
सभ्यता की शुरुवात से ही कुत्ते (Dogs) मनुष्य के सबसे वफादार और समझदार साथी के रूप में जाने जाते है | ये हमारे मन की हर बात को समझते है और अपने प्यार को हाव-भाव से दर्शाते है | इन्हें यदि प्रशिक्षित कर दिया जाए , तो ये ऐसे काम कर लेते है जो इंसानों के लिए सम्भव नही होते है | अनुशासन में ये इंसानों से भी आगे हो जाते है |
आज कुत्तो का इस्तेमाल कई जगहों पर होता है | विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्तो का प्रयोग पुलिस , रेस्क्यू ,सिक्यूरिटी Dogs आदि के रूप में किया जाता है | यही नही फैशन की दुनिया में भी इनका कोई जवाब नही है | दुनिया भर में Dogs Show आयोजित किये जाते है | जहा एक से बढकर एक Dog अपने जलवे दिखाते है इसके लिए भी इन्हें Training दी जाती है |
दी जाती है काफी मुश्किल Training
कुत्तो (Dogs) को कोई काम सिखाने के लिए विशेष रूप से Training दी जाती है | सेना आदि में तो उन्हें उतनी कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है कि वे किसी काम को Group बना कर करते है वह भी बिना अनुशासन तोड़े | वे किसी भी काम को चरणबद्ध तरीके से कर सकते है | भारत में कुत्तो को इस प्रकार की ट्रेनिंग National Training Center for Dog द्वारा दी जाती है इसे संक्षेप में NTCD भी कहते है | इसकी स्थापना 1970 में हुयी थी |
NTDC में सेण्टर पुलिस और सेना के कुत्तो के साथ साथ दुसरे देश के कुत्तो को भी Training दी जाती है | Training छह से नौ महीने की उम्र में ही शुरू हो जाती है | इस Training के दौरान किसी भी प्रकार की छुट्टी नही दी जाती है | पुरे कोर्स के दौरान एक Term पूरा होने के बाद पांच सात दिन की छुटटी मिलती है | यहा मुख्य रूप से चार प्रकार के कुत्तो को ट्रेनिंग दी जाती है | ये है लेब्राडोर रेट्राईवर , डोबरमैन पिंस्चर , जर्मन शेपर्ड ,ककर स्पेंतिल | सेण्टर द्वारा सेना के लिए तीन हजार से अधिक कुत्तो को प्रशिक्षित किया गया है | अच्छी नस्ल के कुत्ते एजेंसीयो को भी 16,000 रूपये में उपलब्ध कराए जाते है |
Search and Rescue Dog
सर्च एंड रेस्क्यू के लिए मुख्य रूप से ब्लडहाउंड कुत्तो (Dogs) का प्रयोग होता है | इनका प्रयोग मुजरिमों और गुमशुदा लोगो की तलाश में किया जाता है
- डिटेक्शन डॉग – इनका प्रयोग गैरकानुनी सामानों जैसे ड्रग्स ,विस्फोटक या उससे सम्पर्क में आये लोगो को खोजने में किया जाता है | अनेक देशो में इनका इस्तेमाल एअरपोर्ट पर सामान चेकिंग के लिए किया जाता है |
- आर्सन डॉग – इनका प्रयोग आग लगने वाली जगहों पर आग लगने के कारणों को पहचानने के लिए किया जाता है क्योंकि वे इस कार्य इ माहिर होते है |
- कैडेवर डॉग – कैडेवर डॉग्स विशेष रूप से छिपी हुयी डेड बॉडी का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किये जाते है | इन कुत्तो की सूंघने की क्षमता बहुत अधिक होती है जिससे ये जमीन के या रनिंग वाटर के अंदर छिपी डेड बॉडी का भी पता लगा लेते है |
पुलिस डॉग
पुलिस डॉग के रूप में कुत्तो का प्रयोग लम्बे समय से होता रहा है | उत्तरी अमेरिका में इसे के-9 कहा जाता है | इन कुत्तो को पुलिस के काम में मदद करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है | इनका प्रयोग ड्रग्स और विस्फोटको का पता लगाने ,गुमशुदा लोगो की तलाश में , क्राइम स्पॉट पर एविडेंस की तलाश करने से लेकर लोगो की सुरक्षा तक में किया जाता है | ये ढेरो Verbal और Hand कमांड को पहचान सकते है | ये दो प्रकार के होते है – specialized Police Dog , Sentry and attack Dog | इनका प्रयोग मुजरिमों का पता लगाने और संवेदनशील इलाको की सुरक्षा के लिए किया जाता है |
कुत्तो से जुडी रोचक जानकारियाँ | Dogs Facts in Hindi
कहा जाता है कुत्तो के पास 6th sense होती है जिससे वे इंसानों की सारी फीलिंग्स का पता सूंघ कर इतनी अच्छी तरह लगा लेते है जितना कोई दूसरा इंसान भी नही समझ पाता है | आइये आपको कुत्तो से जुडी कुछ रोचक जानकारियाँ बताते है |
- कुत्ते हमारे उदासी को तुंरत सनझ लेते है और उसी हिसाब से अपनी प्रतिक्रिया देते है |
- कुत्ते दो साल के इंसानी बच्चे जितने समझदार होते है ये 250 तरह के शब्द और भाव पहचान सकते है |
- कुत्ते वक्त के भी पाबन्द होते है | अगर समय के साथ कोई निश्चित routine बना दिया जाए तो ये उसे नियम से Follow करते है |
- कुत्ते अँधेरे में भी आसानी से चीजो को पहचान पाते है | उन्हें हवा में होने वाले परिवर्तन का भी पता चलता है जिससे वे अपने आसपास मौजूद चीजो को आकार गति आदि को आसानी से महसूस कर लेते है |
- कुत्तो की स्वेद ग्रन्थिया केवल उनके पंजो में होती है | यही कारण है कि गर्मियों में वे जीभ बाहर निकाल क्र जोर जोर से सांस लेते नजर आते है | ऐसा करके वे शरीर का तापमान कम करते है |
- एक वयस्क व्यक्ति के मुकाबले कुत्तो के पास 10 दांत ज्यादा होते है यानि उनके 42 दांत होते है |
- एक साल का एक कुत्ता शारीरिक रूप से 15 साल के बच्चे जितना ताकतवर होता है |
- कुत्तो की सूंघने की क्षमता इंसानों से एक करोड़ गुना ज्यादा अधिक होती है |
- तिब्बती मास्तिफ दुनिया का सबसे महंगा कुत्ता बन चूका है जिसे 10 करोड़ रूपये में खरीदा गया था |
- सबसे पहले सोवियत संघ ने 22 जुलाई 1951 को लाइका नामक कुतिया को अन्तरिक्ष में भेजा | उस समय वैज्ञानिकों का मानना था कि अन्तरिक्ष में कोई व्यक्ति जीवित नही रह सकता है इसलिए परीक्षण के तौर पर उसे भेजा गया था | वह सफलतापूर्वक अन्तरिक्ष में पहुची थी लेकिन अन्तरिक्ष पहुचने के कुछ घंटो बाद ही उसकी मृत्यु हो गयी थी |
- सन 1960 में दो ओर कुत्तो बेल्का और स्ट्रेल्का को भी अन्तरिक्ष में भेजा गया | इन्हें सफलतापूर्वक अन्तरिक्ष से वापस भी लाया गया |
दुनियाभर में पाए जाने 10 सबसे खतरनाक कुत्तो की प्रजातियाँ
- पिट बुल – यह कुत्तो की सबसे खतरनाक और खूंखार प्रजाति मानी जाती है | अधिकाँश देशो में इसे रखने के पर प्रतिबन्ध लगाया जा चूका है | बच्चे इसके सबसे अधिक शिकार बनते है |
- रोत्वीलर – वर्ष 1993-96 के बीच US में कुत्तो के हमले से जितने भी लोगो की मौत हुयी उनमे से आधे लोग रोटवीलर के शिकार हुए थे | इसके एक Bite से 1460 न्यूटन तक का बल होता है | इस कारण यह बहुत तेज हमलावर होता है |
- जर्मन शेफर्ड – इसका इस्तेमाल Police Dog के रूप में होता है | इसके एक Bite में 1060 न्यूटन बल होता है | भारत में भी यह काफी लोकप्रिय है |
- डोबरमैन पिन्स्चर – पुलिस डॉग के रूप में कुत्तो की इसी प्रजाति का इस्तेमाल सबसे पहले शुरू किया गया था | अजनबियों के साथ यह बहुत अग्रेस्सिव बर्ताव करते है लेकिन अपने मालिक के सामने ये बिल्कुल आज्ञाकारी होते है |
- बुल मास्तिफ – कुत्तो की यह प्रजाति काफी बड़ी और खूंखार होती है | इसका वजन 130 पौंड (60 किलो) तक होता है | इसका प्रयोग सुरक्षा गार्ड के तौर पर किया जाता है |
- हस्की – इसे स्लेज डॉग के रूप में जाना जाता है | ये बहुत ही मेहनती , एथेलीटिक और एनर्जीटिक होते है | ये आसानी से पालतू नही बनते है |
- मैलाम्यूट – ये अलास्का के राष्ट्रीय पशु है | ये काफी तेज गति से शिकार करने के लिए जाने जाते है | ज्यादातर छोटे जानवर इनका शिकार बनते है |
- वुल्फ हाइब्रिड – आज बहे कुत्तो की कई ऐसी प्रजातियाँ है जो कुत्तो और भेडियो की क्रोस ब्रीड है इन्हें वुल्फ हाइब्रिड कहते है | ये अत्यधिक खूंखार और खतरनाक होते है | अधिकांश देशो में इन पर प्रतिबन्ध लगाया हुआ है |
- बॉक्सर – ये अपने शक्तिशाली जबड़ो और पैने दांतों के लिए जाने जाते है | जो लोग सुरक्षा की दृष्टि से कुत्ते पालते है उनके लिए यह बेहतरीन नस्ल है |
- ग्रेट डेन – इसे किलिंग मशीन भी कहा जाता है | इसका वजन लगभग 100 किलो होता है और ऊँचाई 86 सेमी तक होती है | प्रशिक्षित रहने पर ये पालतू कुतो जैसा बर्ताव करते है जबकि हमला करने पर ये बहुत ही खूंखार साबित होते है |
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