Johannes Gutenberg Biography in Hindi
आज हम जिस भी अख़बार या किताब को पढ़ते है वो किसी ना किसी छापेखाने (Printing Press) में छपकर तैयार हुयी होगी लेकिन इसका अविष्कार का श्रेय जोहानेस गुटनबर्ग को दिया जाता है जिन्होंने सबसे पहले छापेखाने का अविष्कार किया था | उनकी इस खोज से पहले हर कोई बात कलम के जरिये पन्नो पर लिखी जाती थी और किसी भी किताब की एक से ज्यादा प्रतिया निकालना सम्भव नही था लेकिन छापेखाने की खोज के बाद किताबो की एक से ज्यादा प्रतिया निकालना सम्भव हुआ और एक नई क्रान्ति ने जन्म लिया था | आइये हम आपको उसी छापेखाने का अविष्कार करने वाले Johannes Gutenberg जोहानेस गुटनबर्ग की जीवनी से रूबरू करवाते है |
Johannes Gutenberg गुटनबर्ग का जन्म जर्मनी के मिंज शहर में सन 1398 में हुआ था | वो अपने शहर के एक धनी स्वर्णकार की सन्तान थे | सन 1429 में प्रशाशको और भूस्वामियो के बीच हुए संघर्ष के कारण गुटनबर्ग को मिंज से निर्वासित होना पड़ा | Johannes Gutenberg गुटनबर्ग फ़्रांस के स्ट्रासबर्ग चले गये , जंहा उन्होंने सन 1434 से सन 1444 तक रत्न तराशने ,आइना बनाने ,ब्लाक प्रिंटिंग करने जैसे कार्य किये | उन्होंने इन कलाओं का प्रशिक्ष्ण भी दुसरो को दिया |
सन 1436 में उन्होंने टाइप प्रेस के निर्माण का काम शुरू कर दिया | तीन व्यावसायिक भागीदारो ने ऊन्हे इस खोज के लिए पैसे उधार दिए थे | सन 1438 में चारो ने मिलकर एक व्यावसायिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये | एक भागीदार की मृत्यु उसी साल हो गयी और उसके वारिस ने अपने पैसे हासिल करने के लिए मुकदमा कर दिया | Johannes Gutenberg गुटनबर्ग और उनके साथी मुकदमा जीत गये |
सन 1443 के बाद Johannes Gutenberg गुटनबर्ग ने स्ट्रासबर्ग छोड़ दिया | मिंज पहुचकर उन्होंने एक रिश्तेदार से कुछ पैसे उधार लिए ,ताकि वह अपने प्रयोग को जारी रख सके | सन 1448 में उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस का अविष्कार कर लिया | इस दौरान उन्हें अनेक बाधाओं का सामना करना | टाइप के लिए सटीक धातु का निर्धारण करना कठिन काम था | तेल मिश्रित स्याही का इस्तेमाल करना उन्होंने जरुरी समझा था |
सन 1450 में बाइबिल का मुद्रण करने के लिए अमीर व्यक्ति जोहान फस्ट ने
Johannes Gutenberg गुटनबर्ग को पहले 800 गिल्डर्स दिय और सन 1452 में फिर 800 गिल्डर्स दिए | फस्ट अपनी राशि पर मुनाफा जल्दी कमाना चाहता था जबकि Johannes Gutenberg गुटनबर्ग अपनी तकनीक सुधारकर पुस्तक तैयार करना चाहते थे | “गुटनबर्ग बाइबिल ” की 200 प्रतिया छापी गयी | मुद्रण का काम सन 1455 में पूरा हुआ |
Johannes Gutenberg गुटनबर्ग के जीवन के उतरार्ध के बारे में निश्चित जानकरिया उपलब्ध नही है |बाइबिल के मुद्रण सेर उन्हें मुनाफा होना चाहिए था , मगर फस्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा कर दिया और बाइबिल की बिक्री से होने वाली आय पर उसका अधिकार हो गया | माना जाता है कि सन 1460 से पहले गुटनबर्ग ने एक नया छापाखाना स्थापित किया | इसके लिए उन्हें एक अमीर वकील कोनराड हमरी से वित्तीय सहायता मिली थी | उन्होंने 748 पृष्टो का इनसाइक्लोपीडिया “केथोलिकन ” शीर्षक से प्रकाशित किया था |
पहले से इस तरह की धारणा प्रचलित रही है कि Johannes Gutenberg गुटनबर्ग गरीबी की हालत में मरे , जबकि तथ्यों से पता चलता है कि सन 1462 में मिंज पर नासो के आर्क बिशप एडोल्फ ने कब्जा कर लिया था और उसने सन 1405 में गुटनबर्ग को सरकारी मुद्रक नियुक्त किया था | इस तरह सन 1468 में अपने देहांत के समय तक Johannes Gutenberg गुटनबर्ग को अच्छी आय होती रही |
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