सेलर-मित्तल ” में 44 प्रतिशत का स्वामित्व रखते है | मित्तल को उनकी उपलब्धियों के लिए अनेक सम्मान और पुरुस्कार दिए जा चुके है  | 1994 में उन्हें “स्टील मेकर ऑफ़ द इयर ” का पुरुस्कार दिया गया | जून 1998 में “ऑनरेरी ऑफ़ स्टील विज़न ” प्राप्त हुआ | 2004 में फार्च्यून पत्रिका में उन्हें “यूरोपीय बिजनेस मैन ऑफ़ द इयर ” का पुरुस्कार दिया | मित्तल विदेश में रहने के बावजूद अपनी जडो को नही बभूलते है | वो भारत में अनेक कल्याणकारी संस्थाओ एवं ट्रस्ट से जुड़े है तथा यहा व्यवसाय द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है |
लन्दन में Lakshmi Mittal “समर  पैलेस ” में रहते है | यह 2003 में 129 मिलियन डॉलर में खरीदा गया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है | भारतीय मूल के स्टील टाईकुन लक्ष्मी निवास मित्तल को 8 सितम्बर 2008 को फ़ोर्ब्स पत्रिका द्वारा “फ़ोर्ब्स लाइफटाइम अचीवमेंट ” पुरुस्कार दिया गया | यह व्यावसायिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित पुरुस्कारों में से एक है | 2008 में उन्हें पद्मविभूषण से भी सम्मानित किया गया |

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