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हवाई जहाज के अविष्कारक राईट बन्धु की जीवनी Wright Brothers Biography in Hindi

Wright Brothers Biography in Hindi

हवाई जहाज के अविष्कारक राईट बन्धु की जीवनी Wright Brothers Biography in Hindi
हवाई जहाज के अविष्कारक राईट बन्धु की जीवनी Wright Brothers Biography in Hindi

औरबिल राईट और विलबर राईट को राईट बन्धु Wright Brothers कहा जाता है जो सयुंक्त राज्य अमेरिका के रहने वाले थे | इन्हें हवाई जहाज का अविष्कारक कहा जाता है | Wright Brothers राईट बंधुओ ने 17 दिसम्बर 1903 को हवा में भारी विमान को कुछ समय तक उड़ाकर इतिहास रच दिया |
आरबिल जा जन्म डॉयटन में 19 अगस्त 1871 को और विलबर उनसे पहले 16 अप्रैल 1867 को जन्मे थे | इनके पिता बिशप मिल्टन राईट इनके लिए तरह तरह के खिलौने लाते थे | एक बार वे मशीनी हेलीकाप्टर लेकर आये ,जिसे देखकर राईट बन्धु बहुत प्रभावित हुए | कुछ समय आरविल ने पतंग बनाने का काम किया और उडन मशीन बनाने के बारे में सोचने लगे | उन्होंने अपना एक अख़बार निकाला और इसी दौरान औरविल ने अपनी डिजाईन की एक प्रिंटिंग प्रेस बना डाली |
सन 1892 में अमेरिका में साइकिल बहुत लोकप्रिय थी | राईट बन्धु स्वयं अच्छे चालक और मैकेनिक थे | उन्होंने साइकिल के धंधे में हाथ आजमाने की सोची और आर्डर पर खुद साइकिल बनाकर बेचने लगे | उनकी साइकिल ब्रैंड “वैन क्लीव ” “राईट स्पेशल” और “सेंट क्लेयर ” नाम से खूब बिकी और सपने साकार करने के लिए उन्होंने पर्याप्त धन इकठ्ठा कर लिया |
इसके बाद वे पक्षी उड़ान ,ग्लाइडिंग इत्यादि पर अध्ययन करने लगे | उन्होंने हवाई जहाज के कई डिजाईन भी बनाये | 17 दिसम्बर 1903 को औरविल ठीक 10 बजकर 35 मिनट पर सुबह अपने बनाये वायुयान में सवार हुए | उन्होंने 12 सैकंड तक उसे उड़ाया और 120 फीट की दूरी तय की | उसी दिन चौथी टेस्ट लाइट में विलबर 59 सैकंड तक हवा में रहे और उन्होंने 852 फीट की दूरी तय की |
राईट बंधुओ ने अपने प्रयोग जारी रखे और राईट कम्पनी की स्थापना की | 30 मई 1912 को विलबर की मृत्यु हो गई | अपनी विरासत को आगे बढाते हुए औरबिल ने उड़ान व्यवसाय लगा दिए | 1916 में उन्होंने अपनी राईट कम्पनी बेच दी और स्वयं को वायुयान से जुड़े अविष्कारों में लगा दिया , जिनसे उन्हें पहचान मिली थी | उन्होंने एक एयरोनाटिक लैब भी स्थापित की |औरविल राईट नाका (National Advisory Committee for aeronautics ) के संस्थापक सदस्य थे | उन्होंने 28 साल तक वहा नौकरी की | सन 1958 में “नाका ” का नाम बदलकर NASA (National Aeronautics and Space Agency) कर दिया गया |
वैज्ञानिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए ऑरविल को अनेक पुरुस्कार मिले | प्रथम डेनिएल गुगेनहेम मेडल उन्हें 8 अप्रैल 1930 को दिया गया | राईट बंधुओ ने हवाई जहाज को वैज्ञानिक जगत सदा उनका आभारी रहेगा | वे डॉय टन ,ओहियो के जिस घर में रहे उसका डिजाईन भी दोनों भाइयो ने मिलकर तैयार किया था ,लेकिन दुर्भाग्य से उसके पूरा होने से पहले ही विलबर की मृत्यु हो गयी | इसी घर में 30 जनवरी 1948 को औरविल राईट ने अंतिम सांस ली |

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