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दुनिया के कुछ विलुप्त पक्षी , एक समय जिनका था पृथ्वी पर एकछत्र राज | Extinct Birds Facts in Hindi

Extinct Birds Facts in Hindi
Extinct Birds Facts in Hindi

दुर्भाग्य से पक्षियों के जीवाश्म कभी सुरक्षित नही मिलते है | अधिकाँश जीवाश्म मुर्दाखोरो और मौसम के थपेड़ो की भेंट चढकर नष्ट हो जाते है या बिखर जाते है | कई बार अपूर्ण नमूनों के आधार पर ही उक्त पक्षियों का भार और आकृति का अनुमान लगाना पड़ता है | पक्षियों के जीवाश्म इसलिए भी दुर्लभ है क्योंकि इनकी अधिकतर प्रजातियाँ स्थल निवासी होती है जहा उनका संरक्षित रहना काफी कठिन है | लेकिन जब पक्षी मर जाते है या मृत्यु के बाद नालो और लहरों के साथ बहते हुए उनके कंकाल मिटटी में दब जाते है जिससे उनके जीवाश्म तैयार होने की सम्भावना अधिक रहती है | इसी कारण विलुप्त पक्षियों (Extinct Birds) विशेषत: पानी या दलदल से दूर रहने वाले प्रजातियों के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है |
शोधकर्ताओं में जीवाश्म पक्षियों के बारे में रूचि का अभाव है | यही कारण है कि अब तक 900 विलुप्त जातियों सहित 2000 से भी कम पक्षी प्रजातियों के विवरण उपलब्ध हो पाए है | जहा स्तनपायी और सरीसृपो के जीवाश्मो के गहन अध्ययन और शोधकार्य में सैंकड़ो शोधकर्ताओं जुटे हुए है वहा केवल गिनती के जीवाश्म विज्ञानी ही तीन चौथाई विलुप्त पक्षियों (Extinct Birds) का अध्ययन कर रहे है | वर्तमान में करीब 8650 पक्षी प्रजातियों की तुलना में 20-30 लाख वर्ष से 10 हजार वर्ष पूर्व के मध्य के प्लाईटोसीन युग में इनकी संख्या लगभग 10 हजार थी | पिछले 25 हजार वर्षो के दौरान इनका अकल्पनीय विकास हुआ है |

01 आर्कियोओप्टेरिक्स – विश्व का पहला पक्षी

हाल ही में खोजे गये जीवाश्मो के अध्ययन के आधार पर प्रथम माना जाने वाला पक्षी आर्कियोओप्टेरिक्स लिथोग्राफिका वान मेयर इस पृथ्वी पर जुरासिक युग के अंतिम चरण में 14 करोड़ वर्ष से पूर्व मौजूद था | जर्मनी में वान मेयर ने 1861 में इसके कंकाल के पांच हिस्सों और एक अलग से मिले पंख के रूप में प्राप्त अवशेषों के आधार पर इस पक्षी के बारे में विवरण दिया और पक्षियों के विकास पर सर्वश्रेष्ठ साक्ष्य उपलब्ध कराया था जिसे विश्व-भर ने स्वीकार किया |

02 Dromornis stirtoni – अब तक का सबसे भारी पक्षी

आधा टन भार वाला पक्षी ड्रोमोनिर्स ऑस्ट्रेलिया के विशिष्ट विशाल पक्षियों में से एक था जो डेढ़ करोड़ से 26 हजार वर्ष पूर्व तक के समय के मध्य मौजूद था | हालांकि यह पक्षी एमु जैसा था मगर पुर्णत: एमु नही था | यह मिहिरंग पक्षी कहलाता था | इनमे से कुछ वर्तमान एमु थोड़े बड़े थे पर स्तिटोनी 3 मीटर से कुछ अधिक करीब 10 फीट ऊँचाई का था | ऑस्ट्रेलिया में 13 करोड़ वर्ष पूर्व तक के जीवाश्म पक्षी प्राप्त हुए है |

03 डाईनोर्निस मैक्सिमस – अब तक का सर्वाधिक उंचा पक्षी

विशाल डाईनोर्निस मैक्सिमस का वजन ड्रोमोनिर्स का आधा लगभग 227 किलो था लेकिन इसके अब तक प्राप्त कंकालो में से सबसे बड़े की ऊँचाई 3.7 मीटर पायी गयी | मोआ की न्यूजीलैंड में अब तक पहचानी गयी 12 प्रजातिया पंखविहीन और दौड़नेवाली थी | इनमे से कुछ प्रजातिया निश्चित रूप से माओरी लोगो के शिकार से विलुप्त हुयी है | 1769 तक इन मोआ पक्षियों की मौजूदगी के साक्ष्य उपलब्ध है किन्तु 15वी शताब्दी के बाद सर्वत्र उपलब्ध नही रहे | मोआ पक्षी के सन 1800 तक विलुप्त हो जाने में मनुष्य का ही हाथ था |

04 प्लोतोप्टेरीड्स – सब तक का सबसे विशालतम तैरने वाला पक्षी

हाले मी खोजे गये में से एक प्रजाति की लगभग 2 मीटर ऊँचाई थी | उड़ने में असमर्थ एवं विशाल ये पक्षी उत्तरी गोलार्ध में दो से ढाई करोड़ वर्ष पूर्व मौजूद थे | विशाल पेंग्विन की भाँती ये भी पंखो के माध्यम से तैरते थे लेकिन दांतों के मामले में इनमे भिन्नता थी | विशालतम पेंग्विन भी इनसे कुछ छोटे थे मगर पेचीपेडिस और एनथ्रोपोर्निस की लम्बाई मनुष्य के बराबर थी |

05 अर्जेंटाविस मैग्नीफिसेंस – अब तक का उड़ने वाला विशालतम पक्षी

पक्षी जगत में उस वक्त हलचल मच गयी जब 1979 में अर्जेंटीना के दो जाने-माने जीवाश्म विज्ञानियों ने यह घोषणा की थी कि उन्होंने छोटे ग्लाइडर जितने बड़े एक प्राणी के जीवाश्म अवशेष खोज निकाले है | उनका दावा था कि वह पक्षी विश्राम के समय मनुष्य की आँखों में झाँक सकता था तथा उड़ान के समय उसकी छाया इतनी चौड़ी होती थी कि उसके एक से दुसरे सिरे के बीच 2 मीटर लम्बाई वाले 4 मनुष्य समा जाए | कई अध्ययनों के बाद मान लिया गया कि मैग्नीफिसेंस की ऊँचाई डेढ़ मीटर और भार 120 किलो था |

06 स्टीफंस आइलैंड रेल – अब तक का सबसे छोटा उड़ानविहीन पक्षी

वर्तमान में सबसे छोटा उड़ने में असमर्थ पक्षी इन एक्सेसिबल आइलैंड रेल है किन्तु एक प्रजाति का उड़ानविहीन पक्षी इससे भी छोटा था जो अब विलुप्त हो चूका है | यह 10 सेमी लम्बा स्टीफंस आइलैंड रेल था जो न्यूजीलैंड में पाया जाता था | दुर्भाग्य से इस रहस्यमय पक्षी के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नही है क्योंकि 1894 में इसकी खोज के तुंरत बाद ही यह लगभग विलुप्त हो गया |

07 पैसेंजर पिजन – अब तक का सर्वाधिक संख्या वाला पक्षी

उत्तरी अमेरिका में इस पक्षी की संख्या का एकदम सही अंदाज लगा पाना कठिन है क्योंकि यह 1900 में विलुप्त हो गया | पैसेंजर पिजन की वास्तविक संख्या जान्ने में यह भी बाधा है कि अमेरिका के अनुसार एक बिलियन में एक एक हजार मिलियन होते है जबकि ब्रिटेन में इसे मिलियन के बराबर माना जाता है | फिर भी कई अभिलेखों के आधार पर कहा जा सकता है कि 19वी शताब्दी के प्रथम अर्ध में जब बंदूक का शिकार के लिए उपयोग आरम्भ नही हुआ था इनकी संख्या 5 से 10 हजार मिलियन थी |

08 एपियोर्निस मेक्सिम्स – अब तक का सबसे बड़ा अंडा

जीवाश्म अभिलेखों के अनुसन्धानो के अनुसार एलीफेंट पक्षी एपियोर्निस मेक्सिम्स हालांकि सबसे भारी और लम्बा नही था किन्तु अब तक पाए गये अन्डो में से सबसे बड़ा अंडा इसी पक्षी का था | इसके अंडे के खोल के टुकड़े , पुरे अंडे भी , जिनमे कुछ भ्रूण अस्थियुक्त थे मेडागास्कर के समुद्री किनारों या झीलों के निकट इस रूप में प्राप्त हुए जिन्हें लोग पानी में भरकर ले जाने के काम में लेते है | ऐसे में कुछ अंडे विश्व के विभिन्न अजायबघरो एवं संग्रहालयो में रखे गये है |

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