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क्यूबाई क्रान्ति के जनक फिदेल क्रास्तो, जिन्होंने 638 बार मौत को मात दी | Fidel Castro Facts in Hindi

fidel-castro-facts-in-hindi13 अगस्त 1926 को जन्मे Fidel Castro फिदेल क्रास्तो क्यूबा की क्रान्ति के जनक और कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव थे | Fidel Castro कास्त्रो ने अपनी राजनितिक जीवन की शुरुवात अमेरिकी समर्थित फुल्गेशियो बतिस्ता शासन के खिलाफ आवाज उठान के साथ की | संयुक्त राज्य अमेरिका का क्यूबा के राष्ट्रहित में राजनितिक और कारपोरेट के प्रभाव के आलोचक के रूप में Fidel Castro कास्त्रो ने बतिस्ता का विरोध शुरू किया | Fidel Castro कास्त्रो ने आधी सदी तक महाशक्ति अमेरिका को चुनौती दी | इस दौरान अमेरिका के 11 राष्ट्रपति सत्ता में आकर चले गये लेकिन कास्त्रो सत्ता में बने रहे | 90 वर्ष की उम्र में 26 नवम्बर 2016 शनिवार को उनका निधन हो गया |

फिदेल क्रास्तो का जीवन परिचय

  • लॉ की पढाई के साथ राजनीति से जुड़े – क्यूबा के ओरिएंट प्रांत में एक धनी किसान के घर जन्मे | 1940 के दशक के मध्य में हवाना विश्वविद्यालय से लॉ की पढाई के समय ही Fidel Castro कास्त्रो राजीतिक कार्यकर्ता बने | जल्द ही वक्ता के रूप में पहचान बनाई |
  • बतिस्ता के खिलाफ विफल विद्रोह 1953 – क्यूबा में तत्कालीन शासक फुल्गेरिया बतिस्ता के खिलाफ विफल विद्रोह के बाद क्रास्तो कैद किये गये | मकसद हथियारों को जब्त करना था लेकिन योजना विफल हो गयी और क्रांतिकारी मारे गये |
  • रिहा होने के बाद मेक्सिको चले गये 1955 – सत्ता के समझौते के बाद 19 माह की जेल के बाद क्रस्तो को रिहा कर दिया गया | बतिस्ता अपने विद्रोहियों को निपटा रहा था | ऐसे में गिरफ्तारी से बचने के लिए क्रास्तो क्यूबा छोड़ मेक्सिको चले गये |
  • बतिस्ता को हराकर प्रधानमंत्री बने 1959 – मेक्सिको में प्रवास के दौरान क्रास्तो की मुलाकात क्रांतिकारी चे ग्वेरा से हुयी | नवम्बर 1956 में क्रास्तो 81 सशस्त्र साथियो के साथ क्यूबा लौटे और साल 1959 में क्यूबा के तानाशाह फुल्गेशियो बतिस्ता को सत्ता से हटाकर क्यूबा में क्म्युनिस्ट सत्ता कायम की | इसके बाद क्रास्तो ने बतिस्ता के चुनाव में हराया | क्यूबा में प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली |
  • परमाणु मिसाइल की तैनाती की अनुमति 1962 – कास्त्रो ने प्रधानमंत्री बनते ही अमेरिका विरोधी रुख अपनाया | वही अमेरिका ने भे क्यूबा पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबन्ध लगा दिए | कास्त्रो ने तत्कालीन सोवियत संघ को क्यूबा में परमाणु मिसाइल की तैनाती की अनुमति दी | इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन ऍफ़ केनेडी ने क्यूबा से सोवियत मिसाइलो को हटाने की चेतावनी दी थी | इससे उस समय तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ गयी थी | हालांकि सोवियत नेता निकिता क्रासचोफ और क्रस्तो ने मिसाइले हटा ली और परमाणु युद्ध की आशंका खत्म हो गयी |
  • खुद राष्ट्रपति बने और चे ग्वेरा को उद्योग मंत्री बनाया 1976 – क्यूबा की नेशनल असेम्बली में फिदेल क्रास्तो को राष्ट्रपति चुना | चे ग्वेरा को उद्योग मंत्री बनाया गया था | उन्होंने क्यूबा के ससस्त्र बलों कमांडर इन चीफ का पद भी अपने पास ही रखा |
  • सोवियत संघ का विघटन रहा घातक 1990 – सोवियत संघ का विघटन क्रास्तो के लिए घातक सिद्ध हुआ | इस दौर में मास्को के लिए भी क्रास्तो को प्रभावी ढंग से मदद दे पाना मुश्किल हो गया था | इसके साथ ही क्यूबा की एक बड़ी उम्मीद टूट गयी थी |
  • शरणार्थीयो पर US से समझौता – क्यूबा शरणार्थीयो को लेकर अमेरिका के साथ समझौता किया | 1998 में पॉप जॉन पॉल द्वीतीय से मिले |
  • राउल को सौंपा रोजमर्रा का काम – आंतो की सर्जरी के बाद भाई राउल क्रस्तो को पद से संबधित अपने रोजमर्रा के काम सौंप दिए थे |
  • राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा 2008 – 2008 में कास्त्रो Fidel Castro ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया |
  • अमेरिका से बढी नजदीकी – फिदेल के विपरीत राउल राउल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से हाथ मिलाने की घोषणा करके आश्चर्यचकित कर दिया |

फिदेल क्रास्तो से जुड़े रोचक तथ्य

  • 11 अमेरिकी राष्ट्रपतियों का सामना किया – अमेरिका की ओर से लगाये गये आर्थिक प्रतिबंधो को 45 साल झेलने वाले क्यूबा के पुर्व राष्ट्रपति फिदेल क्रास्तो ने आइजनहावर से लेकर ओबामा तक 11 US राष्ट्रपति हुए | जोर्ज बुश के शासनकाल में उन्हें सबसे ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन अमेरिका हावी नही हो पाया | 88 साल में पहली बार अमेरिकी राष्टपति ओबामा ने क्यूबा का दौरा किया |
  • 35 हजार महिलाओ के साथ सम्बन्ध– साल 2008 में आयी एक रिपोर्ट के मुताबिक फिदेल क्रस्तो ने अपने जीवन के 82 सालो में तकरीबन 35 हजार महिलाओं के साथ शारीरिक सबंध बनाये थे | द न्युयोर्क पोस्ट ने क्रास्तो के एक अफसर के हवाले से बताया था कई कई बार वह सुबह नाश्ते में अलग , रात के खाने के बाद अलग लडकी की माग करते थे |
  • दुश्मनों को डराने के लिए रखते थे खाली पिस्तौल
  • 638 मार मौत का किया सामना – बताया जाता है कि फिदेल क्रास्तो को अमेरिका की सेन्ट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने 638 बार मारने की प्लानिंग की थी | इसमें जहर की गोलिया , जहरीली सिगार , जहरीला सूट पहनाने जैसे प्लान शामिल थे लेकिन क्रास्तो हर बार बच निकले |
  • अचानक छोड़ दिया सिगार – क्रास्तो ने अपने हवाना सिगार से बड़ा प्यार था | एक समय सिगार उनकी शख्सियत का हिस्सा था लेकिन क्रास्तो ने 1985 में अचानक सिगार पीना छोड़ दिया | सेहत के मद्देजनर उन्हें यह फैसला लेना पड़ा था | क्रास्तो ने एक बार अपने सिगार के बारे में कहा था इस बॉक्स के साथ एक सबसे अच्छे बात यह है कि आप इसे अपने दुश्मन को भी दे सकते है |
  • 17 साल प्रधानमंत्री और 32 वर्ष राष्ट्रपति रहे – 1959 में उन्होंने बतिस्ता को खदेड़ दिया | इसी साल वे प्रधानमंत्री बन गये | बाद में 1976 में वे राष्ट्रपति बन गये | 2008 में वे इस पद से हट गये और राउल को सत्ता सौप दी | इसी साल अप्रैल में आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर उन्हें देखा गया तो वे काफी कमजोर नजर आये | अपने भाषण में वे एक बार भी अमेरिका नही बोले |

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