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पटाखों का शहर शिवकाशी, जो करता है करोड़ो के पटाखों का निर्माण | Cracker City Sivakasi

पटाखों का शहर शिवकाशी, जो करता है करोड़ो के पटाखों का निर्माण | Cracker City Sivakasi Fireworks Industry Hisotry in Hindi
पटाखों का शहर शिवकाशी, जो करता है करोड़ो के पटाखों का निर्माण | Cracker City Sivakasi Fireworks Industry Hisotry in Hindi

पटाखे की शुरुवात वैसे तो चीन में हुयी थी लेकिन भारत में भी एक ऐसा शहर है जिसे Cracker City के नाम से जाना जाता है | आइये आज हम उसी शहर शिवकाशी के बारे में जानते है |

पटाखा निर्माण के लिए मौसम अनुकूल

fireworks-in-sivakasiशिवकाशी एक छोटा सा शहर है जो चेन्नई से 500 किमी की दूरी पर स्थित है | यह देश का सबसे बड़ा पटाखा उत्पादन केंद्र है | 90 प्रतिशत से भी अधिक पटाखे का व्यापार यहाँ से किया जाता है इसलिए इसे Cracker City के नाम जाना जाता है | यहा वर्तमान में कई Fireworks Industry है | 20वी शताब्दी में शिवकाशी में पहली बार Fireworks Industry की शुरुवात हुयी थी |शिवकाशी पटाखा उत्पादन की पहली पसंद इसलिए है क्योंकि यहा का क्लाइमेट Dry है यहा हमेशा Low Rain Fall रिकॉर्ड दर्ज है इसलिए पटाखा व्यवसाय के लिए यह सबसे उत्तम जगह है | यहा वर्ष के लगभग 300 दिन पटाखों का निर्माण होता है और दीवाली की रात सिर्फ 4-5 घंटे में इसकी खपत हो जाती है |

दो भाइयो ने की थी शुरुवात

ayya-nadarशिवकाशी को Cracker City बनाने का श्रेय पी अय्या नादर और उनके भाई शनमुगा नादर को जाता है | इन्होने Anil Brand के नाम से पटाखों का निर्माण शुरू किया | 1923 में ये दोनों भाई माचिस बनाने कातरीका सीखने के लिए कोलकाता गये थे | उसके आबाद वापस आपकर उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया | धीरे धीरे उन्होंने जर्मनी से मशीन भी मंगाई | कुछ लोगो को पटाखे बनाने की ट्रेनिग भी देने लगे और इस तरह उनका व्यवसाय फ़ैल गया जिसके कारण आज शिवकाशी में आज यहा का Business लगभग 1000 करोड़ से भी उपर का है |

1940 में शुरू हुयी पहली फैक्ट्री

safety-matches-indusries-sivakasiशिवकाशी में Fireworks Company के संस्थापक पी अय्या नादर है | पहले ये Raw Material Production किया करते थे | बाद में धीरे धीरे उन्होंने Safety माचिस , स्टार माचिस और कलर माचिस का उत्पादन शुरू किया | 1940 में Indian Explosive Rules बन गये | Fireworks के Production के लिए Licence मिलना शुरू हो गया | इस Licence Rules के बहुत सारे नियम कानून बनाये गये |1940 में पहला लाइसेंसी पटाखा फक्ट्री की शुरुवात हुयी | दुसरे विश्व युद्ध के बाद बहुत से Fireworks Industries खुलना शुरू हो गया जैसे कलिसवारी फायरवर्क्स , नेशनल फायरवर्क्स , शिवकाशी फायरवर्क्स , अनिल ब्रांड आदि |

जान हथेली पर लेकर काम करते है मजदूर

cracker-city-sivakasiआज शिवकाशी में 700 से भी अधिक Fireworks Industry है यह Industry सात लाख से भी ज्यादा लोगो को रोजगार दे रही है | यही मिलिट्री के लिए Training Weapons भी बनाये जाते है | इन हथियारों का प्रयोग नये ऑफिसर को तैयार करने में होता है | पटाखा इंडस्ट्री होने के कारण यहाँ कई बार बड़े बड़े हादसे भी हुए है | 2009 में हुए हादसे में लगभग 40 लोगो की जान गयी थी | 2001 में 30 लोगो की और 1991 में 60 लोगो की जान गयी थी | हर साल लगभग 20-25 वर्कर इस इंडस्ट्री में घायल होता है | पटाखा इंडस्ट्री में वे अपनी जान जोखिम में डाल क्र काम करने जाते है | एक आदमी के उपर लाखो लोगो की जान टिकी होती है | एक वर्कर गलती करता है तो वहा लाखो लोगो की जान खतरे में पड़ जाती है |

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