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Eagle Facts in Hindi | गरुड़ से जुड़े 15 रोचक तथ्य

Eagle Facts in Hindi
Eagle Facts in Hindi

भगवान विष्णु का वाहन माना जाने वाला गरुड़ (Eagle) शिकारी पक्षियों में सबसे बड़ा होता है और सबसे भयंकर भी | आइये आपको गरुड़ (Eagle) और उसकी प्रजातियों से जुड़े रोचक तथ्य बताते है |

  1. गरुड़ (Eagle) के पंजे इतने मजबूत होते है कि उड़ते उड़ते अपने शिकार को पंजो से पकडकर उठा ले जाते है | इसकी दृष्टि तेज होती है |
  2. ऊँचे ऊँचे चट्टानों और वृक्षों पर बैठा रहता है | यह हवा में एक ही स्थान पर स्थिर उड़ान करता रहता है और फिर अचानक बड़ी तेजी से शिकार पर हमला बोलकर उसे दबोच लेता है |
  3. गरुड़ अमेरिका का राष्ट्रीय प्रतीक है | इसकी कई किस्मे है तथा इसकी कोई न कोई किस्म संसार के हर देश में पायी जाती है | कलंगीदार ,सर्पवत , श्वेतनेत्र , मत्स्य मारक आदि इसकी कई किस्मे है |
  4. हमारे देस में सभी किस्मे पायी जाती है | सफेद आँखों वाला गरुड़ , जिसकी टाँगे  औरो की अपेक्षा अधिक लम्बी होती है केवल जाड़ो में आता है | यह देखने में भद्दा होता है | रंग हल्का ,पीला , भूरा या गाढ़ा काला होता है | इसकी दुम गोल होती है तथा नीचे से देखने से डैने पारदर्शक प्रतीत होते है |
  5. भारत में मिलने वाले कलँगीदार हाक इगल (Crested Hawk Eagle) के शरीर पर कई रंग अव्यस्थित से होते है | आमतौर पर उपर से भूरा , नीचे काला होता है | वक्ष पर चाकलेटी रंग की धारियाँ होती है | लम्बी पतली कलँगी सिर के पीछे होती है  इसका मुख्य भोजन मछली ,साँप, चूहा ,केकड़ा आदि है | जंगल में किसी पेड़ की पत्तियों  के बीच बैठकर जंगली मुर्गी , खरगोश आदि जन्तुओ पर भी इसकी निगाह रहती है | तेजी से झपट्टा मारकर शिकार को पकडकर ले जाता है | इसकी “की की की की की ” बोली शुरू में धीमी होती है फिर ऊँची होती हुयी चीख में बदल जाती है |
  6. बंगाल ,असम सहित उत्तरी भारत की झीलों या नदियों के पास मत्स्य मारक (Ring Taled Fishing Eagle) मिलती है | यह मछली पकडकर पंजो में दबा लेती है | साँप , चूहे ,केकड़े और मृत जन्तु भी इसका भोजन है | कभी कभी यह पनडुब्बी या अन्य जल पक्षियों को भी मार देती है | कर्कश चीख जैसी बोली होती है |
  7. भारत ,पाकिस्तान , बांग्लादेश , श्रीलंका ,बर्मा में क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल (Crested Serpent Eagle)मिलती है | किसी ऊँचे पेड़ पर बैठकर शिकार को देखती रहती है और आसमान में बड़े बड़े चक्कर लगाती रहती है | इसकी बोली तेज सिटी जैसी होती है | भारत में इसे डोमेरा चील कहते है | यह स्थानीय रूप से प्रवास यात्रा करती है | मादा एक क्रीम रंग का अंडा देती है जिस पर लाल-भूरे धब्बे होते है |
  8. सी ईगल (Sea Eagle) का वजन 6 किलोग्राम या उससे अधिक होता है | इसके पंखो का फैलाव 8 फीट होता है | जिन्दा या मृत पसिफ़िक सालमन , पानी की चिड़िया आदि इसका भोजन है |
  9. अफ्रीकन स्नेक ईगल के पंख लम्बे  ,दम छोटी होती है | अधिकतर समय यह आकाश में 200-500 फीट ऊँचाई पर 56-58 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ता रहता है |
  10. हार्पी ईगल की मादा का वजन 6 किलोग्राम होता है जबकि नर का वजन 3-4 किलोग्राम होता है | यह दक्षिण और मध्य अमेरिका के जंगलो में मिलता है | यह बड़े जंगलो में स्तनपायी अगौतो स्लॉथ जैसे जन्तु का शिकार करता है |
  11. हार्पी जितना ही बड़ा फीलीपाइन का मंकी ईटिंग ईगल होता है जो फिलिपीन के द्वीपों पर मिलता है | फिलिपीन का गरुड़ बंदरो को खाना पसंद करता है | भयानक दिखने वाले इस पक्षी की ऊँचाई 5 फीट और वजन 4 किलोग्राम तक होता है | नीली  ,आँखे बड़ी तीखी , मुडी हुयी चोंच और नुकीले पंखो के कारण यह बड़ा ही आकर्षक लगता है | यह शिकारी पक्षी फिलिपीन के गर्म प्रदेशो में बरसाती जंगलो में रहता है | अपने शिकार को मुड़े हुए पंजो से दबोच लेता है और अपनी तीखी हुकदार चोंच से उसे चीरकर उसका मांस निकालता है |
  12. क्राउंड ईगल (Cround Eagle) अपने घोंसले में बहुत खतरनाक होता है | यह 15-122 किलोग्राम वजन तक स्तनपायी जन्तुओ का शिकार कर लेता है |
  13. सफेद उदर वाला सी ईगल (White Bellied Sea Eagle) बड़े आकार का सुंदर उकाब होता है जिसका उपरी भाग भूरा और सिर , गर्दन और निचला भाग , दुम का अंतिम तिहाई भाग सफेद होता है | मुम्बई के दक्षिण से पूर्व तक के समुद्री तटो , मलेशिया और ऑस्ट्रलिया में यह पाया जाता है | समुद्र के किनारे किसी बड़े पेड़ की ऊँचाई पर टहनियों का मंच सा बनाकर घोंसला बनाता है जिस पर हरी पत्तियाँ बिछा दी जाती है | मादा 2 सफेद अंडे देती है |
  14. वेज टेल्ड ईगल (Wedge Tailled Eagle) दक्षिणी अमेरिका और मलेशिया को छोडकर विश्व-भर में पाया जाता है | चारागाह और खुले खेतो में अधिक रहता है | चार बड़े गरुडो में यह एक है | इसके पंखो का फैलाव ढाई मीटर तक होता है | चोंच से दुम तक यह एक मीटर लम्बा होता है | इसकी हुकनुमा चोंच शक्तिशाली होती है | आँखे चमकीली सुनहरी होती है पर भूरे-काले होते है | गले पर सुनहरे चिन्ह होते है | पंखो पर लाल रंग की झलक होती है | अवयस्क भूरे होते है जो उम्र के साथ गहरे होते चले जाते है | व्यस्क होने में इसे 4-5 वर्ष लग जाते है | नर-मादा एक जैसे होते है लेकिन मादा नर से कुछ बड़ी होती है |
  15. वेज टेल्ड ईगल दिन में छोटे जन्तुओ ,चिडियों ,रेंगने वाले जीवो का शिकार करता है | यह मरे हुए जन्तुओ को भी खा लेता है | टहनियों का प्लेटफार्म जैसा घोंसला बना लेता है | साल दर साल घोंसले का उपयोग करता रहता है | इसका घोंसला 3 मीटर गहरा , 2 मीटर ऊँचा और 400 किलोग्राम वजन तक का देखा गया है | कई बार पेड़ से ज्यादा वजन के घोंसले भी देखे गये है |

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