How to Overcome Tension in Life
पतंग जब उडती है तो उसके साथ डोर का बोझ होता है लेकिन केवल उस दिशा देने के लिए , पर जब यह बंधन टूट जाता है तो वही पतंग जो एक दायरे में रहती है और उंचाइयो को छु लेती है | अब अगर यही सीख हमारे जीवन में उतारे और अहम अपनी ही खींची रेखाओ और अपने ही ओढ़े “बोझ” से उबरे और “दायरे ” से निकले तो पतंग की तरह जीवन के हर रंग , उतार चढ़ाव का आसानी से सामना कर जीवन के आनन्द को पा जाए | हमारे जीवन में हम इतने तरह के बोझ लादे हुए चल रहे है कि ना तो हमारी पुरी शख्सियत सामने आ पाती है और ना ही हम जीबन की छोटी छोटी बातो का आनन्द ले पते है | आइये आज हम आपको जीवन की उन्ही जाने पहचाने बोझ से रूबरू करवाते है जिनसे उबरकर आपको खुशी मिल सकती है |
1 पुराणी गलतियों का बोझ
काश ! मैंने ये किया होता , काश ! मैंने यह न किया होता | हममें से अधिकतर लोग शायद इसी मलाल Tension के साथ पुरी जिन्दगी निकाल देते है | पुराणी गलतियों और उनसे उपजा अवसाद कुछ इस कदर हावी हो जाता है कि कुछ नया करने का उत्साह ही नही रहता है | देखा जाए तो भुत के पछतावे की छाया में हम भविष्य को सुधारने की कोशिश ही नही करते है और वर्तमान को भी खो रहे होते हो | पतंग को याद कीजिये , जब वो उडती है तो साथ में मांझे और चरखी का बोझ रहता है लेकिन जैसे ही एक समय के बाद वह यह बोझ को परे कर देती है तो किन उंचाइयो को पा जाती है |
2 काम का बोझ
घर में भी दफ्तर का काम ले आना , काम , काम और 24 घंटे काम में दिमाग रहना | बच्चो को बड़े होते नही देखना , अपने हमउम्र अजीजो से मिलने का वक्त भी इसी काम की वजह से निकाल पाना | कही आपके जीवन में भी काम का बोझ कुछ इस कदर तो लदा हुआ नही है ? आपको भी बहुत वक्त हो गया है अपने बच्चो के साथ बगीचे में खेले हुए , पत्नी के साथ सुकून से बैठकर बात करते हुए या पिता से उनकी जवानी के किस्से सुने ,अगर ऐसा हो तो काम का बोझ कम करने की कोशिश कीजिये | याद रखिये काम जीवन के लिए है ,जीवन काम के लिए नही | काम में उलझे रहेंगे तो जीवन कब जियेंगे | काम का बोझ जब अपने आप कुछ उतरेगा , तब तक आपकी उम्र अ काफी हिस्सा आपके हाथ से फिसल चूका होगा |
3 Status का बोझ
स्टेटस मेंटेन रखने का बोझ आज शायद सबसे भारी है | आप जानते है कि मेरी चादर इतना कुछ करने की नही है लेकिन यह तो करना ही होगा | इतना खर्च जरुरी है , ऐसे साधन जरूरी है , फुल ब्रांड के कपड़े पहनना जरुरी है ,स्मार्टफोन होना जरुरी है , वरना लोग क्या सोचेंगे ,दफ्तर में साथ काम करने वाले साथी और बच्चे क्या कहेंगे , पति या पत्नी ताने मारेगी |
आवश्यकता हो या ना हो , यह तो होना ही चाहिए | आसमान में अलग अलग रंग ,आकार प्रकार की पतंगे है म महंगी -सस्ती डोर और चरखियो से बंधी है ,झोपडी और हवेलियों से उड़ रही है लेकिन याद रखिये , आसमान सभी को एक सा मिला है जो आनन्द बाँट रही है ,उसमे भी भेद नही | अगर आपके पास साधन सिमित है , आवश्यकताये कम है तो उसी के अनुसार जिए और उतार फेंके स्टेटस के बोझ को ,क्योंकि जीवन का अर्थ केवल खुशी पाने में है |
4 पारीग्रह का बोझ
7 जोड़े जूते , 8 जोड़ी चप्पले इतने कपड़े , हजारो किताबे ,इतने साधन शायद जीवन में किसी दिन इनकी जरूरत पड़े | रद्दी का अख़बार रखने , साँस लेने की जगह नही लेकिन चीजे जमा किये जा रहे है | फला साडी के मैचिंग की चप्पल तप होनी ही चाहिए ,एक बार किसी समारोह में एक ड्रेस पहन ली तो दुसरे में पहनने के लिए नई चाहिए | बच्चे पहन नही पाते , उनके इतने कपड़े जमा कर लिए , फिर छोटे होते देखकर दुखी भी हो जाना | घर में भी जगह से ज्यादा सामान है | रसोई ठसाठस भरी पड़ी है | सोचिये तो सही , थोडा कम संग्रह करेंगे तो जो चीजे जमा है , उनका भी आनन्द ले पायेंगे | साथ ही इस अतिरिक्त सामान को जरुरतमन्दो के साथ बांटोगे तो ये खुशी दुगुनी हो जायेगी |
5 आर्थिक इच्छाओ का बोझ
किराये के मकान में रह रहे है तो खुद का घर खरीदने की इच्छा , फ़्लैट में रह रहे है तो अपना अलग घर खरीदने की इच्छा पुरी हो सकती है अगर समय पर आर्थिक निर्णय हो जाए | जो आया , सो खर्च किये जा रहे है और इच्छाओ को पूरा करने के लिए करोड़ो कमाने का अरमान है | बिना प्लानिंग करोड़ो कमाने का उद्देश्य राह से भटकाव की तरफ ले जा रहा है जिन्दगी में बेवजह का तनाव पैदा कर रहा है | आर्थिक इच्छाओ का अंतिम छोर पता नही ,कितनी आवश्यकता , कितने प्रयास ,कुछ पता नही है | बस भाग रहे है तो थोडा ठहरिये , सोचिये कि अभी नही तो कुछ समय बाद इन इच्छाओ को कैसे पूरा किया जा सकता है | थोड़ी योजना बनाइए , फिर ये इच्छाए बोझ नही लगेगी |
6 अहम का बोझ
मै माफी क्यों मांगू , उसे आना चाहिए था , मै पहल क्यों करू , उसे यह करना चाहिए था | आखिर गलती उसी की थी वही झुके | आज पति-पत्नी का रिश्ता इस बोझ के नीचे मानो दब सा गया है | अह्म को लेकर होने वाले टकराव तलाक की चौखट तक पहुच रहे है | जिन्होंने साथ जन्म साथ निभाने के वाडे से सात फेरे लिए थे आज वप सात महीने भी नही निभा पा रहे है | ऐसा ही टकराव दफ्तर में सहयोगियों के साथ हो गया तो फिर हमेशा साथ रहने वाले एक दुसरे का मुह देखना भी पसंद नही कर रहे है | अंदर घुटन है लेकिन पहले माफी मांगने या बात करने में शशर्म आ रही है | याद रखिये जो जा रहा है वह जीवन है नुकसान सभी का है |
7 सोच का बोझ
बच्चो को मोबाईल ,कंप्यूटर और इन्टरनेट का प्रयोग करते देख अंदर से इच्छा तो है कि सब सीख ले लेकिन क्या मै अब यह सब करता हुआ अच्छा लगूंगा /लगूंगी ,ये सब मेरी उम्र के काम नही , बुढा तोता क्या पढ़ेगा , कंप्यूटर , मोबाइल सीखकर मै इस उम्र में क्या करूंगा ,जैसे ढेर सारे नकारात्मक विचार मन में आ जाते है | सोच का बोझ परे रखिये | अरे भई जिन्दगी न मिलगी दोबारा नही सुना | एक ही जीवन है ,अपनी सोच के बोझ को बाहर निकालकर जो कुछ भी नया सीखने की इच्छा अहि उसे मन में दबाए मत रखिये बस सीख डालिए |
8 कल का बोझ
कल ऐसा हुआ तो कल वैसा हुआ तो ,मेरी जिन्दगी तो कट गयी ,बच्चो का क्या होगा ? अपने लिए ना सही , लेकिन बच्चो के लिए यह तो कर ही दू | भविष्य की चिंता या यु कहे उसका बोझ वर्तमान को भी बोझिल बना रहा है | बचत अच्छी बात है लेकिनइतना भी क्या बचाना कि आज खुलकर नही जी सके | जिन्दगी बहुत ही अनिश्चित है इसलिए कल की चिंता Tension का बोझ आज ही सिर से उतार फेंकिये |
इनमे से सभी नही तो अगर कम से कम एक तरह का बोझ Tension से मुक्ति पा ली तो जीवन में एक दिखने लायक अंतर पा सकते है | तो मित्रो आप हमारी बातो से सहमत हो तो अपने विचार जरुर बताये और उपर दिए बोझो में आप किस बोझ Tension से सबसे ज्यादा दुखी है और किस् बोझ Tension से उबरना चाहते है हमे कमेंट के माध्यम से जरुर बताये ताकि हमे बताकर आपका कुछ मन का बोझ हल्का हो जाए |
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