Skip to main content

महाशिवरात्रि पर भोले बाबा की पूजा कैसे करे ? | Mahashivratri Pooja Vidhi in Hindi

Mahashivratri Pooja Vidhi in Hindi

Mahashivratri Pooja Vidhi in Hindi | महाशिवरात्रि पर भोले बाबा की पूजा कैसे करे ? | हमारे शास्त्रों में शिवरात्रि (Mahashivratri) सर्वधर्ममयी है | फाल्गुन मॉस की कृष्ण पक्ष की चतुर्द्र्शी को श्री महाशिवरात्रि व्रत (Mahashivratri Vrat) किया जाता है इस बार यह व्रत 24 फरवरी यानि कल है | इसी रात्रि को भगवान शिव आदि देव महादेव कोटि सूर्य के समान दीप्ती होकर शिवलिंग के रूप में आविर्भूत हुए थे और भक्तो ने महानिशा व्यापिनी चतुर्दर्शी को ही भगवान शिव का विधिवत पूजन करके अपनी मनोकामनाओ को पूर्ण किया |
पुराणों और धर्म ग्रंथो में “शिव” का जो बिम्ब बनता है वह “देवो के देव” का है | राम शिव की पूजा करते है और शिव धनुष के भंजन पर परशुराम क्रुद्ध होकर राम से उत्तर मांगते है | महाभारत रामायण युगों से पहले की भारतीय संस्कृति शिव सृष्टि के संतुलनकर्ता है | वह मुख्यत: प्रलय के देवता है और उनका तीसरा नेत्र खुलने पर सब भस्म हो जाता है | कामदेव हो अपने आप को अप्रेतहित समझता था उसे सही राह पर जाने के लिए भगवान शिव को उसे भस्म करना पड़ा |
इतिहास में शैव और वैष्णव खूब लड़ते रहे है पर शिव राम की तरह कोई अयोध्या पति या कृष्ण की तरह एक द्वारकादीश नही है | वह तो नरो , किन्नरों और जनजातियो के लोगो के साथ रहते है | गले में सांपो की माला पहनते है और जब लास्य की मुद्रा में तांडव नृत्य करते है तो पृथ्वी कम्पायमान होती है ब्रह्मा और विष्णु अपनी नींद से जागते है और मानव जाति अपने कर्तव्य के प्रति सजग बनती है | भारत में शायद ही कोई शहर या गाँव हो जहा सीता-राम ,राधा -कृष्ण या शिव\-पार्वती का मन्दिर न हो |
वैसे तो पूरा भारत वर्ष राम ,कृष्ण और शिब की पूजा करता है पर उत्तर भारत में ये तीनो देवता घर घर में पूजे जाते है | शिव की लीला भूमि हिमालय है जो दक्ष पुत्री उमा या पार्वती का अपना घर है | उत्तराखंड , हिमाचल कश्मीर आदि के पर्वतीय क्षेत्रो में शिव शंकर की महिमा विशेष है | लाखो श्रुधालू प्रति वर्ष बर्फ के शिवलिंग दर्शनाथ छड़ी मुबारक के पर्व पर नागपति हिमालय की कन्दराओ की ऊँचाईयों पर चढ़ते हुए इस दर्शन की अभिलाषा को लेकर जाते है |
विश्व की यह कल्याणकारी कल्पना सरस्वती का बुद्धि कौशल नही ई न ही इसे लक्ष्मी की जगमगाहट या चकाचौंध कही जा सकती है | यह तो सारे संसार को सुखी देखने की वसुधैव कुटुम्बकम की परिकल्पना है | लाखो करोड़ो देवताओं की पूण्य भूमि भारतवर्ष में शिव एक विशिष्ट प्रकार के देवता है | वह अपने भक्तो से कुछ नही मांगते परन्तु उनकी गलतियों को कभी माफ़ भी ननही करते | पतित पावन भागीरथी उनकी जटाओ से निकलने के कारण कभी मैली नही होती बल्कि अपने गंगाजल से संसार के पापो का प्रक्षालन करती रहती है

कैसे करे पूजन एवं व्रत | Mahashivratri Pooja Vidhi in Hindi

श्री महाशिवरात्रि व्रत करने से भगवान शिव जितने प्रसन्न होते है उतना तो स्नान , वस्त्र ,धुप ,पुष्प और फ्लो के अर्पण से भी नही होते इसलिए इस दिन उपवास करना अति उत्तम कर्म है

  • व्रत से पूर्व भगवान शिव के व्रत का संकल्प करके रात्रि में शयन करना चाहिए तथा प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठकर अपनी नित्य क्रियाओं से निवृत होकर नियमित रूप से भगवान का पूजन करते हुए उपवास रखना चाहिए |
  • सारा दिन निराहार रहे |
  • शाम से ही भगवान शिव की पूजा के लिए पूर्ण सामग्री तैयार करे |
  • रात को भगवान शिव की चार प्रहर की पूजा बड़े भाव से करने का विधान है |
  • प्रत्येक प्रहर की पूजा के पश्चात अगले प्रहर की पूजा के मन्त्रो का जाप दुगुना ,तीन गुना और चार गुना करे |
  • भगवान शिव को दूध ,दही, शहद ,सफेद पुष्पों के साथ ही भांग धतुरा और बिल्ब पत्र अति प्रिय है
  • पाप रहित होने के लिए इन मन्त्रो का जाप – “ॐ नम” शिवाय” , “ॐ स्न्ध्योजाताय नम:”, ॐ वामदेवाय नम: , ॐ अघोराय नम: ॐ ईशानाय नम: ॐ तत्पुरुषाय नम: |
  • रात को शिव चालीसा का पाठ करे | इसके अतिरिक्त पूजा की प्रत्येक वस्तु को भगवान को अर्पित करते समय उससे सम्बधित मंत्र का भी उच्चारण करे |
  • प्रत्येक प्रहर की पूजा का समाना अलग से होना चाहिए |
  • हल्दी कुमकुम उत्पति के प्रतीक है इसलिए पूजन में इनका उपयोग नही करना चाहिए |
  • बिल्व पत्र के तीनो पत्ते पुरे होने चाहिए , खंडित पत्र कभी न चढाये |
  • चावल सफेद साबुत होने चाहिए ,टूटे चावलों का पूजा में निषेध है |
  • फुल बासी और मुरझाये हुए ना हो |

Comments

Popular posts from this blog

Pythagoras Biography in Hindi | पायथोगोरस की जीवनी

Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म  ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi आदिमानव लगभग 20,000 साल पहले पहिये दार गाडियों का उपयोग किया करते थे लेकिन विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ज्ञात होता है कि पहिये का प्रचलन 3500 से 4000 ईस्वी पूर्व सीरिया और सुमेरियसा में ही सबसे पहले हुआ था | 3000 ईसा पूर्व तक मेसापोटामिया में पहिये का ख़ासा प्रचलन शूर हो चूका था और सिन्धु घाटी में यह लगभग 2500 वर्ष ईसा पूर्व पहुचा | पहिये का आविष्कार संसार में कब और कहा ,किस प्रकार हुआ या किसने किया , इस संबध में निश्चित रूप से कुछ नही कहा जा सकता | पहिये का लाभ उठाकर पैदल चलने की इस क्रिया यानि साइकिल का अविष्कार भले ही लगभग पौने दो सौ वर्ष पूर्व हुआ हो लेकिन पहिये का अविष्कार निश्चित रूप से हजारो वर्ष पूर्व हुआ हो इसके सर्वत्र प्रमाण मौजूद है | पौराणिक सभ्यताओं से लेकर हजारो वर्ष पुराणी पूरा-सामग्री में भी रथो या बैलगाडियों के होने के प्रमाण उपलब्ध है | फिर भी ऐसा समझा जाता है कि पहिये का अविष्कार “मेसापोटामिया” में यानि आधुनिक ईराक के एक हिस्से में कभी हजारो वर्ष पूर्व हुआ था | कहा जाता है कि किसी पेड़ के गोल...

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi प्रधानमंत्री (Prime Minister) , विधायिका और कार्यपालिका दोनों का वास्तविक प्रधान होता है तथा मंत्रियों एवं राष्ट्रपति के बीच संवाद के लिए सेतु का कार्य करता है | राष्ट्रपति की शक्तियाँ औपचारिक ही है | व्यवहार में उसकी शक्तियों का उपयोग PM ही करता है | राष्ट्रपति , लोकसभा में बहुमत दल के नेता को ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त करता है परन्तु यदि किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिला हो तो सबसे बड़े दल को , यदि वह भी न हो तो चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठ्बन्धन वाली पार्टी के नेता को PM नियुक्त करता है | साथ ही निर्धारित समयावधि में लोकसभा में मंत्रीमंडल को विश्वास मत प्राप्त करने को राष्ट्रपति को कह सकता है | आइये पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रीयो की सूची पर एक नजर डालते है | भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | Prime Minister of India List in Hindi क्र. प्रधानमंत्री का नाम जन्म-मृत्यु वर्ष कार्यकाल दल 1 जवाहरलाल नेहरु 1889–1964 1947-1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 2 गुलजारीलाल नंदा 1898–1998 1964 (13 दिन) भारत...