Skip to main content

Kingfisher Bird Facts in Hindi | किंगफिशर पक्षी से जुड़े 12 रोचक तथ्य

Kingfisher Bird Facts in Hindi
Kingfisher Bird Facts in Hindi

नदी या ताल-तलैयो के किनारे रहने वाले पक्षियों में किलकिला (Kingfisher) का अपना अलग स्थान है जिसे अंग्रेजी में Kingfisher कहते है | यह बी ईटर , हार्नबिल , मोटमोट का संबधी है | इसकी कई उपजातियाँ मिलती है | आइये किंगफिशर (Kingfisher) के बारे में हम आपको विस्तार से बताते है |

  1. लम्बी चोंच  ,छोटे पैर वाला यह पक्षी पानी के किनारे किसी पेड़ की डाली पर बैठा हुआ मछली की ताक में रहता है | मछली नजर आते ही यह झपट्टा मारकर उसे पकड़ लेता है |
  2. किलकिला (Kingfisher) के शरीर का अधिकतर भाग कत्थई होता है | सिर्फ उपर का हिस्सा नीला होता है | इसके डैने के सिर काले होते है | चोंच और पाँव धूमिल रंग के होते है |
  3. किलकिला (Kingfisher) की एक छोटी जाति भी है जिसके सिर पर काली नीली धारिया होती है | पूंछ , पीठ और डैने नीले होते है | निचला हिस्सा लाल होता है | चोंच काली , गाल सफेद और पैर बिल्कुल लाल होते है |
  4. छोटे किलकिले जनवरी से जून और बड़े किलकिले मार्च से जुलाई तक नदी के किनारे घोंसले बनाते है | इनके घोंसलों में पहले तो एक सुरंग होती है फिर घर होता है जहा मछलियों के अस्थिपंजर बिखरे रहते है |
  5. यूरोप में इसकी एक उपजाति कॉमन किंगफिशर मिलती है | यह पक्षी दक्षिणी अफ्रीका और सालोमन द्वीपों में भी मिलता है | यह 6 इंच लम्बा होता है |
  6. किलकिला (Kingfisher) जाति का ही एक पक्षी है कौडिल्ला (Pied King Fisher) | इसका कद मैना जैसा होता है | भारत  के मैदानों के सभी जगह पाया जाता है | नदी , झील , सिंचाई के तालाब  के आसपास रहता है | यह पानी के उपर उड़ता रहता है और मछली देखते ही अपने पंख को दोनों तरफ फैलाकर उस पर गिर पड़ता है और पलक झपकते ही मछली को अपनी चोंच में दबाए उड़ जाता है फिर किसी पेड़ पर बैठकर मजे से खाता है | इसकी चोंच लम्बी और नुकीली होती है | पैर छोटे और रंग काला होता है | सारे शरीर पर काली धारिया होती है | नीचे का हिस्सा सफेद होता है | सीने पर काली पट्टिया होती है |
  7. छोटा नीला किंग फिशर (Small Blue King Fisher) नीली , हरी छोटी फुर्तीली चिड़िया है | निचला भाग हरा-भूरा , दम छोटी और मोटी , चोंच नुकीली होती हो | पानी के किनारे अकेला रहता है | मादा 5-7 सफेद गोल अंडे देती है |
  8. सफेद वक्ष किलकिला (White Breasted Kingfisher)  चमकीले नीले रंग का होता है | सिर ,गर्दन और नीचे का भाग चाकलेटी भूरा होता है | आगे का भाग सफेद होता है | लाल रंग की दुम लम्बी ,भारी , नुकीली होती है | पंखो पर एक सफेद धब्बा होता है | भारत में यह मैदानों और छोटी पहाडियों में पाया जाता है | तालाब , कीचड़ , बरसात के पानी से भरे गड्डो , पानी से भरे धान के खेतो पर नजर आती है | मछली ,टेडपोल ,छिपकली ,टिड्डे आदि खाता है |
  9. काली टोपीवाला किंगफिशर (Black Capped kingfisher) उपर से गहरा नीला होता है | नीचे हल्का जंग की तरह होता है | सिर पर काली मखमली टोपी होती है | दम चमकीली लाल होती है | उड़ते समय पंख पर एक धब्बा दिखाई देता है | समुद्र और नदियों के किनारे अकेले पाया जाता है | पानी में ही मछली , केकड़ा आदि खाती है | नदी के किनारे जमीन पर किसी दरार में सुरंग-सा बना लेता है जिसके अंत में अंड कक्ष होता है |
  10. ब्राउन हेडेड किंगफिशर (Brown Headed Strork Bulled KingFisher) का सिर भूरा , उपरी भाग पीला , हरा नीला होता है | बड़े आकार , भडकीले रंग और लाल चोंच से यह आसानी से पहचाने जाते है | नर-मादा एक जैसे होते है | राजस्थान और आसपास के सूखे क्षेत्रो को छोडकर सब जगह पाया जाता है | भारत में केवल एक ही जाति पायी जाती है | अधिक पानी वाल क्षेत्र इसे अधिक पसंद है | पानी पर झुकी पत्तिया और डालियों पर छिपकर बैठती है | मछली , सरीसरूप , मेंढक , केकड़ा ,अंडे तथा चिडियों के शिशुओ को अपना भोजन बनाती है |
  11. किंगफिशर की एक किस्म को जंगली चिल्लाने जैसी हंसी के लिए लाफिंग जेक नाम से भी जाना जाता है हालाँकि यह पुरी तरह ऑस्ट्रेलियन चिड़िया है लेकिन यह विश्वभर में मिलने वाली किंगफिशर परिवार का ही सदस्य है | यह सभी किंगफिशर से बड़ा होता है | इसकी ऑस्ट्रेलिया में दो किस्मे मिलती है | इसका सीना और उपरी भाग हरा और शेष भाग चमकीला लाल होता है | मादा फीके रंग की होती है | सबसे बड़ा ऑस्ट्रलियन किंगफिशर 43 सेमी लम्बा होता है और यह भूरे रंग का होता है | इसकी छोटी प्रजाति नीले पंखो वाली होती है जो पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में मिलती है |
  12. किलकिला (Kingfisher) की जाति का ही दूसरा पक्षी कौडिल्ला है जिसका कद 6-7 इंच होता है | इसका उपरी हिस्सा नीला , गर्दन सफेद तथा नीचे का हिस्सा बादामी रहता है | गालो तथा दम के बगल में कत्थई की झलक रहती है | इसकी चोंच काली और पैर लाल होते है | मादा मार्च से जून तक 5-6 अंडे देती है | यह भी मछली पकड़ने में बहुत तेज होता है |

Comments

Popular posts from this blog

Pythagoras Biography in Hindi | पायथोगोरस की जीवनी

Pythagoras Biography in Hindi पाईथागोरस (Pythagoras) को महान दार्शनिक और गणितज्ञ माना गया है | इनका जन्म  ईसा से भी 500 वर्ष पूर्व यूनान के सामोस नामक टापू में हुआ था | यह मनुष्य जाति का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्राचीनकाल में लोग अपने विषय में किसी प्रकार की कोई सुचना लिखित रूप में प्रस्तुत करके नही रखा करते थे अत: उनके विषय में विस्तार से कुछ मिल पाना बड़ा असम्भव सा होता था | यही स्थिति पाईथागोरस की भी है | उस समय लिखने और संचार के साधनों का उतना विकास भी नही हुआ था और न ही शायद छपाई आदि की कोई व्यवस्था उस समय रही थी | पाईथागोरस (Pythagoras) के समय में तो कदाचित भोज-पत्र पर भी लिखने की प्रक्रिया चल पड़ी थी अथवा नही , कहना कठिन है | बाद के लेखको को पूर्ववर्ती पीढियों द्वारा कहा सूनी के आधार पर जो कुछ सूचनाये प्राप्त हो जाया करती थी उनके आधार पर ही उन महान पुरुषो के बारे में कुछ जानकारी मिलने लगी है | पाईथागोरस उस समय उत्पन्न हुए थे जब गणित अपनी आरम्भिक अवस्था में ही था किन्तु अपनी विद्वता के कारण इस महान दार्शनिक ने एक ऐसी प्रमेय का सूत्रपात किया जो विश्वभर में प्राथमिक कक्षाओ में ही व...

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi

पहिये के अविष्कार की रोचक कहानी | Wheel Invention Story in Hindi आदिमानव लगभग 20,000 साल पहले पहिये दार गाडियों का उपयोग किया करते थे लेकिन विश्वसनीय प्रमाणों के आधार पर ज्ञात होता है कि पहिये का प्रचलन 3500 से 4000 ईस्वी पूर्व सीरिया और सुमेरियसा में ही सबसे पहले हुआ था | 3000 ईसा पूर्व तक मेसापोटामिया में पहिये का ख़ासा प्रचलन शूर हो चूका था और सिन्धु घाटी में यह लगभग 2500 वर्ष ईसा पूर्व पहुचा | पहिये का आविष्कार संसार में कब और कहा ,किस प्रकार हुआ या किसने किया , इस संबध में निश्चित रूप से कुछ नही कहा जा सकता | पहिये का लाभ उठाकर पैदल चलने की इस क्रिया यानि साइकिल का अविष्कार भले ही लगभग पौने दो सौ वर्ष पूर्व हुआ हो लेकिन पहिये का अविष्कार निश्चित रूप से हजारो वर्ष पूर्व हुआ हो इसके सर्वत्र प्रमाण मौजूद है | पौराणिक सभ्यताओं से लेकर हजारो वर्ष पुराणी पूरा-सामग्री में भी रथो या बैलगाडियों के होने के प्रमाण उपलब्ध है | फिर भी ऐसा समझा जाता है कि पहिये का अविष्कार “मेसापोटामिया” में यानि आधुनिक ईराक के एक हिस्से में कभी हजारो वर्ष पूर्व हुआ था | कहा जाता है कि किसी पेड़ के गोल...

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi

भारत के प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Indian Prime Ministers Facts in Hindi प्रधानमंत्री (Prime Minister) , विधायिका और कार्यपालिका दोनों का वास्तविक प्रधान होता है तथा मंत्रियों एवं राष्ट्रपति के बीच संवाद के लिए सेतु का कार्य करता है | राष्ट्रपति की शक्तियाँ औपचारिक ही है | व्यवहार में उसकी शक्तियों का उपयोग PM ही करता है | राष्ट्रपति , लोकसभा में बहुमत दल के नेता को ही प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त करता है परन्तु यदि किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिला हो तो सबसे बड़े दल को , यदि वह भी न हो तो चुनाव पूर्व सबसे बड़े गठ्बन्धन वाली पार्टी के नेता को PM नियुक्त करता है | साथ ही निर्धारित समयावधि में लोकसभा में मंत्रीमंडल को विश्वास मत प्राप्त करने को राष्ट्रपति को कह सकता है | आइये पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रीयो की सूची पर एक नजर डालते है | भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | Prime Minister of India List in Hindi क्र. प्रधानमंत्री का नाम जन्म-मृत्यु वर्ष कार्यकाल दल 1 जवाहरलाल नेहरु 1889–1964 1947-1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 2 गुलजारीलाल नंदा 1898–1998 1964 (13 दिन) भारत...