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कितना फायदेमंद है नौकरी बदलना | Switching Job Beneficial or Not ?

switching-job-beneficial-or-notकई लोग करियर में आगे बढने के लिए नौकरी बदलना पसंद करते है परन्तु वास्तव में ऐसा करना कितना फायदेमंद है यह जरुर चर्चा का विषय है | आइये आपको इसके पक्ष और विपक्ष के विचारों से आपको रूबरू करवाते है |

विपक्ष में

आज के अधिकतर प्रोफेशनल्स का मानना है कि करियर में सफलता के लिए अक्सर नौकरी बदलते रहना बेहतर रहता है | जहा करियर में आगे बढने के लिए कई लोगो का विश्वास है वही जरुरी नही है कि हर मामले में ऐसा ही हो | लम्बे समय तक एक ही नौकरी से जुड़े रहना कर्मचारी तथा कम्पनी दोनों के लिए फायदेमंद होता है | आजकल कई कम्पनिया उपयुक्त कर्मचारियों की नियुक्ति तथा उन्हें प्रशिक्षित करने पर काफी वक्त और पैसा खर्च कर रही है |
कई प्रोफेशनल्स समझते है कि उन्हें मिलने वाली तनख्वाह ही उनकी नौकरी से होने वाली एकमात्र आय है परन्तु अक्सर वे भूल जाते है कि उनमे से कइयो को प्रशिक्षित करने पर भी कम्पनी ने काफी पैसा खर्च किया होगा | अपने दम पर वे वैसा प्रशिक्षण प्राप्त नही कर सकते है | कभी कभार नौकरी बदलना जूनियर लेवल के कर्मचारियों के लिए तो ठीक है परन्तु सीनियर कर्मचारियों के लिए कम्पनी से जुड़े रहना फायदेमंद साबित हो सकता है |
किसी भी मार्केट में कर्मचारी को केवल अपने काम से ही पहचान नही मिलती है | इसमें कम्पनी से जुड़ाव तथा करियर के दौरान पेशेवर व्यवहार का भी अहम योगदान होता है | किसी भी नौकरी का लुभावना प्रस्ताव मिलने पर कर्मचारी अक्सर इस तथ्य को नजरंदाज कर जाते है | तनख्वाह में थोड़ी सी बढ़ोतरी के लिए भी कुछ प्रोफेशनल अक्सर नौकरी बदलते है और नियोक्ता को समय रहते नौकरी छोड़ने की सुचना तथा उपयुक्त कारण भी नही देते |
ऐसा बर्ताव किसी भी प्रोफेशनल की छवि खराब कर सकता है | कॉर्पोरेट जगत में अपनी छवि खराब करना समझदारी नही होती | अधिकतर कॉर्पोरेट कंपनिया कुछ वक्त के लिए कर्मचारियों की परीक्षा लेती है जिसके बाद उनकी तनख्वाह बढाई जाती है उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुसार उच्च पद भी सौंपा जा सकता है |
कई कर्मचारी एक आम गलती करते है कि नौकरी बदलते वक्त केवल पुरानी और नई नौकरी की तनख्वाह की तुलना करते है | उन्हें वर्तमान कम्पनी में अपने अधिकारों  ,वहा के वर्क कल्चर , वहा प्राप्त हो रही विशेषज्ञता तथा सम्पूर्ण माहौल को नही भूलना चाहिए | अधिकतर कंपनिया उच्च पदों के लिए लंबे समय से यहाँ काम कर रहे कर्मचारियों को ही प्राथमिकता देती है | वजह यही है कि कम्पनी के प्रति उनकी वफादारी एवं लगन स्पष्ट होती है | एक ही कम्पनी के साथ जुड़े रहने से व्यक्ति की टेक्निकल स्किल्स भी मजबूत होती है जो बदले में उसकी मार्केट वैल्यू में ही वृधि करती है |

पक्ष में

कई प्रोफेशनल उस नौकरी से चिपके रहना ही पसंद करते है जहा ज्यादा चुनौतिया का सामना या अधिक कार्य न करना पड़े |एक जैसी दिनचर्या के आदी वे लोग अपने वर्तमान कार्यस्थल को छोड़ना नही चाहते | हालांकि कॉर्पोरेट जगत में इन दिनों जारी गलाकाट प्रतियोगिता के बीच करियर में आगे बढने की चाह रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी बदलना बेहद महत्वपूर्ण है | बेशक अपनी वर्तमान नौकरी छोड़ना बेहद कठिन लगे ,उससे जुड़े रहना करियर के लिए ज्यादा नुकसान दायक साबित हो सकता है |
नौकरी बदलने से आपको विविध प्रकार का ज्ञान प्राप्त होता है | हर नौकरी में आपको नये सिरे से विकसित होने ,नई चीजो के सीखने तथा मूल्यवान अनुभव प्राप्त करने वालो को पेशवर सीख के साथ साथ कठिन सह कर्मचारियों के साथ आपसी मुद्दे निपटाने तथा सख्त बॉस के संग कार्य करने में भी महारथ प्राप्त होती है | यानि वे अधिक स्मार्ट होते जाते है | नौकरी बदलने से नये माहौल ,नये लोगो तथा नये काम के साथ आप तालमेल बिठाना भी सीख जाते है | इसी का अतिरिक्त लाभ है कि प्रोफेशनल्स बदलाव होने पर वे ज्यादा चिंतित नही होते |
एक ही Job से चिपके रहने वाले कई लोगो के सामने अंततः तरक्की की कोई गुंजाइश नही बचती है | ऐसे में नौकरी बदलने से व्यक्ति को अपने करियर को दुबारा पटरी पर लाने का लाभ मिलता है | नई Job अपने साथ नई शुरुवात लाती है | यह अपने पेशेवर जीवन में नई जान फूंकने के समान होता है | किसी भी नये स्थान पर जाना तथा वहा नये लोगो के साथ मिलकर नई चुनौतियों से सक्षम रूप से निपटने में मदद करता है | यह भी ना भूले कि Job बदलने पर आपको कई सारे पेशेवरो से जुड़ने तथा अपने सम्पर्को यानि नेटवर्किंग को विस्तार देने में भी मदद मिलती है |सभी चाहते है कि उनकी तनख्बाह बढ़े तथा उन्हें पदोन्नति मिले | इसके लिए बेहतर Job के प्रस्ताव को स्वीकार करना ही सबसे उम्दा जरिया होता हो |
तो मित्रो आपको हमने नौकरी बदलने में पक्ष और विपक्ष के विचारों से आपको रूबरू करवाया है तो आप इस बारे में अपने क्या विचार रखते है कमेंट के जरिये जरुर बताये |

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