
Google अपने 21 वर्ष पूरा कर चूका है | दुनिया के सबसे लोकप्रिय Search Engine की स्थापना 4 सितम्बर 1999 को दो दोस्तों Larry Page और Sergei Bin ने की थी | दोनों अमेरिका की Stanford University के PhD के छात्र थे | बीते कई वर्षो में Google में बहुत बदलाव आया है | यह 190 से अधिक देशो में 150 से अधिक भाषाओं में अपनी सेवाए दे रहा है | गूगलिंग हर वर्ष अपना जन्मदिन 27 सितम्बर को मनाती है इससे पहले गूगल अलग अलग दिवसों पर अपना जन्मदिन मना चुकी है | वैसे तो Google दुनिया भर की जानकारियों को समेट कर रखा है मगर Google और इसके ऑफिस के बारे में जानना भी कम रोचक नही है | आइये आज आपको गूगल बाबा के जन्म दिवस इससे जुडी ऐसी रोचक जानकारिया बता रहे है जिसे पढकर आप चौंक जाओगे |
Google का पहला Tweet
फरवरी 2009 ने Google ने अपना पहला Twitter पोस्ट किया था जो इस तरह था “I’ m 01100110 01100101 01100101 01101100 01101001 01101110 01100111 00100000 01101100 01110101 01100011 01101011 01111001 00001010. ” यह Message बाइनरी नंबर के रूप में था जिसका मतलब है “I am Filling Lucky.”
ख़ास है Google Doodle
हर खास मौके पर Google के होमपेज पर नजर आने वाला Doodle का हर किसी को इंतजार रहता है | क्या आपको पता है सबसे पहला Google Doodle गूगल के फाउंडर लेरी पेज और सर्जे ब्रिन ने केवल एक मेसेज के तौर पर बनाया था | 1998 में पेज और ब्रिन Weekend में नेवादा के Burning Man Festival में गये थे | उन्होंने वहा Doodle इसलिए बनाया था ताकि Users को पता चल सके कि वे Out of Office है और Server Crash जैसी प्रॉब्लम को सोल्व नही कर सकते है | इसे खूब पसंद किया गया और इसी के बाद से Doodle की शुरुवात हो गयी | गूगल Doodle for Google नाम से प्रतियोगिता भी आयोजित करता है जिसमे भाग लेकर आप भी इनाम जीत सकते हो |
गलती से पड़ा था नाम
इस कम्पनी को असल में Googol नाम दिया जाना था | गूगल सर्च इंजन के नाम की स्पेलिंग उसके संस्थापको द्वारा की गयी गलती के कारण Google लिखी गयी | शुरुवाती दौर में गूगल के संस्थापक सर्जी बिन और लैरी पेज गूगल को बेचने के लिए एक्साईट कम्पनी की CEO के पास गये थे | यह दोनों गूगल को 1 मिलियन डॉलर में बेचना चाहते थे | एक्साईट कम्पनी की तरफ से गूगल को सिर्फ 750000 डॉलर ही ऑफर किये गये | उस समय ये सौदा नही हो पाया और गूगल ने बाद में इतना विशाल रूप ले लिया |
सर्च से सेवाओ के खजाने तक
Google ने अपनी शुरुवात Search उत्पाद के रूप में ही की थे | इसने सोचने का तरीका ही बदल दिया | यह इतना मशहूर हुयी कि अब हम हर जानकारी के लिए Google पर निर्भर करने लगे है | कोई भी जानकारी चाहिए गूगल है ना | इसकी सफलता का आलम यह रहा कि इसका नाम ही Search Engine पड़ गया | कुछ Keyword गूगल पर डालते ही जानकारी का खजाना खुल जाता है फिर चाहे वो राष्ट्रीय हो या अंतर्राष्ट्रीय | गूगल की सेवाओ में आज हम Gmail , Google Earth , Android , Google News , Google Translator और Youtube जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल एक क्लीक पर कर रहे है |
जब Google के Office में पहुची बकरिया
आपको सुनकर हैरानी होगी कि Google के ऑफिस में बकरियों का क्या काम ? यह सच है | असल में Google के कैलिफ़ोर्निया स्थित Headquarter में अक्सर बड़ी बड़ी घास और झाडिया उग आती है जिन्हें साफ करना मुश्किल हो जाता है | इसकी सफाई के लिए कैलिफ़ोर्निया की कम्पनी “ग्रेजिंग” ने विशेष रूप से 200 बकरिया किराये पर मंगाई जाती है | ये न केवल पर्यावरण के लिहाज से एक अच्छा उपाय है बल्कि घास काटने वाले मशीन के मुकाबले इन बकरियों को चरते हुए देखना भी एक मजेदार अनुभव है | इससे मशीन पर होने वाले खर्च से भी मुक्ति मिलती है |
Dog फ्रेंडली भी है गूगल
Google डॉग फ्रेंडली कम्पनी है | गूगल की Dog Policy के अनुसार यहा कर्मचारियों द्वारा डॉग के साथ कोई भी बुरा बर्ताव करने के लिए उन्हें हमेशा के लिए नौकरी से निकालने के लिए काफी है | इसके अलावा यदि आप Dog रखते है तो उसकी साफ़ सफाई का ध्यान रखना भी जरुरी है | यहा पर डॉग के साथ बहुत अच्छी तरह बर्ताव किया जाता है लेकिन डॉगी के प्रति अपने लगाव को अपने कॉर्पोरेट कल्चर का हिस्सा बताने वाली इस कम्पनी के ऑफिस में बिल्लियों के लिए कोई जगह नही है | यहा National Dog Day भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है |
कितना विशाल है Google का सर्वर
इंग्लैंड से लेकर लोवा तक दुनिया भर में गूगल के आठ Secret Data Center है | इनके अलावा किल्लिकारा , चिली , सिंगापूर और ताइवान में भी Data Center बनाये जा रहे है | एक Data Center अमेरिका के काउंसलिंग ब्लुफ़ लोवा में 11.500 वर्ग फुट में विस्तृत है | यह सर्वर सर्च के साथ ही youtube की सुविधा भी देता है | अमेरिका के ओक्ल्हामा में सर्वर द्वारा उत्पन्न गर्म हवा को सुरंगो से निकालकर इसकी यूनिट को ठंडा किया जाता है | हर सर्वर रैक में चार स्विच है जो अलग अलग रंग के केबल से जुड़े हुए है | सारे Data Center में केबल के रंग एक जैसे है इससे Network में गडबडी का आसानी से पता चलता है |
गूगलर्स को मिलती है Special Treat
गूगल अपने कर्मचारियों को स्पेशल ट्रीट भी देता है इसमें केवल Free Drinks या Snacks नही होते है बल्कि दिन में तीन बार का पूरा खाना पीना शामिल है | उए सारी चीजे ऑफिस के आस पास मौजूद कैफे और रेस्तौरेंट से लिए जाते है | ब्रिन और पेज ने इस बात का खास ख्याल रखा है कि गूगलर को खाने के लिए 100 फीट से ज्यादा दूर जाने की जरूरत न पड़े इसलिए ऑफिस के चारो ओर स्नैक्स से भरे हुए माइक्रोकिचन भी मौजूद है | 2007 में इन माइक्रोकिचन से वहा के कर्मचारियों द्वारा लगभग 5500 पौंड चोकोलेट की खपत हुयी थी |
Smartphone की लत से दिलाएगा छुटकारा
गूगल यह भी चाहता है कि आप हमेशा उसका ही इस्तेमाल न करो | इसके लिए Google ने डैशबोर्ड टूल जारी किया है जिसकी मदद से आप यह पता लगा सकते हो कि आप कितनी देर से फोन अक इस्तेमाल कर रहे हो | ख़ास बात यह है कि कितने समय तक आप YouTube विडियो देख रहे थे या अन्य App का प्रयोग कर रहे थे | इन सारी चीजो का पता लग जाएगा |
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