
ब्रिटिश राज में अंग्रेजो द्वारा विकसित किया हुआ शहर कसौली (Kasauli) अभी भी अपना प्राचीन आकर्षण समेटे हुए है | कसौली (Kasauli) का प्रशासन वर्तमान में सेना के हाथ में है और यह मूलतया सैनिक छावनी है | Monsoon के दिनों में बारिश की बौछार पड़ते ही कसौली की हरियाली देखते ही बनती है | बारिश थमी नही कि चारो तरफ कुहासे का साम्राज्य हो जाता है और Tourist उसमे घुमने निकल पड़ते है | यहा का मौसम पलपल अपना रंग बदलता है | कभी बादलो का समूह पलभर में ही धुप के नीचे छाकर बरस पड़ता है तो दुसरे ही पल मौसम साफ़ हो जाता है और ततनमन को रोमांचित करने वाली खुशमुना हवा बहने लगती है |
Kasauli का मौसम इतना सुहावना होता है कि कसौली पहुचने से 2-3 KM पहले से आप को कसौली में प्रवेश करने का एहसास हो जाएगा | मनमोहक और स्वास्थ्यवर्धक वादियों को रचनात्मक लोगो के लिए बेहतरीन Tourist Spot बनाती है | इसी जगह से खुशवंत सिंह , मोहन राकेश , निर्मल वर्मा और गुलशन नंदा जैसे नामचीन साहित्यकारों को भी साहित्य सृजन के लिए आकर्षित किया | रचनात्मकता के अतिरिक्त लोग यहा स्वास्थ्य लाभ के लिए भी आते है | शायद यही वजह है थी कि अंग्रेजो ने इसे हिलस्टेशन के रूप में विकसित करने में कोई कसर नही छोडी थी |
कसौली में क्या क्या देखे

Manki Point कसौली की सबसे लोकप्रिय जगह है जो यहाँ की सर्वाधिक ऊँची चोटी भी है | इस स्थान से सतलज नदी ,चंडीगढ़ और बर्फ से ढकी हिमालय श्रेणी की सबसे ऊँची चूर चाँदनी चोटी को स्पष्ट दृश्य देखा जा सकता है | Manki Pointt का सम्पूर्ण क्षेत्र Indian Air Force के नियन्त्रण में है | Manki Pointवाला मुख्य रास्ता Airforce Guard Station से होकर Lower Mall तक जाता है जिसके लिए व्यक्ति को पहले पंजीकरण कराना आवश्यक है | इस परिसर में Camera ले जाने की अनुमति भी नही है |
Tourist सुबह-शाम Manki Point तथा दुसरी ओर गिलबर्ट पहाडी पर टहलने निकलते है | इन दोनों जगहों पर पिकनिक मनाने वालो की हमेशा भीड़ लगी रहती है | यहा सर्वाधिक चहल-पहल वाले स्थान Upper और Lower Mall है जहा की दुकानों पर रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुए और पर्यटकों के लिए खरीदने को बहुत कुछ है | Lower Mall में अनेक रेस्तरां है जहा स्थानीय फास्टफूड मिलता है | इसके अलावा कसौली में अंग्रेजो द्वारा 1880 में स्थापित Kasauli Club भी अपने आप में देखने की जगह है | देश के नामचीन क्लबो में शामिल इस क्लब की सदस्यता के लिए 20 सालो की वोटिंग चलती रहती है |
इन सबके अलावा कसौली में 1923 में बना बैप्टिस्ट चर्च था जो 2008 में लगी आग में तबाह हो गया लेकिन 1853 में निर्मित क्राइस्ट चर्च में आप जा सकते है | कसौली में श्री गुरुनानक गुरुद्वारा , , कृष्ण मन्दिर कसौली ब्रेवरी , नाहरी मन्दिर जैसे खुबसुरत धार्मिक स्थान भी है |
कैसे पहुचे

खुबसुरत हिल स्टेशन कसौली का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन धरमपुर है जहा Toy Train द्वारा पहुचा जा सकता है फिर यहा से किसी भी बस द्वारा कसौली पहुचा जा सकता है | सडक मार्ग से करीब 3 घंटे में कालका से कसौली पहुच सकते है | पूरा रास्ता चीड़ यानि देवदार के वृक्षों से आच्छादित है | इस क्षेत्र में वाहनों के आने का समय निश्चित है जिसके कारण पर्यटक स्वछन्द रूप से वादियों का लुत्फ़ उठाते है |
कब जाये
अप्रैल से लेकर जून और सितम्बर से नवम्बर में यहा घुमने के लिए बेहतरीन समय रहता है | यहा के पेड़-पौधों पर इस मौसम का जो रंग चढ़ता है उसे फुल-पत्तो पर महसूस किया जा सकता है | बर्फ का मजा उठाने की चाह रखने वाले पर्यटकों को यहा दिसम्बर से लेकर फरवरी के बीच होने वाली ओस जैसी बर्फ की बारिश भी खूब गुदगुदाती है | यहा ठहरने की बेहतर व्यवस्था है | यहा दर्जनों अच्छे होटल ,रिसॉर्ट्स और गेस्टहाउस है |
Comments
Post a Comment