
सबसे पहले तो गजबखबर.कॉम के सभी पाठको को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं | नव वर्ष 2017 आपके लिए सुख समृद्धिया लेकर आये और आपका जीवन खुशियों से भर जाए | विश्व में अनेक हिस्सों में नये साल का स्वागत अलग अलग तरीको से किया जाता है | कही शलगम की पत्तिया खाने की प्रथा है तो कही 12 बजे अंगूर खाने का रिवाज | आइये जानते है कि कहा , कैसे मनता है नया साल
जापान में बजती है 108 घंटिया
जापानी नववर्ष पहले 20 जनवरी से 19 फरवरी के बीच हुआ करता था पर अब यह 29 दिसम्बर की रात से 3 जनवरी तक मनाया जाता है | इस पर्व को यहा याबुरी नाम से जाना जाता है | इस त्यौहार का प्रमुख कार्यक्रम होता है साल की अंतिम रात को 12 बजे मन्दिर की घंटियों का 108 बार बजना | शुभकामना कार्ड भेजना जापान में बहुत लोकप्रिय है | जापानी डाकसेवा इन्हें पहली जनवरी को बाँटने की विशेष व्यवस्था करती है |
चीन में आतिशबाजी का है महत्व
चीन में एक महीने पहले से ही घरो की सफाई और रंग रोगन चालु हो जाता है | इस त्यौहार में लाल रंग महत्वपूर्ण होता है और खिड़की दरवाजे अक्सर इसी रंग से रंगे जाते है | चीनी लोगो का मानना है कि हर रसोई में एक देवता रहता है जो उस परिवार के वर्ष भर का लेखा-जोखा वर्ष के अंत में ईश्वर के पास पहुचाता है और वापस उसी परिवार में लौट आता है सो हफ्ते में उसे विदा करना और फिर उसका स्वागत करने के लिए पुरे सप्ताह आतिशबाजी चलती है तेज आतिशबाजी के पीछे मान्यता है कि इससे बुरी आत्माए दूर रहती है | नये साल पर यहा नई चप्पल पहनने का भी रिवाज है |
म्यांमार में होली जैसा मनता है नया साल
म्यांमार में नववर्ष के उत्सव को “तिजान” कहते है जो तीन दिन तक चलता है यह पर्व अप्रैल के मध्य में मनाया जाता है भारत में होली की तरह इस दिन एक दुसरे को पानी में भिगो देने की परम्परा इस पर्व का प्रमुख अंग है | अंतर सिर्फ इतना है कि इस पानी में रंग की जगह इत्र पड़ा होता है \ प्लास्टिक की पिचकारियो में पानी भर कर लोग बिना छत की गाडियों में सवार होकर एक दुसरे पर खुशबूदार पानी की बौछारे करके चलते है |
दक्षिणी अमेरिका में नये साल का अनोख रिवाज
दक्षिणी अमेरिका में नये साल के दिन लोबिया के साबुत बीज (black Eye Peas) और शलगम की पत्तिय खाने की प्रथा है | लोबिया के बीज पैसे के प्रतीक है और शलगम रूपये की | यह परिवार के सभी सदस्यों के मिलने का दिन है यहा नये साल के अवसर पर चर्च में वाचनाईट सर्विस का आयोजन होता है जिसमे सभी लोग भाग लेते है |
ईरान में “नौराज” होता है नया साल
ईरान में नववर्ष के समारोह को नौरोज कहते है यह अकेला ऐसा मुस्लिम पर्व है जिसका मुहम्मद साहब से कोई संबध नही | नये साल का उत्सव 12 दिनों तक चलता है त्यौहार के पन्द्रह दिन पहले गेहू के दाने बो दिए जाते है नौरौज के दिन मेज के चारो ओर बैठकर इन अंकुरों को पानी से भरे बर्तन में परिवार के लोग बारी बारी से डालते है | मेज पर शीशा , एक झंडा ,एक मोमबत्ती तथा एक रोटी रखी जाती है जिन्हें ईरानी लोग शुभ मानते है |
ऑस्ट्रेलिया में सिडनी ब्रिज पर होता है अनूठा नजारा
ऑस्ट्रेलिया में हर नागरिक की इच्छा सिडनी में सिडनी हार्बर ब्रिज पर होनेवाले नये साल का जश्न देखने की होती है सभी के लिए यह सम्भव नही हो पाता लेकिन आसपास के लोग यह देखने जरुर आते है यहा हर जगह मुख्य कार्यक्रम में आतिशबाजियो का ही होता है जो सूरज ढलने के बाद शुरू हो जाती है और मध्यरात्रि तक पहुचते पहुचते इसकी रंगत बढ़ जाती है | पानी पर भी आतिशबाजिया होती है जो देखते ही बनती है उपहार और मिठाइयाँ देकर सब एक दुसरे को नये साल की शुभकामनाये देते है यहा 31 दिसम्बर को आधी रात को चर्च में 12 बार चार घंटिया बजाई जाती है इसके बाद नये साल का उत्सव शरू हो जाता है |
स्पेन में 12 बजे खाते है खाते है 12 अंगूर
स्पेन में इस दिनरात्रि के 12 बजे के बाद एक दर्जन ताजे अंगूर खाने की परम्परा है यहा लोगो की मान्यता है कि ऐसा करने से वे साल भर स्वस्थ्य रहते है नव वर्ष 31 दिसम्बर की रात को मनाया जाता है सब लोग अपने अपने अंगूरों के साथ 12 बजने की प्रतीक्षा करते है जैसे ही रात के 12 बजते है घड़ी के घंटो के साथ इस विशेष प्रथा का पालन होता है लगभग हर घर में इस प्रथा को निभाया जाता है |
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