Skip to main content

Telecom Industry में अपना करियर कैसे बनाये | Telecom Industry Career Guide in Hindi

Telecom Industry Career Guide in Hindi
Telecom Industry Career Guide in Hindi

अच्छी नौकरी पाने के इच्छुक युवाओं के लिए Telecom Industry सम्भावनाओं के नये द्वार खोल रही है | पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अगले पांच वर्षो में भारतीय Telecom Industry में नौकरियों के करीब 40 लाख नये अवसर पैदा होंगे | Telecom Industry में उपलब्ध करियर विकल्पों और उससे जुड़ने के लिए संबधित कोर्सेज़ की जानकारी दे रहे है |
आर्थिक उदारीकरण क एबाद Telecom Industry के स्वरूप में व्यापक बदलाव आये , खासकर Telecommunication Engineering ने युवाओं के सपने को एक नये पंख दिए | इसके अवतरण के साथ की कार्यक्षेत्र का दायरा भी तेजी से बढ़ा | इस Sector ने भौगौलिक व्यवस्था लांघते हुए शहर से लेकर गाँव तक रोजगार के नये विकल्प पैदा किये है |
सामान्य तौर पर कहा जा सकता है कि Telecommunication Engineering , इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की ही एक महत्वपूर्ण शाखा है | इसके कम्युनिकेशन केइ कई सिद्धांतो को मिलाकर ट्रांसमिशन ,Digital Signal ,नेटवर्क संबधी कार्य आसानी से किये जा सकते है | यह क्षेत्र इंजीनियरिंग की कई परम्परागत शाखाओं से हटकर है |

Telecom Industry से जुडी जानकारी

टेलिकॉम इंडस्ट्री भारत के सबसे तेजी से विकसित होते उद्योगों में से है यही कारण है कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा Telecommunication Market बन चूका है | पिछले दो दशको में यह इंडस्ट्री 35 प्रतिशत की दर से विकास कर रही है और आने वाले पांच वर्षो में इस सेक्टर में 40 लाख नई जॉब्स पैदा होने की सम्भावनाये है | ये जॉब्स मुख्यतः तकनीशियन ,इंजिनियर एवं मेंटेनेंस सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सृजित होगी | इन आंकड़ो की पृष्टि इस तथ्य से भी होती है कि पिछले वर्ष स्मार्टफोन बाजार में 171 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गयी थी जो अब ओर बढ़ चुकी है |

कब कर सकते है Course

बेचलर , मास्टर , डिप्लोमा और पी.जी.डिप्लोमा हर तरह के कोर्स मौजूद है , चार वर्षीय बेचलर कोर्स में प्रवेश पाने के लिए छात्रों का 12वी परीक्षा PCM (भौतिक विज्ञान , रसायन विज्ञान और गणित) के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है जबकि दो वर्षीय Post Graduate कोर्स के लिए उसी Stream में B.E./B.Tech. की डिग्री माँगी जाती है , डिप्लोमा एवं P.G.डिप्लोमा के कोर्स ज्यादातर एक या दो वर्ष के होते है |

Theory और Practical दोनों का हो ज्ञान

टेलीकम्यूनिकेशन से संबधित जितने भी कोर्स है वे छात्रों को प्रायोगिक और सैधांतिक दोनों तरह की जानकारी प्रदान करते है | इनके कोर्स में नेटवर्क सिस्टम की डिजाइनिंग ,installing , टेस्टिंग ,रिपेयरिंग अदि कौशल से रुबुरु हुआ जा सकत है | सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ,टेलिकॉम मार्केटिंग ,नेटवर्क मैनेजमेंट ,नेटवर्क सिक्यूरिटी संबधी जानकारी भी कोर्स के दौरान दी जाती है |

Skills जो बनाये सफल

तकनीकी कोर्स होने के कारण छात्रों को अपने अंदर कई तरह के तकनीकी गुणों का विकसित करना आवश्यक है } इसके साथ ही कम्युनिकेशन स्किल्स ,TeamWork , कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेर की जानकारी ,Technical Writing जैसे गुण समय-समय पर प्रोफेशनल की मदद करते है | यह काम परिश्रम मांगता है और चुनौतियाँ से भरा है इसलिए पेशेवरो को मेहनत से पीछे नही हटना चाहिए | कई बार किसी काम को करने में अधिक समय लगता है इसलिए धैर्य का गुण अख्तियार करना आवश्यक है |

रोजगार सम्भावनाये

Telecom Industry ने साल दर साल साल विकास के करने के कारण इसमें रोजगार की सम्भावनाये भी तेजी से पैर पसार रही है | सफलतापूर्वक कोर्स करने के बाद पेशेवरो को Telecom Industry ,Mobile फ़ोन सर्विस प्रोवाइडर ,सॉफ्टवेर डेवलपमेंट सेक्टर , रेलवे आदि में बतौर सॉफ्टवेर इंजिनियर ,टेस्ट इंजिनियर कस्टमर सपोर्ट स्टाफ ,प्रोडक्ट distributes , पॉवर रिएक्टर ऑपरेटर ,डिजाईन डेवलपर के रूप में रोजगार मिलता है |

डिग्री से मदद

Telecom Industry से जुड़े कोर्स के दौरान  छात्रों को बारीकियो से अवगत कराया जाता है और कई जटिल उपकरणों से रुबुरु करवाया जाता है | कोर्स समाप्त करने के बाद पेशेवर जब फील्ड में जाते है तो वहा प्रैक्टिकल नॉलेज काफी काम आती है | टेलीकॉम इंडस्ट्री में मार्केटिंग , प्रोडक्ट ,नेटवर्क से संबधित पेशेवरो के लिए काफी मौके है | आज देश में मनी ट्रान्सफर ,फोन बैंकिंग ,SMS जैसी हर तरह की सेवा मोबाइल पर उपलब्ध होती जा रही है इसलिए इसमें सम्भावनाओं की कोई कमी नही है | आज तकरीबन 80 प्रतिशत लोगो के हाथो में मोबाइल है | ये सब टेलिकॉम उद्योग के विस्तार की बदौलत सम्भव हो पाया है | 2G,3G के बाद अब 4G यह सब उद्योग के विकास के सूचक है |

बेहतर जीवन की गारंटी

इसमें पेशेवरो की सैलरी काफी कुछ संस्थान एवं योग्यता पर निर्भर करती है | शुरुवाती दौर में उन्हें लगभग 10-15 हजार रूपये प्रतिमाह मिलते है | दो तीन वर्ष के अनुभव के बाद यह सैलरी बढकर 25-30 हजार रूपये प्रतिमाह तक पहुच जाती है | कई पेशेवर है जिनका सालाना पैकज लाखो में है जबकि विदेशो में पेशेवरो को आकर्षक पैकेज मिलता है |

कोर्स का खर्च

टेलीकॉम से संबधित कोर्सेज़ की फीस सेमेस्टर के हिसाब से ली जाती है | प्राइवेट एवं सरकारी संस्थानों की फीस में बड़ा अंतर देखा जाता है | प्राइवेट संस्थानों की फीस सरकारी संस्थानों की तुलना में अधिक होती है | आमतौर पर यह फीस 15-17 हजार रूपये प्रति समेस्टर होती है | यह फीस हर साल अपडेट होती रहती है |

किन सेक्टरो में काम

  • डिफेन्स सेक्टर- इसमें आप टेलीकम्यूनिकेशन से जुडी कम्पनियों के अलावा डिफेन्स सेक्टर में भी कदम आगे बढ़ा सकते है | एयरफोर्स ,नेवी ,आर्मी ,स्टेट फ़ोर्स अदि में भी समय समय पर इसके जानकारों के लिए नौकरिया निकलती रहती है |
  • टेलिकॉम कंपनिया – एक एक उपभोक्ता के लिए मोबाइल कम्पनियों के बीच जारी प्रतिस्पर्था के चलते टेलिकॉम सेक्टर में योग्य व्यक्तियों को आकर्षक पैकेज उपलब्ध हो रहे है | टेलिकॉम से जुडा कोर्स करने के बाद मोबाइल कंपनियो में प्रोजेक्ट मेनेजर ,सिस्टम इंजिनियर आदि के रूप में करियर की शुरुवात कर सकते है |
  • शिक्षक के रूप में – टेलिकॉम इंडस्ट्री के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए कई विश्वविद्यालय एवं संस्थान इसके कोर्स करा रहे है | अच्छे जानकार इन विश्वविद्यालय के साथ जुडकर शिक्ष्ण के क्षेत्र की ओर कदम बढ़ा सकते है | इन संस्थानों में वेतन भी काफी अच्छा होता है |

Comments

Popular posts from this blog

Pythagoras Biography in Hindi | पायथोगोरस की जीवनी

Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म  ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi आदिमानव लगभग 20,000 साल पहले पहिये दार गाडियों का उपयोग किया करते थे लेकिन विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ज्ञात होता है कि पहिये का प्रचलन 3500 से 4000 ईस्वी पूर्व सीरिया और सुमेरियसा में ही सबसे पहले हुआ था | 3000 ईसा पूर्व तक मेसापोटामिया में पहिये का ख़ासा प्रचलन शूर हो चूका था और सिन्धु घाटी में यह लगभग 2500 वर्ष ईसा पूर्व पहुचा | पहिये का आविष्कार संसार में कब और कहा ,किस प्रकार हुआ या किसने किया , इस संबध में निश्चित रूप से कुछ नही कहा जा सकता | पहिये का लाभ उठाकर पैदल चलने की इस क्रिया यानि साइकिल का अविष्कार भले ही लगभग पौने दो सौ वर्ष पूर्व हुआ हो लेकिन पहिये का अविष्कार निश्चित रूप से हजारो वर्ष पूर्व हुआ हो इसके सर्वत्र प्रमाण मौजूद है | पौराणिक सभ्यताओं से लेकर हजारो वर्ष पुराणी पूरा-सामग्री में भी रथो या बैलगाडियों के होने के प्रमाण उपलब्ध है | फिर भी ऐसा समझा जाता है कि पहिये का अविष्कार “मेसापोटामिया” में यानि आधुनिक ईराक के एक हिस्से में कभी हजारो वर्ष पूर्व हुआ था | कहा जाता है कि किसी पेड़ के गोल...

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi प्रधानमंत्री (Prime Minister) , विधायिका और कार्यपालिका दोनों का वास्तविक प्रधान होता है तथा मंत्रियों एवं राष्ट्रपति के बीच संवाद के लिए सेतु का कार्य करता है | राष्ट्रपति की शक्तियाँ औपचारिक ही है | व्यवहार में उसकी शक्तियों का उपयोग PM ही करता है | राष्ट्रपति , लोकसभा में बहुमत दल के नेता को ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त करता है परन्तु यदि किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिला हो तो सबसे बड़े दल को , यदि वह भी न हो तो चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठ्बन्धन वाली पार्टी के नेता को PM नियुक्त करता है | साथ ही निर्धारित समयावधि में लोकसभा में मंत्रीमंडल को विश्वास मत प्राप्त करने को राष्ट्रपति को कह सकता है | आइये पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रीयो की सूची पर एक नजर डालते है | भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | Prime Minister of India List in Hindi क्र. प्रधानमंत्री का नाम जन्म-मृत्यु वर्ष कार्यकाल दल 1 जवाहरलाल नेहरु 1889–1964 1947-1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 2 गुलजारीलाल नंदा 1898–1998 1964 (13 दिन) भारत...