
तालाबो के छिछले किनारों पर कीचड़ में घुमने वाला Sarus बारहमासी चिड़िया है जो जोड़ा बांधकर रहती है | एक बार जोड़ा टूट जाने के बाद फिर ये जीवन भर जोड़ा नही बाँधते | आइये Sarus से जुड़े आपको ऐसे ही रोचक तथ्य बताते है |
- सारस की चोंच , टाँगे आयर गर्दन काफी लम्बी होती है | 5 फीट के सारस का रंग स्लेटी होता है | गर्दन के उपरी हिस्से में सफेदी ज्यादा होती है |
- Sarus के डैने के सिरे गहरे भूरे होते है और आँख की पुतली नारंगी और पैर गुलाबी होते है |
- बचपन में इसे पालने पर यह इतना पालतू बन जाता है कि मनुष्य के पीछे पीछे घूमता है |
- साइबेरियन सारस भारत में काफी प्रसिद्ध है | जब इसके झुण्ड भारत में भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पहुचते है तो अखबारों की सुर्खिया बनते है | यहाँ इसका सबसे बड़ा झुण्ड देखा गया था जिसमे 72 पक्षी थे लेकिन अब यह 10-15 के झुण्ड में ही देखा जाता है | दक्षिणी पूर्वी रूस और साइबेरिया में ओब नदी का उत्तरी कछार आदि इसका प्रजनन स्थ्ल्हाई | मध्य अक्टूबर-नवम्बर में यह भारत में प्रवास यात्रा पर आता है और मार्च अप्रैल में लौट आता है | यह लगभग 4000 मीटर की उंचाई पर उड़ता है | यह उथले पानी में रहना अधिक पसंद करता है | यह पुरी तरह शाकाहारी है | पानी में उगने वाले पौधों के अंकुर , बीज आदि खाता है | यह बहुत सुंदर पक्षी है | इसका पूरा शरीर बर्फ जैसा सफेद होता है | सिर का अगला भाग चमकदार लाल होता है | चोंच लम्बी , पिली-भूरी होती है | पैर और पंजे गुलाबी होते है |
- ऑस्ट्रेलिया में बोल्ग्रा और सारस क्रेन मिलता है | सारस क्रेन दक्षिणी एशिया से यहाँ पहुचता है | बोल्ग्रा के पंख पीले-भूरे होते है | लम्बी सीधी चोंच होती है | गहरे काले पैर , सिर पर हरा भूरा , नारंगी , चमकीला लाल मुकुट होता है | इसकी पुरी ऊँचाई 1.5 मीटर , वजन 6.5 किलोग्राम होती है | यह ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चिडियों में एक है | यह बहुत ऊँचा उड़ता है | एयरक्राफ्ट के पायलट ने इसे 3600 मीटर ऊँचा उड़ते देखा है | ऑस्ट्रेलिया में यह दलदली स्थान , घास के मैदान , खेत , खारे पानी की झील और जंगल के किनारे मिलता है | मादा 2 सफेद अंडे देती है जिस पर भूरे निशान होते है | ये अंडे 9.5 सेमी आकार के होते है अंडो में से निकलते ही शिशु उड़ने लायक हो जाते है | बोल्ग्रा 33 वर्ष तक जीवित रहता है | लम्बे पैर और लम्बे गले से इसकी ऊँचाई 30-60 इंच तक होती है | इसके पर सफेद , स्लेटी भूरे या भूरे होते है | चोंच मजबूत सीधी होती है |
- क्रेन की 14 प्रजातियाँ मिलती है जिनमे से कुछ विलुप्ति की कगार पर है | प्रजनन के लिए अधिकाँश प्रजातियाँ प्रवास यात्राये करती है | उत्तरी और पश्चिमी यूरोप के लिए अधिकाँश प्रजातियाँ प्रवास यात्राये करती है | उत्तरी और पश्चिमी यूरोप का कॉमन क्रेन 44 इंच ऊँचा होता है |
- अमेरिकी क्रेन की एक किस्म हूपिंग क्रेन (Whooping Crane) 4 फीट ऊँचा होता है | पंखो का फैलाव 8 फीट होता है | यह सफेद होता है | पंखो पर काले टिप होते है | एक समय था जब उत्तरी अमेरिका के आसमान में बड़े आकार की हूपिंग क्रेन चारो तरफ नजर आती थी लेकिन इसका इतना शिकार हुआ कि इसकी संख्या 40 के करीब रह गयी |
- मंचूरियन क्रेन (Manchurian Crane) का मुकुट लाल होता है | मंचूरिया के कुछ स्थानों और जापान में यह प्रजनन करता है | पंख काले होते है |
- सफेद गले वाले क्रेन (White Necked Crane) का प्रजजन स्थल साइबेरिया है | सर्दी के दिन यह जापान में बिताता है |
- ब्लू क्रेन (Blue Crane) सिर्फ दक्षिणी अफ्रीका में मिलता है | इसकी एक उपजाति पूर्वी अफ्रीका में पायी जाती है |
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